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PHOOL SINGH's Blog (75)

कैसी विपदा कैसा डर

सुनसान सड़क, सुनसान रात है, सुनसान सबके अन्तर्मन

कैसे विपदा आन पड़ी ये, दुख, तड़प और है उलझन ||

 

चिराग भुझ रहे हर पल, हर क्षण, लगा दो चाहे तन, मन, धन

कड़ा समाधान न मिला अभी तक, जकड़ रहा है गहरा तम ||

 

भूख, प्यास और खाली है घर, रोजी रोटी भी हो गई बंद

वायु में जैसे विष घुला है, कैसा संकट ये कैसा कष्ट ||

 

हर पीड़ित अब यही पूछता, भूख लगने पर हो बंधन

पापी-खाली पेट तो मान रहा न, कैसे इच्छापूर्ति करेगा रंक ||

 

हाथ…

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Added by PHOOL SINGH on April 18, 2021 at 10:00am — No Comments

शिकायत-एक अद्रश्य अपराध

शिकायत कभी भी खत्म ना होती

कोई जीवन चाहे कुर्बान करें  

खाली दिमाग का सब फितूर है

ये सोच के अपना काम करें ||

 

हर तरह के लोग जहां में

बस मेहनती लोगो की बात करें

कष्ट सहकर भी हार ना माने

जज्बे को उनके सलाम करें ||

 

पद मिले तो अभिमान में भरते

ना बड़े-छोटे का सम्मान करें

संस्कारों की बात कहीं ना

बस अपने कर्मो का गुणगान करें ||

 

कुछ लोगो की आदत बुरी है

उनकी कभी ना बात करें  

हर…

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Added by PHOOL SINGH on January 27, 2021 at 6:30pm — 1 Comment

सच-एक मौन

मौन रहता सच सदा ही, आवाज झूठ ही करता है

कर्म दिखाता सच का चेहरा, झूठ भ्रम को पैदा करता है ||

 

प्रमाण देता झूठ सदा ही, खूब खोखले दावे करता है

परवाह ना सच को किसी बात की, वो तो हौंसले की उड़ान को भरता है ||

 

तकलीफ होती झूठ को हरदम, ना खुशी बर्दास्त ही करता है

आग लगाता कहीं ना कहीं, जब भी शोर वो करता है ||

 

सच सागर सी शक्ति का मालिक, सदा मर्यादा…

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Added by PHOOL SINGH on January 20, 2021 at 9:59pm — 1 Comment

पैसा- दूसरा ईश्वर

धन, दौलत तो उपयोग की वस्तु, जाती कभी भी साथ नहीं

कद्र ना होती उस शख्स की, पैसा जिसके पास नहीं ||

 

आज बचा लो कल मिलेगा, इसे बचाना दोष नहीं

दर-दर की वो ठोकर खाता, गरीब की कोई औकात नहीं ||

 

सुख-वैभव उसके दर विराजे, पैसो की ना जिसके पास कमी

अनकहे रिश्ते खुद बन जाते, आदर्श बनती हर बात कही ||

 

कुछ दोष तो यूं छिप जाते, उम्मीद जिसकी होती…

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Added by PHOOL SINGH on December 19, 2020 at 1:44pm — 2 Comments

भाई-एक विश्वास

एक भ्रात है भरत के जैसा,

जिसमें कुछ पाने का भाव नहीं

समर्पित करता भ्रात चरण में,

राज्य संग सुख, चैन सभी ||

 

तिलभर भी छल ना मन में,

जग भी उसके साथ नहीं

कठोरता/ताने सहता सारे जन की,

मातृ की करनी उसकी सभी ||

 

विभीषण भी एक भ्रात उधर है

सिंहासन पर जिसकी आँख लगी

कठिन समय में भ्रात छोड़ता,

शत्रुओं को बताता भेद सभी ||

 

ना अंतक्रिया भी भ्रात की करता

सुख-भोग से भी इंकार…

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Added by PHOOL SINGH on December 15, 2020 at 6:58pm — 2 Comments

