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नादिर ख़ान
  • Male
  • Bilaspur,chhattisgarh
  • India
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Latest Activity

नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"जनाब मुनीश साहब उम्दा कोशिश हुयी है मुबारकबाद कुबूल करें "
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"जनाब सलीम साहब बेहतरीन गजल से आपने मंच को नवाजा बहुत मुबारकबाद आपको  गिरह के शेर में ट्यपिंग मिस्तेक से "है" की जियाफत हो गई है|"
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"आदरणीय अमित कुमार जी गजल पर वक़्त देने और सुझाओं का शुक्रिया |  सँ 1 भल 2 ही होगा अनुस्वार और अनुनासिक शब्दों मे थोड़ा फर्क होता है (हंस, गंध  बंद  ये 2 1 होंगे जबकि हँसना में हँस 2 होगा सँभल में सँ 1 होगा उम्मीद है मै अपनी…"
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"बहुत उम्दा गजल कही आदरणीय नवीन मणी जी ढेरों मुबारकबाद आपको, एक से बढ़कर एक कई उम्दा शेर हुये हैं |"
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"अच्छी गजल कही  आदरणीय  अमित कुमार जी मुबारकबाद स्वीकारें |"
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"अच्छी गजल कही जनाब आसिफ जैदी साहब मुबारकबाद कुबूल करें | गिरह के शेर मे मिसरा ए उला और सानी दोनों में अपना शब्द आना थोड़ा खटक रहा है | तीसरे शेर के सानीऔर आखिरी शेर के उला में फिर से तक्तीय करें | सादर .... "
Apr 26
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106
"महकता है तेरी ख़ुशबू से दिल का आस्ताना भी मेरा आज़ा सुनाता है मुहब्बत का तराना भी   हमारे दरमियाँ ये फ़ासला बेहद ज़रूरी था वगर्ना ख़ाक हो जाता मुहब्बत का फ़साना भी   समय रहते सँभल जाओ निकल जाए न हाथों से बहुत मुश्किल से मिलता है जहाँ में आब ओ…"
Apr 26
dandpani nahak left a comment for नादिर ख़ान
"बहुत शुक्रिया आदरणीय नादिर ख़ान साहब"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"पाना हो सुखराज्य तो, लो बस इतना ठान | नेताओं को अब प्रथम , लेंगे हम पहचान || लेंगे हम पहचान, तभी मत अपना देंगे, देखेंगे बस कर्म , न दारू कम्बल लेंगे, वादों का भी सत्य, न रह जाए अनजाना, लो बस इतना ठान, अगर कुछ भी है पाना  आदरणीय अशोक कुमार…"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"हर वादे की ओट में, जनता खाती चोट। गली गली में माँगते , झूठे नेता वोट।। उत्तम रचनाकर्म हुआ है आदरणीय सुशील सरना जी बहुत बहुत बधाई ..."
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"आदरणीय दंडापानी जी प्रदत्त विषय पर अच्छी कोशिश हुयी है बधाई स्वीकारें ।"
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"जनाब तसदीक़ साहब, प्रदत्त विषय पर अच्छी गज़ल हेतु  मुबारकबाद ......."
Apr 13
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"जनाब आसिफ साहब उम्दा रचना हुयी है | सौ बात की एक बात, काग़ज़ी हैं चुनावी घोषणाएं .....सुंदर विश्लेषण बधाई स्वीकारें |"
Apr 12
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"अच्छी प्रस्तुती है आदरणीय हरिहर झा जी बधाई स्वीकारें | "
Apr 12
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"आदरणीया राजेश कुमारी जी प्रदत्त विषय पर बहुत ही उम्दा सार छंद (छन्न पकैया) कहे  आपने शानदार प्रस्तुति हेतु मुबारकबाद .......... "
Apr 12
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"अतुकांत कवितायें (एक )   जारी है ..... अपने ऐब को छोटा और दूसरों के बड़ा बताने की होड़ टाँग खींचकर गिराने की जद्दोजहद .....   जारी है .... फायदे और नुकसान के गणित में कीचड़ उछालने की आदत झूठ और फरेब के दाँव पेंच में उलझने-उलझाने की कोशिशें…"
Apr 12

Profile Information

Gender
Male
City State
Bilaspur,chhattisgarh
Native Place
Bhilai Nager,Chhattisgarh
Profession
govt. employee
About me
simplicity

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नादिर ख़ान's Blog

झूम के देखो सावन आया ....

