For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शिवाजी महाराज

 डर से जिनके थर्र-थर्र कांपे

जो मुगलों की नींव हिला बैठे

हमला करेंगे कब-कहाँ शिवाजी, नींद, उनकी उड़ा बैठे|

 

जीजा-शाहजी के पुत्र प्यारे

माँ शिवाई के उपासक थे

माता के नाम से शमशीर पास में, नाम उन्हीं से पाये थे|

 

हृदय सम्राट कहते थे उनको

काम जनता भलाई के करते थे

अष्ट प्रधान दरबार विराजे, जो मंत्रीपरिषद के सदस्य थे|

 

नारी का सम्मान हमेशा

नारी हिंसा-उत्पीड़न के विरोधक थे

जात-पात का भेद न मन में, सबसे उचित व्यवहार ही करते थे|

 

प्रशानिक शिक्षा कोंडदेव से पाई

रामदास आध्यात्मिक गुरु कहलाते थे

सिंहासन पर रख गुरु चरण पादुका, फिर चरणों में शीश झुकाते थे|

 

गुरु नाम के सिक्के चलाये

नौ सेना के जनक कहलाते थे

युद्ध कलाओं में महारत हासिल, पेशेवर सेना रखते थे|

 

गुरिल्ला युद्ध के जन्मदाता

सत्ता, रायगढ़ पर रखते थे

निंबालकर के पति-परमेशर, संभाजी महाराज के पिताश्री थे ।

 

पुना दुर्ग पर कब्जा जमाया

मराठा साम्राज्य की नींव रखे थे

अफजल को भी मार गिराया, रामनगर तक राज्य बढ़ाये थे|

 

सिद्धी जौहर ने कैदी बनाए

दुर्ग पन्हाला में रखे थे

छल गए उनको नहावी बैठाकर, जो उन्हे जीतने का सपना रखते थे|

 

औरंगजेब से लोहा लिये

नाक में दम कर रखे थे

कल्याणी प्रदेशों को जीता उन्होने, अदम्य साहस जो रखते थे|

मौलिक व अप्रकाशित रचना 

Views: 194

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"नमस्कार ऋचा जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है।  हमेशा की तरह आपने अच्छे भाव पिरोये हैं। इंतज़ार है गुणीजनों…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"अच्छी ग़ज़ल हुई है मंजीत कौर जी। बारीकियों पर गुणीजनों की राय का इंतज़ार है। "
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"वो तराना नहीं कि तुझ से कहें   आशिक़ाना नहीं कि तुझ से कहें    ग़म…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"नमस्कार भाई जयहिंद जयपुरी जी,    मुशायरे की पहली ग़ज़ल लाने के लिए बधाई।  दिए गए मिसरे…"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"2122 1212 112 कुछ भी होना नहीं कि तुझसे कहें रोना धोना नहीं कि तुझसे कहें १ हक़ बयानी हमारी चुभती…"
3 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"                        सभी सदस्यों को…"
15 hours ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"                 दिल लगाना नहीं कि तुम से कहें,  …"
15 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"इश्क़ तो है मगर ये इतनी भी शा'इराना नहीं कि तुझ से कहें साफ़ गोई सुनोगे क्या तुम ये अहमकाना…"
23 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"एक सप्ताह के लिए सभी चार आयोजन के द्वार खुल गए। अच्छी बात ये है कि यह एक प्रयोग है ..... लेकिन…"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई छंद ++++++++   ठंड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥ आम  लगे सब हैं…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें दिल अभी जाना नहीं कि तुझ से कहें ग़म…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service