Started Jul 16, 2011 0 Replies 1 Like
इस तरह से सिलसिलेवार बम फटते रहें और हम हाथ पर हाथ धरे बठे रहें यह तो हिजडापन होगा.दो दिन के लिए भारत को सेना के हवाले कर दो सब कुछ हमेशा के लिए ठीक हो जायेगा.हादसे हमारे देश में होते हैं मरते हमारे…Continue
LOON KARAN CHHAJER commented on आशीष यादव's blog post हम अब नहीं फंसने वाले (कविता )
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LOON KARAN CHHAJER commented on SUMIT PRATAP SINGH's blog post चरित्रहीन (लघु कथा)
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LOON KARAN CHHAJER commented on LOON KARAN CHHAJER's blog post माँ के हाथों की बनी जब दाल रोटी याद आई
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LOON KARAN CHHAJER replied to Admin's discussion कहीं ये थप्पड़ किसी क्रांति का आगाज़ तो नहीं- राजीव गुप्ताPosted on December 9, 2011 at 5:30pm 0 Comments 1 Like
देखा है मेने अपने पिता को, अपने कंधो पर मेरी स्कुल बैग टांगे,
जीवन के बोझ को बड़ी मुस्कराहट के साथ निभाते, ।
हमेशा जिसने अपने दर्द से दुनिया के दर्द को बड़ा माना
लड़ता रहा वो मजबूरो और असाहायों के लिए
सारे ग्रहों की परिभाषाओ को निष्फल होते देखा है
मेने अपने पिता के आगे,
आज मुझ को घमंड है की तुम हो मेरे पिता
हां जिसने मुझको दिया है अपने खून का एक कण
जो आज एक वजूद बनकर खड़ा है इसी दुनिया के लिए कुछ करने को
हां मुझको गर्व है की तुम मेरे पिता…
Posted on November 24, 2011 at 6:00pm 2 Comments 1 Like
पंचतारा होटलों की शानशौकत कुछ न भाई
बैरा निगोड़ा पूछ जाता किया जो मैंने कहा
सलाम झुक-झुक करके मन में टिप का लालच रहा
खाक छानी होटलों की चाहिए जो ना मिला
क्रोध में हो स्नेह किसका? कल्पना से दिल…
Mukesh Kumar Saxena said… श्री लून करन साहब जी मै सहर्ष अपनी कविता को थार एक्सप्रेस में छापने की स्वीकृति देता हूँ । बस मै इतना चाहंता हूँ की आप उसे मेरे फोटो सहित छापें और उसकी एक प्रति मुझे निम्न पते पर प्रेषित कर दें. और आपकी सूचनार्थ मेरा नाम मुकेश कुमार सक्सेना है न की भरत.
my postal address is as follows::-
SGT MUKESH KUMAR SAXENA
MT SECTION
AIR FORCE STATION SATWARI
JAMMU (CANTT) PIN 180003
monika said…
PREETAM TIWARY(PREET) said…
Admin said… आवश्यक सूचना:-
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