For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr. Vijai Shanker
Share

Dr. Vijai Shanker's Friends

  • jaan' gorakhpuri
  • pratibha tripathi
  • maharshi tripathi
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"
  • atul kushwah
  • savitamishra
  • गिरिराज भंडारी
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • Dr Ashutosh Mishra
  • vijay nikore
  • Shyam Narain Verma
  • Abid ali mansoori
 

Dr. Vijai Shanker's Page

Latest Activity

Dr. Vijai Shanker commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'सत्य अब तक!' (लघुकथा)
"आदरणीय शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी , बात तो दमदार है , “ ऐसी' जनता जब तक, 'ऐसी' सियासत तब तक और 'ऐसा' जनतंत्र तब तक!". सच तो यही है कि एक बार सारी जनता जाग जाए और सिर्फ जनता बन कर चुनाव निपटा दे , सब कुछ बहुत अच्छे से…"
Friday
Dr. Vijai Shanker commented on TEJ VEER SINGH's blog post अंधा कानून  -  लघुकथा  –
"मुझे वर्तमान स्थिति का पता नहीं है , महिलाओं पर अत्याचार ( पारवारिक कलह ) के विरूद्ध एक विशेष न्यायालय की व्यवस्था की गई थी। अब उसके विषय में सुनने में नहीं आता था , पर यह अवश्य सुनने में आता था कि इस क़ानून का दुरपयोग होता है। शायद कुछ लोग अपने ही…"
Friday
Dr. Vijai Shanker commented on TEJ VEER SINGH's blog post औक़ात - लघुकथा –
"अंत की पंक्ति आते आते कहानी बहुत बड़ी कहानी बन गई। बहुत बहुत बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी , सादर।"
Sep 10
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरनीत वीरेंद्र वीर जी , प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई ! सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरनीत तेजवीर सिंह जी , बहुत ही लाजवाब प्रस्तुति। बधाई ! सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय महेंद्र कुमार जी , आपकी उत्साहवर्धक बधाई के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय वीरेंद्र वीर जी , आपकी उत्साहवर्धक बधाई के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय सुश्री बरखा शुक्ला जी , आपकी उत्साहवर्धक बधाई के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी , आपकी उत्साहवर्धक बधाई के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय सुश्री बरखा शुक्ला जी , आपकी उत्साहवर्धक बधाई के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय सुश्री बबीता गुप्ता जी , लघु - कथा में गहरी रूचि लेने एवं सार्थक विवेचना के लिए बहुत बहुत आभार , बधाई के लिए धन्यवाद , सादर।  "
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब , लघु - कथा को मान देने के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी , लघु - कथा की सराहना एवं उसे मान देने के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद , सादर। आपके सुझाव पर आगे अवश्य ध्यान रखूंगा।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी , काफी जानकारी देती लघु - कथा के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय अजय गुप्ता जी , प्रभावी प्रस्तुति के लिए बधाई , सादर।"
Aug 31
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-41
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब , दत्त विषय को सार्थक करती रचना के लिए बधाई , सादर।"
Aug 31

Profile Information

Gender
Male
City State
UP
Native Place
Allahabad
Profession
Retired
About me
Educationist

.जिंदगी तुझे ही पढ़ लेते हैं ---डा० विजय शंकर

चलो किताबों को बंद कर देते हैंजिंदगी तुझे ही सीधे-सीधे पढ़ लेते हैं .किताबों में सबकुझ तेरे बारे में ही तो हैलो , तुझसे ही सीधे-सीधे बात कर लेते हैं.किताबें तो बहुत सी हैं , मिल भी जायेंगींउन को पढ़ लूँ तो क्या तू मिल जायेगी .मौत को कितने और कौन-कौन पढ़ते हैंपर उसका वादा है , सबको मिलती है .भरोसा नहीं , तू किसको मिले , कितनी मिलेतेरे लिये , तेरे चाहने वाले दिन रात लगे रहते हैं .अरे सब कुछ तो तेरे लिए ही है जिंदगी मेंतू है तो सब है , तू नहीं तो क्या है जिंदगी में .इसलिए चलो किताबों को बंद कर देते हैं .तू है , तुझसे सीधे-सीधे बात कर लेते हैं ...डा० विजय शंकर---------------( मौलिक और अप्रकाशित )

Dr. Vijai Shanker's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (18 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:38pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय डॉ.विजय शंकर मेहताजी सकारात्मक सोच को उद्घरित करती रचना के लिए बधाई । नव वर्ष मंगलमय हो !
At 4:58pm on November 5, 2015, Abid ali mansoori said…

देर से ही सही.. हर्दिक आभार आपका आदरणीय विजय शंकर जी!

At 10:23pm on November 4, 2015, Abid ali mansoori said…

Haardik abhaar aapka!

