For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Pradeep Devisharan Bhatt
  • मुंबई
  • India
Share

Pradeep Devisharan Bhatt's Friends

  • Sheikh Shahzad Usmani
 

Pradeep Devisharan Bhatt's Page

Latest Activity

Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"समर जी शुक्रिया"
Wednesday
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"आभार हरिओम जी"
Wednesday
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"शुक्रिया नीलम जी,"
Wednesday
PHOOL SINGH commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post गांव का युवा और शहर के गिद्ध
"एक अच्छा प्रस्तुतिकरण सुंदर बधाई स्वीकारें|"
Monday
PHOOL SINGH commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post श्वान  का दर्द
"श्वान हैरान परेशान घूमता रहता इधर उधर जाए भी तो जाए कहाँ गली ना कूंचा ना घर आश्चर्य अब उसे कोई भी नहीं करता है तंग अब वो भी रहता है मौन नही करता निंद्रा भंग अच्छी रचना के लिए बधाई स्वीकारें|"
Monday
babitagupta commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post श्वान  का दर्द
"बेहतरीन रचना के लिए बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय प्रदीप सरजी ।"
Apr 9
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post श्वान  का दर्द
"अच्छी रचना है आदरणीय..हालाँकि कई टाइपिंग मिस्टेक हैं।"
Apr 9
Samar kabeer commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post श्वान  का दर्द
"जनाब प्रदीप भट्ट जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 8
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

श्वान  का दर्द

जब से शहर में चुनाव का बिगूल बज गयाश्वान का भी श्वान से खौफ निकल गयाशोर और सिर्फ शोर मच रहा सुबह शामपांच साल बाद नेता को पडा जनता से काम  श्वान हैरान परेशान घूमता रहता इधर उधरजाए भी तो जाए कहाँ गली ना कूंचा ना घरआश्चर्य अब उसे कोई भी नहीं करता है तंगअब वो भी रहता है मौन नही करता निंद्रा भंग वो भी क्य दिन थे हड्डी मिली तो चबा लीवरना जबडे में किसी की टांग दबा लीचुनाव ने तो इन सबका खौफ निकल दियामुझे आसमाँ से सिधे जमीन पे ला दिया याद आई उसे एक कहावत “एवरि डोग हैज ए डे”शायद परमात्मा भी मेरी एक दिन…See More
Apr 4
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post पथ के पथगामी-
"नमस्कार अमित जी"
Apr 4
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post पथ के पथगामी-
"धन्यवाद समर जी"
Apr 4
AMIT commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post पथ के पथगामी-
"नमस्कार सर !"
Apr 3
Neelam Upadhyaya commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"अच्छी रचना पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय प्रदीप भट्ट जी।"
Apr 3
Neelam Upadhyaya commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "रिश्तोँ की घुटन"
"अच्छी रचना पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय प्रदीप भट्ट साहिब जी।"
Apr 3
Samar kabeer commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post पथ के पथगामी-
"जनाब प्रदीप भट्ट साहिब आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 3
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

पथ के पथगामी-

नारी तो केवल है नारी है    नर भी तो केवल है नर      दोनोँ के विचार अलग हैंदोनोँ के किरदार अलगना इसका कुछ हिस्सा ज्यादाना ही उसका है कुछ कम कभी कभी लगता है ऐसेजैसे जीवन निपट अधूरानिकट तो हो लेकिन लगता हैनभ पर तुमने डाला डेराऐसा है फिर भी जीवन मेंउठ्ती रहती सतरंगी तरंग पथगामी दोनोँ एक पथ केचलते किंतु अलग अलगकभी कभी व्यहार वो करतेजैसे घर में रहता कोई मलंगलक्ष्य मगर दोनोँ का एक हैकभी ना हारे शिशु कोई जंग.-प्रदीप देवीशरण भट्ट- मौलिक व अप्रकशितSee More
Apr 3

Profile Information

Gender
Male
City State
Mumbai
Native Place
Roorkie
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, Mumbai

Pradeep Devisharan Bhatt's Blog

श्वान  का दर्द

जब से शहर में चुनाव का बिगूल बज गया

श्वान का भी श्वान से खौफ निकल गया

शोर और सिर्फ शोर मच रहा सुबह शाम

पांच साल बाद नेता को पडा जनता से काम

  

श्वान हैरान परेशान घूमता रहता इधर उधर…

Continue

Posted on April 4, 2019 at 11:00am — 4 Comments

पथ के पथगामी-

नारी तो केवल है नारी है    

नर भी तो केवल है नर      

दोनोँ के विचार अलग हैं

दोनोँ के किरदार अलग

ना इसका कुछ हिस्सा ज्यादा

ना ही उसका है कुछ कम

 

कभी…

Continue

Posted on April 2, 2019 at 6:30pm — 4 Comments

"रिश्तोँ की घुटन"

 

भीड भरे रस्ते पे एक दिन,

बरसोँ पुराना दोस्त मिला । 

चेहरे से मुस्कान थी गायब,

स्वर भी कुछ रुखा सा मिला । । 

 

मैंने पूछा कैसे हो तुम,

वो बोला कुछ ठीक नहीं । 

मैंने पूछा और हाल-ए-इश्क,

सोच के बोला ली भीख नही । । 

 

उसके इस उत्तर से अचम्भित,

ठिठक  गया  मैं  चलते-चलते । 

फिर काँधे पे हाथ रख पूछा,

किसी से नहीं क्या मिलते-जुलते…

Continue

Posted on March 30, 2019 at 7:00pm — 6 Comments

शहीदों का युवाओँ से संवाद- 23 मार्च शहीदी दिवस पर विशेष

हम तो कहीँ और नहीँ गये हैं बच्चोँ,

अभी भी मौज़ूद हैं ह्म तुम्हारे अंदर   

ज़ुल्म को देखकर भी चुपचाप कैसे बैठे हो,

क्या धधकता नहीं है ज्वाला तुम्हरे अंदर । ।

 

 हर इक शय में सियासत भरी हुई है…

Continue

Posted on March 29, 2019 at 3:00pm — 1 Comment

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई सतविंदर कुमार साहिब  , प्रदत्त चित्र पर सुंदर सार छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं…"
1 minute ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"मुह तरमा अनामिका साहिबा, प्रदत्त चित्र पर सुंदर सार छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
2 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब, छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
4 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब आसिफ साहिब आ दाब, छंद पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
4 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई सत्यनारायण साहिब, छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
5 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी सुंदर एवं सार्थक सार छंद के लिए बहुत बहुत बधाई"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब सादर अभिवादन चित्रानुरूप लाजबाब रचना के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी चित्रानुरूप बेहतरीन सृजन के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल करें"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय"
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर आभार सह नमन आदरणीय आसिफ जैदी साहब।"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर आभार सह नमन आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी।"
3 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"मोहतरम डॉ छोटेलाल सिंहजी बहुत बहुत बधाई बढि़या रचना मुबारकबाद  "
7 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service