For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

रद्दी - लघुकथा - 

"अरे, ये क्या, सारी की सारी पुस्तकें वापस  लेकर आ गये।" 

"क्या करूं पुष्पा, तुम ही बताओ? पूरा दिन बाजार में घूमता रहा इतना भारी इतनी कीमती पुस्तकों का बैग लेकर, लेकिन कोई दुकानदार खरीदने को तैयार नहीं।" 

"ऐसे कैसे, कितनी काम की पुस्तकें हैं। वर्मा जी तो आपके पुराने मित्र हैं। उनसे बात नहीं की।

"उसके पास भी गया था।दोस्ती की दुहाई भी दी। मैंने उसे बताया कि मेरे बेटे को  ऑन लाइन पढ़ाई के लिये मोबाइल दिलाना है। इन पुस्तकों की आधी कीमत ही दे दो तो मेरा काम चल जायेगा। अभी मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लेखकों के बारे में तुमसे कुछ भी छिपा नहीं है।

"लेकिन एक जमाने में तो आपकी किताबें हाथों हाथ बिक जाती थीं।

"वह वक्त और था पुष्पा, जब पुस्तकों की मांग थी। आजकल सब कुछ इन्टर नैट पर मिल जाता है।

"अब क्या करोगे?" 

"कल  वर्मा का नौकर आयेगा। और सारी पुस्तकें तौल कर रद्दी के भाव ले जायेगा।" 

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 698

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on November 11, 2021 at 3:35pm

आदरणीय तेजवीर सिंह जी आदाब, अच्छी सम-सामयिक लघुकथा हुई है, बधाई स्वीकार करें।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 11, 2021 at 1:26pm

आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। सुंदर लघुकथा हुई है । हार्दिक बधाई।

Comment by TEJ VEER SINGH on November 5, 2021 at 7:34pm

हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब जी।आदाब।

Comment by Samar kabeer on November 4, 2021 at 3:18pm

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब, अच्छी लघुकथा लिखी आपने, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by TEJ VEER SINGH on November 1, 2021 at 10:43am

हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी।

Comment by Sushil Sarna on October 31, 2021 at 8:30pm
वाहहहहहह आदरणीय यथार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति । हार्दिक बधाई सर
Comment by TEJ VEER SINGH on October 31, 2021 at 7:07pm

हार्दिक आभार आदरणीय शेख़ शहज़ाद साहब जी।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 31, 2021 at 3:50pm

वाह। /वर्मा का नौकर आयेगा।/, /आधी क़ीमत/... बढ़िया तंजदार लघुकथा। हार्दिक बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी। शीर्षक नये भी लिये जा सकते है तदनुसार। सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service