SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' is now friends with डॉ. सूर्या बाली "सूरज" and Shayar Raj Bajpai
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डॉ. सूर्या बाली "सूरज" commented on SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU''s blog post विछोह
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SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' commented on ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi)'s blog post "गुलशन" बात हमारी रखना..
SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' liked Saurabh Pandey's discussion भला-भला सा घर अपना --- बालगीत/ सौरभ
वीनस केसरी left a comment for SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU'
ARVIND KUMAR TIWARI left a comment for SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU'
SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' replied to Ambarish Srivastava's discussion सीतापुर में आयोजित ओ बी ओ काव्य समारोह में जनकवि आलोक सीतापुरी पुनः सम्मानित !
Ganesh Jee "Bagi" left a comment for SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU'
SHAILENDRA KUMAR SINGH 'MRIDU' left a comment for Ganesh Jee "Bagi"Posted on April 23, 2012 at 3:30pm 15 Comments 1 Like
ज्वालाशर छंद
१६ ,१५ पर यति अंत में दो गुरू (२२)
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संकीर्णताओं से बचाती, निष्काम कर्म भावना ही.
हो जायें प्रवृत्त मनुज सभी, अधार हो सदभावना ही.
कर्तव्य का बस बोध होवे,इच्छा न कुछ पाने की हो,
संकल्पना कहती सदा ये,आशा सुधर जाने की हो.
कोई मार्ग खोजें मुक्ति का,आशय जीवन का यही है.
सद्कर्म से सम्भव बने यह,विचार दर्शन का सही…
ContinuePosted on April 13, 2012 at 8:00pm 23 Comments 0 Likes
मेरा यार मुझसे जुदा हुआ,
मेरी जान जैसे निकल गई.
मुझे प्यार उसका न मिल सका,
उसे चाहना या न चाहना
उसे पूजना या न पूजना
मेरी चाहतों का हिसाब क्या,
मेरी रूह भी हो विकल गई..
मुझे प्यार…
ContinuePosted on April 7, 2012 at 11:00pm 12 Comments 0 Likes
वाणी वंदना
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रसना पर अम्ब निवास करो,
माँ हंसवाहिनी नमन करूँ.
सेवक चरणों का बना रहूँ,
नित उठ बस तेरा ध्यान धरूँ.
छंदों का नवल स्वरुप लिखूँ,
लेखनी मातु रसधार बने.
हो प्रबल काव्य उर वास करो,
हर छंद मेरा असिधार बने.
मन…
ContinuePosted on April 6, 2012 at 5:30pm 12 Comments 0 Likes
(गणबद्ध) मोतिया दाम छंद
सूत्र = चार जगण (१६ मात्रा) यानि जगण-जगण-जगण-जगण (१२१ १२१ १२१ १२१)
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दिखी जब देश विदेश अरीत.
दिखा शिशु भी हमको भयभीत .
तजें हम द्वैष बनें मनमीत.
लिखूँ कुछ काव्य अमोघ…
Continue
satish mapatpuri said… Thank u mridu ji
वीनस केसरी said… मृदु जी जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
ARVIND KUMAR TIWARI said… आदरणीय शैलेन्द्र सिंह "मृदु" जी जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. आपका ये चमत्कृत व्यक्तित्व हमेशा सूर्य की आभा लेकर साहित्य जगत में एक उदीयमान रूप लेकर निखरे.
इस मंगलकारी दिवस की आपको सहस्त्र बधाइयाँ
Ganesh Jee "Bagi" said… बहुत बहुत आभार शैलेन्द्र मृदु जी |
Mukesh Kumar Saxena said… धन्य बाद मृदु जी । दोस्त तो वहुत मुश्किल से मिलते है
MANISHI SINGH said… aadarniya mridu ji, sadar abhivadan
thanks.
Mukesh Kumar Saxena said… भाई शैलेंदर जी मै आपका आभारी हूँ जो आपने मेरी भावनाओ की फर्क और पात्रता के माध्यम से कद्र की ।
खुश हूँ उसकी ख़ुशी से कि खुश वो रहे
प्यारी सी प्रस्तुति.........प्रेम सी भरी हुई...बधाई
मृदु जी, नमस्कार ,
आभारी..हु,.....धन्यवाद्..उत्साह बढ़ने के लिए...
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