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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
  • India
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Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-158
"चर्चा पुल्लिंग है, रदीफ़ पिट रही है। सादर"
Aug 25
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"आ. अमीरुद्दीन अमीर साहब,ग़ज़ल तक आने और सराहने के लिए बहुत बहुत आभार।ग़ज़ल 'नूर' की है अत: मन में मात्राओं को लेकर कोई संशय न रखें। आश्वस्त रहें कि ठीक ही कहा गया है,सादर  "
Aug 20
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"आदरणीय निलेश जी आदाब, उम्दा तंज़िया ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाएं। हरिक शे'र छद्मचरित्रता और इंसानी नीचता पर कठोर प्रहार है। 'सब को लड़वाने के बाद' मिसरे की मात्रा गणना पर संशय लग रहा है। "
Aug 19
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"धन्यवाद आ. सौरभ सर "
Aug 19
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"धन्यवाद आ। रवि जी "
Aug 19

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"आदरणीय नीलेश जी, छॊटे बहर की खूबसूरत गजल हुई है। बधाई । "
Aug 19
Ravi Shukla commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता
"आदरणीय नीलेश जी शानदार ग़ज़ल हुई है शेर दर शेर बधाई कुबूल करें "
Aug 8
Ravi Shukla commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
" आदरणीय नीलेश जी छोटी बहर में अच्छे भाव के शेर कहे है आपने बधाई "
Aug 8
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"बहुत बहुत धन्यवाद आ। लक्ष्मण जी "
Aug 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
Aug 4
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख

.दफ़्तर में तू पहला दिख काम न कर पर करता दिख. . ये बाज़ार का मंतर है सस्ता बिक पर महँगा दिख. . कर व्यवहार परायों सा दिखने में तू सबका दिख. . ऊँचों में तू ऊँचा उड़ पर बौनों में बौना दिख. . आग लगा कर बस्ती में तू ही आग बुझाता दिख. . सब को लड़वाने के…See More
Aug 2
Nilesh Shevgaonkar posted photos
Aug 1
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता
"शुक्रिया आ. लक्ष्मण धामी जी"
Jul 26
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन। बहुत सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 25
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की - नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता

१२१२ ११२२ १२१२ २२ (११२).नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता लबों से तल्ख़ियाँ दिल की मैं बक नहीं सकता. . मुझे ये डर है बयाबान में न खो जाऊं मैं अपने आप में ज़्यादा भटक नहीं सकता. . कभी लगे है कि खुल कर मैं सामने आऊँ तमाम ऐब लिए जिन को ढक नहीं…See More
Jul 19
Nilesh Shevgaonkar commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post ग़ज़ल: आईना सामने रखा
"बहुत ख़ूब शिज्जू भाई ..बधाई स्वीकार करें "
Jul 14
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- चाहें किसी को और निबाहें किसी से हम
"आदरणीय सौरभ सर, आप के इस ग़ज़ल तक आ कर टिप्पणी करने हेतु आभार। दाद के लिए धन्यवाद। मैं शाम तक मात्राक्रम लिख कर edit करने प्रेषित करता हूं। सादर  "
Jul 5

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- चाहें किसी को और निबाहें किसी से हम
"वाह ! बहुत खूब आदरणीय नीलेश जी. शेर दर शेर दाद कुबूल फरमाएँ  ओबीओ की परम्परा के अनुसार बहर की मात्रिकता को प्रस्तुत कर देना था.  पुनः हार्दिक बधाइयाँ "
Jul 4
Nilesh Shevgaonkar commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शरारत के दिन गये - गजल (लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण जी,ग़ज़ल के लिए बधाई ..सादर "
Jul 1
Nilesh Shevgaonkar commented on Taj mohammad's blog post सब ही शरीफ हो गए।
"आदरणीय ताज मोहम्मद जी वैसे तो आपने लिखा नहीं है कि आपकी रचना ग़ज़ल है लेकिन फ़ॉर्मेट से लगता है कि प्रयास ग़ज़ल कहने का हुआ है.रचना ग़ज़ल के मानकों पर बहर. कहन और क़ाफ़िया में नाकाम हो रही है.इन विषयों पर बहुत सामग्री मंच पर लिनक्स में उपलब्ध है.अध्ययन…"
Jul 1

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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ग़ज़ल नूर की - दफ़्तर में तू पहला दिख

.

दफ़्तर में तू पहला दिख

काम न कर पर करता दिख.

.

ये बाज़ार का मंतर है

सस्ता बिक पर महँगा दिख.

.

कर व्यवहार परायों सा…

Continue

Posted on July 31, 2023 at 11:05am — 8 Comments

ग़ज़ल नूर की - नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता

१२१२ ११२२ १२१२ २२ (११२)

.

नशे में लाख रहूँ पर बहक नहीं सकता

लबों से तल्ख़ियाँ दिल की मैं बक नहीं सकता.

.

मुझे ये डर है बयाबान में न खो जाऊं

मैं अपने आप में ज़्यादा भटक नहीं सकता.

.

कभी लगे है…

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Posted on July 19, 2023 at 3:22pm — 3 Comments

ग़ज़ल नूर की- चाहें किसी को और निबाहें किसी से हम

.

221 2121 1221 212 



चाहें किसी को और निबाहें किसी से हम

ख़ुश होईये कि हो ही गए आदमी से हम.

.

वो आते इस से क़ब्ल दवा काम कर गई

उकता गए हकीम की चारागरी से हम.

.

दीवार पर लगी हुई तस्वीर है अना

पीछे से झाँकती हुई इक छिपकली से हम.  

.

बन्दों में और ख़ुदा में अजब घालमेल है

हम से ही वो बना है, बने हैं उसी से हम.

.

सूरज नहीं हैं हम जो किसी रात से डरें

लड़ते रहेंगे सुब्ह तलक तीरगी से हम.

.

दुनिया की दौड़…

Continue

Posted on June 28, 2023 at 5:00pm — 6 Comments

ग़ज़ल नूर की - अँधेरे पल में ख़ुद के ‘नूर’ का दीदार हो जाना

.

अँधेरे पल में ख़ुद के ‘नूर’ का दीदार हो जाना

ये ऐसा है कि दुनियावी बदन के पार हो जाना.

.

कई सदियों से बस किरदार बन कर थक चुका हूँ मैं

मेरी है मुख़्तसर ख़्वाहिश कहानी-कार हो जाना.

.

दुआ है, जान है जब तक मेरा ये जिस्म चल जाए

बहुत रंजीदा करता है यूँ ही बेकार हो जाना.  

.

जिन्हें मैं जोड़ने में रोज़ थोड़ा टूट जाता था

उन्हें भी रास आया है मेरा मिस्मार हो जाना.     (तक़ाबुले रदीफ़ स्वीकर करते हुए)

.

मेरी बातें वही…

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Posted on June 19, 2023 at 5:15pm — 6 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 7:53pm on September 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय नीलेश जी आदाब बहुत बहुत शुक्रिया मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ आपने मेरी ग़ज़ल को सराहा मेरा तो आज का दिन बन गया ! ह्रदय से शुक्रिया
At 8:17pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का
At 8:16pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
हौसला बढ़ने का
At 8:15pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

 
 
 

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