For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")


प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
  • Male
  • Patiala, Punjab
  • India
Share

योगराज प्रभाकर's Friends

  • Subodh Bajpai
  • Lajpat Rai Garg
  • MANINDER SINGH
  • VASUDHA GADGIL
  • surender insan
  • Dr. Arpita.c.raj
  • Kalipad Prasad Mandal
  • Radha Shrotriya"Asha"
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • Arpana Sharma
  • Mahendra Kumar
  • Amit  Tripathi Azaad
  • Ajay Kumar Sharma
  • सतविन्द्र कुमार
  • विजय कुमार अग्रहरि 'आलोक'

योगराज प्रभाकर's Discussions

“ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
7 Replies

(1). आ० महेंद्र कुमार जी नर्क ‘‘क्या जिसका कोई देश न हो उसका कोई घर भी नहीं होता?’” बिना पेट वाली वह लड़की अभी भी उस सवाल में ग़ुम थी जिसका अभी तक उसे कोई उत्तर नहीं मिला था। अभी कुछ महीने पहले ही वह…Continue

Started this discussion. Last reply by VIRENDER VEER MEHTA Jan 4.

"ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
18 Replies

आदरणीय साथियो,श्री रवि यादव जी "रेडियो हरियाणा" के माध्यम से गत कई महीनों से प्रतिदिन 2 रचनाकारों की हिंदी लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देकर विश्व के कोने कोने में पहुंचा रहे हैं. इस पहल और प्रयास की समूचे…Continue

Started this discussion. Last reply by Samar kabeer Jan 9.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक 32 में स्वीकृत रचनाएँ
9 Replies

(1).आ० मोहम्मद आरिफ जी मुआफी.मेरी प्यारी सिमरन ,सत श्री अकाल !उम्मीद करता हूँ तुम खुश होगी । मैं भी ठीक हूँ । कंपनी की पाँच दिन की ट्रेनिंग के लिए पटियाला में हूँ ।सच कहूँ , मैं बेचैनी की आग में…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by VASUDHA GADGIL Dec 2, 2017.

ओबीओ लाईव लघुकथा गोष्ठी अंक-31 में सम्मिलित सभी लघुकथाएँ
19 Replies

(1). आ० मोहम्मद आरिफ जी कलयुग . धर्म , नैतिकता , मानवता , सदाशयता , सच्चरित्र , अहिंसा , ईमानदारी और संस्कृति ने संयुक्त रूप से ईश्वरीय-दूत को ज्ञापन सौंपते हुए कहा-" अब हमारा इस धरती पर रहना बहुत…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by योगराज प्रभाकर Nov 12, 2017.

 

योगराज प्रभाकर's Page

Latest Activity

Samar kabeer replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"जनाब रवि यादव जी को दिल से मुबारकबाद,ओबीओ ज़िंदाबाद ।"
Jan 9
SALIM RAZA REWA replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
""आदरणीय रवि यादव जी को हमारी शुभकामनाएं ।और ओबीओ परिवार तथा आदरणीय योगराज प्रभाकर जी को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए मुबारक़बाद."
Jan 9
Sheikh Shahzad Usmani replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"अभी तक अॉनलाइन रेडियो चैनल बोल हरियाणा एप पर प्रसारित लघुकथाओं में आदरणीय रवि यादव जी की बेहतरीन आवाज़ और प्रस्तुतियां सुनी थीं, 7 जनवरी को विश्व पुस्तक मेले में उनसे रूबरू होकर उनकी योग्यताओं और हंसमुख मिलनसार स्वभाव व लाइव कार्यक्रम पेशकश और…"
Jan 9
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"आदरणीय रवि यादव जी को हार्दिक बधाई एवम आभार।ओ बी ओ परिवार तथा आदरणीय योगराज प्रभाकर जी को इस उत्कृष्ट निर्णय एवम उसके सफ़लता पूर्वक संपंन करने पर असीमित शुभ कामनायें एवम आभार।"
Jan 9

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"दिनांक 7 जनवरी 2018 को "विश्व पुस्तक मेला" नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान श्री ओबीओ की तरफ से श्री रवि यादव को सम्मानित करते हुए."
Jan 9
VIRENDER VEER MEHTA replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"सफल आयोजनों की श्रंखला में एक और कड़ी का इजाफा करता इस बार का आयोजन, और आयोजन से जुड़े सभी गुणीजन मित्रों सहित आदरणीय योगराज प्रभाकर जी को हार्दिक बधाई। संकलन में मेरी रचना को शामिल करने के लिये दिल से आभार आदरणीय। रचनाओं पर मिलने वाली मित्र जनों की…"
Jan 4
Sheikh Shahzad Usmani replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"  एक और बेहतरीन बहुआयामी विषय पर लघुकथा गोष्ठी के सफल आयोजन पर आप सभी को तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद। मेरी रचना को संकलन में स्थान (क्रमांक-12) देने व हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया। इस बार मंच संचालक महोदय व आदरणीय रवि…"
Jan 4
Nita Kasar replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"लघुकथा गोष्ठी के सफल आयोजन व संपादन के लिये बधाईयां आद० योगराज प्रभाकर जी ।सभी कथाकारों को बधाईयां व शुभकामनायें ।"
Jan 4
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"आद0 योगराज भाई जी सादर अभिवादन।लघुकथा गोष्ठी अंक 33 के कुशल सन्चालन और संकलन के लिए हार्दिक बधाई निवेदित हैं। सादर"
Jan 4

