Started this discussion. Last reply by neeraj Mar 14. 96 Replies 5 Likes
साथियों यह सच है कि लेखन का आरम्भ स्वान्तः सुखाय होता है | रचनाकार की साहित्यिक अभिव्यक्ति वास्तव में उसका भोगा हुआ यथार्थ होता है जो एक सुनिश्चित स्वरुप और शिल्प में सामने आता है | यह…Continue
Tags: फोरम
UMASHANKER MISHRA commented on Arun Kumar Pandey 'Abhinav''s blog post कविता - बहती सी गंगा
Ganesh Jee "Bagi" commented on Arun Kumar Pandey 'Abhinav''s blog post कविता - बहती सी गंगा
Yogi Saraswat commented on Arun Kumar Pandey 'Abhinav''s blog post कविता - बहती सी गंगाPosted on April 15, 2012 at 9:30am 27 Comments 0 Likes
Posted on April 15, 2012 at 9:30am 33 Comments 3 Likes
अभिव्यक्ति - खामोश मिज़ाजी से गुज़ारा नहीं होता !
अपनों ने अगर पीठ पे मारा नहीं होता ,
दुनिया की कोई जंग वो हारा नहीं होता |
उनकी हनक से…
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Mukesh Kumar Saxena said… भाई अरुण जी आपने समय निकाल कर मेरी कविताओं फर्क और पात्रता को पड़ा और महसूस किया उसके लिए मै आपका दिल से आभारी हु धन्यबाद
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said… adarniya abhinav ji, sadar abhivadan. apka sneh , margdarshan hamesha chahiye. dhanyvad.
rajesh kumari said… hardik aabhar Arun ji aap sab ke sneh ka hi fal mila hai aage bhi mitrta nibhate rahiye ye safar yun hi chalta rahe.
Comment by Arun Kumar Pandey 'Abhinav'17 hours agoDelete Comment
हार्दिक आभार आदरणीय श्री वीनस जी ये सब आप सबके सानिध्य का परिणाम है !!
अरुण जी हार्दिक बधाई
अखिल भारतीय लेखक शिविर एवं " इतिहासपरंपरा और आधुनिकता " पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के
अंतर्गत आयोजित काव्य प्रतियोगिता मेंआपकी रचना के प्रथम स्थान पुरस्कृत होने पर हृदय से बधाई. इस शुभ सूचना से हम सभी का मान बढ़ा है.
जय ओबीओ
Seema agrawal said… Arun Kumar Pandey 'Abhinav'ji आपने एक बहुत पुराना भ्रम दूर किया ..आभारी हूँ आपकी .....आगे भी इसी प्रकार सहयोग की अभिलाषी हूँ ...धन्यवाद् एवं शुभकामनाएं
Seema agrawal said… अभिनव जी मुझे अभी भी संशय है आपकी बात पर ...चलिए गुलज़ार जी के एक गीत से बात को रखती हूँ "सरगम हो गयी पूरी अब क्या होगा आगे" ये पंक्ति है फिल्म परिचय के गीत की .."सप्तक" शब्द जो सरगम से सम्बंधित है पुल्लिंग है पर मेरे विचार से सरगम स्त्रीलिंग ही है ..मै स्वयं संगीत की विद्यार्थी रही हूँ और किसी भी लेख में सरगम केलिए पुल्लिंग प्रयोग नहीं देखा अभी तक ......क्षमा सहित- सीमा अग्रवाल
Mukesh Kumar Saxena said… मै आपका बहुत ही आभारी हूँ की आपने मेरी कविता की सराहना करके मेरा उत्साह वर्धन किया
neeraj said… thank s sir aap ka aasheesh or pyar hai
neeraj said… preeti ............... prem sneh watsalya love mohobbat chahat pyar ke paryay ha . meri patani ka nam rachana hai meri umra 40 year hai kisee ka nam hona matr sanyog ho sakta hai aasha hai aap meri bhaw nao ko samghe ge .. mai multha awachi ka kavi hu aapko agar kashat hua ho iske liye chama prarthi hu aapka neeraj
Km. Anshu Srivastava said… अभिनव जी,
आप परिवर्तन से जुड़े हैं और ओ.बी.ओ. के करीब भी हैं। नये सदस्यों में मजहर शकूराबादी का नाम दो-बार जुड़़ गया है, इसे टीक करा दें।
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