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Nilesh Shevgaonkar
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नन्दकिशोर दुबे commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -जैसे धुल कर आईना फ़िर चमकीला हो जाता है,
"सुन्दर रचना ।"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"शुक्रिया आ.डॉ साहब,"
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"शुक्रिया "
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"शुक्रिया आ. लक्ष्मण जी "
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"शुक्रिया आ. महेंद्र जी "
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"जी सर "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आ. अफरोज़ जी अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई ..मतले के ऊला को बदलने का सुझाव दे रहा हूँ..अश्क दो याद में तेरी में बहा भी न सकूँ याद में तेरी मैं दो अश्क बहा भी न सकूँ.नाम का अपने /मगर/ गुल मैं  खिला भी न सकूँ।.यूँ तो हर ज़ख़्म को ओढ़ा दी है आँसू की…"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"शुक्रिया आ. समर सर ..."
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आ. बासुदेव जी,उसी फिल्म में एक गीत था...उस गीत की तक्तीअ कीजिए, वज़'न पता चल जायेगा तोहफ़ा का ..सादर  "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आ. बासुदेव जी,मेरी टिप्पणी सरसरी तौर पर किया गया आकलन या मूल्यांकन नहीं है...एक पाठक के रूप में स्वयं की रचना को पढेंगे तो समझेंगे  कि मैंने क्या और क्यूँ कहा है ..तोहफे वाले मिसरे को भी मैंने तुहफ पढने के बावजूद बहर    से ख़ारिज बताया…"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"शुक्रिया आ. अफरोज़ जी,आपके चेक के लिए बहुत आभारी हूँ... लेकिन सिकरने में 2 दिन लग जायेंगे... डिजिटल या RTGS कर देते तो और मेहरबानी होती :-D आभार "
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"आ. राज़ जी, मैंने भी यह कमेंट लिखकर डिलीट किया था क्यूँ कि बात यादों की नहीं यादों के एक पंछी की है अत: जिसको सही है सादर"
Friday
Nilesh Shevgaonkar and SALIM RAZA REWA are now friends
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"वाह वाह और वाह, आ, समर सर,,, ना ना कहते ग़ज़ल कही और ग़ज़ब कही। और फिर गिरह का क्या कहना। हर शेर असरदार हुआ है। बहुत बहुत बधाई"
Friday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-87
"शुक्रिया आ. सुरेन्द्र भाई..."
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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Nilesh Shevgaonkar's Blog

ग़ज़ल नूर की -जैसे धुल कर आईना फ़िर चमकीला हो जाता है,

22/ 22/ 22/ 22/ 22/ 22/ 22/ 2 

.

जैसे धुल कर आईना फ़िर चमकीला हो जाता है,

रो लेता हूँ, रो लेने से मन हल्का हो जाता है.

.

मुश्किल से इक सोच बराबर की दूरी है दोनों में,

लेकिन ख़ुद से मिले हुए को इक अरसा हो जाता है.

.

फोकस पास का हो तो मंज़र दूर का साफ़ नहीं रहता,

मंजिल दुनिया रहती है तो रब धुँधला हो जाता है.

.

मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारे में कोई काम नहीं मेरा

अना कुचल लेता हूँ अपनी तो सजदा हो जाता…

Continue

Posted on September 16, 2017 at 2:30pm — 45 Comments

ग़ज़ल नूर की -दिल ने थोड़ा मलाल रक्खा है

२१२२,१२१२,२२ (११२)

.

दिल ने थोड़ा मलाल रक्खा है

तेरी यादों को पाल रक्खा है.

.

रोज़ मरता हूँ..और मरता हूँ 

फिर भी ख़ुद को सँभाल रक्खा है. 

.

यूँ तो अंजाम जानता हूँ मगर

एक सिक्का उछाल रक्खा है.

.

मैं तेरी शोख़ियाँ पकड़ लूँगा

मैंने आँखों में जाल रक्खा है.

.

तेरे मिलने तलक जुदाई का

फ़ैसला मैंने टाल रक्खा है. 

.

ख़ूब पीता हूँ..छक के पीता हूँ

ख़ुद का कितना ख़याल रक्खा है.

.

और सारा कुसूर अँधेरे का…

Continue

Posted on September 1, 2017 at 11:36am — 29 Comments

ग़ज़ल नूर की - हैरान क्या करेगा कोई मोजज़ा मुझे

२२१/ २१२१/ १२२१/ २१२



हैरान क्या करेगा कोई मोजज़ा मुझे,

दुनिया का हर तमाशा लगे ख़्वाब सा मुझे.

.

हालाँकि ख़ुशबू इल्म-ओ-अदब की नहीं हूँ मैं,

लेकिन बिख़रने का है बहुत तज़रिबा मुझे.

.

इक रोज़ मैं ही तेरे किसी काम आऊँगा,

गरचे तू मानता ही नहीं काम का मुझे.

.

तेरे कहे पे चल पड़ा हूँ आँखें मूँदकर

ठोकर लगे तो मौला मेरे थामना मुझे.

.

ये कौन मेरे हिज्र को करता है और तवील,

जीने की फिर ये कौन दुआ दे गया…

Continue

Posted on August 2, 2017 at 9:37am — 18 Comments

कुण्डलियाँ छंद पर प्रथम प्रयास - निलेश नूर

कुण्डलियाँ छंद पर प्रथम प्रयास 

.

बोझ बढ़ा आवाम पर मगर न आई लाज

लगी लेखनी को अजब भक्तिभाव की खाज.

भक्तिभाव की खाज जो आधी रात जगाये

अपनी बरबादी का ज्ञानी जश्न मनाये. 

व्यापारी का देश में बुरा हुआ है हाल

मौजी निकला घूमने.. देश करे हड़ताल.

.

.

अठरह फी से दिक्कत थी अट्ठाईस से प्यार

बड़े ग़ज़ब के तर्क हैं बड़े ग़ज़ब सरकार.

बड़े ग़ज़ब सरकार लगे जी एस टी प्यारा

भक्ति करेंगे और बनेंगे हम ध्रुव तारा.

पूजन…

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Posted on July 11, 2017 at 5:30pm — 17 Comments

Comment Wall (7 comments)

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At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

At 1:14pm on November 6, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय नीलेश भाई , सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिये आपको हार्दिक बधाईयाँ  !!!!!!

At 12:32pm on November 6, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय Nilesh Shevgaonkar जी
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे | कृपया अपना पता और नाम (जिस नाम से ड्राफ्ट/चेक निर्गत होगा), बैंक खता विवरणी एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |

सादर । 


आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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