खुशियों की सौगातें लाया

झूम के देखो सावन आया

 

चंचल सोख़ हवा इतराई

बारिश की बौछारें लाई

महक उठा अब मन का आँगन

भीनी भीनी सी खुशबू छाई

 

देख छटा हर मन हर्षाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

 

मन की बगिया महक रही है

पंछी बन के चहक रही है

इच्छाओं को पंख मिल गए

दिल की धड़कन बहक रही है

 

मौसम में है खुमार छाया

झूम के देखो सावन आया ...

 

धरती बाहों को…

Continue

Posted on August 14, 2018 at 11:21pm — 6 Comments

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

      (122  122  122  122)

कोई बात दिल में छुपाते नहीं हैं

मगर आँसुओं को दिखाते नहीं हैं

 

सहे ज़ुल्म हमने सदा हँसते हँसते

मिले ज़ख्म कितने गिनाते नहीं हैं

 

ये बातें हैं दिल की सुनो तुम भी…

Continue

Posted on February 18, 2018 at 8:00pm — 6 Comments

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

(1222 1222 122)

जिन्हें आने की फुरसत ही नहीं है

उन्हे मिलने की हसरत ही नहीं है

 

अगर तुझमें शराफत ही नहीं है

मुझे तेरी ज़रूरत ही नहीं है

 

डुबो देगी हमें ये बेईमानी

ये इंसानों की फ़ितरत ही नहीं है

 

उगलते हैं ज़ुबाँ से आग अपनी

बची इनमें शराफत ही नहीं है

 

चलो छोड़ो जुदा थी राह अपनी

हमें तुमसे शिकायत ही नहीं है

 

असल मुद्दों से ही भटकाये रखना

सियासत की रिवायत ही नहीं…

Continue

Posted on February 4, 2018 at 6:31pm — 10 Comments

हाइकू

1

इंसानी भूल

लापरवाह लोग

धूल ही धूल

2

प्यारी सी धुन

सुबह का मौसम

प्यार से सुन 

3…

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Posted on December 29, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

Comment Wall (13 comments)

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At 11:34pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय नादिर ख़ान साहब
At 10:50pm on April 20, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय नादिर जी आपका दोस्त बनना मेरे लिए सुखद अहसास वाला है सादर
At 9:34pm on February 3, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आदरणीय नादिर खान सर, ओबीओ परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 5:50pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

 आपका हार्दिक आभार आदरणीय  

At 10:05pm on April 3, 2014, Mukesh Verma "Chiragh" said…

नादिर जी
आपको मित्र रूप मे पाकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खुश रहिए.. धन्यवाद

At 1:08pm on January 4, 2014, Razia mirza said…

बहोत बहोत शुक्रिया ओ बी ओ परिवार में मुझे शामिल करने के लिये।

At 7:58pm on November 20, 2013, annapurna bajpai said…

हमारे ओबीओ परिवार एवं मेरी मित्र मंडली मे आपका हार्दिक स्वागत है । 

At 7:07pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

मित्रता स्वीकार के लिए हार्दिक धन्यवाद! 

At 11:51pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 12:55pm on February 3, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

सालगिरह मुबारक हो, अपका और हमारा स्नेह और सहयोग बना रहे, यही दुआ करते है 

 
 
 

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"आद0 तेजवीर सिंह जी सादर अभिवादन। बढ़िया और संदेशपरक लघुकथा लिखी आपने। इस लघुकथा पर ढेरों बधाई आपको।"
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"आद0 अनामिका सिंह जी सादर अभिवादन। बढ़िया लय युक्त गीत प्रस्तुत किये आपने। बधाई स्वीकार कीजिये इस…"
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