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LOON KARAN CHHAJER
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LOON KARAN CHHAJER's Discussions

भारत में कब तक फटते रहेंगे बम

Started Jul 16, 2011 0 Replies

इस तरह से सिलसिलेवार बम फटते रहें और हम हाथ पर हाथ धरे बठे रहें यह तो हिजडापन होगा.दो दिन के लिए भारत को सेना के हवाले कर दो सब कुछ हमेशा के लिए ठीक हो जायेगा.हादसे हमारे देश में होते हैं मरते हमारे…Continue

 

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Latest Activity

LOON KARAN CHHAJER commented on आशीष यादव's blog post हम अब नहीं फंसने वाले (कविता )
"आशीष जीभुत ही अच्चा व्यंग किया है आपने. वार्तमान  स्थिति का खाका खिंच दिया है. बधाई.लूण करण छाजेड"
Apr 27
LOON KARAN CHHAJER left a comment for mira gupta
"welcome as amember"
Apr 27
MAHIMA SHREE and LOON KARAN CHHAJER are now friends
Apr 25
LOON KARAN CHHAJER left a comment for Gyanendra Dutt Bajpai
"WELCOME Gyanendra Dutt Bajpai JI "
Apr 10
LOON KARAN CHHAJER and Gyanendra Dutt Bajpai are now friends
Apr 10
Mukesh Kumar Saxena left a comment for LOON KARAN CHHAJER
"श्री लून करन साहब जी मै सहर्ष अपनी कविता को थार एक्सप्रेस में छापने की स्वीकृति देता हूँ । बस मै इतना चाहंता हूँ की आप उसे मेरे फोटो सहित छापें और उसकी एक प्रति मुझे निम्न पते पर प्रेषित कर दें. और आपकी सूचनार्थ मेरा नाम मुकेश कुमार सक्सेना है…"
Feb 15
LOON KARAN CHHAJER commented on Mukesh Kumar Saxena's blog post भरत की व्यथा
"Bharat ji aapki ejajat ho to me es kavita ko apne akhbar "thaar express " me prakashit karna chahta hun. aap mujhe  apni swikriti bhejen lkchhajer@gmail.com"
Feb 12
LOON KARAN CHHAJER commented on DEEPAK SHARMA KULUVI's blog post अंतिम क्षण (दीपक शर्मा कुल्लुवी)
"एक चित्रकार ने बहुत सुन्दर पंटिंग बना कर शहर के मध्य में टांग कर निचे लिखकर कहा की इसमे कोई गलती   हो तो वहां  निशान लगायें . कुछ घंटों बाद उसने जब अपनी पंटिंग देखी तो उसका हुलिया ही बदल चूका था . वह बहुत दुखी हुआ की मेरी  पंटिंग…"
Dec 27, 2011
LOON KARAN CHHAJER commented on mohinichordia's blog post मेरा मन और मुस्कान
"आपकी कविता को मे थार एक्सप्रेस मे प्रकाशित करके हज़ारों पाठकों तक पहुँचने का प्रयास का रहा हूँ . आपको अटराज हो तो सुघित करें. lkchhajer@gmail.com"
Dec 25, 2011
LOON KARAN CHHAJER commented on SUMIT PRATAP SINGH's blog post चरित्रहीन (लघु कथा)
"किसी के बारें मे कुछ जाने बिना ही कोई फबती कस देना अपराध की श्रेणी मे आता है इस कहानी से पार्तिदिन कही जाने वाली फबती को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है. बधाई ."
Dec 20, 2011
LOON KARAN CHHAJER commented on satish mapatpuri's blog post त्यागपत्र (कहानी)
"आग जब घर मे लगती है तब उसकी  ताप का अहसास होता है."
Dec 15, 2011
LOON KARAN CHHAJER posted a blog post

