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जागे हिंदुस्तान/ गीत

जीवन डगर बहुत पथरीली
संभलो मनुज सुजान,
जागे हिंदुस्तान हमारा जागे हिंदुस्तान।

हिन्दू मुस्लिम भाई भाई प्रेम का धागा टूट गया।
न जाने कितनी माँगो का फिर से ईंगुर रूठ गया।
मानवता जब दानवता की चरण पादुका धोती है,
तभी मालदा वाली घटना तभी पूर्णिया रोती है।

धर्म के पहरेदारों बोलो,
कब लोगे संज्ञान।।
जागे--------

संस्कार की नींव हिल गयी बिका हुस्न बाजरों में।
कर्णधार जो बनकर आये लिप्त हुए व्यभिचारों में।
जाति पांति के भेदभाव में देश जलाकर चले गए,
सकुनी वाली कूटनीति की दाल गलाकर चले गए।

अर्जुन के रणवीरों कर लो,
अब तो सर संधान।।
जागे-------

सीए (डा०) शैलेंद्र सिंह 'मृदु'

मौलिक एवम अप्रकाशित

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Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on October 16, 2017 at 11:35am
आदरणीय बृजेश जी उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार।
टाइपिंग मिस्टेक हो गयी है बाजार शब्द ही है।
Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on October 16, 2017 at 11:33am
आदरणीया kalpana bhatt ji जी उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार
Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on October 16, 2017 at 11:32am
आदरणीय samar kabeer ji जी उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार
Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on October 16, 2017 at 11:13am
आदरणीय mohammed Arif ji जी उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 15, 2017 at 9:20pm
बहुत ही सुन्दर और सरस गीत हुआ आदरणीय..दूसरे बन्द में बिका हुआ बाजरों में..क्या यहाँ बाजारों होना चाहिए..?
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on October 11, 2017 at 2:52pm

वाह बहुत सुंदर गीत लिखा है आपने आदरणीय डॉ शैलेन्द्र जी | पहली बार पढ़ रही हूँ आपकी रचना इस मधुर गीत के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय |

Comment by Samar kabeer on October 11, 2017 at 12:07pm
जनाब डॉ.शैलेंद्र सिंह'मृदु'जी आदाब,पहली बार आपकी रचना से रूबरू हुआ हूँ,बहुत सुंदर भावनात्मक गीत लिखा है,शिल्प और प्रवाह देखते ही बनता है,इस सुंदर प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें,उम्मीद है मंच पर अपनी सक्रियता बनाये रखेंगे ।
दूसरे बन्द की पहली पंक्ति में 'हुश्न' को "हुस्न"करलें ।
Comment by Mohammed Arif on October 11, 2017 at 11:57am
आदरणीय शैलेंद्र सिंह जी आदाब,देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत बहुत ही बेहतरीन गीत की प्रस्तुति । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

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