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प्रदीप देवीशरण भट्ट
  • Male
  • हैदराबाद (तेलांगाना)
  • India
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  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Samar kabeer
 

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Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post बेटी बचाओ बेटी पढाओ
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
12 hours ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post गुरु पूर्णिमा
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
12 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

दिल का कोना

दिल के बदले दिया तुमने खिलौनानहीं खाली था शायद दिल में कोनाये माना हमने तुम सबसे हंसी होमगर सोना तो फ़िर भी होता सोनाना तुम वादा करो मिलने का कोईबड़ा मुश्किल है अब तो बाट जोहनाचलो तुम ही बता दो कैसे रक्खेनहीं आता हमें है दिल संजोनाहुआ माज़ी में जो तुम भूल जाओनही अच्छा है अब दामन भिगोनाअभी भी वक़्त है तुम मान जाओकरूँ या फ़िर कोई मैं जादू टोनागिला तुझसे नही है ‘दीप’ कोईमिला है जो उसे अब तुम ना खोना -प्रदीप देवीशरण भट्ट-15.07.2019 मौलिक व अप्रकाशितSee More
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"गज़ल का सबसे जानदार शेर नौकरी मत  ढूढ़  तू इस मुल्क में ।अब तेरे हिस्से की थाली जाएगी ।।"
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"फूँक कर छाछ पी रहा है वो ।आदमी दूध का जला क्या है ।। चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से ।घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।। गज़ब ख्याल"
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared vijay nikore's blog post on Facebook
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post महक
"बहुत खुब"
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post on Facebook
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted blog posts
Thursday
vijay nikore commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post अपने आप में
"रचना अच्छी लगी। बधाई, आदरणीय प्रदीप जी।"
Tuesday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Abha saxena Doonwi's blog post ग़ज़ल: हर शख़्स ही लगा हमें तन्हा है रात को
"बहुत खूब बधाई"
Tuesday
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Abha saxena Doonwi's blog post on Facebook
Tuesday
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post अपने आप में
"जनाब प्रदीप देवीशरण भट्ट जी आदाब,बहुत अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 11
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

अपने आप में

"यदि तुम्हेंउससे प्रेम है अनंत!तो तुम स्वीकारक्यूँ नहीं करते। क्यूँ नहीं देख पातेउसकी आंखों का सूनापनजहाँ बरसों से नही बरसीप्रेम की एक बूंद तुम्हारे ह्रदय मेंसबके लिए है प्रेमकिंतु उसके लिएहो जाते हो ह्र्दयहीन ये कैसा प्रेम हैजहाँ ना स्नेह है ना चैनजहाँ स्व्तंत्र्ता नहीसिर्फ और सिर्फ बंधन क्यूँ नहीं दे देतेउसे भी स्वतंत्रताताकि वो भी रह सकेअपने में मगन थोड़ा सा ही सहीरह सके वो भी प्रसन्नजैसे तुम रहते होअपने आप में"-प्रदीप देवीशरण भट्ट-27.06.2019,मौलिक एव्म अप्रशितSee More
Jul 10
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

ज़ीस्त

ज़ीस्त को मुझसे है गिला देखोजी रहा हूँ मैं हौसला देखोसाथ रहते हैं एक छत के तलेदरम्याँ फिर भी फासला देखोतुम जिधर जा रहे हो बेखुद सेवहीं आयेगा जलजला देखोसँभाल ही लूँगा मरासिम सारेतुम कोई और मुआमला देखोप्यार पे उसको दो नही ख़ुत्बादुध का वो भी है जला देखोउसने मकबूलियत भी देखी हैशम्स उसका है अब ढला देखोहवा है गुम मगर उमीद तो रखएक पत्ता है फिर हिला देखोचला था मैं अकेला ही मगरसाथ अब मेरे काफिला देखोजो भी आया उसको है जाना‘दीप’ ज़ारी ये सिलसिला देखो ख़ुत्बा=भाषणमरासिम=रिश्तेदीप देवीशरण भट्ट- मौलिक व अ…See More
Jul 9
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post ज़ीस्त
"अजय तिवारी जी प्रणाम, आप का हुक्म सर आंखों पर्।"
Jul 8

Profile Information

Gender
Male
City State
हैदराबाद
Native Place
रुडकी (उत्तराखंड)
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, हैदराबाद

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Blog

दिल का कोना

दिल के बदले दिया तुमने खिलौना

नहीं खाली था शायद दिल में कोना

ये माना हमने तुम सबसे हंसी हो

मगर सोना तो फ़िर भी होता सोना

ना तुम वादा करो मिलने का कोई

बड़ा मुश्किल है अब तो बाट जोहना…

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Posted on July 19, 2019 at 1:30pm

बेटी बचाओ बेटी पढाओ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 

सिर्फ़ एक नारा भर नहीँ है

कुछ करके दिखाना भी है

एक क़दम मैंने बढाया है

एक क़दम तुम भी ढ़ा

झिझको मत ठहरो मत

आगे बढो और पढाओ…

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Posted on July 17, 2019 at 5:30pm — 1 Comment

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा पर विशेष

 

गुरु कृपा हो जाए तो सफ़ल सिद्ध हों काम ।

कृपा हनू पर रखते हैं जैसे सियापति  राम॥

 

राम कहें शंकर गुरु ,भोले कहें श्रीराम।

दोनों ही सर्वज्ञ हैं, मैं जाऊं काकै…

Continue

Posted on July 16, 2019 at 4:00pm — 1 Comment

अपने आप में

"यदि तुम्हें

उससे प्रेम है अनंत!

तो तुम स्वीकार

क्यूँ नहीं करते।

 

क्यूँ नहीं देख पाते

उसकी आंखों का सूनापन

जहाँ बरसों से नही बरसी…

Continue

Posted on July 9, 2019 at 6:00pm — 2 Comments

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At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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