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गुरुवर तुम्हें नमन है ( शिक्षक दिवस पर विशेष )

 

जिसने बताया हमको , लिखना हमारा नाम .
जिसने सिखाया हमको , कविता ,ग़ज़ल -कलाम .
समझाया जिसने हमको , दीने -धरम ,ईमान .
जिसने कहा कि एक है ,कह लो रहीम - राम .
भगवान से भी पहले ,करता नमन उन्हीं को .
मानों तो हैं  खुदा वो , ना मानों तो हैं आम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .
माटी के हम थे लोंदे .मूरत बनाया तुमने .
सूरत मिली खुदा से , सीरत सिखाया  तुमने.
माँ- बाप ने जना पर , हमको सजाया तुमने .
इंसान की शक्ल थी , इन्सां बनाया तुमने.
जीवन संवारा तुमने , तुमने हमें गढ़ा है .
यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .   

 ...... सतीश मापतपुरी      
      

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Comment

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Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:22am

आपको मेरी रचना पसंद आई , मेरा श्रम सार्थक हुआ . दिल से आभार सम्मानित मिश्रा साहेब

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:20am

बहुत -बहुत आभार योगी जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:18am

शुक्रिया रेखा जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:18am

बहुत - बहुत धन्यवाद गणेश जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:16am

सराहना के लिए ह्रदय से आभार आदरणीय सौरभ जी .आपके हौसला अफजाई ने संबल प्रदान किया है ... शुक्रिया

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:13am

आभार लक्ष्मण साहेब

Comment by UMASHANKER MISHRA on September 6, 2012 at 8:26pm

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .     

सतीश मापतपुरी   हार्दिक बधाई 

समस्त गुरु जन को प्रणाम   

Comment by Yogi Saraswat on September 6, 2012 at 10:28am

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .

बहुत सुन्दर ! गुरु को सम्मान देती सार्थक रचना के लिए बहुत बहुत बधाई

Comment by Rekha Joshi on September 5, 2012 at 8:31pm

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम . 
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .   ,गुरु के प्रति अति सुंदर भाव ,शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएं 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 5, 2012 at 8:26pm

//यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम . //

मेरा भी प्रणाम, बार बार प्रणाम !!!!!!

शिक्षक दिवस पर एक सुन्दर रचना की पस्तुति है, बधाई आदरणीय सतीश भाई जी |

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