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नादिर ख़ान
  • Male
  • Bilaspur,chhattisgarh
  • India
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नादिर ख़ान commented on Samar kabeer's blog post "तरही ग़ज़ल नम्बर 4
"पहले सिल पर घिसा गया है मुझे फिर जबीं पर मला गया है मुझे जाल हूँ इक सियासी लीडर का नफ़रतों से बुना गया है मुझे आदरणीय समर कबीर साहब आपकी गज़लगोई के हम सब कायल है आप  कुछ न कुछ नया प्रयोग भी  अपनी गज़लों में करते रहते हैं जैसा की पहली गज़ल…"
Oct 27
नादिर ख़ान replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा प्रताप साहब क्या कहने इधर मुशायरा ख़त्म हुआ उधर संकलन तैयार है  बड़ी रेज़ सर्विस है भाई जी ..... दिली मुबारकबाद आपको इस संकलन के लिए ।"
Oct 22
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"उसकी चाहत का है हिसाब जुदाजोड़ना था , घटा गया है मुझे ...क्या खूब अंदाजे बयाँ है । अपने अंदाज़ में सभी ने कहा"सब्र करना तो आ गया है मुझे"...जनाब समर साहब शानदार हैट्रिक के लिए मुबारकबाद ...."
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"दर्द जो भी दिया गया है मुझेवो ही शाइर बना गया है मुझे उस जगह से बिखर गया हूँ मैंजिस जगह से छुआ गया है मुझे आदरणीय महेंद्र कुमार जी उम्दा गज़ल कही आपने .... आदरणीय योगराज सर ने फ़ाइन टच देकर गज़ल में चार चाँद लगा दिये ।"
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"जनाब गुरप्रीत साहब बहुत ही उम्दा शेर हुये है हमारी  तरफ से भी आपको बहुत मुबारकबाद  दूसरे शेर में तक़ाबुल ए रदीफ़  का  दोष है ।"
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"जनाब योगराज साहब आपकी हौसला अफजाई और इस्लाह का तहे  दिल से शुक्रिया ......."
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"मैंने बोला कि मुझको उड़ना है  झट से उल्लू बना गया है मुझे.  . बूट पॉलिश लगा ली बालों में फिर भी ताऊ बता गया है मुझे आदरणीय योगराज सर, उम्दा मजाहिया गज़ल हुयी है पढ़ने में मज़ा खूब आया ।"
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"इक मुक़द्दस क़िताब हूँ गोया बा हिफाज़त रखा गया है मुझे.. एक टीका लगा के काज़ल का हर नज़र से बचा गया है मुझे आदरणीया  राजेश कुमारी जी असाधारण प्रस्तुती हेतु दिल से मुबारकबाद स्वीकारें । सभी अशआर बकमाल हैं "
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"आदरणीय अजीत शर्मा  साहब क्या ही उम्दा गज़ल हुयी है सभी अशआर नायाब हैं ...बहुत बहुत मुबारकबाद एक और बेहतरीन प्रस्तुति के लिए....  हैट्रिक आपने  क्लीन बोल्ड से ली है । अपनी जानकारी के लिए जानना चाहता हूँ "अपहृत" 22 होगा या…"
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)
"तीसरी प्रस्तुती  तेरा हमदम बना गया है मुझे इश्क जीना सिखा गया है मुझे   तेरी हर इक अदा पे मरते हैं रूठना भी तो भा गया है मुझे   कत्ल मेरा नहीं किया लेकिन रुख़सती से डरा गया है मुझे   तेरी शर्तों पे जी रहा हूँ मै कैसे कह दूँ ,तू…"
Oct 21
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"जनाब शिज्जु साहब हमेशा की तरह उम्दा गज़लगोई  के लिए मुबारकबाद कूबूल करें ... गिरह भी शानदार है । "
Oct 20
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"दोस्ती में परत जो होती है यार मेरा दिखा गया है मुझे    तुम सियासत के चोंचले रक्खो खेल का ढंग आ गया है मुझे   जब कि मेरा ही नाम चलता है फ़ासले पर रखा गया है मुझे  आदरणीय सौरभ सर शानदार प्रभावी प्रस्तुति के लिए…"
Oct 20
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आइना वो दिखा गया है मुझेकिस अदा से रुला गया है मुझे। ख्वाब रंगीं दिखा के गुलशन काइक कफ़स में फँसा गया है मुझे। उम्दा गज़ल हुयी है आदरणीय अरुण कुमार साहब बधाई स्वीकारें ।"
Oct 20
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"अश्क पीता हूँ मुस्कुरा कर मैं! ये सलीक़ा भी आ गया है मुझे!! उसका मश्कूर हूँ तहे दिल से! आईना जो दिखा गया है मुझे!! क्या बात है जनाब अफ़रोज साहब कमाल के अशआर हुये है बहुत बहुत मुबारकबाद ........"
Oct 20
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"सराहनीय कोशिश हुयी है आदरणीय मनन कुमार साहब .....आपसे और बेहतर की उम्मीद है ।"
Oct 20
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय नीलेश जी शानदार अलग अंदाज़ मे व्यंग के बाण चलाये है आपने .... खून में उस कुटिल के था व्यापार भाइयों से लड़ा गया है मुझे.... ढ़ेरों शुभकामनायें  शुभ शुभ .."
Oct 20

