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Mohammed Arif
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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mohammed Arif's blog post कविता- हिन्दी है मेरी धड़कन
"वाह वाह आदरणीय आरिफ जी..खूब हिंदी की महिमा का बखान किया है..."
yesterday
Mohammed Arif commented on Samar kabeer's blog post "हिन्दी दिवस पर विशेष" हिन्दी ग़ज़ल
"वाह! वाह! वाह! बहुत ख़ूब ! क्या ख़ूबसूरत तुहफ़ा दिया है हिंदी दिवस के पावन अवसर पर । पढ़कर मज़ा आ गया । यह आपका हिंदी के प्रति समर्पण को भी प्रदर्शित करता है । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।"
yesterday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"उम्दा रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय विजय प्रकाश जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय गंगाधर जी आदाब,                   बहुत ही उम्दा रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय छोटे लाल जी आदाब,                 बहुत ही उम्दा रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"वाह! वाह! वाह!  मज़ा आ गया, मज़ा आ गया । बहुत ही लाजवाब रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी आदाब,                             शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"चौपाई छंद में लिखी बेहतरीश रचना । मुझे चौपाई छंद बहुत पसंद है । मेरे मन की मुराद पूरी हो गई । हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय अखिलेश जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"बचपन की यादों को शिद्दत से याद करती बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया बबीता गुप्ता जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"बचपन की यादों को तरो ताज़ा करती बेहतरीन रचना । बधाई स्वीकार करें आदरणीया अनिता जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"प्रदत्त विषय पर बेहतरीन रचना मगर आपने शीर्षक नहीं लिखा । हार्दिक बधाई आदरणीय मनजीत जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय वासुदेव जी आदाब,                   मुश्क़िल बह्र में लाजवाब ग़ज़ल । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय रविकर जी आदाब,                   प्रदत्त विषय पर बेहतरीन रचना के लिए बधाइयाँ । आदरणीय आशीष श्रीविस्तव जी की बात से सहमत हूँ ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"वाह! वाह! वाह! मज़ा आ गया , मज़ा आ गया । बहुत बड़ा साहस चाहिए ऐसा कहने के लिए । ढेरों बधाइयाँ आदरणीया प्रतिभा पांडे जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,                        प्रदत्त विषय को सार्थक करती लाजवाब ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-95
"उत्साहवर्धक और सुधारात्मक टिप्पणी देने का हार्दिक आभार आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।"
Saturday

Profile Information

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Male
City State
Ujjain M.P.
Native Place
Ujjain
Profession
Teacher
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Mohammed Arif's Blog

कविता- हिन्दी है मेरी धड़कन



देश की धड़कन

वाणी का यौवन

संवाद का आँगन

हिंदी है मेरा तन-मन

अपनों से रखती है लगाव

भरती दिलों के घाव

मिटाती है अलगाव

हिंदी में है मेरा झुकाव

सबकी ज़रूरत

दिलों की हसरत

मिटाती नफ़रत

हिंदी है मेरी वकालत

शब्दों का हल

खुशियों का हर पल

सरस कलकल छलछल

हिंदी है मेरा आत्मबल

भारत की है शान

संपर्क की पहचान

सरगम की तान

हिंदी है मेरा स्वाभिमान

भेदभाव भी सहती है

मगर सच को सच कहती है

दिलों में…

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Posted on September 14, 2018 at 8:00am — 4 Comments

ग़ज़ल बह्र -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन

ज़माने को मेरी ज़रूरत नहीं है

मुझे  तो किसी से शिकायत नहीं है ।

.

अकेले में रहने की आदत है मुझको

किसी से भी मेरी अदावत नहीं है ।

.

नई पीढ़ी का ये चलन आज देखो

ज़रा सी भी इनमें लियाक़त नहीं है ।

.

है कितना यहाँ झूट महफ़ूज़ यारो

कि सच्चों की कोई अदालत नहीं है ।

.

सरे आम लुटती है इज़्ज़त यहाँ पर

किसी की यहाँ अब हिफ़ाज़त नहीं है ।

.

लगा मुझको झूटों के बाज़ार में यूँ

कि सच बोलने की इजाज़त नहीं है ।

.

मौलिक…

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Posted on September 5, 2018 at 11:30pm — 18 Comments

बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

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Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

बारिश के हाइकु



(1) ख़त्म तपन

हरा हुआ चमन

मचले मन ।

******

(2) भीगी है रात

बादलों की बारात

हो मुलाक़ात ।

******

(3) खेत-मैदान

हरियाली मचले

जीवन चले ।

******

(4) कहीं बरसे

मन मौजी बादल

धरा को बल ।

******

(5) नदियों में है

लहरों का यौवन

जल का धन ।

******

(6) घर-आँगन

जल की मनमानी

जीने की ठानी ।

******

(7)ककड़ी-भुट्टे

मन को ललचाते

सबको भाते ।

*******

(8) बूँदें…

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Posted on July 4, 2018 at 8:54am — 21 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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"मन को आनन्दित करती बहुत ही सुन्दर रचना..."
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