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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर
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  • Patiala, Punjab
  • India
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योगराज प्रभाकर's Discussions

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 में शामिल सभी लघुकथाएँ
4 Replies

(1). आ० महेंद्र कुमार जी मेरा नाम जोकर."मेरी, मरीना और मीनू! एक आदमी की तीन प्रेमिकाएँ और तीनों का नाम एक ही अक्षर से शुरू!" सर्कस के मालिक महेन्द्र ने रिंग मास्टर से कहा। "हाँ, पर आप अपने आप को भूल…Continue

Started this discussion. Last reply by मोहन बेगोवाल Feb 2.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 में शामिल सभी लघुकथाएँ
1 Reply

(1). आ० महेंद्र कुमार जी पाई.पाइथागोरस उस बड़े से जहाज में बैठ चुका था जिसमें उसकी प्रेमिका सफ़र कर रही थी। यह जहाज भविष्य के उस बिन्दु पर था जहाँ अब कुछ भी जानना शेष नहीं था।अब से कुछ समय पहले। "हमने…Continue

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Feb 1.

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 में शामिल सभी लघुकथाएँ
1 Reply

(1). आ० मोहम्मद आरिफ जी चिंता.." तुम्हारे गाँव की अनुमानित आबादी कितनी है ?"" जी साब , यही कोई तीन-चार हजार के करीब ।"" हूँ..हूँ....।"" स्कूल है ?"" जी साब , तीन प्रायवेट स्कूल और एक सरकारी हायर…Continue

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Feb 1.

“ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी” अंक-43 में शामिल सभी लघुकथाएँ
2 Replies

(1). आ० शेख़ शहज़ाद उस्मानी जी लुई शमाशा उई.. देख तमाशा..' . डियर छुईमुई, आज फिर सुई चुभा गईं तुम्हारी यादें! सच.. तुम जीतीं और मैं हारी! हारी; बुरी तरह हारी! ज़िद्दी थी! सनकी थी! हवाओं के तात्कालिक…Continue

Tags: गोष्ठी, लघुकथा

Started this discussion. Last reply by TEJ VEER SINGH Nov 19, 2018.

 

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प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"तीसरे और गिरह वाले शेअर में तक़ाबुल-ए-रदीफ़ैन का दोष है भाई बलराम धाकड़ जी। ज़रा नज़रेसानी फरमा लें। बाकी बात कल।"
11 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"महाबली की जय हो।"
11 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"बहुत खूब. सभी अशआर उम्दा हुआ हैं, मगर गिरह लाजवाब लगाई है. शेअर दर शेअर दाद और मुबारकबाद स्वीकार करें आ० अंजली सिफर जी."
18 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"//ये ज़रूरी तो नहीं लौट के घर जाना था प्यार से जिसने बुलाया था उधर जाना था// क्या उम्दा मतला हुआ है. वाह वाह. //क्यों बिना बात ही उस फूल को मसला तुमने हाथ छूते ही उसे यूँ भी बिखर जाना था// यह शेअर बहुत कमाल का हुआ है. इस उम्दा ग़ज़ल पर मेरी ढेरों-ढेर…"
18 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"//बंदिशें अहले ज़माना की निगाहों पर हैंतुम को आँखों से मेरे दिल में उतर जाना था l// हासिल-ए-ग़ज़ल शेअर हुआ है, वाह वाह वाह. इस मुकम्मिल गज़ल पर शेअर दर शेअर दाद और मुबारकबाद प्रस्तुत है आ० तस्दीक अहमद खान साहिब. "
18 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"उम्दा ग़ज़ल खी है भाई सुरेन्द्रनाथ सिंह जी, हार्दिक बधाई प्रेषित है. "
18 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"बेवफ़ा वो भी नहीं,तू भी नहीं तो अब तक हिज्र की रेल से दोनों को उतर जाना था . वाह वाह, क्या शेअर हुआ है. इस उम्दा गज़ल पर मेरी दाद और मुबारकबाद स्वीकार करें आ० सुरखाब बशर जी."
19 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ० वासुदेव अग्रवाल नमन जी, इस उम्दा ग़ज़ल हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें. "
19 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"मतले से मतले तक नगीने जड़ दिए है भाई मिर्ज़ा जावेद बेग जी, वाह वाह वाह. हर शेअर मुनफ़रिद और मानीखेज हुआ है. गिरह के शेअर की खूबसूरती देखते ही बनती है. इस मुकम्मिल ग़ज़ल पर शेअर दर शेअर दाद और मुबारकबाद स्वीकार करें. "
19 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"//इश्क़ में यार मुझे काम ये कर जाना था क्यों रहा हद में मुझे हद से गुज़र जाना था// अच्छा मतला हुआ है, वाह. . //शुक्रिया दोस्त मुझे राह दिखा दी तूनेमुझको ये भी न था मालूम किधर जाना था// गिरः भी खूब लगाई है. . //हमसफ़र बन के तेरा साथ निभाते कैसेहम…"
19 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"//आपने सत्य का परिणाम अगर जाना था। आपको सत्य से चुपचाप मुकर जाना था। // बहुत ही उम्दा मतला, वाह.. //शेर-दर-शेर तेरा ज़िक्र किया था मैंने,मेरी ग़ज़लों को अभी तक तो निखर जाना था। // बेहतरीन शेअर, हासिल-ए-ग़ज़ल.  निम्नलिखित शेअर के ऊला में…"
20 hours ago