ओ मेरे पिता

देखा है मेने अपने पिता को, अपने कंधो पर मेरी स्कुल बैग टांगे, जीवन के बोझ को बड़ी मुस्कराहट के साथ निभाते, । हमेशा जिसने अपने दर्द से दुनिया के दर्द को बड़ा माना लड़ता रहा वो मजबूरो और असाहायों के लिए सारे ग्रहों की परिभाषाओ को निष्फल होते देखा है मेने  अपने पिता के आगे, आज मुझ को घमंड है की  तुम हो मेरे पिता हां जिसने मुझको दिया है अपने खून का एक कण जो आज एक वजूद बनकर खड़ा है इसी दुनिया के लिए कुछ करने को हां मुझको गर्व है की तुम मेरे पिता हो। तुम मुझको बना ना सके इंजीनियर या डॉक्टर, हां तुमने मुझको दिया है अपनी रगों मै वो  खून जो सारी उम्र लड़ता रहेगा इस दुनिया की कुरीतियों के खिलाफ, और गरिबों  के हको के लिए आज समझ सका  हु  इतना बड़ा होकर भी तुमने अपने को इतना छोटा क्यों बनाए रखा! छोटा आदमी ही इंसान के सबसे करीब होता है ना। हां और अपनी जगह तो इस दुनिया मै बनाने की जगह दिलो मै बनानी चाहिए , किसी चोराहे पर मूर्ति लगाना इतना उचित तुमने नहीं समझाजितना ठण्ड से बीमार लोगो को तुमने अपना ओढा  कम्बल  देना समझा तुम्हारे अन्दर कें इंसान  को तो ना जाने कब से समझ चुका हु, पर आज मुझको महसूस…See More
Dec 9, 2011
LOON KARAN CHHAJER commented on SUMIT PRATAP SINGH's blog post चरित्रहीन (लघु कथा)
"जब मैं खुश होता हूँ, मुझे दूसरों में खुशी दिखाई देती हैं. जब मैं उदास होता हूँ, तो मैंने लोगों की आँखों में उदासी को देखा . जब मैं थका हुआ होता हूँ, मैं उबाऊ और बदसूरती के रूप में दुनिया को देखता हूँ ."
Nov 30, 2011
LOON KARAN CHHAJER commented on LOON KARAN CHHAJER's blog post माँ के हाथों की बनी जब दाल रोटी याद आई
"गणेश जी मेरी मा हम को रात  के दो बजे भी चुले पर रोटी सेक कर देती थी जब गैस नही हुआ करती थी. लकड़ियों के धुएँ मे किस तरह ठंडी रात मे गरम गरम रोटी खिलती ठी.अब ना मा है ना वो चुले ."
Nov 29, 2011
Ganesh Jee "Bagi" commented on LOON KARAN CHHAJER's blog post माँ के हाथों की बनी जब दाल रोटी याद आई
"माँ के हाथों की बनी दाल रोटी!!!!!!! ये तो कही नहीं मिल सकती, जब मिलेगी तो माँ की ही रसोई में, बहुत ही सुंदर रचना, बधाई स्वीकार करें |"
Nov 26, 2011
LOON KARAN CHHAJER replied to Admin's discussion कहीं ये थप्पड़ किसी क्रांति का आगाज़ तो नहीं- राजीव गुप्ता
"ये कछुए है या गेंडे. भारतीय फिलम की तरह किसी अभिनेता की जरुरत है जो सब को ठीक कर दे .होना तो यह चाहिए  की सब नेताओं  को गोली से उड़ा देना चाहिए पर अहिंसावादी हूँ इसलिए भगवन से प्राथना ही करूँगा की सब नेताओं को  सदबुद्धि  देवें ."
Nov 26, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
Bikaner
Native Place
gangashahar
Profession
journalist
About me
friendship nature

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ओ मेरे पिता

Posted on December 9, 2011 at 5:30pm 0 Comments



देखा है मेने अपने पिता को, अपने कंधो पर मेरी स्कुल बैग टांगे,

जीवन के बोझ को बड़ी मुस्कराहट के साथ निभाते, ।

हमेशा जिसने अपने दर्द से दुनिया के दर्द को बड़ा माना

लड़ता रहा वो मजबूरो और असाहायों के लिए

सारे ग्रहों की परिभाषाओ को निष्फल होते देखा है

मेने  अपने पिता के आगे,

आज मुझ को घमंड है की  तुम हो मेरे पिता

हां जिसने मुझको दिया है अपने खून का एक कण

जो आज एक वजूद बनकर खड़ा है इसी दुनिया के लिए कुछ करने को

हां मुझको गर्व है की तुम मेरे पिता…

Continue

माँ के हाथों की बनी जब दाल रोटी याद आई

Posted on November 24, 2011 at 6:00pm 2 Comments

पंचतारा होटलों की शानशौकत कुछ न भाई

बैरा निगोड़ा पूछ जाता किया जो मैंने कहा

सलाम झुक-झुक करके मन में टिप का लालच रहा

खाक छानी होटलों की चाहिए जो ना मिला

क्रोध में हो स्नेह किसका? कल्पना से दिल…

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At 8:20pm on February 15, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

श्री लून करन साहब जी मै सहर्ष अपनी कविता को थार एक्सप्रेस में छापने की स्वीकृति देता हूँ । बस मै इतना चाहंता हूँ की आप उसे मेरे फोटो सहित छापें और उसकी एक प्रति मुझे निम्न पते पर प्रेषित कर दें. और आपकी सूचनार्थ मेरा नाम मुकेश कुमार सक्सेना है न की भरत. 

  my postal address is as follows::-

SGT MUKESH KUMAR SAXENA 

MT  SECTION

AIR FORCE STATION SATWARI 

JAMMU (CANTT)  PIN 180003

At 1:39am on July 31, 2011, monika said…
At 12:43pm on July 21, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 6:24pm on July 16, 2011, Admin said…
 
 
 

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