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Tapan Dubey
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  • Hyderabad
  • India
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Latest Activity

Tapan Dubey commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"kya baat sir bahut khub "
Jun 18
Tapan Dubey updated their profile
Feb 27
Nilesh Shevgaonkar and Tapan Dubey are now friends
Apr 23, 2016
Tapan Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69
"क्या बात वाह वाह"
Mar 26, 2016
Tapan Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69
"नादिर भाई शानदार गजल के लिये बधाई"
Mar 26, 2016
Tapan Dubey and Aditya Kumar are now friends
Mar 15, 2016
Tapan Dubey commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post पत्थर मारने की आदत(ग़ज़ल)
"खुबसूरत गजल आदरणीय शिज्जू भाई ...बहुत बहुत बधाई"
Jan 27, 2014
Tapan Dubey commented on Ravi Prakash's blog post ग़ज़ल - (रवि प्रकाश)
"आदरणीय रवि जी सबसे पहले तो क्या खूबसूरत गजल कही है बधाई नई चूड़ियों से खनकती कलाई, सवेरे-सवेरे जगाया करेगी। गजब का शेर भाई मजा आ गया बदन की मुलायम तहों में समेटे, नदी पत्थरों को सुलाया करेगी। ... भटकता फिरेगा कहीं पे अँधेरा, कहीं रोशनी गीत गाया…"
Dec 24, 2013
Tapan Dubey commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा : चलन (गणेश जी बागी)
"आदरणीय गणेश जी आज का सच बयां करती ये लघुकथा। बधाई इस सुंदर रचना के लिए"
Dec 24, 2013
Tapan Dubey commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post पोता (लघुकथा )
"एक अच्छा सन्देश देती ये लागु कथा बधाई आदरणीय शिज्जु जी"
Dec 24, 2013
Tapan Dubey commented on ajay sharma's blog post मुझसे मोहब्बत ये ज़माने से छुपाते हो
"क्या बात क्या बात बधाई"
Dec 20, 2013
Tapan Dubey commented on गिरिराज भंडारी's blog post "अपने ख़्वाबों को खिलाऊँ क्या, पिलाऊँ क्या बताओ " - गज़ल - ( गिरिराज भंडारी )
"आदरणीय गिरिराज जी खूबसूरत गजल के लिए बधाई"
Dec 20, 2013
Tapan Dubey commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल -निलेश 'नूर'-जब कि हर इक फ़ैसला मंज़ूर है
"पूरी गजल पसंद आई खास तोर पर ये शेर ख़ासियत कुछ भी नहीं उसमे, फ़क़त, वो मेरा क़ातिल है सो मशहूर है :) क्या बात निलेश भाई नब्ज़ मेरी थम गयी तो क्या हुआ, जान मुझ में आज भी भरपूर है. बात अब उनसे मुहब्बत की न कर, लोग समझेंगे, नशे में चूर है वाह वाह इस…"
Dec 20, 2013
Tapan Dubey commented on Dr Ashutosh Mishra's blog post छलकती आँखें हैं साकी हसीं इक जाम हो जाये
"बहुत अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई आदरणीय आशुतोष जी"
Dec 19, 2013
Tapan Dubey commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल - आसमानों को संविधान भी क्या // --सौरभ
"चाँद बस रौंदता है तारों को आसमानों को संविधान भी क्या ! सच्चा शेर वाह वाह फिर बदन में जो गुदगुदी सी हुई भूख भरने लगी उड़ान भी क्या ? वाह वाह बन्द कमरों की खिड़कियों से न पूछ था हवादार ये मकान भी क्या ? आदरणीय सौरभजी मजा आ गया गजल पड़ कर बधाई"
Dec 17, 2013
Tapan Dubey commented on Abhinav Arun's blog post ग़ज़ल - इश्क़ न हो तो ये जहां भी क्या - अभिनव अरुण्
"बेहतरीन गजल हर शेर तारीफे काबिल। .... आदरणीय बधाई आपको"
Dec 17, 2013

Profile Information

Gender
Male
City State
Hyderabad
Native Place
Rajgarh(Dhar) M.P.
Profession
Team Lead

Tapan Dubey's Blog

वी मिस यू जगजीत सिंह जी

 

 

ग़ज़ल के बादशाह श्री जगजीत सिह के निधन की खबर सुनते ही आँखे भर आई है. जगजीत सिह जी वो थे जिन्होने मुझ जैसे कई लोगो को ग़ज़ल से परिचित कराया है, जैसे संगीत और शायरी का साथ है, शायरी और ग़ज़ल है, वैसे ही ग़ज़ल और जगजीत सींग जी है, उनकी आवाज़ मे एक जादू था, रागो की आमिजीश के साथ उनकी ग़ज़ले…

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Posted on October 10, 2011 at 1:30pm — 1 Comment

१५ अगस्त

फिर आ रहा है १५ अगस्त. फिर से उस दिन सुबह उठते ही हम देश प्रेम के गीत को सुनेगे | सारे समाचार,टीवी चैनल सब जगह देश प्रेम की बाते की जायेगी, स्कुलो में भी गली के सबसे भ्रष्ठ नेता जी को देश प्रेम का भाषण देने के लिए बुलाया जाएगा | टीवी चैनल्स पर देश प्रेम की फ़िल्म लगाई जायेगी,दया करुणा प्रेम भाईचारे के साथ रहने की कसम…

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Posted on August 12, 2011 at 2:00am — 3 Comments

ज़िंदगी.

मे ये नही जानता शायरी क्या होती है, ग़ज़ल क्या होती है. गीत क्या होता है. सिर्फ़ मे वो लिखता हू जो मे महसूस करता हू. अपने एहसासो को कागज पर लिख के पोस्ट कर रहा हू. तकनीकी ग़लतियो के लिए माफी चाहता हू और आदरणीय योगराज जी, अंबरीषजी,धर्मेन्द्र जी और तिलक राज जी,गणेश जी से ये मेरी गुज़ारिश है की, वो अपने कीमती समय का कुछ पल मेरी इन पंक्तियो को दे कर तकनीकी ग़लतिया मुझे बताए.....इसके अलावा हिन्दी लिखने के  Tool से मे पूरी तरीके से परिचित नही हू इसलिए जानकर्  भी अपनी…

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Posted on June 6, 2011 at 3:00pm — 2 Comments

अहमद फ़राज़ शायरी/गजल

फराज के कुछ बेहतरीन शेर -

ढूँढ उजडे हुए लोगों में वफ़ा के मोती

ये ख़ज़ाने तुझे मुमकिन है ख़राबों में मिलें



तू ख़ुदा है न मेरा इश्क़ फ़रिश्तों जैसा

दोनों इंसाँ हैं तो क्यूँ इतने हिजाबों में मिलें…



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Posted on March 23, 2011 at 4:20pm

Comment Wall (8 comments)

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At 4:53pm on August 8, 2011, monika said…
aap sabhi ka bahut bahut shukriya prayas karungi ki aage bhi issi tarah obo ke liye acha likhti rahu bahut bahut dhanyvaad
At 8:45am on June 12, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 12:50am on June 11, 2011, shalini kaushik said…
many happy returns of the day.happy birthday to you.
At 9:31pm on June 4, 2011, moin shamsi said…
meri mitr-mandli me aapka swagat hai mitr !
At 10:28am on April 3, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 2:03pm on March 24, 2011, nemichandpuniyachandan said…
Shree,Tapan Dubey Sahib,Aapki ZarraNawazi Ke Liye Shukriya.
At 12:17pm on March 11, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 7:17pm on March 10, 2011, Admin said…
 
 
 

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