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"ओबीओ लाइव तरही मुशायरे में आप सबका हार्दिक स्वागत है।"
yesterday

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"खग ही जानै खग की भाषा."
Feb 11

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"अति सुंदर और सरस अभिव्यक्ति आ० सूचिसंदीप अग्रवाल जी. लावणी छंद के माध्यम के बेटी को केंद्र में रखकर प्रदत्त विषय को बहुत ही सुन्दरता से परिव्ह्षित करने का यह प्रयास मन को भा गया. मेरी तरफ से हार्दिक बधाई प्रेषित है.    "
Feb 11

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"ओबीओ मंच जो इस ग़ज़ल के माध्यम से जो काव्यांजलि दी है वह अप्रतिम है आ० बासुदेव अग्रवाल नमन जी. मेरी हार्दिक बधाई और नमन स्वीकर करें. "
Feb 11

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"वाह वाह भाई सुरेन्द्रनाथ सिंह जी. लावणी छंद पर आधारित उम्दा गीत रचा है. ढेरों ढेर बधाई प्रेषित है.  "
Feb 11

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तरही ग़ज़ल-2 (आ० समर कबीर जी को समर्पित)

1222 1222 122
.
हमारा धर्म दहशत है? नहीं तो!

तो पूरी क़ौम सहमत है? नहीं तो!
.
तेरे हाथों में ख़ंजर है, मेरे भी
ये क्या अच्छी अलामत है? नही तो



फ़क़त मंदिर ओ मस्जिद के मसौदे,

यही क़ौमी क़यादत है? नही तो!  



अज़ीमुशशां मक़ाबिर के जो खालिक,

कहीं उनकी भी तुर्बत है? नही तो!


जहाँ पत्थर की हर देवी सुरक्षित,…
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Posted on May 7, 2017 at 7:30pm — 18 Comments

आते जाते पल (लघुकथा)

वह अपनी धुंधली आँखों से बीत रहे वर्ष की पीठ पर बने रंग बिरंगे चित्रों को बहुत गौर से निहार रही थी, वह अभी उनमें छुपे चेहरों को पहचानने का प्रयास ही कर रही थी कि सहसा वे चित्र चलने फिरने और बोलने लग पड़ेI   

"माँ जी! कितनी दफा कहा है कि इन बर्तनों को हाथ मत लगाया करोI" 

नये टी सेट का कप उससे क्या टूटा उसके घर में कलेश ने पाँव पसार लिए थेI 

अगले दृश्य में नए साल की इस झांकी को होली के रंगों ने ढक लियाI  

"बेटा ये बहू की पहली होली है, तो इस बार त्यौहार धूमधाम से..."…

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Posted on January 1, 2017 at 12:01am — 14 Comments

अधूरी कथा के पात्र (लघुकथा) .

अचानक स्कूटर खराब हो जाने के कारण वापिस लौटने में काफी देर हो चुकी थी अत: वह काफी तेज़ी से स्कूटर चला रहा थाI एक तो अँधेरा ऊपर से आतंकवादियों का डरI इस सुनसान रास्ते पर बहुत से निर्दोष लोगों की हत्याएँ हो चुकी थींI वह अपने अंदर के भय को पीछे बैठी पत्नी से छुपाने का प्रयास तो कर रहा था, किन्तु उसकी पत्नी स्कूटर तेज़ रफ़्तार से सब कुछ समझ चुकी थीI स्कूटर नहर की तरफ मुड़ा ही था कि अचानक हाथों में बंदूकें पकडे पाँच सात नकाबपोश साए सड़क के बीचों बीच प्रकट हो गएI

“रुक जा ओये!” एक…
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Posted on December 27, 2016 at 10:00am — 10 Comments

तुम क्या हो? (अतुकांत कविता)

तुम क्या हो?    

किसी समुद्री मछली के उदर में

किसी ब्रह्मचारी के पथभ्रष्ट शुक्राणु का अंश मात्र

किन्तु उसका निषेचन?

अभी बहुत समय बाकी है उसमे  

बहुत.....

हे प्रिये!

