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PHOOL SINGH
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PHOOL SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post खुशी बाँटो कि बँटकर  भी  - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
""भाई लक्ष्मण" बहुत ही सुन्दर रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 21
PHOOL SINGH commented on Samar kabeer's blog post 'वतन को आग लगाने की चाल किसकी है'
"कबीर साहेब बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति बधाई स्वीकारें"
Jan 21
Mahendra Kumar commented on PHOOL SINGH's blog post नींद जो कहलाती हूँ
"नींद पर बढ़िया रचना प्रस्तुत की है आपने आदरणीय फूल सिंह जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Jan 16
Mahendra Kumar commented on PHOOL SINGH's blog post फूल की कहानी -फूल की जबानी
"आदरणीय फूल सिंह जी, पुष्प को केंद्र बनाकर बढ़िया रचना हुई है. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए.  1. //जीवन की प्रवाह ना कर// या "जीवन की परवाह न कर"? 2. //कभी मैं देता सेज सजा// देख लीजिएगा. सादर."
Jan 16
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on PHOOL SINGH's blog post फूल की कहानी -फूल की जबानी
"आद0 फूल सिंह जी सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है,, बधाई स्वीकार कीजिये"
Jan 16
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post नींद जो कहलाती हूँ
""कबीर साहब" हौसलाफजाई के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद, आशीर्वाद बनाये रखे |"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
""नवीन भाई" अतिसुन्दर रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post दुर्मिल सवैया
""सुरेंदर भाई " बहुत अच्छा वीररस के ओतप्रोत रचना के लिए बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on सुचिसंदीप अग्रवालl's blog post गजल
""सुचिसंदीप जी" बहुत सूंदर रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on Sushil Sarna's blog post ३ क्षणिकाएं :
""सरना जी" बहुत सूंदर रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: न हसरतों से ज़ियादा रखें लगाव कभी ...(१२ )
""गिरधारी साहब" बहुत सूंदर वक्त से मेल खाती रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post देहलीज़  -  लघुकथा -
""तेजवीर साहब " सच्चाई को उजागर करती एक सूंदर रचना, बधाई स्वीकारें"
Jan 10
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post नींद जो कहलाती हूँ
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on Samar kabeer's blog post "हिन्दी दिवस पर विशेष" हिन्दी ग़ज़ल
""कबीर " बहुत खूब आपकी रचनाएँ तो दिल कर जाती है उम्दा रचना, बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
""कबीर " बहुत खूब उम्दा रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10
PHOOL SINGH commented on Gajendra shrotriya's blog post मेरी दस्तार ख़ानदानी है- ग़ज़ल
""भाई साहब " बहुत खूब उम्दा रचना बधाई स्वीकारें"
Jan 10

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
Profession
KALSHANIA CONSULTANCY
About me
NOTHING MUCH

जीवन संगिनी

हार हार का टूट चुका जब

तुमसे ही आश बाँधी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

मजबूर नहीं मगरूर नहीं मैं 

मोह माया में चूर नहीं मैं

साथ तुम्हारा मिल जाए तो

लक्ष्य से भी दूर नहीं मैं ||

 

सुख दुःख की घटना तो

जीवन में घटती रहती है

छोटी छोटी नोक झोंक भी

हर रिश्ते में होती है 

छोड़ न देना साथ निभाना

तुमसे, प्रेम की डोर जो बाँधी है||

 

गलत किये थे कुछ निर्णय

ये बात भी स्वीकारी है

मैं  गलत और तुम सही

गलती मैंने मानी है

मझधार में फसीं जिंदगी की

नैया पार लगानी है||

 

जीवन संगिनी बनकर,

मेरी जिंदगी, सँवारी है

घर नहीं मेरे दिल में रहना

बस ख़्वाहिश ये हमारी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

PHOOL SINGH's Blog

नींद जो कहलाती हूँ

श्रांत स्लॉथ हो, जब
घर, लौट के आता
तुझे विश्राम कराती हूँ,
हर थकान को मैं, मिटाकर
आराम तुझे दिलाती हूँ,
नींद जो कहलाती हूँ||
.
हर व्यथा और तिरस्कार को,
मैं भुलाकर
सपनों की सैर कराती हूँ
विचित्र दुनियाँ में
तुझे घुमाकर,
ख़ुशी तुझे दिलाती हूँ,
नींद जो कहलाती हूँ||
.
कभी नृप कभी रंक बनाकर
ब्रह्मांड का खेल दिखाती…
Continue

Posted on January 9, 2019 at 3:00pm — 3 Comments

फूल की कहानी -फूल की जबानी

मैं सक्षम, हूँ विलक्षण

निर्मल करता, विचलित मन

पुलकित कर तेरे, तन मन

सुगन्धित करता, वन उपवन

प्रकृति का श्रृंगार कर

महक का प्रसार कर

चिंतन करता हर एक क्षण

खुशियाँ देता मैं पल पल

न्योछावर अपना जीवन कर

कभी मंदिर, कभी जमी में

कभी रेंगता धूलि में

जीवन की प्रवाह ना कर

खुशियाँ बाटता हर एक क्षण

कभी कंठ की शोभा बनता 

कभी बढाता शोभा शव

कभी गजरा नारी बनता

कभी में देता सेज सजा

क्षण भर के…

Continue

Posted on January 7, 2019 at 4:30pm — 4 Comments

एक वीर, ऐसा जन्मा था

इस भारत माँ की, धरती पर,

एक वीर, ऐसा जन्मा था, सोचा था तब, किसी ने

“ऐसा” कारनामा, उसे करना था

इस भारत माँ की, धरती पर,

एक वीर, ऐसा जन्मा था ||

 

जीवन के संघर्षो से, ना उसे कभी

डरना था, रूढ़िवादी धारा को भी,

उसे, आगे जा बदलना था

इस भारत माँ की, धरती पर,

एक वीर, ऐसा जन्मा था ||

 

सती हो जाती थी, जो नारी,

सुहाग गंवाने पर, “पुर्नविवाह”,

का अधिकार, उसे दिलाना था

महिलाओं के उत्पीड़न की…

Continue

Posted on January 3, 2019 at 4:34pm — 2 Comments

मैं गलती का पुतला हूँ

अपने बारे क्या बताऊँ

      मैं गलती का पुतला हूँ

सही-गलत का ज्ञान नहीं

      पर, दिल की अपने सुनता हूँ

अपने बारे क्या बताऊँ

                 मैं गलती का पुतला हूँ||

 

ऊँच -नीच का भेद नहीं

                विश्वासघात ना करता हूँ

सीरत नहीं मैं, भाव देखता

                 प्रेम सभी से करता हूँ

 अपने बारे क्या बताऊँ

                 मैं गलती का पुतला हूँ||

 

आस्तिक हूँ मैं धर्म…

Continue

Posted on December 31, 2018 at 12:04pm — 2 Comments

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