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बाल साहित्य Discussions (208)

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अधूरी कहानी को पूरा कीजिये.....

प्रिय साथियो , बच्चों की अनगिन बातें और उनके मन में उठते हज़ारों सवाल ! जिन्हें सुलझा पाना आसान नहीं.. आज के इस प्रतिस्पर्धा के तकनीकी युग…

Started by Dr.Prachi SinghLatest Reply

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जुगत (बाल-लघुकथा/बाल-कहानी)

गुड्डू, गोविंद और गोपी तीनों अलग अलग कक्षाओं के थे और तीनों दोस्त भी नहीं थे। स्कूल में आज फिर वे तीनों न तो मध्यान्ह अवकाश में अपना मनपसंद…

Started by Sheikh Shahzad Usmani

1 May 12
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

आधा चाँद

माँ एक चाँद ला दोआधा ही सही पर ला दो चाँद के संग मैं खेलूंगा गेंद बनाकर इसे खेलूंगाअपने हाथो में इसे पकडूँगा आसमान से यह बुलाता हैंमेरे दि…

Started by kalpana bhatt

3 Jan 16
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

अनूठा जन्मदिन ( बाल कहानी )

अनूठा जन्मदिन *************** पाखी आज बहुत खुश थी । स्कूल से आई और बैग एक ओर पटककर सीधे रसोई में जाकर चिल्लाई - " माँ ... माँ ..." " क्या…

Started by shashi bansal goyal

0 Jul 31, 2019

चुन्नी की बाजीजान (बाल-कविता)

कबूतर बाजी आ गईंबालकनी पर बैठ गईं। लू-लपटें चल रहींआसरा वो ढूंढ रहीं। कबूतर बाजी अंदर आईंफ्लैट पूरा जब घूम आईं। मिला न कोई अड्डा मन कापं…

Started by Sheikh Shahzad Usmani

0 Jun 3, 2019

'अब तुम्हारे हवाले ... बहिनों' ( संस्मरण)

उन दोनों की मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। बताऊं क्यूं? क्योंकि इस बार के गणतंत्र दिवस में उन दोनों ने मुझे भी अपने साथ शामिल कर ही लिया। जिस तरह…

Started by Sheikh Shahzad Usmani

0 Jan 20, 2019

बोल चिरैया (बाल-गीत) / शेख़ शहज़ाद उस्मानी

बोल चिरैया बोल चिरैया, कितने घर खो आयी, दाना-पानी बच्चों ख़ातिर, कितने घर हो आयी। बोल चिरैया बोल चिरैया, कब रोज़े रख पायी, कब सहरी, अफ़तार…

Started by Sheikh Shahzad Usmani

5 Jan 2, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

बाल कविता

फूल खिले जो बगिया में वह कितने सुन्दर लगते हैं लाल ,गुलाबी,नीले,पीले मन खुशियों से भरते हैं तितली उड़ती रंग-बिरंगी फूलों पर है इधर-उधर भँव…

Started by Usha Awasthi

2 Dec 29, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

पापा जैसा चुनमुन (कहानी )

पापा जैसा चुनमुन सोमवार स्कूल का आखिरी दिन था |कल से गर्मियों की छुट्टियाँ थीं |चुनमुन स्कूल-वैन से घर लौट रहा था| ड्राईवर (संवाहक ) अंकल…

Started by somesh kumar

0 May 21, 2018

तब ही मंज़िल पाओगे |

उठो  पढ़ो  नित  नव उमंग  से , आलस दूर भगा डालो |  सुबह शाम करो  याद  मन से , रोज  आदत बना डालो  |  मेहनत से कभी डरो नहीं ,   आगे  कदम बढा…

Started by Shyam Narain Verma

2 May 21, 2018
Reply by Shyam Narain Verma

चन्द बाल कविताएं ( शक्ति छंद)

बड़ा जग भरा नीर जूठा किया मगर घूँट भर ही लिया औ पिया उँडेला गया सब,बचा जो, उसे जरूरत कहाँ है न मन में घुसे खुले में जला फूँस करते धुआँ रहे…

Started by सतविन्द्र कुमार राणा

3 May 20, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

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"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी , आदाब , हौसला आफ़जाई के लिए बहुत बहुत…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मुहब्बत कीजिए यारो सदा दिलदार की सूरत (११६ )
"आ. भाई गिरधारी सिंह जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
5 hours ago
Profile IconJyoti Pandey and Neeta Tayal joined Open Books Online
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सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh posted a blog post

उम्र आधी कट गई है, उम्र आधी काट लूँगी

रात दिन तुमको पुकारा,किन्तु तुम अब तक न आए !चित्र मेरी कल्पना के,मूर्तियों में ढल न पाए !चिर…See More
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मुहब्बत कीजिए यारो सदा दिलदार की सूरत (११६ )
"आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' जी, इस लाभकारी जानकारी के लिए आपका हार्दिक…"
10 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मुहब्बत कीजिए यारो सदा दिलदार की सूरत (११६ )
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' साहिब , आदाब , हौसला आफ़जाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-सफलता के शिखर पर वे खड़े हैं -रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली गुप्ता साहिब, नमस्कार। जनाब, मुझे आपकी पहली टिप्पणी से लगा आप नाराज़ हो गए हैं। लेकिन…"
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रवि भसीन 'शाहिद' posted a blog post

किसे आवाज़ दूँ (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)

बह्रे रमल मुसम्मन महज़ूफ़ 2122  / 2122  /  2122  /  212जिस तरफ़ देखूँ है तन्हाई किसे आवाज़ दूँ हर…See More
12 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post मुहब्बत कीजिए यारो सदा दिलदार की सूरत (११६ )
"आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' साहिब, इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर दाद और मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ,…"
12 hours ago
Neeta Tayal posted a blog post

कोरोना और सावन

सखी री, जे कोरोना लै गयौ, सावन की बहार। ना उमंग के बादल घुमड़ें, ना उत्साह की फुहार।।अब के सावन ऐसे…See More
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सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी...)
"आदरणीय अमीरूद्दीन 'अमीर' साहिब आदाब ग़ज़ल पर आपकी हाज़िरी और सराहना के लिए आपका तह-ए-दिल से…"
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रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post ग़ज़ल-सफलता के शिखर पर वे खड़े हैं -रामबली गुप्ता
"ऐसी कोई बात नहीं है आदरणीय रवि भसीन जी। आपने कोई दखल नहीं दिया है बल्कि ओ बी ओ की परंपरा का ही…"
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