For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

sanjeev sameer
Share

Sanjeev sameer's Friends

  • Abhay Kant Jha Deepraaj
  • Bhasker Agrawal
  • Lata R.Ojha
  • Neelam Upadhyaya
  • praveena joshi
  • Kanchan Pandey
 

sanjeev sameer's Page

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर left a comment for sanjeev sameer
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें "
May 20, 2015
Rekha Joshi left a comment for sanjeev sameer
"Happy Birthday Sanjeev ji "
May 20, 2012
Kanchan Pandey and sanjeev sameer are now friends
Jan 18, 2011

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" left a comment for sanjeev sameer
"अपने मित्रो और परिचितों को ओपन बुक्स ऑनलाइन से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक करे..."
Dec 31, 2010
sanjeev sameer and Bhasker Agrawal are now friends
Dec 29, 2010
Bhasker Agrawal commented on sanjeev sameer's blog post सोचना जरूरी है
"सच कहा सोचना जरूरी है..और उम्मीद है  ये जल्द ही होगा"
Dec 29, 2010
sanjeev sameer commented on praveena joshi's blog post दोस्तों के दिल में रहते हैं
"जानदार अभिव्यक्ति सुन्दर रचना बधाई प्रवीना जी!"
Dec 28, 2010
sanjeev sameer posted blog posts
Dec 28, 2010
Neelam Upadhyaya commented on sanjeev sameer's blog post सोचना जरूरी है
"Hamare aaj ke samaj ke katu yatharth yahi hai.  Bahut hi satik rachna."
Dec 28, 2010
prabhat kumar roy commented on sanjeev sameer's blog post सोचना जरूरी है
"It is vary good poem written by sanjeev sameer, full of passion & emotion. congrats!"
Dec 28, 2010
sanjeev sameer and Abhay Kant Jha Deepraaj are now friends
Dec 27, 2010
Rash Bihari Ravi commented on sanjeev sameer's blog post सोचना जरूरी है
"namaskar sir khubsurat rachna ke liye dhanyabad"
Dec 27, 2010
Abhay Kant Jha Deepraaj left a comment for sanjeev sameer
"Sanjeev Jee, thanks for your good poems. Abhay....."
Dec 27, 2010
sanjiv verma 'salil' commented on sanjeev sameer's blog post सोचना जरूरी है
"कटु यथार्थ... शोचनीय... नेताओं और अफसरों ने देश को दुनिया की सबसे बड़ी मंदी बना दिया है और इसे वे अपनी सबसे सफलता मानते हैं. बिक तो दोनों रहे हैं स्त्री भी और पुरुष भी. मन गौड और तन प्रमुख हो गया है."
Dec 26, 2010
PREETAM TIWARY(PREET) left a comment for sanjeev sameer
Dec 26, 2010

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" commented on sanjeev sameer's blog post हम इंतजार करते हैं
"जिन्दगी हर कदम पर इम्तिहान लेती है, तन्हाई हर मोड पर धोखा देती है. फिर भी हम जिन्दगी से प्यार करते हैं..... बहुत ही खुबसूरत, बेहतरीन कविता , फिर भी हम जिंदगी से प्यार करते है , क्या बात है , अच्छी प्रस्तुति, बधाई ..."
Dec 26, 2010

Profile Information

Gender
Male
City State
Koderma, jharkhand
Native Place
koderma
Profession
journalist
About me
simple man in search of good friends

sanjeev sameer's Photos

Loading…
  • Add Photos
  • View All

Sanjeev sameer's Blog

पानी के इस्तेमाल से कोडरमा के कई गांवों में दर्जनों लोग हुए विकलांग

झारखंड बिहार की सीमा पर बसे कोडरमा जिले के कुछ गांव ऐसे हैं जहां पानी के इस्तेमाल से बच्चे और बडे विकलांग हो रहे हैं। ये बदनसीब ऐसे कि पानी का घूंट लेते वक्त उनके हाथ-पैर कांपते हैं। इन गांवों में बडे भी खुद कब की लाठी थामे हैं, अब बच्चों को बैसाखियों के सहारे जिंदगी ढोते देख रहे हैं। कोडरमा घाटी… Continue

Posted on December 27, 2010 at 10:08pm

सोचना जरूरी है

ऐसे समय में

जब आदमी अपनी पहचान खो रहा है

बाजार हो रहा है हावी

और आदमी बिक रहा है

कैसी बच सकेगी आदमियत

यह सोचना जरूरी है।



टीवी पर दिखती रंग बिरंगी तस्वीरें

हकीकत नहीं है

और न ही पेज 3 पर के चेहरे

आज भी बच्चे

दो जून की रोटी के लिये

चुनते हैं कचरे

और करते हैं बूट पालिष

अरमानों को संजोये

हजारों लडकियां

पहुंच जाती हैं देह मंडी के बाजार में

और यही हकीकत है।



पूरी दुनिया की भी यही तस्वीर है

जब बाजार हो रहा है… Continue

Posted on December 26, 2010 at 12:29pm — 8 Comments

कुछ दिनो से

कुछ दिनो से

ये शहर लगता उदास है

उपर से शान्त पर

अन्दर से बना आग है.