धूप-छांव

कब रुका जो आज रुकेगा, वक़्त है ये तो चलता रहेगा

वक्त पर हकूमत कर सके ऐसा, नहीं जन्मा जो अब जन्मेगा ||

 

संग में इसके हँसना-रोना, सबको संग में इसके चलना पड़ेगा

अटल होकर चल रहा जो, उसे, वक़्त के आगे झुकना पड़ेगा ||

 

बेदर्दी ये वक़्त बड़ा है, घाव-क्लेश तो देता रहेगा

खुशियों के पल छोटे करके, दशा पर तेरी हँसता रहेगा ||

 

आस बांधता, विश्वास दिलाता, विश्वासघात भी करता रहेगा

गिरगिट जैसा रूप बदल कर, अनुभव खट्टे-मीठे देता रहेगा…

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Added by PHOOL SINGH on December 3, 2020 at 2:30pm — 2 Comments

वृक्ष की पुकार

नहीं माँगता जीवन अपना, पर बेवजह मुझको काटो ना

जो ना आये जहां में अब तक, उनके लिए भी वृक्ष छोड़ो ना ||

 

नहीं रहेगा जहर हवा में, पेड़ पौधो को लगा दो ना

वायु प्रदूषण नाम ना होगा, बारे आक्सीजन के भी सोचो ना ||

 

पृकृति का संतुलन बना रहे यूं, करना खिलवाड़ उससे छोड़ो ना

मन, स्वास्थ्य बिगड़ जाएगा, जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ो ना ||

 

वायु प्रदूषण एक…

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Added by PHOOL SINGH on November 30, 2020 at 11:06pm — 2 Comments

एक प्रश्न ?

एक प्रश्न

 

अन्नदाता क्यूँ रोड़ पड़ा

निजीकरण का दौर बढ़ा

कोरोना की स्थिति विकट है

हर नागरिक क्यूँ मजबूर बड़ा||

 

नयें नियमों की अदला-बदली

भारत परिवर्तन की ओर बढ़ा

भविष्य का तो पता नहीं

पर आज बेरोजगारी का मुद्दा बड़ा ||

 

छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक

हर जन में क्यों आक्रोश बढ़ा

युवा रोजगार को तरस रहे

आज, आंदोलनों का क्यूँ शोर बड़ा ||

 

चकनाचूर है आर्थिक…

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Added by PHOOL SINGH on November 29, 2020 at 7:06pm — 2 Comments

अहिल्याबाई होलकर

भारतीय इतिहास में रानी अहिल्याबाई का अपना ही इतिहास है जो दया, परोपकार, प्रेम और सेवा भाव की भावना से ओतप्रोत थी| रानी अहिल्याबाई एक ऐसी ही रानी थी जिसने रानी होते हुए भी खुद को कभी रानी नहीं माना बल्कि ईश्वर का एक प्रतिनिधि समझ कर ही अपने राज्य पर राज किया| जीवन रहते उन्हें इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन वह परिस्थितियों से घबराए बिना अपने कर्म पथ पर आगे बढ़ती रही| वह युद्ध में विश्वास नहीं कर करती ना ही उन्हें खून-खराबा पसंद…

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Added by PHOOL SINGH on October 31, 2020 at 11:25am — 1 Comment

रानी ताराबाई

भारत वर्ष के इतिहास में नारियों की उपलब्धियों की जितनी बातें की जाये उतनी ही कम है| भारत के एक वीर नारी के बारे में पढ़ो तो दूसरी के बारे में अपने आप ही उत्सुकता जाग जाती है| उन महान योद्धाओं के व्यक्तित्व, साम्राज्य, युद्ध रणनीति और उनके कौशल को अधिक से अधिक जानने का मन करता है| वर्तमान में औरंगज़ेब लगभग समूचे उत्तर भारत को जीतने के पश्चात दक्षिण में अपने पैर जमा चुका था| अब उसकी इच्छा थी कि वह पश्चिमी भारत को भी जीतकर…

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Added by PHOOL SINGH on August 13, 2020 at 7:30pm — 4 Comments

हौंसला बुलंद कर

मुँह लटकाए बैठा है क्यूँ

हौंसला अपना बुलंद कर

गोर्वित वंश का वंशज है तू

निडर होकर आगे बढ़ ||

 

