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Mohammed Arif
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 88 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया अनामिका जी आदाब,                         बेहतरीन प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । बिक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
9 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 88 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय छोटे लाल जी आदाब,                         बहुत ही बेहतरीन और प्रदत्त चित्रानुकूल कुंडलिया छंद । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
9 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 88 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी आदाब,                             नदी, ऋतु, उम्र का अंदाज़ा , नदी का छोर ,मंदिर क्या कुछ नहीं हैं इन छंदों में , सबकुछ समा दिया । कुछ भी बाक़ीत्रनहीं है । हार्दिक…"
9 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 88 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,                          अद्भुत , बेजोड़ और बेमिसाल शब्दांकन । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
20 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 88 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आदाब,                                 बहुत ही लाजवाब और सजीव चित्रण । पढ़कर मज़ा आ गया । बार-बार पढ़ रहा हूँ । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
20 hours ago
Mohammed Arif commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "आया ...आया ... गया!" (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                                          बहुत ही सामयिक और प्रासंगिक लघुकथा । बेहतरीन और सशक्त आम भाषा में…"
Thursday
Mohammed Arif commented on Dr. Vijai Shanker's blog post टकराव — डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय शंकर जी आदाब,                             पराधीनता का भाव ही हमें मुक्त नहीं होने देता है , सही कहा आपने । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Thursday
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                         आज़ादी के बाद भी भूख , ग़रीबी नहीं मिटी है । समस्याएँ जहाँ की तहाँ है । रोज़ नई-नई घोषणाएँ होती है मगर ग़रीब ईनसे अभी भी बहुत दूर है । भय का…"
Thursday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार के समस्त क़लमकर्मियों को जश्न-ए-आज़ादी की 72 वीं सालगिरह की दिली मुबारकबाद ।"
Wednesday
Mohammed Arif commented on SudhenduOjha's blog post कैसे-कैसे सवालों का जवाब है जिंदगी कांटों के साथ-साथ गुलाब है जिंदगी
"आदरणीय सुधेंदु ओझा जी आदाब,                      ज़िंदगी को केंद्र में रखकर रची गई बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                             बहुत ही सुंदर और पावन अनुभूति । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
Mohammed Arif commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए
"आदरणीय नीलेश जी आदाब,                         बहुत ही नायाब ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Aug 12
Mohammed Arif commented on Harihar Jha's blog post झूमता सावन
"आदरणीय हरीहर जी आदाब,                       सावन की मस्ती में डूबी बहुत बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 12
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीया उषा आवस्थी जी आदाब,                          प्रदत्त विषय पर अच्छा गीत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 11
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब,                        प्रदत्त विषय पर बहुत ही लाजवाब चौपाई छंद के माध्यम से चित्रण । जीतनी भी प्रशंसा की जाय कम है । हार्दिक बधाई स्वीकार करेंं ।"
Aug 11
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय अशोक रक्ताले जी ।"
Aug 11

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बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

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Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

बारिश के हाइकु



(1) ख़त्म तपन

हरा हुआ चमन

मचले मन ।

******

(2) भीगी है रात

बादलों की बारात

हो मुलाक़ात ।

******

(3) खेत-मैदान

हरियाली मचले

जीवन चले ।

******

(4) कहीं बरसे

मन मौजी बादल

धरा को बल ।

******

(5) नदियों में है

लहरों का यौवन

जल का धन ।

******

(6) घर-आँगन

जल की मनमानी

जीने की ठानी ।

******

(7)ककड़ी-भुट्टे

मन को ललचाते

सबको भाते ।

*******

(8) बूँदें…

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Posted on July 4, 2018 at 8:54am — 21 Comments

ग़ज़ल बह्र फेलुन×5+फा



शैतानों की देखो दावत करता है

पापी है पर जन्नत जन्नत करता है ।

*******

कोई तुझे न देखे अच्छी नज़रों से

क्यों तू ऐसी वैसी हरकत करता है ।

*******

क्या होता है हाथों की रेखाओं में

मिहनत कर क्यों क़िस्मत क़िस्मत करता है ।

*******

काली काली बदली जब भी छाये तो

दहक़ाँ फिर बारिश की हसरत करता है ।

********

भेद नहीं है कोई उसकी नज़रों में

फिर क्यों तू औरों से नफ़रत करता है ।

*******

अता किया सबकुछ क़ुदरत ने उसको पर

वो तो…

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Posted on July 1, 2018 at 4:22pm — 14 Comments

कविता---बेबस क़लम और हम

क़लम लाचार है

विरोध की तेज़ धार है

घोषणाएँ जारी हैं

ग़रीब का भूखा पेट भी आभारी है

झोंपड़ियों के ऐब सारे ढँक गए

ग़रीब के घर बेबसी की बीमारी है

संसद में भूख का आँकड़ा गरमा रहा है

रहनुमा विकास का तराना गुनगुना रहा है

धर्म के ठेकेदारों की दबंगई है

ईमान की बोली सस्ती लगी है

दहशत में सबकुछ फलफूल रहा है

मदारी ख़ुद झूठ के बाँस पर चल रहा है

बहुत तरक़्की हो चुकी है

चैन की बाँसुरी भी सुर खो चुकी है

सरकार का चरित्र साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है…

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Posted on June 26, 2018 at 8:30am — 17 Comments

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At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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