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Tasdiq Ahmed Khan
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Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सतविंदर कुमार साहिब , प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुण्डली हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
yesterday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब शकूर साहिब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
yesterday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अजय साहिब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर गीत हुआ है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l पंक्ति 2(हाथ से जिसने चलाया ) में लय बाधित हो रही है l पंक्ति 10में (लगी हुई पंक्ति होगी) 13 मात्राएँ हो रही हैं, देखिएगा l"
yesterday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब, छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अजय साहिब, हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अशोक  कुमार साहिब, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सतीश साहिब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुण्डली हुई हैं, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l सही शब्द "ख़त्म" है ख़तम नहीं, देखिएगा "
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अशोक कुमार साहिब,  छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I ध्यान दिलाने का बहुत बहुत शुक्रिया आपका I उर्दू ग़ज़ल में लेकर , अन्दर, बाहर की मात्राएँ 22 ही होती हैं , उसी की आदत पड़ी है इस वजह से चूक हो…"
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"मुह तरमा प्रतिभा साहिबा , छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अजय साहिब  , छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I ध्यान दिलाने का बहुत बहुत शुक्रिया आपका I उर्दू ग़ज़ल में लेकर , अन्दर, बाहर की मात्राएँ 22 ही होती हैं , उसी की आदत पड़ी है इस वजह से चूक हो गई l कुकुभ…"
Saturday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"जनाब अफरोज़ साहिब, ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Friday
Afroz 'sahr' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"बहुत खू़ब जनाब क्या कहने वाह,,,,"
Friday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"मुह तरमा प्रतिभा साहिबा, प्रदत्त चित्र पर सुंदर कुकुभ छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
Friday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अखिलेश साहिब , प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते सुंदर छंद हुए हैं मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
Friday
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अखिलेश साहिब  , छन्दों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Friday

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About me
i have interest in writing urdu/hindi gazal &geet etc.

Tasdiq Ahmed Khan's Blog

ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)

(फाइ ला तुन _फाइ ला तुन _फाइ ला तुन _फाइ लु न)

हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे l

सारी दुनिया के लिए इक दास्तां हो जाएँगे l

आप ने हम को ठिकाना गर न कूचे में दिया

हम भरी दुनिया में बे घर जानेजाँ हो जाएँगे l

बे रुखी जारी रही फूलों से गर यूँ ही तेरी

खार भी तेरे मुखालिफ बागबां हो जाएँगे l

जैसे हम बचपन में मिलते थे किसे था यह पता

मिल नहीं पाएंगे वैसे जब जवां हो जाएँगे l

ज़िंदगी में इस तरह आएंगे…

Continue

Posted on July 18, 2018 at 7:30am — 17 Comments

ग़ज़ल (जानेमन मुझको मुहब्बत का ज़माना याद है)

(फाइलातुन _फाइलातुन _फाइलातुन _फाइलुन)



याद है तेरी इनायत, ज़ुल्म ढाना याद है |

जानेमन मुझको मुहब्बत का ज़माना याद है |

हम जहाँ छुप छुप के मिलते थे कभी जाने जहाँ

आज भी वो रास्ता और वो ठिकाना याद है |

भूल बैठे हैं सितम के आप ही क़िस्से मगर

दर्द, ग़म,आँसू का मुझको हर फ़साना याद है|

इस लिए दौरे परेशानी से घबराता नहीं

मुश्किलों में उनका मुझको मुस्कुराना याद है |

घर के बाहर यक बयक सुन कर मेरी आवाज़ को…

Continue

Posted on July 2, 2018 at 5:30pm — 20 Comments

ग़ज़ल (हो गई उनकी महरबानी है)

(फाइलातुन _मफाइलुन_फेलुन)

कोई मुश्किल ज़रूर आनी है |

हो गई उनकी महरबानी है |

तिशनगी जो बुझाए लोगों की

तुझ में सागर कहाँ वो पानी है |

और मुझ से वो हो गए बद ज़न

बात यारों की जब से मानी है |

खा गई घर का चैन मँहगाई

उनकी जिस दिन से हुक्म रानी है |

ज़ख्म तू ने दिए हैं ले कर दिल 

जुल की फितरत तेरी पुरानी है |

इंक़लाब आए क्यूँ न बस्ती में

उन पे आई गज़ब जवानी है…

Continue

Posted on June 19, 2018 at 9:30am — 17 Comments

ग़ज़ल (न मुँह को फेर के यूं आप जाएं ईद के दिन)

(मफाइलुन _फ इलातुन_मफाइलुन_फ इलुन)

न मुँह को फेर के यूं आप जाएं ईद के दिन |

मेरे गले से  लगें   या लगाएँ ईद के दिन |

अकेले हम ख़ुशी कैसे मनाएँ ईद के दिन |

ख़ुदा क़सम वो बहुत याद आएँ ईद के दिन |

जो पिछले साल थाशामिल हमारी खुशियों में

उसी हसीन की यादें सताएँ ईद के दिन |

गरज़ है क्या भला हम साया ग़ैर मुस्लिम है

उसे बुलाके सिवइयाँ खिलाएँ ईद के दिन |

ख़ुदा ने अर्श से भेजा है तुहफा फरहत का

न दिल…

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Posted on June 15, 2018 at 8:30pm — 17 Comments

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At 5:33pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब आदाब
मैं बहुत आभारी हूँ कि आपने मेरी ग़ज़ल पढ़ी शुक्रिया
मुझमें अभी बहुत कमी है मैं जानता हूँ लेकिन आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख पाउँगा ऐसी आशा करता हूँ आपका बहुत बहुत आभार और शुक्रिया
At 9:21pm on September 3, 2017, SALIM RAZA REWA said…
जनाब तस्दीक साहब अपना मोबाइल नंबर देने की मेहरबानी करें
At 3:51pm on February 17, 2016, Sushil Sarna said…

आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी,माह के सक्रिय सदस्य के रूप में ओ बी ओ द्वारा चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाई। 

At 11:43pm on February 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तस्दीक अहमद खान जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:11pm on October 22, 2015, Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' said…
आपका इस बज्म में तहेदिल से इस्तक़बाल है......|
At 6:28pm on October 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
 
 
 

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