For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

फाइलातुन फाइलुन फऊल फेलुन 

कहँवा से आइके जगार कइल

जिनगी में साँइ से उजार कइल

जिनगी से अइसन करार कइल

सिनुरा वीरांगना पुछार कइल

पँउआ बढ़त रहल अधुना क चहला

मथवा सहलाइ होसियार कइल

पतिया पँवरि परदेस से  पहुन का

कहलस की सोलहो सिंगार कइल

सुगना पठवत विदेसिया पहुनवा

चितवा चोराइ बेकरार कइल

मनवा चहत पिय रीति मिलन करि के

सँसवा से साँस सोहनार  कइल

जिनगी  खेवात ना अँसुअन बहले 

उठि के नारी सक्ति सकार कइल

-प्रमोद श्रीवास्तव 

मौलिक और अप्रकाशित 

सोहनार -सुहावना, मनभावन  ;  जगार- जागरण ;    उजार--उजियारा;   पँवरि -तैर कर; चहला -कीचड़; पुछार -पोंछाई

Views: 128

Replies to This Discussion

आदरणीय गुरूवर सौरभ पाण्डेय जी, 

राउर सनेह सीख सुझाव क आसरा निहारत ।

प्रस्तुति के अनुमोदन के लिए सादर आभार ।

भाव पक्ष से सोझ एह गजल के शैल्पिकता प हम रउआ से सहयोग चाहब. तनिका तक्तीह कऽ के बतावल जाव जे गजल के मिसरा कइसे सर्हियावल गइल बा. तब हम एक हाली फेरु से एह प्रस्तुति प आइब. 

सादर

आदरणीय गुरूवर सौरभ पाण्डेय जी, 

क्षमा परथना कs संगे गल्ती सुधारल चाहत बानी। बह्र फइलातुन फाइलुन फऊल फेलुन/फइलुन होई। फाइलातुन  लिखा गइल रहल ह।दुसरके शेर कs पहिलके मिसरा में शब्द "अइसन"  लिखा गइल बा ऊ "अइसने" होई।

फइलातुन  फाइलुन  फऊल   फेलुन/फइलुन 

1 1 2 2     2 1 2   1 2 1    2 11/1111

कहँवा से/ आइ के/ जगार/ कइलs

जिनगी में/ साँइ से/ उजार/ कइलs

जिनगी से/ अइसने/ करार/ कइलs

सिनुरा वी/रांगना/ पुछार/ कइलs

पँउआ बढ़/त रहल अ/धुना क/ चहला

मथवा सह/लाइ हो/सियार/ कइलs

पतिया पँव/रि परदे/स से  प/हुन का

कहलस की/ सोलहो /सिंगार/ कइल s

सुगना पठ/वत विदे/सिया प/हुनवा

चितवा चो/राइ बे/करार/ कइलs

मनवा चह/त पिय री/ति मिलन/ करि के

सँसवा से/ साँस सो/हनार/  कइलs

जिनगी  खे/वात ना/ अँसुअन/ बहले 

उठि के ना/री सक्ति /सकार/ कइलs

-प्रमोद श्रीवास्तव 

सादर ।

अब बुझाइल तऽ, बाकिर रउआ वर्णिकता में छन्द आ गजल के विधान में घालमेल क रहल बानीं. कहवाँ (सही हिज्जे त ईहे होखे के चाहीं) के मात्रा ११२ ना हो के २२ होखी. असहीं जिनिगी के मात्रा ११२ ना होके २२ होखी. एही तरी, सिनुरा, पँउआ, मथवा, पतिया, कहलस, सुगना, चितवा, मनवा, सँसवा, उठि के एह सभ के मात्रा भार २२ होखी.  बहर के मात्रा-भार वाचिक परम्परा के अनुसार होला. एही वाचिक परम्परा के अनुसार भोजपुरी भासा चलेले. 

एह मंच पर गजल के लेके बहुत सुगढ़ आलेख बाड़न सऽ. रउआ से निहोरा बा, पहिले एक हाली रउआ उन्हनीं के देख जाईं. गजल के अभ्यास में आवत ढेर कठिनाई से निजात मिल जाई.. 

जै जै 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Anuraag Vashishth replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी,  'लोकतंत्र की बातें अब किस्सा कहानी हो गईं' की जगह…"
3 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी, इस त्वरित प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.    "
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh posted a discussion

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 81 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

परम आत्मीय स्वजन 81वें तरही मुशायरे का संकलन हाज़िर कर रहा हूँ| मिसरों को दो रंगों में चिन्हित किया…See More
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय गुमनाम भाई ग़जल बेशक अच्छी हुई है, पर गिरह का शेर भी नदारद है और रदीफ़ की क्रिया भी एक वचन हो…"
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आदरणीय भाई.... कृपया मेरी बात को हल्की-फुल्की टिप्पणी के रूप में लीजिए !!!"
5 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आ. आकाश जी. क्या खूब कहा है ! ज़ालिमों ने बन्द कर दी सारे सूबे में शराब किस क़दर मुश्किल हमें शामें…"
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"सभी अशआर बस मन को भा गए. और बाबा जुकर वाले शेर का तो बस... बधाई हो आदरणीय..."
5 hours ago
भुवन निस्तेज replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"वर्तमान के प्रति आपकी चिन्ता इस ग़ज़ल में बखूबी झलक रही है आ० राजेश दीदी. कृप्या दाद कबूल करें ."
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"बहुत आभार नादिर भाई !!!"
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"Like.... bhaai !!!  "
5 hours ago
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"जी, सर.... आप सामने आये, मैं होश में आ गया.... अत्यन्त आभार आपका आदरणीय समर साहब.... बरसी में…"
5 hours ago
Anuraag Vashishth replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-81
"आ. मिथिलेश बहुत अच्छी ग़ज़ल है बधाई हो."
5 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service