कदम चूमेगी मंजिल एक दिन

अनिश्चितता ना हृदय धर

कट जायेगी दुख की घड़ियाँ

इसकी ना तू चिंता कर ||

 

हर पल हर क्षण वक़्त बदलता

इसके संग तू खुद को बदल

 कर्तव्य धर्म की पुजा कर

कर्मठता संग तू आगे बढ़ ||

 

स्वर्ण इतिहास है तेरे वंश का

उसकों तू ना कलंकित कर

समस्याओ से यदि टूट जाएगा…

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Added by PHOOL SINGH on August 1, 2020 at 1:30pm — 2 Comments

अज़ीज़न बाई

भारतवर्ष क्रांतिकारी महापुरुषों और वीरांगनाओं से भरा पड़ा है जिनके बारे में जितना पढ़ा जाये कम ही नजर आता है| कभी-कभी तो ऐसा लगता है पता नहीं किस मिट्टी के बने होते होंगे वे लोग जो देश के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने ले लिए हर वक़्त तैयार रहते थे| इस संघर्ष में उच्च, पिछड़े समाज और दलित समुदायों से आने वाली औरतों के साथ-साथ बहुत सी भटियारिनें या सराय वालियां, तवायफे भी थीं| जिनके सरायों में विद्रोही योजनाएं बनाते थे जाने कितनी तो कलावंत और…

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Added by PHOOL SINGH on July 22, 2020 at 5:00pm — 2 Comments

ऊदा देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर नारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था| इस प्रथम स्वाधीनता संग्राम में देश के सभी वर्गों ने अपनी-अपनी हैसियत के अनुसार उसमे योगदान देने में अपना पूरा सहयोग दिया| इस संग्राम में भाग लेने वाली नारियों ने अपने धर्म जाति की परवाह किए बिना अपने त्याग और बलिदान की एक अनोखी मिशाल पेश की और आने वाली पीढ़ियो के लिए मार्गदर्शक बनी| प्रथम भारतीय विद्रोह की सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें केवल शाही राजघरानो या कुलीन पृष्ठभूमि वाली नारियों ने ही भाग नहीं लिया था…

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Added by PHOOL SINGH on July 19, 2020 at 3:30am — No Comments

बेगम हज़रत महल

बेगम हज़रत महल भारतवर्ष की आज़ादी में कई सारे क्रांतिकारी वीर-वीरांगनाओं ने अपना पूरा योगदान दिया | यहाँ तक कि भारत माँ के सम्मान, स्वाभिमान और इसकी आजादी को बचाने के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया| बेगम हज़रत महल का व्यक्तित्व उस समय भारतीय समाज की सामंत मान्यताओ में बंधी नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है | ऐसे में रानी लक्ष्मीबाई का चरित्र हमारे समाज की सशक्त महिला व देवी तुल्य भाव को प्रदर्शित करता है| सोचने की बात यह है कि अलग-अलग परिस्थितियों से आई दोनों नारियाँ कैसे समाज में एक आदरणीय…

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Added by PHOOL SINGH on July 14, 2020 at 4:02pm — 3 Comments

रानी अच्छन कुमारी

       भारतवर्ष के इतिहास में पृथ्वीराज चौहान को अपने समय का सबसे बड़ा योद्धा माना जाता है| जिसकी वीरता के किस्से उस समय पूरे भारत में गूंज रहे थे| पृथ्वीराज चौहान अजमेर राज्य का स्वामी बना तो उसके चाचा पृथ्वीराज को चौहान राज्य का वास्तविक अधिकारी नहीं मानते थे। इसी कारण पृथ्वीराज के चाचा अपरगांग्य ने पृथ्वीराज के विरुद्ध विद्रोह कर दिया तो पृथ्वीराज ने अपने चाचा को परास्त कर उसकी हत्या कर दी। इस पर पृथ्वीराज के दूसरे चाचा व अपरगांग्य के छोटे भाई नागार्जुन ने…

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Added by PHOOL SINGH on July 13, 2020 at 12:09pm — 4 Comments

