For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी साहित्य

Information

भोजपुरी साहित्य

Open Books Online परिवार के सब सदस्य लोगन से निहोरा बा कि भोजपुरी साहित्य और भोजपुरी से जुड़ल बात ऐह ग्रुप मे लिखी सभे ।

Location: All world
Members: 174
Latest Activity: Feb 5

Discussion Forum

दियनवा जरा के बुझावल ना जाला

Started by आशीष यादव Nov 20, 2025.

भोजपुरी गजल

Started by Manan Kumar singh Sep 28, 2022.

सुनीं सुनीं सरकार : आशीष यादव

Started by आशीष यादव Jan 30, 2022.

पापा के नाँवे // सौरभ 4 Replies

Started by Saurabh Pandey. Last reply by Saurabh Pandey Jul 14, 2021.

कइसे होई गंगा पार 5 Replies

Started by आशीष यादव. Last reply by आशीष यादव Aug 19, 2020.

होली -गीत

Started by Manan Kumar singh Dec 19, 2017.

भोजपुरी

Started by indravidyavachaspatitiwari Oct 30, 2017.

भोजपुरी गजल -उठि के नारी सक्ति सकार कइलs 5 Replies

Started by PRAMOD SRIVASTAVA. Last reply by Saurabh Pandey Oct 25, 2016.

भोजपुरी लधुकथा -नउटंकी। 2 Replies

Started by PRAMOD SRIVASTAVA. Last reply by PRAMOD SRIVASTAVA Oct 12, 2016.

करकट नर-कट 4 Replies

Started by PRAMOD SRIVASTAVA. Last reply by PRAMOD SRIVASTAVA Sep 23, 2016.

अकिल अझुराइल 6 Replies

Started by PRAMOD SRIVASTAVA. Last reply by PRAMOD SRIVASTAVA Oct 4, 2016.

लगाव गाँछि 3 Replies

Started by PRAMOD SRIVASTAVA. Last reply by PRAMOD SRIVASTAVA Sep 23, 2016.

Comment Wall

Comment

You need to be a member of भोजपुरी साहित्य to add comments!


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 15, 2012 at 6:32pm

आदरणीया मंजरी पाण्डेय जी, इ दू लाईन हियरा के ख़ुशी के पूरा बयान कर देत बा, बधाई रउआ के |

Comment by mrs manjari pandey on December 15, 2012 at 6:21pm

             दू गो इ पंक्ति भोजपुरी के सुखद समाचार पर।

             कहवाँ से आइल किरिनिया हो हियरा हुलसाईल
             चनवा क जइसे चननिया हो अँगना अन्जोराइल।

Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on November 28, 2012 at 10:25am

अपनी माटी के महक जब ह्रदय में एहसास करावेला त ई मन भाव से भर जाला ,भोजपुरी प्यार दुलार त जनम-जनम का नाता बाय जे कभी ना टूट सकी।।।।।।।।।।।।

Comment by मनोज कुमार सिंह 'मयंक' on March 14, 2012 at 9:22am

भोजपुरी में होत बा, हाटे हॉट प्रयोग|

लड़िकाई में लगत हौ, इशक,विशक क रोग|

इशक,विशक क रोग,नीम पर चढल करैला|

बुढवा हौ मदमस्त की बिगडल जात गदेला|

कईसे मरद कहावत बाट, पहिन ल चूड़ी|

कहें मनोज कुमार श्लील अब ना भोजपुरी||

Comment by sujeet kumar yadav on September 3, 2011 at 2:11am

आँख से लोर ढरकावाल जीन करा,

दिल के बात बतावल जीन करा|

लोग मुट्ठी मे नून लेके घूमेलन,

आपन जखम देखावल जीन करा|

Comment by sanjiv verma 'salil' on May 13, 2011 at 6:17pm
भोजपुरी के संग: दोहे के रंग

संजीव 'सलिल'

भइल किनारे जिन्दगी, अब के से का आस?
ढलते सूरज बर 'सलिल', कोउ न आवत पास..
*
अबला जीवन पड़ गइल, केतना फीका आज.
लाज-सरम के बेंच के, मटक रहल बिन काज..
*
पुड़िया मीठी ज़हर की, जाल भीतरै जाल.
मरद नचावत  अउरतें, झूमैं दै-दै ताल..
*
कवि-पाठक के बीच में, कविता बड़का सेतु.
लिखे-पढ़े आनंद बा, सब्भई जोड़े-हेतु..
*
रउआ लिखले सत्य बा, कहले दूनो बात.
मारब आ रोवन न दे, अजब-गजब हालात..
*
पथ ताकत पथरा गइल, आँख- न  दरसन दीन.
मत पाकर मतलब सधत, नेता भयल विलीन..
*
हाथ करेजा पे धइल, खोजे आपन दोष.
जे नर ओकरा सदा ही, मिलल 'सलिल' संतोष..
*
मढ़ि के रउआ कपारे, आपन झूठ-फरेब.
लुच्चा बाबा बन गयल, 'सलिल' न छूटल एब..
*
कवि कहsतानी जवन ऊ, साँच कहाँ तक जाँच?
सार-सार के गह 'सलिल', झूठ-लबार न बाँच..
***********************************

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 17, 2011 at 7:05pm
जय हो देवकांत भाई , एकदम साच बात रौआ कहनी हा आ उहो बिना लाग लपेट के | स्वागत बा राउर |
Comment by देवDevकान्‍तKant पाण्‍डेयPandey on January 17, 2011 at 4:32pm

अपने माटी के महक जहां रही उहवां त हम रहबे करब ।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
24 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
9 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service