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satish mapatpuri
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  • patna, bihar
  • India
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जॉय मुखर्जी को श्रद्धांजलि

Started this discussion. Last reply by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी Mar 11. 3 Replies

शागिर्द , लव इन टोकियो ,…Continue

BIG BOSS

Started this discussion. Last reply by Afsos Ghazipuri Nov 27, 2011. 3 Replies

जरुरी नहीं कि हर विदेशी प्रोग्राम का हिंदी संस्करण हो. पोर्न स्टार के बल पर BIG BOSS की जरुरत नहीं है.मुझे याद है, जब अमिताभ बच्चन इस कार्यक्रम को HOST  कर रहे थे तो ऐसी कोई अश्लीलता नहीं…Continue

शुभकामनाएं.

Started this discussion. Last reply by Arun Kumar Pandey 'Abhinav' Nov 7, 2011. 1 Reply

ईद उल जुहा (बकरीद ) की हार्दिक शुभकामनाएं.Continue

दुनिया से जाने वाले जानें चले जाते हैं कहाँ

Started this discussion. Last reply by विवेक मिश्र Nov 6, 2011. 4 Replies

संगीत -जगत के मकबूल हस्ताक्षर डॉक्टर भूपेन हजारिका का अपराह्न 4  बजकर 37 मिनट पर मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया.दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित तथा पद्मविभूषण से विभूषित  भूपेन दा…Continue

 

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satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"दिल से आभार  वीनस जी"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"हमने तुम्हारी याद में रातें सँवार दीं अबतो सनम ये मान लो बेकार हम नहीं हक़ मांगने के फेर में बदनाम यों हुए लो, बोल भी न पा रहे खूँखार हम नहीं मासूमियत दुलार व चाहत नकार कर जो बेटियों पे गिर पड़े ’तलवार’ हम नहीं सभी शे ' र शानदार हैं…"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"उनके जो ग़म मिले उन्हें अपना बना लिया फिर भी वो कह रहे है कि ग़मख्वार हम नहीं उम्दा शे 'र ....... खुबसूरत  ख्याल ...... दाद कुबूल करें नायाब साहेब"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
" बेहतर लगे तो मान ले तू मेरा मशविरा हामी की तेरी वरना तलबगार हम नहीं यूँ तो हर शे 'र ही लाजवाब है ......... खुबसूरत पेशकश ........ बधाई स्वीकार करें राणा साहेब"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"अभिन्न अविनाश जी .......   आपकी सराहना से अभिभूत हो गया हूँ ....... दिल से आभार मित्र "
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"ह्रदय से आभार मित्र"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"शरीफ साहेब मैं तो शुरू से ही आपका मुरीद हूँ ...... आपकी सराहना पाकर निहाल हो गया हूँ ... शुक्रिया जनाब"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"आदरणीय, आपकी दाद मिली मैं धन्य हो गया ....... सादर नमन"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"धन्यवाद संदीप साहेब"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"सराहना के लिए शुक्रिया राजेश कुमारी जी"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"बहुत  - बहुत  आभार आदरणीय सौरभ जी  "
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"होंगे तुम्हारे हुस्न के मारे हुए बहुत.. लेकिन तुम्हारे इश्क में बीमार हम नहीं.... खुबसूरत अंदाज़ ...... लख -लख मुबारका रिजवान साहेब  "
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"करते हैं उनसे प्यार का इनकार हम नहीं दिल कर रहा है दर्द का इज़हार हम नहीं वाह ... वाह , बहुत खूब असफाक साहेब  ... बधाई"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"खुबसूरत आगाज़ ... खुबसूरत अंदाज़ ..... सभी शे ' र सवा सेर ........ दिल से दाद कुबूल फरमाएं आदरणीय"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"मत भागिए खुद्दारा हथियार हम नहीं. छोटा ही आदमी सही बेकार हम नहीं. हर शाम ही रोती हैं महंगाई का रोना. कैसे बताएं उनको सरकार हम नहीं . फूलों को लगाते हैं जुड़े में प्यार से . हमसे बचाते दामन ,कोई खार हम नहीं. माना की आप ही हैं अभी देश के खुदा. सूरत बदल…"
Monday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३
"शुक्रिया महिमा जी"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
patna, Bihar
Native Place
Patna
Profession
Deputy Director (administration & account) at BIHAR BOARD OF OPEN SCHOOLING & EXAMINATION
About me
My Self Is Satish Mapatpuri.I am Lyricist &Writer.Having 25 years Experience In this Field.

Satish mapatpuri's Blog

ज़िन्दगी खुद में ही तो एक जंग का एलान है.