वीरांगना झलकारी देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मी बाई की के साथ झलकारी बाई का नाम भी बड़ी सम्मान के लिए जाता है | एक वही थी जिन्होने रानी का हर कदम पर साथ दिया और उनकी कदकाठी कुछ मेल खाती थी |इनके बलबूते ही रानी लक्ष्मी बाई संग्राम में अंग्रेज़ो की आखों में धूल झोंकने में सफल रही | लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे की सक्षम होने के बावजूद भी इतिहासकारों ने उसे वो सम्मान नहीं दिया जिसकी वह हकदार थी | जाति व्यवस्था में दबे होने के कारण हमारे देश के बहुत से वीर-वीरांगनाए इसी सोच में दबकर गुमनाम हो गए जीने…

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Added by PHOOL SINGH on June 25, 2020 at 4:30pm — 2 Comments

जय गणतंत्र, जय संविधान

देश पर मुझको है अभिमान

जय गणतंत्र जय संविधान

धर्म निरपेक्ष है देश हमारा

सुंदर प्यारा देश महान || 

हर संस्कृति को करता स्वीकार

अमन चैन में है विश्वास 

धर्म-जाति का भेद नहीं

अधिकार दिलाता सबको समान ||

शत्रु को भी मित्र समझता

सबका करता है कल्याण

शरणार्थियों को शरण दिलाता

सबसे बड़ा हिन्द संविधान ||

नर-नारी सब एक समान

हर क्षेत्र में उनका योगदान

सारी दुनियाँ में…

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Added by PHOOL SINGH on June 22, 2020 at 2:00pm — 1 Comment

रानी अवंतीबाई लोधी

भारत वर्ष की भूमि महापुरुषों की ही नहीं बल्कि देवी रूप में देश के लिए बलिदान, त्याग और अपनी जान को न्यौछावर करने वाली नारियों से भी भरी पड़ी है| जिन्होने अपनी हर हद से उठ कर अपने देश की रक्षा के लिए मान मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सब कुछ कर गुजरने के साहस की मिशाल पेश की | कुछ इतिहासकारों के अनुसार रानी अवंतीबाई लोधी भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला के रूप में जाना है। जिसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रामगढ़ के रेवांचल प्रदेश में हुए मुक्ति आंदोलन की मुख्य सूत्रधार और…

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Added by PHOOL SINGH on June 21, 2020 at 3:30pm — 2 Comments

आखिरी ख़्वाहिश

देख लोगो को रोते हुए

ज़ोर से लाश एक हँस पड़ी

जीते जी तो जीने दिया ना

गुस्से में वो बिफर पड़ी ||

खरी-खोटी मुझे रोज सुनाते

तनिक भी ना परवाह थी

दिल पे मेरी क्या गुजरती

घुट-घुट के मैं रोती थी ||

खुदा बक्शे अगर, जिंदगी

औकात दिखा दे अभी सभी

घड़ियाल से आँसू जो बहाते

असलियत आ जाए सामने अभी ||

भूल जायेंगें कुछ ही दिन में

याद ना आयें मेरी कभी

अच्छी-बुरी मेरी बातें कर

सहानुभूति…

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Added by PHOOL SINGH on January 31, 2020 at 5:00pm — 2 Comments

आधुनिक नारी

संचालित कर दया करूणा, स्वार्थ पूर्ति का भाव नहीं

खुद को समर्पित तुझको कर दूँ,

इच्छाऐं मेरी खास नहीं ॥

 

डोली सजा तेरे दर पर आई, उगने वाली कोइ घास नहीं

हाथ उठाने की गलती ना करना,

नहीं सहुंगी वार कोई ॥

 

तेरे इशारों पर इत-उत डोलूँ, तूँ कोई सरकार नहीं

क्रोध करो मैं थर्र थर्र कांपू,

डरने वाली मैं नार नहीं ॥

 

तुम जालाओं शमां की महफिल, होके नशे में धुत कहीं

ढूँढ बहाने झूठ भी बोलो

इतना तुम पर ऐतबार…

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Added by PHOOL SINGH on January 21, 2020 at 12:00pm — 2 Comments

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