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Mohammed Arif
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी आदाब,                             बहुत ही प्यारा गीत । चित्रानुकूल गीत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय छोटेलाल जी आदाब,                      बहुत ही शानदार शक्ति छंद । बहुत ही बढ़िया चित्रानुकूल वर्णन । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश जी आदाब,                           कुश्ती के बहाने नारी शक्ति का बेहतरीन छंदात्मक  चित्रानुकूल वर्णन । हार्दिक इस शानदार पेशकश पर ।"
yesterday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"आशा का संचार करती बहुत ही बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई आदरणीय दयाराम जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"अपनी अमूल्य , निरपेक्ष और उत्साहवर्धक टिप्पणी से रचना का मान बढ़ाने का हार्दिक आभार आदरणीय आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीय गणेश 'बाग़ी'जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"अपनी उत्साहवर्धक टिप्पणी से रचना को पोषित करने का हार्दिक आभार आदरणीय सत्य नारायण जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीया बबीता गुप्ता जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीया नीलम उपाध्याय जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीय सतविंद्र कुमार जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"हार्दिक आभार आदरणीय छ़ोटेलाल जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"अपनी उत्साहवर्धक टिप्पणी से रचना का मान बढ़ाने का हार्दिक आभार आदरणीय वासुदेव जी ।"
Nov 10
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"बहुत ही प्यारा , सुंदर और सरल-सरस गीत । हार्दिक बधाई आदरणीय वासुदेव जी ।"
Nov 9
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"आक्रोश, विद्रोह और आग्रही भावों से लबरेज़ । हार्दिक बधाई आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
Nov 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain M.P.
Native Place
Ujjain
Profession
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कविता- हिन्दी है मेरी धड़कन



देश की धड़कन

वाणी का यौवन

संवाद का आँगन

हिंदी है मेरा तन-मन

अपनों से रखती है लगाव

भरती दिलों के घाव

मिटाती है अलगाव

हिंदी में है मेरा झुकाव

सबकी ज़रूरत

दिलों की हसरत

मिटाती नफ़रत

हिंदी है मेरी वकालत

शब्दों का हल

खुशियों का हर पल

सरस कलकल छलछल

हिंदी है मेरा आत्मबल

भारत की है शान

संपर्क की पहचान

सरगम की तान

हिंदी है मेरा स्वाभिमान

भेदभाव भी सहती है

मगर सच को सच कहती है

दिलों में…

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Posted on September 14, 2018 at 8:00am — 5 Comments

ग़ज़ल बह्र -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन

ज़माने को मेरी ज़रूरत नहीं है

मुझे  तो किसी से शिकायत नहीं है ।

.

अकेले में रहने की आदत है मुझको

किसी से भी मेरी अदावत नहीं है ।

.

नई पीढ़ी का ये चलन आज देखो

ज़रा सी भी इनमें लियाक़त नहीं है ।

.

है कितना यहाँ झूट महफ़ूज़ यारो

कि सच्चों की कोई अदालत नहीं है ।

.

सरे आम लुटती है इज़्ज़त यहाँ पर

किसी की यहाँ अब हिफ़ाज़त नहीं है ।

.

लगा मुझको झूटों के बाज़ार में यूँ

कि सच बोलने की इजाज़त नहीं है ।

.

मौलिक…

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Posted on September 5, 2018 at 11:30pm — 18 Comments

बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

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Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

बारिश के हाइकु



(1) ख़त्म तपन

हरा हुआ चमन

मचले मन ।

******

(2) भीगी है रात

बादलों की बारात

हो मुलाक़ात ।

******

(3) खेत-मैदान

हरियाली मचले

जीवन चले ।

******

(4) कहीं बरसे

मन मौजी बादल

धरा को बल ।

******

(5) नदियों में है

लहरों का यौवन

जल का धन ।

******

(6) घर-आँगन

जल की मनमानी

जीने की ठानी ।

******

(7)ककड़ी-भुट्टे

मन को ललचाते

सबको भाते ।

*******

(8) बूँदें…

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Posted on July 4, 2018 at 8:54am — 21 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
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