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Mahendra Kumar
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"सुझावों का हमेशा स्वागत है आदरणीय नादिर जी। आपका बहुत-बहुत शुक्रिया हार्दिक आभार।"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"हौसला अफ़ज़ाई का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय गिरिराज सर। हार्दिक आभार। सादर।"
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"आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय शिज्जु "शकूर" सर। हार्दिक आभार सादर।"
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"आपका हार्दिक आभार आदरणीय तस्दीक़ जी। सादर।"
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"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण जी। सादर।"
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"धन्यवाद आदरणीय सतविंद्र जी। हार्दिकहार्दिक आभार। सादर।"
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"हौसला अफ़ज़ाई का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय योगराज सर। हार्दिक आभार। सादर।"
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"ज़र्रा नवाज़िश का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय बासुदेव जी। हार्दिक आभार। सादर।"
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"हार्दिक आभार आदरणीय नीलेश जी। मैं देखता हूँ और क्या बेहतर हो सकता है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। सादर।"
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"हार्दिक आभार आदरणीय गुरप्रीत जी। बहुत-बहुत धन्यवाद। सादर।"
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"सादर आदाब आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी। नवाज़िश का बहुत-बहुत शुक्रिया। आपका हार्दिक आभार।"
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"आदरणीय सुनन्दा जी, बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। जो मिसरे बेबह्र हैं वो ज़रा से प्रयास में बह्र में हो जाएंगे। शुभकामनाएँ। सादर।"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय आकर्षण जी, मुशायरे में प्रतिभाग हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। इस साइट पर ग़ज़ल के सम्बन्ध में कई लेख हैं। आप उन सभी का अध्ययन करें। इसका लिंक भी आ. नादिर जी ने दे दिया है। मेरी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएँ। सादर।"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय नादिर जी, बढ़िया लगी ग़ज़ल आपकी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। आपने एक ग़ज़ल में दो काफियों पर दो बार शेर कहे हैं। कोशिश कीजिएगा की ये दुहराव कम हो। सादर।"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"आदरणीय अजय जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
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Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-83
"बढ़िया ग़ज़ल है आदरणीय मोहम्मद नायाब जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
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Profile Information

Gender
Male
City State
Allahabad
Native Place
Fatehpur

Mahendra Kumar's Blog

एक महान जासूसी लेखक

करार के अनुसार उसने उस महान जासूसी लेखक की चाकू से गोद कर हत्या की और तेजी से घर के बाहर निकल गया।



आज से कुछ दिन पहले हत्यारे के घर में। "तुम अपनी ही हत्या क्यों करवाना चाहते हो? तुम पागल तो नहीं हो?" हत्यारे ने चौंकते हुए कहा।



"नहीं। मैं एक महान जासूसी लेखक हूँ।" उस आदमी ने अपना परिचय दिया।



"पर अपनी हत्या क्यों?" उसने उत्सुकता ज़ाहिर की।



"क्योंकि मैं चाहता हूँ कि लोग मेरी कहानियों की क़द्र करें। मैंने उन्हें रहस्य से भरी हुई अद्भुत और शानदार कहानियाँ… Continue

Posted on April 9, 2017 at 10:05am — 6 Comments

एक ख़तरनाक आतंकवादी

ढूँढो किसी मुफ़लिस को

ग़ुमनाम तंग गलियों से

और फिर मुफ़ीद जगह पर

कर दो एनकाउण्टर

मगर आहिस्ते से

इतने आहिस्ते

कि चल सके पूरे दिन

दहशत का लाइव शो

इस बात को ध्यान में रखते हुए

कि उसे करना है घोषित

भोर की पहली किरण से ही

एक ख़तरनाक आतंकवादी

और फिर रख देना है

उसकी लाश के पास

एक झण्डा

कुछ किताबें

नक़्शे और नोट

व थोड़े से हथियार

जिससे ये डर पुख़्ता होकर

बदल जाए मज़हबी वोटों में

और बना दे अपनी… Continue

Posted on March 8, 2017 at 8:30pm — 14 Comments

मेरे प्यारे-प्यारे वैज्ञानिकों

सीलन भरी छत पर बैठकर

चाँद की ख़ूबसूरती को निहारने वाले

मेरे प्यारे-प्यारे वैज्ञानिकों

यदि संभव हो

तो अगली बार

भूख़, ग़रीबी, शोषण

और अत्याचार के साथ

इस नफ़रत भरी

विषैली बेल को भी

अपने उपग्रहों में लपेट कर

इस पृथ्वी से दूर

बहुत दूर

सुदूर अन्तरिक्ष में

छोड़ देना तुम

जहाँ से फिर कभी लौटना

संभव न हो

और हाँ

अगर तुम्हारे यान में

थोड़ी सी जगह और बचे

तो बिठा लेना मुझे भी

और फेंक देना रास्ते में

जहाँ कहीं… Continue

Posted on February 19, 2017 at 11:30am — 23 Comments

पहली भेड़

वो देखो

जा रहा है भेड़ों का झुण्ड

फटी हुई धोती को पहने

और नंगे पाँव

उस एक भेड़ के पीछे

जो है झुण्ड में

सबसे आगे

मगर

क्या वह पहली भेड़

असली है?

अगर तुम्हें याद हो

तो पिछले चुनाव में

अन्तिम नतीजे आते ही

जीत गया था मीडिया

उस पार्टी की जीत के साथ ही

जिसे अपने जनमत सर्वेक्षणों में

दिखाया था उसने

सबसे पीछे होने के बावजूद भी

सबसे आगे

यही वो पहली भेड़ थी

जिसके पीछे चलते हुए तुम

गिर गए थे खाई में

हर… Continue

Posted on January 6, 2017 at 3:30pm — 7 Comments

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