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anamika ghatak
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Dr Ashutosh Mishra commented on anamika ghatak's blog post सब कहते हैं...
"आदरणीया अनामिका जी इस मंच पर आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ आदरणीय आरिफ जी की बातो का संज्ञान लें ...सादर "
Nov 13, 2017
SALIM RAZA REWA commented on anamika ghatak's blog post सब कहते हैं...
"मोहतरमा अनामिका जी, सुंदर प्रयास के लिए बधाई,"
Nov 13, 2017
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Samar kabeer commented on anamika ghatak's blog post सब कहते हैं...
"मोहतरमा अनामिका जी आदाब,शायद आपने ग़ज़ल लिखने का प्रयास किया है,लेकिन अभी आपको ग़ज़ल विधा के बारे में बहुत अध्यन करना होगा,इसके लिए इस मंच पर ग़ज़ल की कक्षा का लाभ उठायें । इस प्रयास पर बधाई आपको ।"
Nov 13, 2017
anamika ghatak commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post तालिका छंद
"बेहतरीन तालिका छंद ...वाह "
Nov 12, 2017
anamika ghatak commented on SALIM RAZA REWA's blog post किसी भी ज़ुल्म गुनाह-ओ- ख़ता से डरते हैं - सलीम रज़ा रीवा ( ग़ज़ल )
"ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए "
Nov 12, 2017
Mohammed Arif commented on anamika ghatak's blog post सब कहते हैं...
"आदरणीया अनामिका जी आदाब, ओबीओ मंच पर मैं आपकी यह पहली रचना से संवाद कर रहा हूँ । सबसे पहले आपका हार्दिक अभिनंदन । आपकी उक्त रचना किस विधान के अंतर्गत आती है यह आपने ऊपर दर्शाया नहीं है । इस मंच का नियम है कि रचना के साथ उसका विधान भी लिखना अनिवार्य…"
Nov 12, 2017
anamika ghatak posted a blog post

सब कहते हैं...

सब कहते हैं शहर में भी सहर होता हैपर शहर में बसर कहाँ बशर होता हैदूर दूर जहाँ तक नज़र जाती हैधुँआ धुँआ शहर ये ज़हर ढोता हैदाग़ ग़ालिब का ये जो पुराना शहर हैबात बात में गालियों का हर्जाना भरे हैक्या हो गया है इस नए ज़माना ए नस्ल कोरिश्तों को सरेआम सरेबाज़ार करे हैंशब ओ सहर ए उजाला ए फ़सानाशहर ए ग़म की कहानी कहे हैक्या कहूँ अब किस्सा ज़िंदगी कासब अपनी अपनी कहानी कहे हैं"मौलिक एवं अप्रकाशित"See More
Nov 12, 2017
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" बेहद उम्दा व लाजवाब"
Nov 10, 2017
Sanjay Rajendraprasad Yadav left a comment for anamika ghatak
""बहुत सुन्दर, विरह के शर्द- दर्द है इसमे.... अनामिका जी बधाई आपको............!!!!  "
Aug 22, 2012
anamika ghatak updated their profile
Aug 19, 2012
anamika ghatak and Bhawesh Rajpal are now friends
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anamika ghatak commented on राजेश 'मृदु''s blog post कवि तेरे भी
"बहुत ही बढ़िया प्रस्तुति"
Aug 19, 2012
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anamika ghatak commented on anamika ghatak's blog post तृष्णा
"ap sab guni jano ka tahe dil se dhanyawad"
Jun 15, 2012
Albela Khatri commented on anamika ghatak's blog post तृष्णा
"बहुत अच्छी  कविता ....... बधाई अनामिका जी !"
Jun 15, 2012

Profile Information

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Female
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noida
Native Place
noida
Profession
service
About me
kavitao ke madhyam se bhawnao ko vykta karne ki koshish

Anamika ghatak's Blog

सब कहते हैं...

सब कहते हैं शहर में भी सहर होता है
पर शहर में बसर कहाँ बशर होता है

दूर दूर जहाँ तक नज़र जाती है
धुँआ धुँआ शहर ये ज़हर ढोता है

दाग़ ग़ालिब का ये जो पुराना शहर है
बात बात में गालियों का हर्जाना भरे है

क्या हो गया है इस नए ज़माना ए नस्ल को
रिश्तों को सरेआम सरेबाज़ार करे हैं

शब ओ सहर ए उजाला ए फ़साना
शहर ए ग़म की कहानी कहे है

क्या कहूँ अब किस्सा ज़िंदगी का
सब अपनी अपनी कहानी कहे हैं

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

Posted on November 11, 2017 at 11:04am — 5 Comments

तृष्णा

इन बारिश की बूंदों को
तन से लिपटने दो
प्यासे इस चातक का
अंतर्मन तरने दो
बरसो की चाहत है
बादल में ढल जाऊं
पर आब-ओ-हवा के
फितरत को समझने दो
फिर भी गर बूंदों से
चाहत न भर पाए
मन की इस तृष्णा को
बादल से भरने दो

Posted on June 14, 2012 at 8:00pm — 4 Comments

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At 11:48am on August 22, 2012, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…
"बहुत सुन्दर, विरह के शर्द- दर्द है इसमे.... अनामिका जी बधाई आपको............!!!!  
At 9:06pm on January 3, 2012, Admin said…

 
 
 

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