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Nilesh Shevgaonkar
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. सुरेन्द्र जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. योगराज सर "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"वाह वाह वाह ..आ. योगराज सर ...बहुत खूब ग़ज़ल.... किस शेर छोडूं ..सब एक से एक हैं ..इस रदीफ़ की ख़ास बात यही है कि बात सलीक़े से होगी तभी शेर मुकम्मल होगा... सिर्फ  नहीं तो जोड़ देने से बात नहीं बनेगी ..आप की ग़ज़ल ये दिखा रही है कि इस रदीफ़ को कैसे…"
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बहुत ख़ूब आ शिज्जू भाई..हमेशा की तरह आपके रँग में रँगी ग़ज़ल के लिये बधाई ..ग़ज़ल में मुहावरे बहुत भले लगे सादर "
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बहुर ख़ूब आ. तस्दीक़ साहब...गिरह बहुत पसंद  आई ..बहुत बहुत बधाई सादर "
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बहुत ख़ूब आ. सुरेन्द्र नाथ जी ...बहुत बहुत बधाई "
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बहुत ख़ूब आ. गुरप्रीत भाई ..एक दो छोटी मोटी   बातें ...नदामत दिल में होती है, रुख़ पर नहीं तो क्या मुझ को हिमायत हैैै.... मुझ को हिमायत कहना थोडा अटपटा लग रहा है... ठीक क्या होगा ये मुझे नहीं पता ..शायद अन्य गुणिजन बता पायेंगे..तू रोटी के…"
4 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. गुरप्रीत सिंह साहब..महशर का अर्थ महाप्रलय   अथवा क़यामत का दिन से है सादर "
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. सुरेन्द्र नाथ सिंह साहब "
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. मोहम्मद आरिफ़ साहब "
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"शुक्रिया आ. अनुराग जी ..."
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-82
"बिछड़ जाना रवायत है? नहीं तो! बिछड़ कर दिल सलामत है? नहीं तो! . वो दिल का टूट जाना था.. क़यामत, ये महशर कुछ क़यामत है? नहीं तो! . ख़ला में दिल है और दिल में ख़ला है, तो क्या यादों से मुहलत है? नहीं तो!  . वो आँखें आप सी रखता है लेकिन उन आँखों में…"
14 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,
"शुक्रिया आ. बृजेश जी "
15 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,
"मुझ को मिल जाये अगर तू, मैं लिपट कर रो लूँ, आँखें अब तक तेरा इन्कार सँभाले हुए हैं...वाह वाह आदरणीय बेहतरीन ग़ज़ल हुई..सादर"
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Anuraag Vashishth's blog post पंडित-मुल्ला खुद नहीं समझे, हमको क्या समझायेंगे - अनुराग
"  बहुत खूब आ. अनुराग जी ...अच्छी ग़ज़ल के लिये बधाई ..तीसरे शेर में ....किन दोनों की  राह का ज़िक्र है ..ये साफ़ नहीं है....देख लें ..सादर "
17 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,
"धन्यवाद आदरनीय"
21 hours ago

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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ग़ज़ल-नूर की- ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,

2122/1122/1122/22

.

ऐसा लगता है फ़क़त ख़ार सँभाले हुए हैं,

शाख़ें, पतझड़ में भी क़िरदार सँभाले हुए हैं.

.

जिस्म क्या है मेरे बचपन की कोई गुल्लक है  

ज़ह’न-ओ-दिल आज भी कलदार सँभाले हुए हैं.   

.

आँधियाँ ऐसी कि सर ही न रहे शानों पर,

और हम ऐसे में दस्तार सँभाले हुए हैं.

.

वक़्त वो और था; तब जान से प्यारे थे ख़ुतूत

अब ये लगता है कि बेकार सँभाले हुए हैं.

.

टूटी कश्ती का सफ़र बीच में कुछ छोड़ गए,  

और कुछ आज भी पतवार सँभाले हुए…

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Posted on April 24, 2017 at 8:59pm — 17 Comments

ग़ज़ल नूर की -कहीं सजदा किया, पूजा कहीं पत्थर तेरा,

२१२२/११२२/११२२/२२

.

कहीं सजदा किया, पूजा कहीं पत्थर तेरा,

अपने अंदर ही मगर मुझ को मिला घर तेरा. 

.

मेरी आँखों में उतरना तो उतरना बचकर,

ख़ुद में तूफ़ान छुपाए है..... समंदर तेरा.  

.

यूँ ही पीछे नहीं चलता है ज़माना तेरे,

नापता रहता है क़द ये भी बराबर तेरा.

.

दिल को आदत सी पड़ी है कि ख़ुदा ख़ैर करे,

ढूँढ लाता है कहीं से भी ये नश्तर तेरा.



तर्क  अब इस से ज़ियादा मैं करूँ क्या ख़ुद को

ये अना तेरे हवाले ये मेरा सर ....तेरा.…

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Posted on April 20, 2017 at 10:53am — 13 Comments

नख़्ल-ए-दिल रेगज़ार करना था-ग़ज़ल नूर की

नख़्ल-ए-दिल रेगज़ार करना था,

इक तसव्वुर ग़ुबार करना था.

.

तेरी मर्ज़ी!!! ये ज़ह’न दिल से कहे,

बस तुझे होशियार करना था.

.

वो क़यामत के बाद आये थे

हम को और इंतिज़ार करना था.

.

हाल-ए-दिल ख़ाक छुपता चेहरे से

जिस को सब इश्तेहार करना था.

.   

लुत्फ़ दिल को मिला न ख़ंजर को

कम से कम आर-पार करना था.

.

चंद यादें जो दफ़’न करनी थीं

अपने दिल को मज़ार करना था.

.

बारहा दुश्मनी!! अरे नादाँ .....

इश्क़ भी बार बार करना…

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Posted on April 18, 2017 at 8:40pm — 12 Comments

जब नज़र से उतर गया कोई

2122/1212/22

.

जब नज़र से उतर गया कोई,

यूँ लगा मुझ में मर गया कोई.

.

इल्म वालों की छाँव जब भी मिली

मेरे अंदर सँवर गया कोई.

.

उन के हाथों रची हिना का रँग

मेरी आँखों में भर गया कोई.

.

बेवफ़ाई!! ये लफ्ज़ ठीक नहीं,

यूँ कहें!!! बस,…

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Posted on April 16, 2017 at 8:00am — 18 Comments

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At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, Kewal Prasad said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

At 12:32pm on November 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे | कृपया अपना पता और नाम (जिस नाम से ड्राफ्ट/चेक निर्गत होगा), बैंक खता विवरणी एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |

सादर । 


आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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