कुछ दिनो से

सान्झ होते ही

खिडकिया और दरवाजे

हो जाते है बन्द

और लोग अपने ही घरो मे

होकर रह जाते है कैद.

कुछ दिनो से

लगता ही नही कि

रहता है यहा कोई आदमी… Continue

Posted on December 26, 2010 at 12:26pm — 1 Comment

हम इंतजार करते हैं

कभी कोई अनजाना
अपना हो जाता है.
कभी किसी से
प्यार हो जाता है.
ये जरूरी नहीं
कि जो खुशी दे
उसी से प्यार हो.
दिल तोडने वाले से भी
प्यार हो जाता है.
जिन्दगी हर कदम पर
इम्तिहान लेती है,
तन्हाई हर मोड पर
धोखा देती है.
फिर भी हम
जिन्दगी से प्यार करते हैं
क्यूंकि हम किसी का
इंतजार करते हैं.
कुछ दोस्तों का
हां दोस्तों का
इंतजार करते हैं.

Posted on December 26, 2010 at 12:22pm — 1 Comment

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 2:24am on May 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 6:49pm on May 20, 2012, Rekha Joshi said…

Happy Birthday Sanjeev ji 

At 4:08pm on December 31, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 2:16am on December 27, 2010, Abhay Kant Jha Deepraaj said…
Sanjeev Jee, thanks for your good poems. Abhay.....
At 5:55pm on December 26, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 12:28pm on December 26, 2010, Admin said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande commented on KALPANA BHATT's blog post बरखा ( सार छंद- १६,१२)
"बारिश की मस्ती को खूब पिरोया है आपने छंदों में .   हार्दिक बधाई   आदरणीया कल्पना जी "
1 hour ago
pratibha pande commented on Mamta 's blog post लघुकथा "मजबूरियाँ"
"बहुत अच्छी लघुकथा ... ममता का मर्म जिस तरह अंत में उभर कर आया  प्रभावित करता है ...हार्दिक…"
1 hour ago
pratibha pande commented on Manisha Saxena's blog post लघुकथा उलझन दाखिले की
"दाखिले की समस्या से जूझ  रहे अभिभावकों को केंद्र में रख कही गई सुन्दर कथा ...हार्दिक बधाई…"
1 hour ago
pratibha pande commented on Uma Vishwakarma's blog post अपाहिज़ कौन: लघुकथा
"गंभीर विषय को लेकर कथा  का ताना बाना बुना है आपने ..हार्दिक बधाई आपको आदरणीया..  शिल्प…"
2 hours ago
pratibha pande commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--इशारा
"सरकारें बदलती रहती हैं पर आम आदमी के सरोकार वाली संस्थाएं पुलिस शिक्षा स्वास्थ्य ,सब वहीँ की वहीँ…"
2 hours ago
pratibha pande commented on MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's blog post " फर्ज " ( लघु कथा )
"सकारात्मक सोच पर बुनी प्रभावशाली  कथा ..हार्दिक बधाई आपको आदरणीय "
2 hours ago
pratibha pande commented on MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's blog post " उमस " ( लघु कथा )
"  एक कविता की तरह कही गई कहानी .. इंतज़ार मे.प्रेमी के दिल का हाल  बारिश में पैदा उमस जैसा…"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on श्याम किशोर सिंह 'करीब''s blog post पर्यावरण / किशोर करीब
"आदरणीय श्याम किशोर जी आदाब, पर्यावरणीय चिंता को रेखांकित करती बेहतरीन कविता । अच्छा संदेश । हार्दिक…"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--इशारा
"आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब,आपकी टिप्पणी पाकर अभिभूत हो गया । आपने सही कहा कि थोड़े शब्दों में बड़ी…"
2 hours ago
Manisha Saxena commented on Manisha Saxena's blog post लघुकथा उलझन दाखिले की
"आ. उमानी जी आपकी बताई गयी दोनों बातें ज़रूर ध्यान रखूंगी| आप गुणीजन के मार्गदर्शन में सीख रही हूँ…"
4 hours ago
Manisha Saxena commented on Manisha Saxena's blog post लघुकथा उलझन दाखिले की
"मुझे भी लगा था आ. आरिफ जी .कोशिश ज़ारी है |आभार |"
4 hours ago
Manisha Saxena commented on Manisha Saxena's blog post लघुकथा उलझन दाखिले की
"समरजी आप से मैं पूरी तरह सहमत हूँ ,मेरी कोशिश आरी है ,सीख रही हूँ |"
4 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service