For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepak Sharma Kuluvi
  • Male
  • KULLU & DELHI
  • India
Share on Facebook MySpace

Deepak Sharma Kuluvi's Friends

  • kalpna mishra bajpai
  • यशोदा दिग्विजय अग्रवाल
  • anwar suhail
  • SUMAN MISHRA
  • Abid ali mansoori
  • PHOOL SINGH
  • tejwani girdhar
  • Neelkamal Vaishnaw
  • श्रीराम
  • deepti sharma
  • Rekha Joshi
  • SANDEEP KUMAR PATEL
  • Sonam Saini
  • arunendra mishra
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
 

Welcome दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'DEEPAK SHARMA'KULUVI'

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
SHAMSHI KULLU HIMACHAL PRADESH
Profession
SERVICE
About me
I AM A WRITER & HAS WRITTEN MORE THAN 5000 ARTICLE IN DIFFERENT LANGUAGE.(22 BOOKS)

Deepak Sharma Kuluvi's Blog

फ़ितूर (दीपक कुल्लुवी)

मेरे अंजुमन में रौनकें बेशक़ कम होंगी ज़रूर

क्या सोच के दोज़ख़ की तरफ़ चल दिए हज़ूर



आपने तो एक बार भी मुड़के देखा नहीं हमें

न जानें था किस बात का अपने आपपे गरूर



यह वक़्त किसी के लिए रुक जाएगा यहाँ 

निकाल देना चाहिए सबको दिमाग़ से यह फ़ितूर



चढ़ जाए एक बार तो हर्गिज़ उतरता ही नहीं

क़लम का हो शराब का हो या शबाब का हो सरूर



मासूम से थे हम 'दीपक' शायर 'कुल्लुवी'हो गए

हमसे क्या आप खुद से भी हो गए बहुत दूर

दीपक…

Continue

Posted on April 17, 2014 at 11:30am — 12 Comments

*****(श्रद्धा सुमन)*****

'दामिनी' चली गई दुनियां से 

छोड़ गई कितने सवाल

क्या लड़की होना ही था 

उसका घोर अपराध ?

जब तक फाँसी पर न लटकेंगे 

उसके अपराधी 

शांत न होगी रूह उसकी 

कब होगा इन्साफ 

कितने सपने संजोए होंगे 

कितने देखे होंगे ख़्वाब 

पूरे हुए,न रहे अधूरे 

जिंदगी ने छोड़ा साथ 

कानून की देवी की जो खुली न …

Continue

Posted on December 29, 2012 at 12:00pm — 5 Comments

अनूठा कीर्तिमान

अनूठा कीर्तिमान
 
क्या ऐसा नहीं लगता यह साल 
बलात्कार का आया है 
हर चैनल,अखवार में मुद्दा 
सुर्ख़ियों में यह छाया है 
शर्मसार है भारत माँ 
अपने कपूतों की करतूतों से 
दुनियां की नज़र में हिन्दोस्तान ने 
नाक अपना कटवाया है 
दुआ करो सब मिलकर 
ऐसी घटनाएँ न हों 
नए साल में चारो और 
बस सुख शांति ही…
Continue

Posted on December 28, 2012 at 11:31am — 6 Comments

(फाँसी से कम नहीं )

(फाँसी  से कम नहीं )





इन्हें फाँसी  पर लटका दो 

या गोलियों से मरवा दो 

बलात्कारियों की रूह काँप जाए 

इन्हें ऐसी कड़ी सजा दो 

इन दरिंदों को जिंदा न छोड़ो 

पहले इनके हाथ पाँव तोड़ो 

जिंदा सूली पर लटका दो 

लाश चील कव्वों को खिला दो 

इनके घिनोने जुर्म की 

और सज़ा  न कोई 

शर्मसार है भारत माँ 

माएँ फूट फूट कर रोई

हद कर दी हैवानियत की 

जली होली  इंसानियत की

कड़े कर दो कानून नियम 

जलाओ चिता शैतानियत…

Continue

Posted on December 19, 2012 at 12:34pm — 4 Comments

Deepak Sharma Kuluvi's Photos

  • Add Photos
  • View All

Deepak Sharma Kuluvi's Videos

  • Add Videos
  • View All

Comment Wall (30 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:40pm on May 2, 2014, Abid ali mansoori said…

swagat hai aapka

At 5:27pm on January 7, 2013, श्रीराम said…

 'कुल्लवी' जी अभिवादन और स्वागत है आप का मित्र बनने पर .

At 2:43pm on October 11, 2012, राज़ नवादवी said…

Thanks Kulluvi Saheb, your appreciation of my writing is very valuable to me. Regards

At 1:33pm on July 25, 2012, ganesh lohani said…

At 1:29pm on July 25, 2012, ganesh lohani said…

At 11:37pm on July 18, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

आदरणीय दीपक 'कुल्लवी' जी अभिवादन और स्वागत है आप का मित्र बनने पर ....आप के पिता श्री विद्रोही जी को भी मेरा नमन .

.आप की नगरी कुल्लू मनाली है ही ऐसी प्रभुवर कि सब भागे चले आते हैं वैसे ही मै यानी 'भ्रमर' भी भ्रमण करते आप की वादियों तक उत्तर प्रदेश से कई प्रदेशों तक होते आ पहुंचा हूँ और प्रभु कृपा से आप सब के मधुर गान और रचनाओं ,व्यास नदी के तट पहाड़ी वादियों में  प्रेमियों का प्रेम पाते कुछ दिन यहाँ भी गुजारने चलता फिरता रहता हूँ ...
जय साईं ..
भ्रमर ५ 
At 2:32pm on June 8, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

धन्यवाद कुल्लवी जी .

At 10:31pm on June 4, 2012, MAHIMA SHREE said…

आपकी आभारी हूँ कुलवी जी , धन्यवाद

At 2:35pm on March 27, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniy dipak ji, sadar abhivadan.

aapka sneh mila , utsah badha. aap jaisi mahan hasti ka ashirvachan mere liye anmol hai. aap koyle ko hira kah rahe hain. aap jaise surya ki roshni se prakashit hone ka prayas karunga. abhar.

At 10:29am on March 17, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniya mahoday, sadar abhivadan. aapne mujhe mitr banaya , abhar. 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
10 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service