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तरही ग़ज़ल- आयेंगे कब अच्छे दिन तू ही बता !

ग़ज़ल –
फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन
२१२२ २१२२ २१२

एक रत्ती कम न ज़्यादा चाहिए |
मांगते हैं हक़ हमारा चाहिए |


कौन कहता है कि राजा चाहिए |
इस सियासत को पियादा चाहिए |


आयेंगे कब अच्छे दिन तू ही बता ,
कब तलक रखना भरोसा चाहिए |


वो मदारी हम जमूरे हैं फकत ,
हम मरें उनको ये वादा चाहिए |


वायदों के गीत गाये पांच साल ,
खेलने को वो खिलौना चाहिए |


उनकी आँखों ने मुझे बतला दिया,
डूबने वालों को दरया चाहिए |


बूँद में मोती की ताक़त है मियां ,
हर किसी को एक मौक़ा चाहिए |


बेटियाँ अफ़सोस अब भी बोझ हैं ,
हो नाकारा फिर भी बेटा चाहिए |


आश्वासन का ही दे दो झुनझुना ,
झूठ का ही हो सहारा चाहिए |

* सर्वथा मौलिक एवं अप्रकाशित .

- (C)अभिनव अरुण

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Comment by Abhinav Arun on July 7, 2014 at 2:17pm

कोशिशों को भी आपका स्नेह मिलता है तो अच्छा लगता है ..आपके आशीष पा कर ग़ज़ल धन्य  हुई आदरणीय , सादर प्रणाम !! स्नेह एवं मार्गदर्शन की अपेक्षा सदा रहती है आपसे !!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 7, 2014 at 1:36am

इस सार्थक ग़ज़ल के लिए भरपूर दाद और ढेर सारी बधाइयाँ .. ..

इस तरह पर कहा जाना अच्छा लगा.

शुभेच्छाएँ

Comment by Abhinav Arun on June 30, 2014 at 8:07pm
आदरणीया Dr.Prachi Singh साहिबा आभार- अभिवादन !!

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on June 30, 2014 at 7:35pm

हर शेर बहुत सामयिक और सार्थक हुआ है 

बहुत बहुत बधाई आ० अभिनव अरुण जी 

Comment by Abhinav Arun on June 26, 2014 at 8:58am

आदरणीय श्री Ram Awadh VIshwakarma  जी बहुत शुक्रिया आभार आपका !1

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on June 24, 2014 at 12:50pm

एक रत्ती कम न ज़्यादा चाहिए |
मांगते हैं हक़ हमारा चाहिए |


कौन कहता है कि राजा चाहिए |
इस सियासत को पियादा चाहिए |


आयेंगे कब अच्छे दिन तू ही बता ,
कब तलक रखना भरोसा चाहिए |

शानदार मतला एवं सम्पूर्ण अच्छी गजल के  लिये बधाई

 

Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:25pm

आदरणीय श्री शिज्जू जी शुक्रिया आपने ग़ज़ल सराहा ग़ज़ल धन्य हुई !!

Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:24pm

सादर अभिवादन आदरणीय श्री गिरिराज जी , आभार स्नेह मिलता रहे !!

Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:24pm

आदरणीय श्री लक्षमण धामी जी सही कहा ध्यान रखा जायेगा ..आभार !!

Comment by Abhinav Arun on June 23, 2014 at 7:23pm

आदरणीय श्री विजय जी आभार आपकी टिप्पणी मुझे जिम्मदारी का एहसास कराने के लिए पर्याप्त है ..उम्मीद है परिमार्जन परिश्रम से राह निकलेगी !!

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