For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Anamika singh Ana
Share

Anamika singh Ana's Friends

  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Ashok Kumar Raktale

Anamika singh Ana's Groups

 

Anamika singh Ana's Page

Latest Activity

vijay nikore commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"रचना अच्छी लगी। बधाई, आदरणीया अनामिका जी।"
Jan 9

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आल्हा छंद पर आधारित गीत प्रयास के लिए हार्दिक बधाइयाँ. भावों तथा विन्यास का सुंदर सामंजस्य प्रभावी बन पड़ा है, आदरणीया अनामिका अना जी. शुभातिशुभ.."
Jan 7
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आद0 अनामिका जी सादर अभिवादन। बढ़िया रचना लगीं, बधाई स्वीकार कीजिये।"
Jan 5
Rachna Bhatia commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"बहुत ही सुन्दर गीत बधाई स्वीकार करें।"
Jan 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आ. अनामिका जी, सुंदर गीत हुआ है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 5
Anamika singh Ana posted a blog post

गीत

बात बर्फ सी जमी हुई है, शब्दों में है लेकिन आग ।देखो चमन न बँटने पाये, निकले हैं जहरीले नाग ।।                                                              बाढ़ आ गई आगजनी की,तोड़-फोड़ होती अविराम ।भाईचारा है सूली पर, लोकतंत्र के चक्के जाम ।।राष्ट्र संपदा की बलि देकर, दुश्मन खेल रहा है फाग ।देखो चमन न बँटने पाये , निकले हैं जहरीले नाग ।।                             हिंसा भीड़ तमाशे का जो, बैठे हैं लेकर हथियार ।वे भी तो निकले हैं करने , लोकतंत्र का बंटाधार ।।देश प्रेम से होता है क्यों,उनका हरदिन…See More
Jan 4
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय समर कबीर जी , इस रचना का उद्देश्य भी यही था । हार्दिक आभार आपका सराहना हेतु ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी , यकीनन आपका कहना उचित है , यह गीत बहुत हल्के - फ़ुल्के अंदाज़ में लिखा मैंने और उत्साह के चलते मैंने इस दोष पर गौर  न कर पाया , सादर ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया  से क़लम को सुकून मिला , हार्दिक आभार आदरणीय ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया  से क़लम को सुकून मिला , हार्दिक आभार आदरणीय ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी सराहना हेतु हार्दिक आभार आपका आदरणीय "
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा जी , सृजन की सराहना हेतु अतिशय आभार आपका ।  ' हड़ाया ' शब्द का प्रयोग हमारे यहाँ बोलचाल में परेशान या तंग करने के लिये किया जाता है , बस उसी लहजे में लिख दिया । उचित मार्गदर्शन हेतु पुनः सप्रेम आभार । "
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविद्र कुमार राणा जी सराहना हेतु हार्दिक आभार आपका ।   संग /सँग लिखने से शायद बात बने , अन्यथा समय मिलने पर इसमें कुछ और संशोधन करने का प्रयास करूँगी , सादर ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"सार छंद आधारित गीत - ~~~~~~~~~~~~~ द्वार तुम्हारे देखो सजनी , चढ़ घोड़ी पर आया । ब्याह रचाने खातिर कबसे , फिरता था बौराया ।।                                (१) शाही…"
Dec 21, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
" हार्दिक आभार आपका आदरणीय प्रस्तुत गीत की सराहना हेतु ।"
Aug 19, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय , आपकी सराहना व मार्गदर्शन अमूल्य है मेरे लिये , प्रयास रहेगा कि आपके कथन का स्मरण  रखकर ही सृजन करूँ , सादर प्रणाम ।"
Aug 19, 2019

Profile Information

Gender
Female
City State
U P
Native Place
Firozabad
Profession
Teaching
About me
As soon as I came to know tell everyone

Anamika singh Ana's Blog

गीत

बात बर्फ सी जमी हुई है, शब्दों में है लेकिन आग ।

देखो चमन न बँटने पाये, निकले हैं जहरीले नाग ।।

                                 

                             

बाढ़ आ गई आगजनी की,तोड़-फोड़ होती अविराम ।

भाईचारा है सूली पर, लोकतंत्र के चक्के जाम ।।

राष्ट्र संपदा की बलि देकर, दुश्मन खेल रहा है फाग ।

देखो चमन न बँटने पाये , निकले हैं जहरीले नाग ।।

                             

