For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Bhasker Agrawal
  • Male
  • अलीगढ, उत्तर प्रदेश
  • India
Share

Bhasker Agrawal's Friends

  • AK Rajput
  • Yogyata Mishra
  • ajay kumar tiwari
  • अमि तेष
  • sanjeev sameer
  • raj jalan
  • anupama shrivastava[anu shri]
  • Abhay Kant Jha Deepraaj
  • madan kumar tiwary
  • Dr. Sanjay dani
  • Azeez Belgaumi
  • दिगंबर नासवा
  • Lata R.Ojha
  • mohsin khan
  • Shanno Aggarwal

Bhasker Agrawal's Groups

 

Bhasker Agrawal's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
aligarh
Native Place
Raghuveer puri
Profession
student

Bhasker Agrawal's Photos

  • Add Photos
  • View All

Bhasker Agrawal's Blog

इंसानों की दुकान

दुनिया को दुनिया क्यों कहते हैं ?

इंसानों की दुकान क्यों नहीं कहते ?

जहाँ इंसान बिकते हैं..

बिकते हैं कुछ हो बेआबरू यहाँ, कुछ हैं जो होकर महान बिकते हैं..

देते हजारों को गुलामी ये जन ,खुदको शहंशाह मान बिकते हैं..

लो हो गयीं शख्सियतें कीमती, खरीदो ये महंगे सामान बिकते हैं..

हो गए हैं जिंदगी से खाली शायद, जिस्म बिकते हैं जैसे मकान बिकते हैं..

पूछा तो बोले इसमें शर्म कैसी, हमें फक्र है हम सीना तान बिकते हैं..

देखी जो जमीं की…

Continue

Posted on December 2, 2011 at 4:00pm — 2 Comments

अन्ना - अराजकता या संशोधन

मैं कई लोगों के मुंह से सुन चुका हूँ के अन्ना हजारे के आंदोलन से अराजकता की स्तिथि पैदा हो रही है या हो सकती है

 

तो में उन लोगों से पूछना चाहता हूँ के अराजकता का मतलब क्या है

ये जो ६५ साल से भारत की ज्यादातर जनता को भ्रष्टाचार के कारण संघर्षपूर्ण जीवन जीना पड़ता है, क्या ये अराजकता नहीं है

क्या ये जो कमजोर कानूनों का ढाल बनाकर भ्रष्ट लोग कानून की ही धच्चियाँ उड़ाते हैं, क्या ये अराजकता नहीं है

इन जैसे लोगों ने किताबी जानकारी तो काफी ले ली हैं पर इनको…

Continue

Posted on August 19, 2011 at 10:00pm

खाना नहीं पर गाना जरूर

अगर दुनियां में आज लोग दुखी हैं तो उसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार में उन जैसे लोगों को मानता हूँ जो खाते कम गाते ज्यादा हैं



आप बहुचर्चित food shows का उदाहरण ले सकते हैं जिसमें आपको आसानी से एक महिला या पुरुष दिख जायेगा जो खाना चखने के दौरान अजीब अजीब आवाजें निकालना शुरू कर देता हैं

उनके चटकारे देखकर, देखने वाले मनुष्य को अपना अच्छा खासा स्वादिष्ट भोजन भी कम स्वादिष्ट लगने लगे इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं



किसी महापुरुष से सुना था के मनुष्य इस बात से दुखी नहीं के उसके घर… Continue

Posted on June 23, 2011 at 7:30pm — 4 Comments

खिड़की के उस तरफ

इक छोटा सा पंछी मेरे कमरे की खिड़की के बराबर से गुजरते तारों पे बैठा रहता है दिनभर

हर वक्त मौन सा रहता,

निहारता सामने के बागों को,

इमारतों पे सर पटकती किरणों को,

परदेसी पवन के झोकों को हरे वृक्षों से आलिंगन करते हुए ..



कभी कभी जो में खिडकी के पास आता हूँ उसे देखने, तो वो मेरी तरफ मुड़कर बैठ जाता है

लगता है जैसे अपनी शांत आखों से मेरे अशांत चित्त को देखकर कह रहा हो

के तुम भी हो कुछ मेरे जैसे वहाँ खिड़की के उस तरफ

फर्क है इतना के तुम हो अपने में ही उलझे… Continue

Posted on May 6, 2011 at 5:07pm — 2 Comments

Comment Wall (8 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:58am on August 24, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 9:04pm on December 26, 2010, Admin said…
भाष्कर जी, लिंक की जानकारी केवल नियमों से परिचय कराना है, इसे अन्यथा ना लें | यह सामान्य सा प्रक्रिया है , OBO चाहता है कि सभी फनकार OBO के प्रकाशन नियमावली से परिचित हो जाये तथा अपनी पोस्ट को नियमों के दायरे मे ही पोस्ट करे, धन्यवाद  |
At 7:04pm on December 26, 2010, Admin said…

आदरणीय भाष्कर जी, सादर अभिवादन !

कृपया नीचे दिया गया लिंक अवश्य पढ़े, धन्यवाद |

http://www.openbooksonline.com/page/notice-1

At 3:17pm on December 17, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 6:50pm on December 13, 2010, Abhay Kant Jha Deepraaj said…

 भास्कर जी, भाव वस्तुतः उच्च है ......अभय दीपराज

At 10:07am on December 13, 2010, Admin said…

At 7:44pm on November 30, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 1:40pm on November 30, 2010, Ratnesh Raman Pathak said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"जनाब अमीरुद्दीन जी, बहुत उम्दा ग़ज़ल कही आपने। चौथा शेर और आख़िरी शेर(गिरह) ख़ास तौर पर पसंद आये, उनके…"
55 seconds ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें।…"
2 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"मुहतरम जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और पसंदगी के इज़हार और हौसला…"
13 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय अनिल कुमार सिंह जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत…"
17 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"जनाब लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद, पसन्दगी और त्रुटियों की ओर ध्यानाकर्षित कराने…"
21 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय सलिक गणवीर जी बेहतरीन ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार करें। दूसरे में 'गई' के बदले चुकी…"
25 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय मुसाफ़िर जी बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई . गिरह ख़ूब लगा "
29 minutes ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"बहन डिंपल शर्मा जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिती और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ."
43 minutes ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय अ.कु.सिंह साहबसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिती और सराहना के लिए ह्रदय तल से आपका आभारी हूँ."
45 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"सादर धन्यवाद सालिक गणवीर जी"
45 minutes ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"भाई लक्षण धामी 'मुसाफ़िर' जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी उपस्थिती और सराहना के लिए ह्रदय तल से…"
46 minutes ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123
"आदरणीय अनिल कुमार सिंह जीसादर अभिवादनउम्दा तरही ग़ज़ल के लिए ढेरों बधाइयाँ स्वीकार करें. सादर."
57 minutes ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service