Posted on April 23, 2012 at 3:58am 12 Comments

ज़िन्दों और परिंदों का बस एक ही पहचान है.
ना ही थकना, ना ही रुकना बस और बस उड़ान है.
एक जगह जो रुक गया तो रुक गया उसका सफ़र.
इसलिए ही अब तो मंजिल रोज़ एक मुकाम है.
कौन कहता है जहां में ज़िंदा रहना है कठिन.
आदमी में है ही क्या एक जिस्म और एक जान है.
मौसमे बारिश गिरा देता है कितने आशियाँ .
हिम्मते मरदा है जो कि हर तरफ मकान है.
ज़िन्दगी में जंग ना तो क्या मज़ा मापतपुरी.
ज़िन्दगी खुद में ही तो एक जंग का एलान है.
          ----- सतीश मापतपुरी

बच्चों की फरियाद

Posted on April 22, 2012 at 2:45am 7 Comments



बंजर धरती दूषित हवा - जल, जंगल कटते जायेंगे.

 ज़ख़्मी पर्यावरण आपसे , क्या हम बच्चे पायेंगे.

हरी - भरी धरती को आपने, बिन सोचे वीरान किया.

मतलब की खातिर ही आपने, वन - जंगल सुनसान किया.

नहीं बचेगा इन्सां भी, गर जीव - जंतु मिट जायेंगे.

ज़ख़्मी पर्यावरण आपसे , क्या हम बच्चे पायेंगे.

ऐसे पर्यावरण में कैसे, कोई राष्ट्र विकास करेगा.

अब भी गर बेखबर रहे तो, माफ नहीं इतिहास करेगा.

रहते समय नहीं चेते तो, कर मलते रह जायेंगे.

ज़ख़्मी पर्यावरण आपसे , क्या हम…

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जहाँ गंगा जैसी सरिता है

Posted on April 14, 2012 at 7:30pm 9 Comments

 असंख्य घड़े को जल देकर भी, तेरा कोष न रीता  है.
धन्य - धन्य वह भारत है , जहाँ गंगा जैसी सरिता है.
तू सदैव निःस्वार्थ भाव से, हिंद - भूमि को सींचा है.
श्यामा के अभिराम वक्ष पर, लक्ष्मण - रेखा खींचा है.
भारत की मर्यादा की, यह रेखा एक निशानी है.
शहीदों की कुर्बानी की, यह रेखा एक कहानी है.
तेरी लहरों में…
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मेरी कलम ने तुम्हें , महबूबा बनाया है .

Posted on April 11, 2012 at 12:42am 11 Comments

 

जान ले लेगा वो तिल, लब पे जो बनाया है .

मेरी कलम ने तुम्हें , महबूबा बनाया है .

मुस्कुराती हो जब तो गालों पे, जानलेवा भंवर सा बनता है.

खोलती हो अदा से जब पलकें , झील में दो कँवल सा खिलता है.

साथ जिसको नहीं मिला तेरा, क्यों यहाँ ज़िन्दगी गंवाया है.

मेरी कलम ने तुम्हें , महबूबा बनाया है .

हुस्न की देवी तेरे ही दम से, खिलते हैं फूल दिल के गुलशन में.

देखकर तुमको ही ये हुरे ज़मीं , पलते हैं इश्क दिल की धड़कन में.

हर कोई देखता है तुमको ही, रब…

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Comment Wall (22 comments)

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At 3:26am on May 19, 2012, Saurabh Pandey said…

राउर जनमदिन के हमरा ओरि से ढेरम्ढेर मुबारकबादी, भाईजी.. . 

दुका ना दुका में अतना अझुराइल रहुईं, ए भइया, जे कुबेरा भऽ गइल. ओबिओ पर हमार हेने लकम से ना आवल अतना बुझवा देले रहे जे हमार सतीश भाई पिपिताइल होइहें. भाई, पित्ता-पित्ती फरिका, पहिले दिल के कोरी आ भावना का ओरी से बड़हन बधाई.. . 

सादर

At 11:12pm on May 18, 2012, SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' said…
जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सर जी
At 11:52am on May 18, 2012, Ganesh Jee "Bagi" said…

At 11:35am on May 18, 2012, vandana gupta said…

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें सतीश जी

At 7:07pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

satish ji namaskar, 

kavita ki sarahna ke liye aap ka dhanyvad.....

At 4:29pm on February 20, 2012, Seema agrawal said…

स्वागत हैsatish mapatpuri जी आपका 

At 8:58pm on January 2, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

मै आपका बहुत ही आभारी हूँ की आपने मेरी कविता की सराहना करके मेरा उत्साह वर्धन किया

At 9:30am on August 2, 2011, Arun Kumar Pandey 'Abhinav' said…

माह की श्रेष्ठ रचना चयन पर हार्दिक बधाई स्वीकारें सतीश जी !

At 1:56pm on July 7, 2011, Ravi Kumar Giri (Guru Jee) said…
आपकी रचना मानसरोवर-१ को महीने का सर्व्श्रेस्थ रचना चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई...
At 8:48am on July 6, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
आदरणीय सतीश साहब...

आपकी रचना मानसरोवर-१ को महीने का सर्व्श्रेस्थ रचना चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई...

आपका ही अपना,
प्रीतम तिवारी(प्रीत)
रांची
 
 
 

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