हिंसा भीड़ तमाशे का जो,…

Continue

Posted on January 4, 2020 at 3:30pm — 5 Comments

गीत

सदानीरा बहे कल - कल , गगन पर चाँद तारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर ,सुभग मनहर नजारे हैं ।।

उजालों ने चुगा शशि है , उषा आयी उगा रवि है ।

मही पर पुष्प शुचि कुसुमित,उड़े नभ पर विहग प्रमुदित ।।

झरे सित पुष्प शिउली के ,हवाओं ने बुहारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर , सुभग मनहर नजारे हैं ।।

लली वृषभानु की राधा , ढके मुख घूँघटा आधा ।

चली पनघट लिये गागर ,खड़े हैं गैल नटनागर ।।

हुयीं लखि लाज से दुहरी , मदन करते इशारे…

Continue

Posted on May 17, 2019 at 9:30pm — 6 Comments

पञ्चचामर छंद ( ज र ज र ज गा )

निशुंभ शुम्भ मर्दिनी , जया त्रिकूट वासिनी |

शिवा प्रिया महातपा , सुधीर माँ सुहासिनी ||

विराट भाल दिव्य शक्ति मुंडमाल धारिणी |

कृपालु दृष्टि भाविनी नमामि लोक तारिणी ||

विशाल भाल चंद्रिका सुदीर्घ नेत्र शान हैं |

कृपालु मातु शीश केश यामिनी समान हैं ||

कपोल हैं भरे -भरे व होंठ लाल –लाल हैं |

विराट रूप देख मातु भक्त भी निहाल हैं ||

विशाल रक्तबीज अंत मातु तेग से किया |

विनाश चंड मुंड का प्रचंड वेग से किया…

Continue

Posted on March 21, 2018 at 11:00pm — 14 Comments

कुंडलिया छंद

 

 माना ताज  मिसाल  है , सुंदरता की  एक l

 चीख़ें गूँजीं हैं यहाँ , करुणा भरी अनेक ll

 करुणा भरी अनेक , यहाँ पर लिखीं कहानी l

 कटे   करों  से खून, बहा  है  बनकर  पानी ll

 'अना'  जान ले  सत्य, ताज  का हर दीवाना l

 प्रेम   निशानी  ताज, अजब है जग में माना ll

  - अनामिका सिंह  'अना'

    मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 15, 2018 at 6:30pm — 11 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:39am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विवेक ठाकुर "मन" commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय"
10 minutes ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post पाप .... (दो क्षणिकाएँ )
"KHUB SUNDAR SIR "
3 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-105 in the group चित्र से काव्य तक
"कथन चित्र से छीन कर, दोहे रचे महान, कुछ में लेकिन शिल्प का, नहीं रहा है ध्यान।।"
5 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-105 in the group चित्र से काव्य तक
"उत्तम दोहे हैं रचे, सीधी साची बात बातों-बातों में मिली, हर ढोंगी को मात। हार्दिक बधाई"
5 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-105 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहा छंद ________ 1)  उकड़ू बैठा दीन है, नहीं फूटते बोल। मैडम सर  हैं पीटते, जन सेवा का…"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )

पाप .... (दो क्षणिकाएँ )तुम्हारे अत्याचारों को सह जाऊँगी तुम्हारी अर्धांगिनी हूँ मैं तुम देव हो…See More
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-105 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहे**निर्धन से रख बैर की, अजब अनौखी रीतमौसम आया शीत का, धनवानों का मीत।१।**किट-किट बजते दाँत हैं,…"
15 hours ago
vijay nikore posted blog posts
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post प्रतीक्षा
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन । बहुत अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
yesterday
Manan Kumar singh posted a blog post

ग्राहक फ्रेंडली(लघुकथा)

बैंक ने रेहन रखी संपत्तियों की नीलामी की सूचना छपवाई।साथ में फोन पर बात करती किसी लड़की की भी फोटो…See More
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

सहर हो जाएगा

जिस्म तो नश्वर है, ये मिट जाएगाप्रेम पर अपना अमर हो जाएगा सोच मत खोया क्या तूने है यहाँएक लम्हा भी…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विवेक ठाकुर "मन"'s blog post एक ग़ज़ल - ख़ुद को आज़माकर देखूँ
"आ. भाई विवेक जी, अच्छी गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service