For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr.Vijay Prakash Sharma
  • Male
  • Ranchi
  • India
Share

Dr.Vijay Prakash Sharma's Friends

  • Dr. Neelima Thakur
  • Ashok Kumar Singh
  • seemahari sharma
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • laxman dhami
  • बृजेश नीरज
  • Tapan Dubey
 

Dr.Vijay Prakash Sharma's Page

Latest Activity

Dr.Vijay Prakash Sharma replied to मिथिलेश वामनकर's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-66 की स्वीकृत रचनाओं का संकलन
"महा उत्सव के सफल संचालन और संकलन हेतु बधाइयाँ शुभकामनायें."
May 6, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-66
"आपका हार्दिक आभार जनाब उस्मानी जी।"
Apr 10, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-66
"आपका हार्दिक आभार आदरणीया प्रतिभा जी ""
Apr 10, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-66
"रास्ते निकालने होते रास्ते बनाना पड़ता मार्ग पर बन जाती है पगडण्डी चल देने मात्र से. एक बार , दो बार , बार- बार जीवन की ऊबड़- खाबड़ डगर पर। मिटने लगता है दूरियों का भान समय सापेक्ष में. जरूरत होती है केवल एक सहचर की। लोग आने लगते हैं पीछे…"
Apr 10, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma commented on Dr.Vijay Prakash Sharma's blog post बंटवारा
"साभार धन्यवाद सतविन्द्र कुमार jee."
Feb 29, 2016
सतविन्द्र कुमार commented on Dr.Vijay Prakash Sharma's blog post बंटवारा
"बहुत ही पीड़ादायी है यह बंटवारा .हकीकत पर शानदार तंज."
Feb 25, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma commented on Dr.Vijay Prakash Sharma's blog post बंटवारा
"आ. कांता जी, साभार धन्यवाद."
Feb 25, 2016
kanta roy commented on Dr.Vijay Prakash Sharma's blog post बंटवारा
"खुदगर्जी बढती जा रही है ..... आज के संदर्भ में बड़ी ही तंजदार प्रस्तुति हुई है आपकी आदरणीय डाॅ विजय प्रकाश जी । बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 25, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma posted a blog post

बंटवारा

हमने बाँट ली ज़मीन फिर आसमान अब बाँट लिए चाँद सूरज और तारे फिर बाँटा देश-वेश, रहन- सहन रंग-ढंग, जाति- प्रजाति ख़ुदग़रज़ई बढ़ती जा रही है. अब हमने छुपा दिया है सदभावना को, भाईचारे को किसी गहरी खाई में. हम अब नहीं बाँटना चाहते सहज स्नेह आमने- सामने... (मौलिक व अप्रकाशित)See More
Feb 24, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आ. लक्ष्मण धामी जी, आपने रचना को सराहा, हार्दिक आभार."
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आ. अखिलेश कृष्ण जी, आपने रचना को सराहा, हार्दिक आभार ."
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आदरणीय योगराज भाई, आपने रचना को सराहा, हार्दिक आभार "
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आ. प्रतिभा पांडे जी, आपकी सराहना के बिना रचना अधूरी लगती,हार्दिक आभार"
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आदरणीय जनाब समर कबीर साहेब, आपने रचना को सराहा, हार्दिक आभार."
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आ.सचिन देव जी,हार्दिक आभार"
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"नयना(आरती)कानिटकर- आ. नयना जी,हार्दिक आभार"
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आ. गिरिराज भाई, आपकी सराहना के बिना रचना अधूरी लगती,हार्दिक आभार"
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आदरणीय Tasdiq Ahmed Khan  saheb,  रचना को स्वीकारने हेतु हार्दिक आभार. "
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64
"आदरणीय सौरभ जी, सहज आत्मीयता से रचना को स्वीकारने हेतु हार्दिक आभार."
Feb 12, 2016
Dr.Vijay Prakash Sharma commented on Dr.Vijay Prakash Sharma's blog post आप कैसे देखते है?
"बहुत बहुत आभार. जनाब Sheikh Shahzad Usmani jee."
Feb 12, 2016

Profile Information

Gender
Male
City State
Ranchi
Native Place
Ranchi
Profession
Professor
About me
डॉ.विजय प्रकाश शर्मा स्नातकोत्तर एवम पी एच. डी (मानवविज्ञान ), रांची शिक्षण- दस वर्षों तक रांची विश्वविद्यालय , गुरूघासीदास विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर शिक्षण. बाल्यावस्था से ही हिंदी में लेखन-प्रकाशन विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में.आकाशवाणी से प्रसारण . हिंदी कविता -प्रकाशित संग्रह--"सौंफ का शरबत", Email - drvijayprakash@yahoo.co.uk; drvijayprakash.sharma@gmail.com

Dr.Vijay Prakash Sharma's Blog

बंटवारा

हमने बाँट ली ज़मीन
फिर आसमान
अब बाँट लिए
चाँद सूरज और तारे
फिर बाँटा
देश-वेश, रहन- सहन
रंग-ढंग, जाति- प्रजाति
ख़ुदग़रज़ई
बढ़ती जा रही है.
अब हमने छुपा दिया है
सदभावना को, भाईचारे को
किसी गहरी खाई में.
हम अब नहीं बाँटना चाहते
सहज स्नेह
आमने- सामने..

