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satish mapatpuri
  • Male
  • patna, bihar
  • India
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satish mapatpuri's Discussions

ज्योति पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
3 Replies

ढोल-मजीरा , नाल-पखावज, शहनाई-मृदंग  राग-रागिनी, गायन-वादन , नृत्य-ताल और छंद .गीत, ग़ज़ल ,कविता सी लगती , है सबको हर बार दिवाली   नई उमंगें - नई उम्मीदें, ले आती हर बार दिवाली.        ---- सतीश…Continue

Started this discussion. Last reply by tejwani girdhar Nov 16, 2012.

जॉय मुखर्जी को श्रद्धांजलि
3 Replies

शागिर्द , लव इन टोकियो ,…Continue

Started this discussion. Last reply by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी Mar 11, 2012.

BIG BOSS
3 Replies

जरुरी नहीं कि हर विदेशी प्रोग्राम का हिंदी संस्करण हो. पोर्न स्टार के बल पर BIG BOSS की जरुरत नहीं है.मुझे याद है, जब अमिताभ बच्चन इस कार्यक्रम को HOST  कर रहे थे तो ऐसी कोई अश्लीलता नहीं…Continue

Started this discussion. Last reply by Afsos Ghazipuri Nov 27, 2011.

 

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satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"सभी शे ' र कमाल के हैं ..... लाज़वाब ग़ज़ल के लिए दाद कुबूल फरमाएँ आदरणीय तस्दीक साहेब ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"     वाह ... वाह .... शानदार पेशकश .... नमन आदरणीय नमन साहेब ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"जी , सराहना के लिए धन्यवाद आदरणीय महेंद्र जी ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"दिल से शुक्रिया आदरणीय धामी जी ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"ह्र्दयतल से आभार आदरणीय अमित जी ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"आदरणीया राजेश कुमारी जी ,  नमन । बेहतर सुझाव के लिए नत हूँ ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"मुहतरिम जनाब तस्दीक साहिब , आदाब , सराहना एवम मार्गदर्शन के लिए शुक्रिया ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"धन्यवाद आदरणीय गुरप्रीत जी "
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"मुहतरिम जनाब आरिफ साहिब , आदाब ,हौसलाअफजाई के लिए शुक्रिया ।"
yesterday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84
"आये जरूर दिल को जला कर चले गए । जो घाव था नासूर बना कर चले गए । ग़मगीन भला किसके लिये है यहाँ कोई , एक रस्म था जो फूल चढ़ा कर चले गए । वो खुदकुशी को भी सियासत बना दिया , आतिश बुझाने आये लगा कर चले गए । काश ! बदलने का हुनर सीख लेते हम , अपना सा क्यूँ न…"
Thursday
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह ... वाह .. बहुत सुन्दर सरसी छंद ... प्रदत्त चित्र पर सराहनीय प्रस्तुति .... बधाई आदरणीय धामी साहेब ।"
Jun 17
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रदत्त चित्र पर प्रशंसनीय एवम स्तरीय प्रस्तुति ... बधाई आदरणीया प्रतिभा जी ।"
Jun 17
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"हौसलाअफजाई के लिए आभारी हूँ आदरणीय अशोक जी ।"
Jun 17
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना को मान देने के लिए आभारी हूँ आदरणीया प्रतिभा जी ।"
Jun 17
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत आभार आदरणीय "
Jun 17
satish mapatpuri replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 74 in the group चित्र से काव्य तक
"सराहना के लिए शुक्रिया जनाब तस्दीक साहेब ..... सुझाव के लिए नमन ।"
Jun 17

Profile Information

Gender
Male
City State
patna, Bihar
Native Place
Patna
Profession
Deputy Director (administration & account) at BIHAR BOARD OF OPEN SCHOOLING & EXAMINATION
About me
My Self Is Satish Mapatpuri.I am Lyricist &Writer.Having 25 years Experience In this Field.

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Satish mapatpuri's Blog

अगर पूर्वजों के सहारे न होते .

अगर रंग - बिरंगे ये नारे न होते.
तो फिर हम भी इतने बेचारे न होते .
बस बातों के मरहम से भर जाते शायद .
अगर ज़ख्म दिल के करारे न होते .
भला किसकी हिम्मत सितम ढा सके यूँ .
अगर हम जो आदत बिगाड़े न होते .
कहीं ना कहीं से तो शह मिल रहा है .
निर्भया के बसन यूँ उतारे न होते .
मिट जाती  कब की  ये रस्मोरिवाज़ें .
अगर पूर्वजों के सहारे  न होते .
  
मौलिक और अप्रकाशित
सतीश मापतपुरी

Posted on September 20, 2015 at 10:00pm — 3 Comments

गुरुवर तुम्हें नमन है ( शिक्षक दिवस पर विशेष )

 

जिसने बताया हमको , लिखना हमारा नाम .

जिसने सिखाया हमको , कविता ,ग़ज़ल -कलाम .

समझाया जिसने हमको , दीने -धरम ,ईमान .

जिसने कहा कि एक है ,कह लो रहीम - राम .

भगवान से भी पहले ,करता नमन उन्हीं को .