बुरा नहीं स्वयं को सर्वश्रेष्ठ समझना

अमरत्व का दिवा-स्वप्न भी बुरा नहीं

किन्तु समझना आवश्यक है

यह जान लेना आवश्यक है कि

अमर होने ने लिए मरण आवश्यक है

मरण हेतु जन्म अति आवश्यक

फिर तुम्हें तो अभी जन्म लेना है

जन्म लेने से पूर्व…

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Posted on December 14, 2016 at 12:42pm — 7 Comments

Comment Wall (83 comments)

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At 3:10pm on November 18, 2018, Sheikh Shahzad Usmani said…

आदरणीय मंच संचालक महोदय श्री  योगराज प्रभाकर साहिब जन्मदिन की  सालगिरह पर हार्दिक  बधाई और शुभकामनाएँ।

At 1:36pm on November 18, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीय योगराज प्रभाकर साहब, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको स्वस्थ एवं ख़ुशहाल रखे. सादर. 

At 12:14pm on November 18, 2018, TEJ VEER SINGH said…

आदरणीय योगराज प्रभाकर भाई जी को जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें।प्रभु आपकी समस्त मनोकामनायें पूर्ण करें।माता रानी का सदैव आशीर्वाद मिले। जीवन में सुख, शाँति,समृद्धि और सेहत से मालामाल रहें।सदैव उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें।

At 5:54pm on September 15, 2018, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० अनुज . आशा है ई स्वस्थ और सानान्न्द होंगे . अवगत कराना है कि मोबाईल पर चार बार असफल कोशिश के बाद  यहाँ सन्देश निवेदित कर रहा हूँ . सूची है कि ओ बी ओ लखनऊ-चैप्टर , प्रतिवर्ष की  भांति इस वर्ष माह नवम्बर 2018 में वार्षिक कार्यक्रम करने हेतु परिकरबद्ध  है और तदनुसार डॉ. शरदिंदु मुकर्जी के संरक्षण में वार्षिक पत्रिका ‘सिसृक्षा’ के अगले अंक का प्रकाशन भी होना है  . इसके लिए  शुभकामना सन्देश के साथ साथ रचनायें  भी  अपेक्षित  हैं  . कृपया अपनी रचना / शुभकामना  सदेश  25 सितम्बर तक srivastavagopalnarain @gmail.com पर अवश्य भेज दें ,  कार्यक्रम तिथि की सूचना शीघ्र ही दी जायेगी . सादर . सानुरोध---------------------- गोपाल नारायण श्रीवास्तव 

At 4:25pm on May 22, 2017, Lajpat Rai Garg said…

यॊगराज जी,
आपकी लघुकथा-अधूरी कथा के पात्र- पंजाब के आतंकवाद की याद ताजा कर गई. सुंदर रचना के लीये बधाई.

At 9:37pm on April 21, 2016, Dr. Ehsan Azmi said…
धन्यवाद सर
At 9:37pm on April 19, 2016, Radha Shrotriya"Asha" said…

Shukriya sir 

At 8:45pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

जन्मदिन की ढेरों  शुभकामनाएँ आदरणीय 

At 3:38pm on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
हृदयतल से बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सर, मुझे अपनी सूची में जुड़ने का सुअवसर प्रदान करने के लिए।
At 3:04am on November 18, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
प्रतिष्ठित ई-साहित्यिक-पत्रिका "ओपन बुक्स ऑनलाइन" के विख्यात प्रधान संपादक वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय गुरुजी श्री योगराज प्रभाकर जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर मेरी तरफ से हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ।
 
 
 

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2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ. अंजलि जी, अच्छी गजल हुयी है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ. भाई दिगम्बर जी, सादर अभिवादन ।सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, बेहतरीन गजल हुयी है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ. भाई सुरेंद्र जी, लाजवाब गजल हुई है । दिल से बधाई स्वीकारें।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"आ. भाई जावेद जी सादर आभार।"
1 hour ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब अनीस शैख़ साहिब आदाब ग़ज़ल के उम्दा प्रयास के लिए दिली मुबारक बाद "
5 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब बलराम धाकड़ जी आदाब ग़ज़ल के उम्दा प्रयास के लिए मुबारक बाद  अकाबेरीन की इस्लाह …"
6 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब नादिर ख़ान साहिब आदाब  शानदार ग़ज़ल के लिए दिली मुबारक बाद "
6 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब लक्शमण धामी जी आदाब  आपके प्रयास ओर ग़ज़ल कहने के जज़्बे को सलाम"
6 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब सुरेंद्र नाथ जी उम्दा ग़ज़ल के लिए दिली मुबारक बाद "
6 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब सुरेंद्र नाथ जी उम्दा अशआर के लिए दिली मुबारक बाद "
6 hours ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब नादिर ख़ान साहिब आदाब  हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया। "
6 hours ago

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