AjAy Kumar Bohat commented on Rekha Joshi's blog post सूरज कभी सोता नही [लघु कथा ]
AjAy Kumar Bohat commented on ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi)'s blog post दूसरों का सहारा, सहारा नही
AjAy Kumar Bohat commented on rajesh kumari's blog post हाइकु (सिर मुंडाते ही,हास्य )
AjAy Kumar Bohat commented on योगराज प्रभाकर's blog post सलाम (लघुकथा)
AjAy Kumar Bohat commented on Dr.Prachi Singh's blog post दोषारोपण
AjAy Kumar Bohat commented on Rekha Joshi's blog post इंतज़ार
AjAy Kumar Bohat commented on डॉ. सूर्या बाली "सूरज"'s blog post दिल मेरा फिर से सितमगर तलाश करता है।
AjAy Kumar Bohat commented on rajesh kumari's blog post चल वहीँ पे नीड़ बनायें हम
AjAy Kumar Bohat commented on आशीष यादव's blog post अरबों माल डकार के
AjAy Kumar Bohat commented on SANDEEP KUMAR PATEL's blog post तुझे तो देख के जोरों से मेरा दिल धडकता है
AjAy Kumar Bohat commented on डॉ. सूर्या बाली "सूरज"'s blog post सामने है खड़ी दीवार ख़ुदा ख़ैर करे
AjAy Kumar Bohat commented on vandana gupta's blog post रूहों को जिस्म रोज कहाँ मिलते हैं.........
AjAy Kumar Bohat commented on Dr.Prachi Singh's blog post कुण्डलिया (एक प्रयास)
AjAy Kumar Bohat commented on AjAy Kumar Bohat's blog post ...सिग्रेट...(२)Posted on May 13, 2012 at 9:30pm 13 Comments 1 Like
कितना कठिन हो जाता है
लिखना
कई बार
'फैशन' के अनुरूप
कैसे साध रखा है हमने
अपने मन को
की वह सोचता है
बिलकुल किसी कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह
किस तरह रख पाते हैं हम
अपने मन के भावों को
अनुशासन में
और
वे प्रकट होते हैं
केवल
एक दिवस-विशेष पर...
एक विशेष दिन ही जागता है जज़्बा देश-प्रेम का
या
मातृ-पितृ भक्ति का..
किसी एक दिन ही
आती है
भूली-बिसरी
बहन की याद..
ऐसे ही कई लोग हैं…
Posted on May 13, 2012 at 9:09pm 5 Comments 1 Like
मेरी बात को सुन लड़की,
कुछ सपने मत बुन लड़की
सपनो को लगेगा घुन लड़की
मेरी बात को सुन लड़की...
मेरी बात मान लड़की
कुचल अपने अरमान लड़की
राक्षशों को पहचान लड़की
मेरी बात मान लड़की...
मत कर तू प्यार लड़की
ऐतराज़ करेगी 'तलवार' लड़की
बहुत तेज़ है धार लड़की
मत कर तू प्यार लड़की...
चीरती है सब जहां की ख़ामोशी
कौन समझ रहा माँ की ख़ामोशी
ठन्डे पड़े जिस्मोजां की ख़ामोशी
चीरती है सब जहां की ख़ामोशी
मेरी बात को सुन…
Posted on May 12, 2012 at 8:00pm 10 Comments 0 Likes
anamika ghatak said… dhanyawad
arun kumar nigam said… आपके निमंत्रण हेतु धन्यवाद.
आपकी रचना को माह की श्रेष्ट रचना चुने जाने पर हार्दिक बधाई स्वीकारें अजय जी | हार्दिक शुभकामनाएं भी आपके लेखन को नित नयी ऊंचाई मिले !!!!!!!
Admin said… आदरणीय अजय कुमार बोहत जी ,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की कविता "हिंसा" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है तथा ओपन बुक्स ऑनलाइन के मुख्य पृष्ठ पर आपके छाया चित्र के साथ स्थान दिया गया है,
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
PREETAM TIWARY(PREET) said…
Ganesh Jee "Bagi" said…
Admin said… आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिककर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करेऔर फिर रन करा दे |
4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँक्लिक करे |
Saurabh Pandey commented on arunendra mishra's blog post जीवन तुझसे एक वर माँगू
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Arun Srivastava commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
Arun Srivastava commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
Albela Khatri posted a photo
Arun Srivastava commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए© 2012 Created by Admin.
कुछ आवश्यक लिंक्स
| 2-ग़ज़ल तक्तीह प्रणाली पर एक चर्चा | 3-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -1, | 4-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -2 |
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचना और विचार उनकी निजी सम्पति है जिससे सहमत होना OBO प्रबंधन के लिये आवश्यक नहीं है | OBO पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप मे प्रयोग बिना लेखक या प्रबंधन के अनुमति के बिना करना वर्जित है |