मानों तो हैं  खुदा वो , ना मानों तो हैं आम .…

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Posted on September 5, 2012 at 3:46am — 18 Comments

गुनाहगार बनाया क्यों ?

 

ऐ मालिक ! बता दे तू , कि बहार बनाया क्यों ?

गर बहार बना था , तो उजाड़ बनाया क्यों ?

चमन में खिलती हैं कलियाँ , कली से नेह भौरों को .

पर भंवरे काँप उठे उस वक़्त , आखिर खार बनाया क्यों ?

जुदाई प्यार की मंजिल , तड़पना दिल को पड़ता है .

दिवाना कहती है दुनिया , तो फिर यह  प्यार बनाया क्यों ?

मिलन की चाह होती है , मिलन होता मुकद्दर से .

तो मिलकर क्यों बिछड़ते हैं , आखिर दीदार बनाया क्यों ?

अगर मापतपुरी जालिम  , तो उस पे कर करम मौला .

ख़ता…

Continue

Posted on August 31, 2012 at 2:15am — 4 Comments

कबीरा खड़ा बाजार में

 [ एक ]

कठपुतली भी हँस रही, देख मनुज का हाल.

सबसे बड़ा मदारी वो , लिखे जो सबका भाल.

कौन नचाता है किसे, क्या इसका परमान.

सबकी डोर पे पकड़ जिसे, कहते कृपानिधान.

 जिस उर में लालच बसे ,वहाँ कहाँ ईमान .

देय वस्तु पर नेह जिसे , सबसे बड़ा नादान.

जीवन गगरी माटी की , जिसका करम कोंहार .

सरग - नरक येही ठौर है , जिसका जस व्यवहार .

देने वाले ने दिया , एक सूर्य और सोम .

किन्तु मनुज ने बाँट ली , धरती नदियाँ व्योम .

कहत अभागा नियति का , नीयत नियत…

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Posted on August 3, 2012 at 1:27am — 6 Comments

Comment Wall (23 comments)

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At 11:42pm on May 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

At 1:57pm on May 18, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिवस की मंगलमय हार्दिक शुभकामनाए 

At 11:02am on September 10, 2012, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आदरणीया satish sir ji  सादर प्रणाम
ग़ज़ल को पसंद करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सहित सादर आभार

At 3:26am on May 19, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

राउर जनमदिन के हमरा ओरि से ढेरम्ढेर मुबारकबादी, भाईजी.. . 

दुका ना दुका में अतना अझुराइल रहुईं, ए भइया, जे कुबेरा भऽ गइल. ओबिओ पर हमार हेने लकम से ना आवल अतना बुझवा देले रहे जे हमार सतीश भाई पिपिताइल होइहें. भाई, पित्ता-पित्ती फरिका, पहिले दिल के कोरी आ भावना का ओरी से बड़हन बधाई.. . 

सादर

At 11:12pm on May 18, 2012, CA. SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' said…
जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सर जी
At 11:52am on May 18, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 7:07pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

satish ji namaskar, 

kavita ki sarahna ke liye aap ka dhanyvad.....

At 8:58pm on January 2, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

मै आपका बहुत ही आभारी हूँ की आपने मेरी कविता की सराहना करके मेरा उत्साह वर्धन किया

At 9:30am on August 2, 2011, Abhinav Arun said…

माह की श्रेष्ठ रचना चयन पर हार्दिक बधाई स्वीकारें सतीश जी !

At 1:56pm on July 7, 2011, Rash Bihari Ravi said…
आपकी रचना मानसरोवर-१ को महीने का सर्व्श्रेस्थ रचना चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई...
 
 
 

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"जनाब भाई विजय निकोर जी आदाब,ग़ज़ल में शिर्कत और सुख़न नवाज़ी के लिये आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूँ ।"
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Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post क़दम उठाने से पहले विचार करना था
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।"
4 hours ago
Hari Prakash Dubey commented on Hari Prakash Dubey's blog post कागज़ की नाव :कहानी
" बहुत शुक्रिया आपका आदरणीय  सुनील प्रसाद(शाहाबादी) जी ! सादर "
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Hari Prakash Dubey commented on Hari Prakash Dubey's blog post कागज़ की नाव :कहानी
"आदरणीय  बृजेश कुमार 'ब्रज जी ,रचना पर आपके समर्थन के लिए आपका आभार ! सादर "
10 hours ago
Hari Prakash Dubey commented on Hari Prakash Dubey's blog post कागज़ की नाव :कहानी
"आदरणीय  डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव सर ,आपकी सीख से काफी कुछ समझ आ गया है , पुनः…"
10 hours ago
Hari Prakash Dubey commented on Hari Prakash Dubey's blog post कागज़ की नाव :कहानी
"आदरणीया  rajesh kumari जी ,हार्दिक आभार आपका ,आपकी बातों को संज्ञान में लेते हुए…"
10 hours ago
Hari Prakash Dubey commented on Hari Prakash Dubey's blog post कागज़ की नाव :कहानी
"सहमत आदरणीय  Ravi Prabhakar सर ! सादर"
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surender insan commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- भले मैं कभी मुस्कुराया नहीं ( दिनेश कुमार )
"वाह वहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई है जी। शेर दर शेर दिली दाद कबूल फरमाये जी।"
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