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Tasdiq Ahmed Khan's Discussions (4,939)

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"जनाब मुनीश साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"मुहतरमा डिम्पल साहिबा, सुंदर ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब अमीरुददीन साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब समर साहिब आ दाब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब अजय साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"मुह तरमा डिम्पल साहिबा, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब अनिल कुमार साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब अमीरुददीन साहिब, गज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
Reply by Samar kabeer

"जनाब अमित साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
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"जनाब रवि साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-120

301 Jun 27
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Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"ठीक है, एडिट कर दें ।"
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ख़्वाबों के रेशमी धागों से .......

ख़्वाबों के रेशमी धागों से .......कितना बेतरतीब सा लगता है आसमान का वो हिस्सा जो बुना था हमने…See More
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बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

न इतने सवाल कर- ग़ज़ल

प्यारी सी ज़िंदगी से न इतने सवाल कर,जो भी मिला है प्यार से रख ले सँभाल कर.तदबीर के बगैर तो मिलता…See More
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मगर हम स्वेद के गायें - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

१२२२ × ४ कहीं पर भूख  पसरी  है  फटे कपड़े पुराने हैं भला मैं कैसे कह दूँ ये सभी के दिन सुहाने हैं।१।…See More
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ग़ज़ल ( जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी...)

(221 2121 1221 212)जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी हँस,खेल,मुस्कुरा तू क़ज़ा से न डर अभीआयेंगे…See More
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रवि भसीन 'शाहिद''s blog post was featured

चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)

212 / 1222 / 212 / 1222दुनिया के गुलिस्ताँ में मुल्क सब हसीं हैं परएक मुल्क ऐसा है जो बला का है…See More
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Sushil Sarna's blog post was featured

550 वीं रचना मंच को सादर समर्पित : सावनी दोहे :

गौर वर्ण पर नाचती, सावन की बौछार। श्वेत वसन से झाँकता, रूप अनूप अपार।। १ चम चम चमके दामिनी, मेघ…See More
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बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पीपल वाला गाँव नहीं है-ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार आपको, आपकी हौसलाअफजाई के लिए बेहद शुक्रगुजार हूँ, आप पारिवारिक…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post क्यों ना जड़ पर चोट ?
"आ. ऊषा जी, सादर अभिवादन । अच्छी कविता हुई है । हार्दिक बधाई ।"
8 hours ago
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल: मनोज अहसास

22  22   22  22  22  2मेरे दिल का बोझ किसी दिन हल्का हो. मिल ले तू इक बार अगर मिल सकता हो.मुझको…See More
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब, आप से निरंतर मिल रहे प्रोत्साहन के लिए तह-ए-दिल से…"
21 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, आपकी नवाज़िश और भरपूर हौसला-अफ़ज़ाई के लिए आपका…"
21 hours ago

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