At 3:46pm on July 1, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर,

आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 7:50pm on June 3, 2015, Tanuja Upreti said…
आभार आदरणीय
At 7:28pm on May 4, 2015, Seema Singh said…
आभार सर मार्गदर्शन के लिए
At 8:35am on April 17, 2015, Mohan Sethi 'इंतज़ार' said…

आदरणीय Dr. Vijai Shanker जी आप का हार्दिक आभार ....मंगलकामनाएँ...सादर  

At 6:57am on January 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, निवेदन स्वीकार करने के लिए आभार...

विद्यार्थी की मुक्त कंठ प्रशंसा आपका बड़प्पन और आपके हृदय की विशालता का प्रमाण है.

आपका  स्नेह और आशीर्वाद  सदैव मिलता रहे, इसके लिए सदैव प्रयास करता रहूँगा. नमन 

At 10:51pm on January 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, आभार, धन्यवाद.... आप लोगो के स्नेह और आशीर्वाद से ही मंच पर सक्रिय हो पाता हूँ. आपका आभार हार्दिक धन्यवाद 

At 4:40pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

Dr. Vijai Shanker's Blog

टकराव — डॉo विजय शंकर

फिर एक बार 

स्वाधीनता का 

जश्न मनाया हमने। 

पर अभी भी स्वाधीनता 

का…

Continue

Posted on August 15, 2018 at 9:59am — 8 Comments

मार्केटिंग - डॉo विजय शंकर

प्रचार हो रहा है ,
प्रचार चल रहा है ,
दुष्प्रचार दौड़ रहा है ,
अपनी ढपली ,
अपना राग बज रहा है ,
स्वप्रचार ,
स्वयं का उपहास बन रहा है ,
दूसरे का दुष्प्रचार ,
न हास्य है , न व्यंग है ,
स्वयं आपके व्यक्तित्व से
चिपटता जा रहा है।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 7, 2018 at 7:59pm — 11 Comments

क्षणिकायें — डॉo विजय शंकर



बहुत कुछ , बहुत हास्यास्पद है ,

फिर भी किसी को हंसी आती नहीं।

बहुत कुछ , बहुत दुखदायी है , 

फिर भी आंसू किसी को आते नहीं।… 1.

बाज़ार भी अजीब जगह है

जहां आप शाहंशाह होकर भी

रोज बिक तो सकते हैं , पर एक

दिन को भी अपनी पूरी हुकूमत में ,

पूरा बाज़ार खरीद नहीं सकते ………. 2 .

बहुत शिकायतें हैं हवा से

कि बुझा देती हैं चिरागों को ,

चलो एक चिराग ही बिना

हवा के जला के दिखा दो। ……….. 3…

Continue

Posted on June 21, 2018 at 8:30pm — 13 Comments

कोई फरक नहीं पड़ता — डॉo विजय शंकर

क्या फरक पड़ता है ,
कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने
आपको और आपकी
किसी भी बात को नहीं समझा।
आपको , आप जैसे लोगों ने तो
समझा और खूब समझा।
आपकी नैय्या उनसे और
उनकी नैय्या आपसे
पार लग ही रही है ,
आगे भी लग जाएगी ।

- मौलिक एवं अप्रकाशित
 

Posted on March 23, 2018 at 5:41am — 7 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अजय कुमार जी, गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद ।"
7 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'सेटिंग' या 'अवलम्बन' (लघुकथा)
"आ. भाई शेख शहजाद जी, बेहतरीन कथा हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
9 minutes ago
Ajay Kumar Sharma commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"मन को आनन्दित करती बहुत ही सुन्दर रचना..."
32 minutes ago
Ajay Tiwari commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"आदरणीय सुशील जी, इस प्रभावी काव्य प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई.  इस में एक बात खटकने वाली लगी…"
33 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"आ. अमिता जी,अच्छी रचना हुयी है,हार्दिक बधाई स वीकारें ।"
37 minutes ago
Ajay Tiwari commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"आदरणीय विनय जी, साधारण के माध्यम से असाधारण को प्रस्तुत करना कोई आप से सीखे. आपकी कथाएं धीमे सुर के…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अजय जी, सादर अभिवादन । आपकी उपस्थिति से मन आस्वस्थ हुआ। स्नेह के लिए आभार ।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"आ. भाई बसंत जी, बेहतरीन गीत हुआ है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post क्या मन है बीमार पड़ौसी - गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हर्दिकं बधाई . लड़ना भिड़ना पागलपन हैइसमें सब की हार…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post सौदागर
"आ. भाई आषुतोश जी, बेहतरीन कथा हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी, गीत के लिए हार्दिक बधाई. ये थोड़ा जल्दी में लिखा गया लगता है. मसलन मुखड़े की पंक्ति…"
1 hour ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post असली विसर्जन- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ तेज वीर सिंह जी"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service