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Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"दोहे   कौन मानता सत्य को, बदल गई है रीति । फेंको चोला सत्य का, करो झूठ से प्रीति ।।   बचपन से था यह सुना, होगी सच की जीत । किन्तु हमेशा झूठ ही, दिखा जीतता मीत ।।   दिखते हैं अब भी हमें,  सच के कई मुरीद । जिनको सच के जीत की, पूरी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी सादर, प्रदत्त विषय को साधने का प्रयास करता अच्छा गीत रचा है आपने. सादर."
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"आदरणीय आज़ी तमाम जी सादर, सुंदर प्रयास है आपका किन्तु आपकी रचना विषय के साथ बहुत न्याय नहीं कर पा रही है. सादर."
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त विषय पर सभी दोहे बहुत सुंदर रचे हैं आपने. भले स्वार्थवश साथ दे, बढ़ चढ़कर इन्सानझूठ नहीं जग में हुआ, सच से बढ़ बलवान।७।..........यही सच्चाई है, किन्तु फिर भी झूठ का बोलबाला है. सादर."
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"'ओपन बुक्स ऑनलाइन' को, इसके संचालक मंडल को तथा सभी सदस्यों को ओबीओ की 11वीं वर्षगाँठ पर बहुत-बहुत बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं । सादर "
Apr 1
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत छंदों की सराहना के  लिए आपका बहुत-बहुत आभार आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब. सादर"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"ओह ! तो यह कारण है कार्यक्रम के प्रारम्भ आपकी रचना न होने का. आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें. मेरी ईश्वर से प्रार्थना है, वह आपको स्वस्थ करे. सादर"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी सादर नमस्कार, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते सुंदर गीतिका छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"मुक्त जीवन है धुएँ से है कुहासा भी नहीं।देख मन करता बसूँ जाकर हमेशा को वहीं।।..........आज के समय में प्रत्येक शहरवासी की आशा है प्रदूषण मुक्त वातावरण । जिसे आपने चित्र में वह देखा और सहजता से छंद के माध्यम से अपनी भावना व्यक्त की है । आदरणीय…"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत छंद रचना की सराहना के लिए आपका हृदय से आभार. सादर"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 119 in the group चित्र से काव्य तक
"गीतिका छंद   धूप भी निखरी हुई है, और है घाटी हरी । हर तरफ फैली लताएं, झाड़ियाँ खुशियों भरी । किन्तु फूलों के बिना सब, लग रहा वीरान है । क्या कहूँ अभिशाप है यह, या यही वरदान है ।।   एक तल पर है अँधेरा, एक पर है रौशनी । सौम्य घाटी इसलिए यह,…"
Mar 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओह ! अत्यंत दुखद समाचार. ईश्वर योगराज जी एवं उनके परिवार को इस आघात को सहने की शक्ति प्रदान करे. विनम्र श्रद्धांजलि . ॐ शान्ति."
Jan 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत गीतिका छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए अतिशय आभार आदरणीया अनामिका सिंह जी. सादर"
Dec 20, 2020
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए आपका हृदय से आभार. सादर"
Dec 20, 2020
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रदत्त चित्र पर सुंदर गीतिका छंद रचे हैं आपने.हार्दिक बधाई स्वीकारें. द्रश्य /दृश्य. सादर "
Dec 20, 2020
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय मुकुल कुमार जी सादर, प्रदत्त चित्र पर सुंदर गीतिका छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. किन्तु भाषाई अशुद्धियाँ आपके सृजन को कमज़ोर कर रही हैं.  लूंट/लूट  लेना ये नजारें/नज़ारे फिर मिलेंगें/मिलेंगे या नहीं, पहाडीयाँ/…"
Dec 20, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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Ashok Kumar Raktale's Blog

गज़ल

 221 1222 221 1222

 

उसकी ये अदा आदत इन्कार पुराना है

बेचैन नहीं करता ये प्यार पुराना है ।

 

ये हुस्न नया पाया उसने है सताने को

ये जिस्म तमन्नाएं इसरार पुराना है ।…

Continue

Posted on June 4, 2020 at 10:30pm — 11 Comments

गज़ल

उठाओ नजर रहगुज़र देख लो ।

यहाँ जिन्दगी का सफ़र देख लो ।

 

नियम कायदे तो बने हैं कई

मगर भंग हैं सब जिधर देख लो ।

 

न भय है न चिंता न है शर्म ही

बना है बशर जानवर देख लो ।

 

कहीं लूट है तो कहीं क़त्ल है

किसी भी नगर की ख़बर देख लो ।

 

गले मिल रहे दोस्त खंजर लिए

बदलते समय का असर देख लो ।

 

करें फ़िक्र उनकी जो हैं नापसंद

सियासत का है ये हुनर देख लो ।

 

बिछा हर तरफ सिर्फ कंक्रीट…

Continue

Posted on October 2, 2019 at 10:00pm — 8 Comments

सावन आया है

फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन

 

गुपचुप उसपर मन आया है

लगता है सावन आया है

 

महका है हर कोना-कोना

अम्बर से चन्दन आया है

 

देखो नभ पर छाये बादल

दूल्हा ज्यों बनठन आया है 

 

भीग रही है प्यासी धरती

ज्यों बीता यौवन आया है

 

रह-रह नाच रही हैं बूँदें

राधा का मोहन आया है

 

झूला झूल रही हैं सखियाँ

सज रक्षा बंधन आया है

 

कागज़ की नैया ले आओ

याद मुझे बचपन आया…

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Posted on November 30, 2018 at 9:00am — 9 Comments

रसाला छंद एक प्रयास – (भ न ज भ ज ज ल)

जीवन विषम अबोध , जानकर ना डर मानव |

प्राप्त प्रथम कर ज्ञान, ज्ञान बिन पार न हो भव ||

अंतर तल अँधियार , दूर कर रोशन हो मग |

हो जगमग हर पंथ , पंथ अति रोशन हो जग ||

 

श्रेष्ठ जटिल हर कर्म, है मनुज उन्नति दायक |

भूल बिसर मत कृत्य, सत्य हर भूपति नायक ||

भूमि सतह पर स्वर्ग, कर्म बिन हो कब संभव |

जीवन पथ पर कर्म , धर्म सम भूल न मानव ||

 

मानव परहित कार्य , हैं न बस दाहकता दुख |

कष्ट सहन कर लाख, एक यदि जीवन का सुख…

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Posted on September 22, 2017 at 1:30pm — 2 Comments

Comment Wall (26 comments)

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At 9:23am on April 21, 2020, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी सादर प्रणाम !बहुत धन्यवाद ! कुण्डलिया के लिए बिलकुल नया हूँ ये दूसरी ही कोशिश है आशा है आप के सानिध्य से कुछ सीख सकूंगा !
आपने ऐसे संशोधित किया वाह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कहूँ बेहतरीन ! आपकी कृपा बनी रहे !
At 10:20pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का
At 3:43pm on September 4, 2016, kanta roy said…
सार्थक रचना का सम्मानित होना अच्छा लगता ही है।
"मन उस आँगन ले जाय" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित होने के लिये बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय अशोक जी।
At 11:52pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  गीतिका : मन उस आँगन ले जाय को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

 
 
 

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