For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गुरुवर तुम्हें नमन है ( शिक्षक दिवस पर विशेष )

 

जिसने बताया हमको , लिखना हमारा नाम .
जिसने सिखाया हमको , कविता ,ग़ज़ल -कलाम .
समझाया जिसने हमको , दीने -धरम ,ईमान .
जिसने कहा कि एक है ,कह लो रहीम - राम .
भगवान से भी पहले ,करता नमन उन्हीं को .
मानों तो हैं  खुदा वो , ना मानों तो हैं आम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .
माटी के हम थे लोंदे .मूरत बनाया तुमने .
सूरत मिली खुदा से , सीरत सिखाया  तुमने.
माँ- बाप ने जना पर , हमको सजाया तुमने .
इंसान की शक्ल थी , इन्सां बनाया तुमने.
जीवन संवारा तुमने , तुमने हमें गढ़ा है .
यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .   

 ...... सतीश मापतपुरी      
      

Views: 1774

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:22am

आपको मेरी रचना पसंद आई , मेरा श्रम सार्थक हुआ . दिल से आभार सम्मानित मिश्रा साहेब

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:20am

बहुत -बहुत आभार योगी जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:18am

शुक्रिया रेखा जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:18am

बहुत - बहुत धन्यवाद गणेश जी

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:16am

सराहना के लिए ह्रदय से आभार आदरणीय सौरभ जी .आपके हौसला अफजाई ने संबल प्रदान किया है ... शुक्रिया

Comment by satish mapatpuri on September 7, 2012 at 1:13am

आभार लक्ष्मण साहेब

Comment by UMASHANKER MISHRA on September 6, 2012 at 8:26pm

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .     

सतीश मापतपुरी   हार्दिक बधाई 

समस्त गुरु जन को प्रणाम   

Comment by Yogi Saraswat on September 6, 2012 at 10:28am

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .

बहुत सुन्दर ! गुरु को सम्मान देती सार्थक रचना के लिए बहुत बहुत बधाई

Comment by Rekha Joshi on September 5, 2012 at 8:31pm

यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम . 
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम .   ,गुरु के प्रति अति सुंदर भाव ,शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएं 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 5, 2012 at 8:26pm

//यीशु कहूँ या मौला , वाहे गुरु या राम .
गुरुवर तुम्हें नमन है , गुरुवर तुम्हें प्रणाम . //

मेरा भी प्रणाम, बार बार प्रणाम !!!!!!

शिक्षक दिवस पर एक सुन्दर रचना की पस्तुति है, बधाई आदरणीय सतीश भाई जी |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
3 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
16 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service