Profile Information

Gender
Male
City State
Bilaspur,chhattisgarh
Native Place
Bhilai Nager,Chhattisgarh
Profession
govt. employee
About me
simplicity

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नादिर ख़ान's Blog

झूम के देखो सावन आया ....

खुशियों की सौगातें लाया

झूम के देखो सावन आया

 

चंचल सोख़ हवा इतराई

बारिश की बौछारें लाई

महक उठा अब मन का आँगन

भीनी भीनी सी खुशबू छाई

 

देख छटा हर मन हर्षाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

 

मन की बगिया महक रही है

पंछी बन के चहक रही है

इच्छाओं को पंख मिल गए

दिल की धड़कन बहक रही है

 

मौसम में है खुमार छाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

धरती बाहों को…

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Posted on August 14, 2018 at 11:21pm — 6 Comments

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

      (122  122  122  122)

कोई बात दिल में छुपाते नहीं हैं

मगर आँसुओं को दिखाते नहीं हैं

 

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

मिले ज़ख्म कितने गिनाते नहीं हैं

 

ये बातें हैं दिल की सुनो तुम भी…

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Posted on February 18, 2018 at 8:00pm — 6 Comments

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

(1222 1222 122)

जिन्हें आने की फुरसत ही नहीं है

उन्हे मिलने की हसरत ही नहीं है

 

अगर तुझमें शराफत ही नहीं है

मुझे तेरी ज़रूरत ही नहीं है

 

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

ये इंसानों की फ़ितरत ही नहीं है

 

उगलते हैं ज़ुबाँ से आग अपनी

बची इनमें शराफत ही नहीं है

 

चलो छोड़ो जुदा थी राह अपनी

हमें तुमसे शिकायत ही नहीं है

 

असल मुद्दों से ही भटकाये रखना

सियासत की रिवायत ही नहीं…

Continue

Posted on February 4, 2018 at 6:31pm — 10 Comments

हाइकू

1

इंसानी भूल

लापरवाह लोग

धूल ही धूल

2

प्यारी सी धुन

सुबह का मौसम

प्यार से सुन 

3…

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Posted on December 29, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 10:50pm on April 20, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय नादिर जी आपका दोस्त बनना मेरे लिए सुखद अहसास वाला है सादर
At 9:34pm on February 3, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आदरणीय नादिर खान सर, ओबीओ परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 5:50pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

 आपका हार्दिक आभार आदरणीय  

At 10:05pm on April 3, 2014, Mukesh Verma "Chiragh" said…

नादिर जी
आपको मित्र रूप मे पाकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खुश रहिए.. धन्यवाद

At 1:08pm on January 4, 2014, Razia mirza said…

बहोत बहोत शुक्रिया ओ बी ओ परिवार में मुझे शामिल करने के लिये।

At 7:58pm on November 20, 2013, annapurna bajpai said…

हमारे ओबीओ परिवार एवं मेरी मित्र मंडली मे आपका हार्दिक स्वागत है । 

At 7:07pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

मित्रता स्वीकार के लिए हार्दिक धन्यवाद! 

At 11:51pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 12:55pm on February 3, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

सालगिरह मुबारक हो, अपका और हमारा स्नेह और सहयोग बना रहे, यही दुआ करते है 

At 3:08pm on December 9, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

बे ज़ार= अप्रसन्न, क्रोधी 

 
 
 

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