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"उज्जैन से प्रकाशित सांध्य "प्रभात किरण" के स्तंभ " शहर की शख़्सियत" में उनकी हिंदी-उर्दू सेवाओं को नमन करते हुए सारगर्भित लेख का प्रकाशन कर उनकी साहित्यिक सेवाओं और व्यक्तित्व व कृतित्व को सराहा । इस उपलब्धि पर आली जनाब मोहतरम समर…"
Jan 4
Tasdiq Ahmed Khan replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ कि ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"मुहतरम जनाब योगराज साहिब , ओ बी ओ लघुकथा गोष्टी अंक-33 के त्वरित संकलन और कामयाब निज़ामत के लिए मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएँ |"
Jan 3
Mohammed Arif replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ कि ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी आदाब,                                         लघुकथा गोष्ठी अंक-33 के कुशल संचालन, समीक्षात्मक टिप्पणियों और हौसला…"
Jan 3
TEJ VEER SINGH replied to योगराज प्रभाकर's discussion “ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-33 (विषय: नीड़ कि ओर) में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"ओ बी ओ लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक- 33, के कुशल संचालन,संकलन और प्रकाशन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय योगराज भाई जी।इस बार आपकी लघुकथा का इंतज़ार ही करते रहे।आशा पूर्ण नहीं हुयी।सादर।"
Jan 3

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर posted a discussion

“ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी”  अंक-33 में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ

(1). आ० महेंद्र कुमार जी नर्क ‘‘क्या जिसका कोई देश न हो उसका कोई घर भी नहीं होता?’” बिना पेट वाली वह लड़की अभी भी उस सवाल में ग़ुम थी जिसका अभी तक उसे कोई उत्तर नहीं मिला था। अभी कुछ महीने पहले ही वह अपने पिता के साथ इस देश में आयी थी, सोलह दिन समुद्र में तो बाइस दिन पैदल चलने के बाद। बड़ी मुश्किल से दोनों की जान बची थी। थोड़ी राहत उन्हें तब मिली जब वो शरणार्थी शिविर में पहुँचे। यहाँ उनके जैसे हज़ारों थे। ‘‘क्या हुआ था तुम्हारे साथ?’” किसी ने उसके पिता से शिविर में पूछा। ‘‘क्या होगा, वही जो सबके…See More
Jan 3

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)
"बाकमाल लघुकथा हुई है मोहतरम जनाब मोहम्मद आरिफ जी, अंत तक एलिमेंट ऑफ़ सरप्राइज़ बना रहा जिस हेतु आपको बहुत बहुत बधाई."
Dec 30, 2017

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-33 (विषय: नीड़ की ओर)
"वाह वाह, बहुत ही सुन्दर लघुकथा हुई है, प्रदत्त विषय को इस तरह परिभाषित करना बेहद पसंद आया भाई विनय कुमार  सिंह जी. इस संदेशपरक लघुकथा हेतु हार्दिक बधाई प्रेषित है."
Dec 30, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Patiala
Native Place
Patiala
Profession
Service
About me
Poet

योगराज प्रभाकर's Photos

  • Add Photos
  • View All

योगराज प्रभाकर's Blog

तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
Continue

Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 18 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

Continue

Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 15 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
Continue

Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

Continue

Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (79 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
At 12:39am on November 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

परम आदरणीय योगराज प्रभाकर सर, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 10:21am on July 12, 2015, kanta roy said…
सर जी , मेरा कमेंट बाॅक्स नहीं खुल पा रहा है लघुकथा की कक्षा में । क्यों ???
At 4:05pm on January 3, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

नए वर्ष में         नए हर्ष में

सुधियों     का      मकरंद i

जीवन का परिमल बन जाए

महकाये      हर      छंद I

      -गोपाल नारायन  श्रीवास्तव

At 10:08pm on December 8, 2014, poonam dogra said…

Thank you so much Yograj ji for adding me..

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैंकंठ चीर तरु सरकंडों केअल्गोज़े की बीन बनी हैअंतड़ियों के बान…See More
1 hour ago
सतविन्द्र कुमार posted a blog post

बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल

1222 1222 122 बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है अबस आँखों से झर कर टूटता हैगुमाँ ने कस लिया जिस पर शिकंजा…See More
1 hour ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”
"आदरणीय आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया!!!"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आपको मिला ये सम्मान हम सबके लिये असीम  गौरव का विषय है। हार्दिक बधाई आदरणीया राजेश कुमारी जी"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० शेख़ उस्मानी साहब, आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया. "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० अखिलेश जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया "
4 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल...धूल की परतें-बृजेश कुमार 'ब्रज

1222 1222 1222 1222 गुलाबों से किताबों तक समाईं धूल की परतें जरा देखो तो अब माथे पे आईं धूल की…See More
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post चाँद से पूछें...
"आदरणीय बृजेश जी सृजन आपकी प्रशंसा का आभारी है।"
4 hours ago
Sushil Kumar Verma and K.Kumar are now friends
11 hours ago
Sushil Kumar Verma posted a blog post

ताकत कलम की

हे भारत के वीर युवाओं, कर लो नमन माँ सरस्वती को, दिखा दो ताकत दुनियाँ को, कितनी शक्ति है तेरे…See More
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post अक़्ल पर ताले (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय शेख उस्मानी जी। आपकी लघुकथायें सदैव ही एक संदेश छोड़ती हैं।इस लघुकथा के माध्यम…"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service