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Anamika singh Ana
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Ashok Kumar Raktale replied to Anamika singh Ana's discussion समीक्षा -समकालीन मुकरियाँ in the group पुस्तक समीक्षा
"आदरणीया अनामिका सिंह 'अना' जी सादर, त्रिलोक सिंह ठकुरेला जी द्वारा सम्पादित 'समकालीन मुकरियाँ', साहित्य जगत में इस संकलन की नितांत आवश्यकता थी. संकलन के माध्यम से हो या मुकरियों के व्यक्तिगत संग्रह के माध्यम से हो. इस विधा पर…"
Jan 24, 2022
Anamika singh Ana added a discussion to the group पुस्तक समीक्षा
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समीक्षा -समकालीन मुकरियाँ

समीक्षा : ‘समकालीन मुकरियाँ ’ सम्पादक – त्रिलोक सिंह ठकुरेला ISBN : 978-81-95138-18-0 प्रकाशक – राजस्थानी ग्रन्थागार, जोधपुर मूल्य : रुपये 200/- मात्र   त्रिलोक सिंह ठकुरेला जी के सम्पादन में प्रकाशित यह सातवीं पुस्तक है । इसके पूर्व उनके द्वारा आधुनिक हिंदी लघुकथाएँ, कुण्डलिया छंद के सात हस्ताक्षर, कुण्डलिया कानन, कुण्डलिया संचयन , समसामयिक हिंदी लघुकथाएँ और कुण्डलिया…See More
Jan 24, 2022
Anamika singh Ana joined Admin's group
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पुस्तक समीक्षा

इस ग्रुप में पुस्तकों की समीक्षा लिखी जा सकती है |
Jan 23, 2022
Anamika singh Ana updated their profile
Jan 10, 2021
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह ... प्रदत्त चित्र पर अति सुंदर गीतिका छंद सृजित हुये हैं । हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए , आदरणीय ।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह .... प्रदत्त चित्र पर बहुत सुंदर गीतिका छंद सृजित हुये हैं , हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए , आदरणीया ।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रदत्त चित्र पर सुंदर गीतिका छंद सृजित हुये हैं आदरणीय । वर्तनी व वचन अशुद्धियाँ सतत अभ्यास से सुधारी जा सकती हैं , सादर ।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रदत्त चित्र पर सुंदर सृजन हुआ है आदरणीय  किंतु गीतिका छंद के विधान के अनुरूप नहीं ।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुति की सराहना हेतु सादर आभार आपका आदरणीय।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सृजन की सराहना हेतु अतिशय आभार आपका ।"
Dec 20, 2020
Anamika singh Ana commented on amita tiwari's blog post मोल भाव मत करना
"संवेदनशील रचना हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये , सादर । इतना मोल चुकाना की/कि...."
Dec 19, 2020
Anamika singh Ana commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत-लोचन लोचन अश्रु बावरे बहते हैं अविराम (सरसी छंद)
"बहुत सुंदर गीत रचा है आदरणीय , हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये ।"
Dec 19, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 116 in the group चित्र से काव्य तक
"गीतिका छंद आधारित गीत ~ ~~~~~~~~~~~~~~~~~ रम्य है यह दृश्य मनहर , सृष्टि के आगोश में ,पर्वतों की गोद में शुभ , ज़िंदगी की बानगी । भोर हर उड़ते गगन में , हो मुदित खग वृन्द हैं ।खोल पर उल्लास रचते , जोश के नव छंद हैं।।रश्मियों की सीढ़ियों पर , धूप रखती…"
Dec 19, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-108 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी प्रस्तुत गीत की सराहना हेतु , सादर ।"
Apr 19, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-108 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी प्रस्तुत गीत की सराहना हेतु ,सादर । "
Apr 19, 2020
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-108 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आदरणीय प्रस्तुत गीत की सराहना हेतु , सादर ।"
Apr 19, 2020

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Anamika singh Ana's Blog

गीत

बात बर्फ सी जमी हुई है, शब्दों में है लेकिन आग ।

देखो चमन न बँटने पाये, निकले हैं जहरीले नाग ।।

                                 

                             

बाढ़ आ गई आगजनी की,तोड़-फोड़ होती अविराम ।

भाईचारा है सूली पर, लोकतंत्र के चक्के जाम ।।

राष्ट्र संपदा की बलि देकर, दुश्मन खेल रहा है फाग ।

देखो चमन न बँटने पाये , निकले हैं जहरीले नाग ।।

                             

हिंसा भीड़ तमाशे का जो,…

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Posted on January 4, 2020 at 3:30pm — 5 Comments

गीत

सदानीरा बहे कल - कल , गगन पर चाँद तारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर ,सुभग मनहर नजारे हैं ।।

उजालों ने चुगा शशि है , उषा आयी उगा रवि है ।

मही पर पुष्प शुचि कुसुमित,उड़े नभ पर विहग प्रमुदित ।।

झरे सित पुष्प शिउली के ,हवाओं ने बुहारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर , सुभग मनहर नजारे हैं ।।

लली वृषभानु की राधा , ढके मुख घूँघटा आधा ।

चली पनघट लिये गागर ,खड़े हैं गैल नटनागर ।।

हुयीं लखि लाज से दुहरी , मदन करते इशारे…

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Posted on May 17, 2019 at 9:30pm — 6 Comments

पञ्चचामर छंद ( ज र ज र ज गा )

निशुंभ शुम्भ मर्दिनी , जया त्रिकूट वासिनी |

शिवा प्रिया महातपा , सुधीर माँ सुहासिनी ||

विराट भाल दिव्य शक्ति मुंडमाल धारिणी |

कृपालु दृष्टि भाविनी नमामि लोक तारिणी ||

विशाल भाल चंद्रिका सुदीर्घ नेत्र शान हैं |

कृपालु मातु शीश केश यामिनी समान हैं ||

कपोल हैं भरे -भरे व होंठ लाल –लाल हैं |

विराट रूप देख मातु भक्त भी निहाल हैं ||

विशाल रक्तबीज अंत मातु तेग से किया |

विनाश चंड मुंड का प्रचंड वेग से किया…

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Posted on March 21, 2018 at 11:00pm — 14 Comments

कुंडलिया छंद

 

 माना ताज  मिसाल  है , सुंदरता की  एक l

 चीख़ें गूँजीं हैं यहाँ , करुणा भरी अनेक ll

 करुणा भरी अनेक , यहाँ पर लिखीं कहानी l

 कटे   करों  से खून, बहा  है  बनकर  पानी ll

 'अना'  जान ले  सत्य, ताज  का हर दीवाना l

 प्रेम   निशानी  ताज, अजब है जग में माना ll

  - अनामिका सिंह  'अना'

    मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 15, 2018 at 6:30pm — 11 Comments

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At 7:04pm on May 17, 2025, Erica said…

I need to have a word privately,Could you please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com)Thanks.

 
 
 

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