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Sarita Sinha commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकू
Raj Lally Sharma commented on Neelam Upadhyaya's blog post फुरसत
Neelam Upadhyaya replied to योगराज प्रभाकर's discussion एक महत्वपूर्ण घोषणा
Neelam Upadhyaya commented on Sarita Sinha's blog post हमें माफ़ कर दो आफरीन.....
PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA commented on Neelam Upadhyaya's blog post फुरसत
AVINASH S BAGDE commented on Neelam Upadhyaya's blog post फुरसतPosted on April 12, 2012 at 10:00am 2 Comments 0 Likes
Posted on April 10, 2012 at 8:30pm 5 Comments 0 Likes
फुरसत
शहर की मशहूर सी उस गली के दोनों किनारों पर बने घरों में रोशनी करने के लिए बिजली के तार एक दूसरे से उलझे हुवे एक घर से दूसरे घर में, दुसरे घर से तीसरे घर में और इसी तरह गली के सारे घरों से जुड़े हुवे थे. बिजली के इन तारों में उलझ कर एक दिन एक बंदर की मौत हो गयी. गली में बने सभी घरों में रहने वाले लोगों को बंदर की मौत से लगने वाले पाप से छुटकारा पाने की चिंता हो गयी. गली के सभी बाशिंदओं ने आपस में रायशुमारी करने के…
Posted on December 28, 2011 at 12:30pm 0 Comments 1 Like
क्या लोकपाल?
अनिश्चय से भरा
शोर शराबा
लोक या पाल
लोकपाल का शोर
थम पाएगा?
मुश्किल भरा
लोकपाल का रास्ता
चुनावी रिश्ता
फिर चुनाव
फिर शुरु हो रहे
चुनावी शोर
Posted on December 27, 2011 at 10:48am 3 Comments 1 Like
ऐसा शहर
ठिठुरती जिन्दगी
सड़कों पर
तार-तार है
नज़र अ़दाजी से
इंसानियत
जमती साँस
बच पाती अगर
आस किरण
एक कतरा
खुशहाली से भरा
उन्मुक्त हँसी
Mukesh Kumar Saxena said…
आपका वहुत धन्यबाद कि आपने मेरा मनोबल बढाया
DEEPAK SHARMA KULUVI said…
ratan jaiswani said…
Sanjay Rajendraprasad Yadav said…
Ganesh Jee "Bagi" said…
nemichandpuniyachandan said…
मनोज कुमार झा said…
PREETAM TIWARY(PREET) said… 
Ganesh Jee "Bagi" said… 
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