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पञ्चचामर छंद ( ज र ज र ज गा )

निशुंभ शुम्भ मर्दिनी , जया त्रिकूट वासिनी |

शिवा प्रिया महातपा , सुधीर माँ सुहासिनी ||

विराट भाल दिव्य शक्ति मुंडमाल धारिणी |

कृपालु दृष्टि भाविनी नमामि लोक तारिणी ||

विशाल भाल चंद्रिका सुदीर्घ नेत्र शान हैं |

कृपालु मातु शीश केश यामिनी समान हैं ||

कपोल हैं भरे -भरे व होंठ लाल –लाल हैं |

विराट रूप देख मातु भक्त भी निहाल हैं ||

विशाल रक्तबीज अंत मातु तेग से किया |

विनाश चंड मुंड का प्रचंड वेग से किया ||

तजे अहं मनुष्य माँ कृपालु दृष्टि डाल दे |

विवेकशील तू हमें विकारहीन भाल दे ||

मौलिक व अप्रकाशित.

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Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 12:28pm

आदरणीय सुरेन्द्र  नाथ सिंह जी , प्रस्तुत  छंदों की सराहना हेतु हार्दिक आभार आपका , सादर 

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 12:27pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी , हार्दिक आभार आपका ,सादर 

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 12:26pm

आदरणीय ब्रजेश कुमार ब्रज जी , प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार आपका,  सादर

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 11:55am

आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी , प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार आपका,  सादर

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 11:54am

आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी , प्रस्तुत छंदों की सराहना कर प्रोत्साहन हेतु हार्दिक आभार आपका,  सादर 

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 11:50am

आदरणीय मो. आरिफ जी , प्रणाम !

       प्रस्तुत रचना आपको पसंद आई ..लेखन सार्थक हुआ ..आपका अतिशय आभार , सादर !

Comment by Anamika singh Ana on March 28, 2018 at 11:47am

आदरणीय समर कबीर जी , प्रणाम !

         प्रस्तुत छंद की सराहना हेतु अतिशय आभार आपका ,सादर !

Comment by नाथ सोनांचली on March 26, 2018 at 8:11am

आद0 अनामिका जी सादर अभिवादन। बढिया छंद रचना की आपने, बहुत बहुत बधाई इस प्रस्तुति पर।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 25, 2018 at 12:50pm

हार्दिक बधाई.

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 25, 2018 at 9:34am

जय माता की...वाह आदरणीय बहुत ही सुन्दर..भक्ति और वीर रस का सुन्दर समावेश..बधाई

कृपया ध्यान दे...

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