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Neelam Upadhyaya
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  • New Delhi
  • India
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Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"पर्वत, नदियां, झील, नष्ट करती अभिलाषा, पर किसी को क्यों चिंता होने लगी। बहुत ही अच्छी रचना के लिए हार्दिक बढ़ायी स्वीकार करें आदरणीय विवेक पाण्डे जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदत्त विषय पर सुन्दर रचना की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें आदरणीय सतविंदर कुमार राणा जी ।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदत्त विषय पर सुन्दर कुंडलियों का सृजन। बधाई स्वीकार करें आदरणीय हरिओम श्रीवास्तव जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदूषण की भभक से चेतना को थर्राती हुयी बढ़िया प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें आदरणीय टी.आर. शुकुल जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदुषण की भभक से चेतना पर बहुत बढ़िया पप्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें आदरणीय टी.आर. शुकुल जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"जख्मी पर्यावरण पर चिंता जाहिर करती सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय दयाराम मथानी जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"उत्साह बढ़ाने के लिए बहुत बहुत आभार आदरणीया प्रतिभा पांडे जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी, प्रदत्त विषय पर अच्छी रचना की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी, प्रदत्त विषय पर अच्छी रचना के लिए हार्दिक बधाई।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदत्त विषय पर पर अच्छी रचना की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया प्रतिभा पांडे जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"प्रदत्त विषय पर पर सूंदर छंद के सृजन के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय श्लेष चंद्राकर जी।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"बहुत सही कहा आदरणीया बबिता गुप्ताजी आपने। पर्यावरण दिवस मनाकर खानापूर्ति ही की जाती है। प्रदत्त विषय पर सूंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई।"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
"उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत आभार आदरणीय विजय निकोरे जी।"
Jun 15, 2019
vijay nikore commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
"हाइकु अच्छे लगे। बधाई नीलम जी"
Jun 15, 2019
Neelam Upadhyaya replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104
"पर्यावरण हिमनद से जन्मी मैं पत्थर पहाड़ लांघे   कुलांचे भरे हरे मैदानों के बीच दुग्ध सी निर्मल मेरी धारा कलकल संगीत से भरपूर सदियों से बहते रहे जीवन को पनपाते खुशी भरे मेरे किनारे पर हाय! मेरी साँसों की डोर तोड़ रहे वही, जिन्हें सींचती रही उम्र…"
Jun 14, 2019
Neelam Upadhyaya commented on मोहन बेगोवाल's blog post इक कदम (लघुकथा)
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी, बालश्रम जैसी सामाजिक सरोकार सम्बन्धी विषय पर सूंदर रचना की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 12, 2019

Profile Information

Gender
Female
City State
NOIDA, Uttar Pradesh
Native Place
Distt. Gopalganj, Bihar
Profession
Retired on 30.6.2015 from Central Government job. Currently working as Consultant in M/o Power
About me
Ego khanti Bhartiya, aa ohu mein pakka bhojpuria, hindustani sangeet ke vidyarthi jekara apana sanskriti se bahut lagaw ba. Pichhala 16 saal se "Swar Trishna Vrinda" naam ke choir mein singer hayee. Ghar-office ke dayra ke beech mein rah ke bhi apana bhasha-bhashi ke sangat khojat rahile.

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कुछ हाइकू

तपती धरा

छिड़क रहा नभ

धूप की बूंद 

 

प्रचंड सूर्य

वीरान पनघट

झुलसी क्यारी

 

सूखे पोखर

जल रहा अंबर

प्यासे पखेरू

 

जलते दिन

भयावह गरमी

प्यासी है दूब

   

बिकता पानी

बढ़ता तापमान

जग बेहाल

   

दहकी धूप

गर्मी के दिन आये

निठुर बड़े

 

.... मौलिक एवं अप्रकाशित

 

Posted on June 11, 2019 at 4:00pm — 7 Comments

जब तुम थीं माँ

खुशबू से भरा रहता…

Continue

Posted on March 14, 2019 at 3:00pm — 6 Comments

हाँ मैं नारी हूँ

हाँ मैं नारी हूँ

घर की मर्यादा हूँ…

Continue

Posted on March 8, 2019 at 10:30am — 6 Comments

भाई दूज

सजाये कुमकुम अक्षत की थाल

मन में भर अटूट प्रेम स्नेह

आशीष भरे हाथ तिलक लगाएँ

भाई के भाल पर।

बीती बातें बचपन की

वो लड़ाई झगडे भाई बहन के

स्नेह प्यार ही बचे रहे

भाई-बहन के ह्रदय में।

अनमोल वादा रक्षा का

बहन पाए भाई से

भाई-दूज के अवसर पर

मन क्यों न हर्षित हो जाये।

दूर रहे या पास रहे भाई

खुशहाली की कामना लिए भाई की

स्नेह प्रेम का दीप जलाये बहन

ऐसा ही रिश्ता भाई-बहन…

Continue

Posted on November 8, 2018 at 4:00pm — 6 Comments

Comment Wall (15 comments)

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At 6:10pm on August 6, 2018, Kishorekant said…

वाह ! सुन्दर रचना केलिये साधुवाद !

At 10:24pm on June 20, 2018, SudhenduOjha said…

आदरणीया सुश्री नीलम उपाध्याय जी, नमस्कार। रचना आपको पसंद आई, धन्यवाद....

सुधेन्दु ओझा

At 11:55pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 4:01pm on June 20, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

आदरणीया नीलम जी, सादर 

जन्म दिन की शुभ कामनाएं 

At 8:33pm on January 5, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…


आपका वहुत धन्यबाद कि आपने मेरा मनोबल बढाया

At 12:10pm on June 23, 2011, Deepak Sharma Kuluvi said…
BAHUT HI SUNDAR RACHNAYEN NEELAM JI

REGARDS

KULUVI
At 6:25pm on June 20, 2011, ratan jaiswani said…
Happy birth day neelam ji.
At 6:09pm on June 20, 2011, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…
At 9:06am on June 20, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 5:30pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
aap dwara housala aphazai ke liye aabhar.
 
 
 

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