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Pradeep Devisharan Bhatt
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Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टारबंद करो ये अत्याचारनज़रो में वहशत है पसरीजीना बच्चों का दुश्वारशहर नया हर रोज़ हादसाक्यूँ चुप बैठी है सरकारनज़र गड़ाए बैठे हैं फूल पर कितने ज़ालिम किरदारनेह की आड़ में रोज़ ना जानेकितने टूट रहे  करारमनुज नहीँ इन्हें कहो दरिंदेइनसे तो बेहतर हैं खार नोचा मारा इन खबरों सेभरे पड़े सारे अख़बार'दीप' वकीलों की ना पूछोवो बेज्ज्त करते बारम्बार - प्रदीप देवीशरण भट्ट -मौलिक व अप्रकाशितSee More
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Pradeep Devisharan Bhatt commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बहुत खूब अच्छि गज़ल  हुई ।बधाई"
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Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

माँ भी बोझ लगती है

बोझ उठाती हैअकेली माँ कई बच्चोँ काकई बच्चोँ को मगर माँ भी बोझ लगती है लहू से सींचकर जिसको बडा किया उसकोबहु के साथ ही रहने में मौज लगती है रुठ जाता था सड्क पे जो एक खिलौने कोटूटी ऐनक भी उसे अब माँ की बोझ लगती है वो पूछ्ता ही नही क्या खाना खा लिया तुमनेभूख तो भूख है माँ को भी रोज़ लगती है पांव जब से बहू के भारी हो गये हैं ‘प्रदीप’सास में माँ की उसको फिरोज़ लगती है-प्रदीप देविशरण भट्ट-मौलिक व अप्रकाशितSee More
Jun 1
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May 27
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post ऐसा न करना लौट कर तुम फिर चले आना
"मोहित जी,उत्तम रचना हुई"
May 27
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Pradeep Devisharan Bhatt commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post कितना अफ़्कार में मश्ग़ूल हर इक इन्साँ है(४३ )
"अच्छि गज़ल हुई गह्लौत जी"
May 27
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post सच क्या है कोई पूछे, मैं श्याम बता दूँगा-----ग़ज़ल पंकज मिश्र
"जीने के सलीके का मैं अंदाज सिखा दुंगा"
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Pradeep Devisharan Bhatt commented on Sushil Sarna's blog post विदाई से पहले : 4 क्षणिकाएं
"खुबसुरत कविता हुई। बधाई स्वीकार करे सुशील जी"
May 27
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May 22
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"समर जी शुक्रिया"
Apr 17
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"आभार हरिओम जी"
Apr 17
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"शुक्रिया नीलम जी,"
Apr 17
PHOOL SINGH commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post गांव का युवा और शहर के गिद्ध
"एक अच्छा प्रस्तुतिकरण सुंदर बधाई स्वीकारें|"
Apr 15

Profile Information

Gender
Male
City State
Mumbai
Native Place
Roorkie
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, Mumbai

Pradeep Devisharan Bhatt's Blog

-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार

बंद करो ये अत्याचार

नज़रो में वहशत है पसरी

जीना बच्चों का दुश्वार

शहर नया हर रोज़ हादसा

क्यूँ चुप बैठी है सरकार

नज़र गड़ाए बैठे हैं फूल पर …

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Posted on June 18, 2019 at 3:00pm

माँ भी बोझ लगती है

बोझ उठाती हैअकेली माँ कई बच्चोँ का

कई बच्चोँ को मगर माँ भी बोझ लगती है

 

लहू से सींचकर जिसको बडा किया उसको

बहु के साथ ही रहने में मौज लगती है…

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Posted on May 30, 2019 at 3:00pm

श्वान  का दर्द

जब से शहर में चुनाव का बिगूल बज गया

श्वान का भी श्वान से खौफ निकल गया

शोर और सिर्फ शोर मच रहा सुबह शाम

पांच साल बाद नेता को पडा जनता से काम

  

श्वान हैरान परेशान घूमता रहता इधर उधर…

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Posted on April 4, 2019 at 11:00am — 4 Comments

पथ के पथगामी-

नारी तो केवल है नारी है    

नर भी तो केवल है नर      

दोनोँ के विचार अलग हैं

दोनोँ के किरदार अलग

ना इसका कुछ हिस्सा ज्यादा

ना ही उसका है कुछ कम

 

कभी…

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Posted on April 2, 2019 at 6:30pm — 4 Comments

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At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

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