.
(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on February 24, 2016 at 8:00am — 4 Comments

आप कैसे देखते है?

आप कैसे देखते है?
उसे कैसे स्वीकारते है
दुलार्ते हैं या नकारते हैं
यह आप पर निर्भर है.
आपके समाज पर निर्भर है.
कैकेई भी, कौशल्या भी,
देवकी और यशोदा भी
वाचाल मंथरा भी.
पुरुष की जननी भी
माता और भगिनी भी.
ज्वाला की अग्नि भी.
आप कैसे देखते है?
आधुनिकसमाज सुधारकों के अनुसार
दलित, शोषित, पीड़ित,उपेक्षित
वंचित, कुचलित भी वही है.
आप कैसे देखते है?

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on February 7, 2016 at 4:03pm — 6 Comments

हस्ताक्षर

उकेर दिया है

समय की रेत पर

अपना हस्ताक्षर.

जानता हूँ

ख़त्म हो जाएगा

रेत के बिखराव से

मेरा वज़ूद.

संभावना यह भी

किसी संकुचन क्रियावश

घनीभूत हो रेत

प्रस्तर बन जाय .

तब देख पाओगे

खंडित होने तक

मेरा हस्ताक्षर.

कुच्छ भी तो नहीं है

अनंत.

(विजय प्रकाश)

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on September 5, 2015 at 1:30pm — 12 Comments

अंदर का बनिया

हमारे अंदर का बनिया

सब कुच्छ बेचता है,

राम भी, कृष्ण भी,

धर्म और ईमान भी,

तीर और कमान भी.

अब उसके दुकान में

नये- नये समान हैं,

झूठाई, सपनों की मिठाई,

दंभ के साथ बढ़ती ढिठाई

ईन्हे वो रोज नई नई

जगहों पे सजाता है

ज़ोर से आवाज़ लगाता है

हिंदू हो या मुसलमान,

सिख हो या ख्रिस्तान,

उसके लिए सभी बराबर हैं.

वो बड़ी ईमानदारी से

बेईमानी बेचता हैं

दरअसल जो बिकता है

वही टिकता है.

मौलिक वा…

Continue

Posted on April 15, 2015 at 8:00am — 12 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:17pm on September 21, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आपकी मित्रता का स्वागत है आदरणीय !

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)
"आदरणीय वासुदेव जी आदाब, सबसे पहले आपको ईद की दिली मुबारकबाद । हर शे'र असरदार । ईद का बेहतरीन…"
26 minutes ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on surender insan's blog post ग़ज़ल
"अगर बहर  २ २ २ २  २ २ २ है तो-----------उसकी मौज़ में रहता हूँ।---------ख़ुद हो शेर अगर…"
2 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)
"वा वाह क्या बात कही खूब गजल में त्यौहार असरदार तुम्हे ईद मुबारक"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार को ईद-उल-फ़ित्र की दिली मुबारकबाद ।"
3 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)

221 1221 1221 122रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक,खुशियों का ये दे सबको असर ईद मुबारक।घुल आज फ़िज़ा में हैं…See More
3 hours ago
Nita Kasar commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post ऐडवर्स रिपोर्ट(लघु कथा )
"एक तो चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी ।घर में घुसकर २०० रूपये ले गये सो अलग ।एेसे लोगों से दूरी भली ।ठगी से…"
5 hours ago
Nita Kasar commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते...तत्र..!' (लघुकथा) /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"प्रतीकात्मक रूप से लिखी गई कथा के लिये व नायिका के दृष्टिकोण को उजागर करती कथा के लिये बधाई आद०…"
5 hours ago
Nita Kasar commented on विनय कुमार's blog post बढ़ता धुआं- लघुकथा
"सत्य घटना पर आधारित कथा के लिये बधाई आद० विनय सिंह जी ।"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on KALPANA BHATT's blog post मूक दर्शक (लघुकथा)
"अच्छा कटाक्ष करती शानदार रचना के लियर ढेर सारी बधाई स्वीकार करें आदरनीया"
5 hours ago
Nita Kasar commented on KALPANA BHATT's blog post मूक दर्शक (लघुकथा)
"अब मूकदर्शक स्पष्ट हो गया कौन रहा ।कटु व्यंग्य के लिये बधाई ।आद० कल्पना जी ।"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल : भइ, आप हैं मालिक तो कहाँ आपसे तुलना
"आदरनीय सौरभ सर बड़ी शिद्दत से आपका और आपकी रचना का जो इंतेज़ार था आज ख़त्म हुआ वो भी ईद के इस शानदार…"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on विनय कुमार's blog post बढ़ता धुआं- लघुकथा
"बहुत ही मार्मिक रचना अभी टी वी पर इसी रचना जैसी घटना पर समाचार सुन रहा था इस रचना के लिए ढेरों बधाई…"
5 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service