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Mohammed Arif
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Mohit mishra (mukt) commented on Mohammed Arif's blog post एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम
"अतिसुन्दर रचना बधाई स्वीकार करें"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय वासुदेव जी । लेखन सार्थक हो गया ।"
5 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' commented on Mohammed Arif's blog post एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम
"मोहम्मद आरिफ जी इस आज़ादी की अलख जगाती कविता की हृदय से बधाई। आओ शौर्य गीत गाएँ वीरों को अमर बनाएँ , सक्षम भारत वर्ष बनाएँ आज़ादी की अलख जगाएँ । बहुत खूब"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on KALPANA BHATT's blog post रक्त संचार ( लघुकथा)
"आदरणीय कल्पना भट्ट जी आदाब,लघुकथा का अच्छा प्रयास ।आदरणीय रवि प्रभाकर जी सबकुछ कह चुके हैं । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on Ajay Kumar Sharma's blog post तिरंगे की खातिर
"आदरणीय अजय जी आदाब, तिरंगे और आज़ादी की गरिमा को रेखांकित करता अच्छा गीत ।हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, बेहतरीन भावों की गीतांजलि । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब की बात पर गौर करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post कृष्णावतार
"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी आदाब, बहुत ही बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब के सुझाव पर गौर करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on MOHD. RIZWAN (रिज़वान खैराबादी)'s blog post जश्न मिल जुल कर मनाओ यौमे आज़ादी है आज - ग़ज़ल
"आदरणीय मोहम्मद रिज़वान जी आदाब, जश्ने आज़ादी के मौके पर बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल ।मुबारकबाद क़ुबूल करें । आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब की बातों का संज्ञान लें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on डॉ.कंवर करतार 'खन्देह्ड़वी''s blog post ग़ज़ल
"आदरणीय कँवर करतार जी आदाबग़ज़ल का अच्छा प्रयास ।मुबारकबाद क़बूल कीजिए । आली जश ब मोहतरम समर कबीर साहब और आदरणीय रवि शुक्ल जी के सुझावों पर गौर करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on मंजूषा 'मन''s blog post ग़ज़ल
"आदरणीया मंजूषा जी आदाब,बेहतरीन ग़ज़लत्र। शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । आल जनाब मोहतरम समर कबीर साहब के सुझावों का संज्ञान लें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on श्याम किशोर सिंह 'करीब''s blog post प्रेरक कृष्ण
"आदरणीय किशोर जी आदाब, कृष्ण जन्माष्टमी को रेखांकित करती बढ़िया रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें और आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब की बातों का संज्ञान लें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on Arpana Sharma's blog post " स्वतंत्रता जय-राग "/ अर्पणा शर्मा
"आदरणीया अर्पणा शर्मा जी आदाब, स्वतंत्रता दिवस की गरिमा-गौरव को रेखांकित करता बेहतरीन गीत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post आज़ादी का गीत
"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी आदाब,जश्ने आज़ादी की गरिमा-गौरव और महत्व को रेखांकित करता बहुत ही प्यारा गीत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । जश्ने आज़ादी की बधाई ।"
22 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम
"बहुत-बहुत शुक्रिया आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब । यौमे आज़ादी की ढेरों-ढेरों मुबारकबाद ।"
23 hours ago
Samar kabeer commented on Mohammed Arif's blog post एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम
"जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,यौम-ए-आज़ादी पर मंच को आपने बढ़िया कविता से अच्छा तोहफ़ा दिया,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
Mohammed Arif posted a blog post

एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम

सत्तर बरस आज़ादी के,याद करो क़ुर्बानी के ।वो तो सब परवानें थे ,भारत माँ के दीवानें थेहँसते हुए प्राण गंवाए,वीर शहीद वो कहलाए ,माँ का हर वचन निभाया ,देकर रक्त कर्ज़ चुकाया ।सत्तर बरस.......आज़ादी की मशाल थे ,भारत भूमि की ढाल थे ,शौर्य के अंगारे थे ,इंकलाब के नारे थे ,सब साहस की उड़ान थेवीरता की पहचान थे ।सत्तर बरस......हर वीर एक ज्वाला था ,क्रांति का मतवाला थाजब विपदा आन पड़ी थी ,जवानी कुर्बान खड़ी थी ,शौर्य बसंत आया था ,रंग बसंती छाया था ।सत्तर बरस......बलिदानी उनका कर्म था ,मर मिटना जिनका धर्म था ,आओ…See More
yesterday

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Ujjain
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एक कविता जश्ने आज़ादी के नाम

सत्तर बरस आज़ादी के,

याद करो क़ुर्बानी के ।

वो तो सब परवानें थे ,

भारत माँ के दीवानें थे

हँसते हुए प्राण गंवाए,

वीर शहीद वो कहलाए ,

माँ का हर वचन निभाया ,

देकर रक्त कर्ज़ चुकाया ।

सत्तर बरस.......

आज़ादी की मशाल थे ,

भारत भूमि की ढाल थे ,

शौर्य के अंगारे थे ,

इंकलाब के नारे थे ,

सब साहस की उड़ान थे

वीरता की पहचान थे ।

सत्तर बरस......

हर वीर एक ज्वाला था ,

क्रांति का मतवाला था

जब विपदा आन पड़ी थी ,

जवानी… Continue

Posted on August 15, 2017 at 12:02am — 5 Comments

लघुकथा---सोच

देर रात चार-पाँच लड़कियों का झुंड बदहवास , घबराया हुआ जब पुलिस स्टेशन में दाखिल हुआ तो पुलिस वालों के भी होश उड़ गए । पहले उन्हें बैठाया गया । ढाँढस बँधाया । फिर थानेदार साहब ने कहा-"हाँ , अब बताइए क्या हुआ ?"

" कुछ लड़कों ने हमारी कार का पीछा किया , हमें किडनैप करने की कोशिश की । बड़ी मुश्किल से जान बचाकर यहाँ तक आईं हैं ।" उनमें से एक लड़की ने आपबीती सुनाई ।

" देर रात आप घर से बाहर क्यों निकली ?" थानेदार साहब ने आखिर अपनी औकात बता ही दी ।

" यदि आप लड़कों को देर रात घर से बाहर न… Continue

Posted on August 8, 2017 at 6:43pm — 13 Comments

लघुकथा --बंधन

"सुशील , शालिनी को लेने कब जाएगा ?" माँ ने चिंतित स्वर में कहा ।
" कब है रक्षा-बंधन ?"
"बस ! आज से ठीक चार दिन बाद ।
"मगर...मगर...।"
" क्या मगर , मगर ।'
" कुछ नहीं माँ.....।"
अब सुशील माँ से कैसे कहे कि उसने शालिनी की मोटी उधार की रकम आज तक नहीं चुकाई जो माँ के बग़ैर पूछे ले आया था ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on August 6, 2017 at 12:17am — 10 Comments

लघुकथा-- बर्थ-डे गिफ्ट

राहुल और साक्षी के जीवन में तनाव उस समय उत्पन्न हो गया जब साक्षी ने अपने सात वर्षीय बेटे अंशुल की ज़िम्मेदारी उठाने की अर्ज़ी कोर्ट में लगा दी । दर असल राहुल काम के संबंध में लंदन जाना चाहता था । साक्षी को सतारा में ससुराल में रहने को कहा । मगर साक्षी को पुणे में रहकर ही जॉब करना था । विवाद यहीं से पैदा हुआ । एक दिन राहुल अंशुल को लेकर सतारा आ गया और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था करने लगा । साक्षी को बस यही नगवारा लगा ।

अंशुल के बर्थ-डे वाले दिन ही दोनों ने अलग होने का निर्णय ले लिया… Continue

Posted on August 2, 2017 at 11:13pm — 12 Comments

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At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

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