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Mahendra Kumar's Discussions (2,001)

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"आदरणीय सौरभ सर, आपको जन्मदिन की ढेर सारी बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ। सादर।"

Mahendra Kumar replied Dec 3, 2019 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3213 Jan 13
Reply by TEJ VEER SINGH

"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया रचना जी. हृदय से आभारी हूँ. सादर."

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"उम्दा ग़ज़ल हुई है आदरणीया अंजलि जी. मतला और गिरह विशेष रूप से पसन्द आये. ढेर सारी बधा…"

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"हमेशा ज़ख़्म ही जिसने दिए हैं दूसरों कोअदब से नाम उसका ही पुकारा जा रहा है।। ...बहुत ख़…"

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"ग़ज़ल इससे भी मुश्किल बहर पर लिखने लगूंगा। हुनर मेरा 'अमित' कुछ औ निखारा जा रहा है।।…"

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"बहुत ही उम्दा ग़ज़ल हुई है आदरणीय मोहम्मद अनीस जी. ढेर सारी बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"बहुत-बहुत शुक्रिया सर. मैं आयोजन के बाद दोनों मिसरे बदलता हूँ. सादर."

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"जहाँ दौलत थी भारी और हल्के खूब रिश्तेहमें उस दौर में फिर  से  उतारा जा रहा है। ...बह…"

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"कभी जो चांद को भी दाग़वाला कह रहा था खुदी में डूबता खुद वह सितारा जा रहा है। ...बहुत…"

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

"बढ़िया ग़ज़ल हुई है आदरणीय तस्दीक़ अहमद खान साहब. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."

Mahendra Kumar replied Nov 23, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113

157 Nov 23, 2019
Reply by Samar kabeer

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