For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मोहन बेगोवाल
  • Male
  • Amritsar
  • India
Share

मोहन बेगोवाल's Friends

  • Sunil Verma
  • Amit Kumar "Amit"
  • गिरिराज भंडारी
  • Dr. Swaran J. Omcawr
  • राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
  • मिथिलेश वामनकर

मोहन बेगोवाल's Groups

 

मोहन बेगोवाल's Page

Latest Activity

मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"सर जी, बहुत सुंदर लघूकथा के लिए बहुत बहुत मुबारकबाद"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत ही सुंदर लघूकथा के लिए बधाई हो"
Jul 31
Samar kabeer commented on मोहन बेगोवाल's blog post ग़ज़ल
"जनाब डॉ.मोहन बेगोवाल जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें,ग़ज़ल अभी बहुत समय चाहती है,आपको चाहिए कि ग़ज़ल के विषय में मंच पर मौजूद आलेखों का अध्यन करें ।"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत सुंदर लघूकथा के लिए बहन राजेश जी बधाई हो"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"सभी दोस्तों का मेरी लघूकथा के लिए विचार देने का धन्यावाद"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"अच्छी लघूकथा की बधाई क़ुबूल करें।"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत सुंदर लघूकथा के लिए बधाई"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत सुंदर लघूकथा जिस में समाज की बुराई को पेश किया है"
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"सुख बनाम सूनापन(लघुकथा) रिटायरमेंट के बाद आज मैं अपने गाँव को जाने के लिए तैयार हो कार में बैठ गया। चाली वर्ष के बाद आज फ्री हो कर पहली बार गाँव जाने का प्रोग्राम बनाया, यहाँ पर भी तो अकेला ही हूँ, जब की श्रीमती इंग्लेंड बेटे के पास गई है…"
Jul 31
मोहन बेगोवाल posted a blog post

ग़ज़ल

तू  दर्द से मिलें  हो ये  दौलत  कहाँ कहाँ                     रहती है प्यार को  भी  शिकायत कहाँ कहाँ             दुनिया  बदल  गई  कोई हमको  बता गया                    मिलती है बोल सोच कि वहशत कहाँ  कहाँ             जब  अब   बहा र हो न  हमारे  नसीब  में                   फिर और  हम बता दो तिजारत कहाँ कहाँ                    हम भी तलाश हार  गये  जो     मिला नहीं                   पाने    को  उस करी न  इबादत कहाँ कहाँ                   कैसे    कहें     सदा  वो  हमारे  बनें    रहे …See More
Jul 31
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"सुंदर लघूकथा के लिए मुबारकबाद"
Jul 30
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत उम्दा अर्थ भरपूर लघूकथा के लिए बधाई क़ुबूल करें"
Jul 30
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-28
"बहुत ही टचिंग लघूकथा,मगर आज तो लोग घर को भी तेज़ी से बदलने लगे हैं, अच्छी लघूकथा के लिए बधाई"
Jul 30
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-85
"शिजू जी,सुंदर ग़ज़ल के लिए बधाई कुबूल करें"
Jul 29
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-85
"अच्छी ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद"
Jul 29
मोहन बेगोवाल replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-85
"बहुत सुंदर ग़ज़ल की बधाई कुबूल करें"
Jul 29

Profile Information

Gender
Male
City State
Amritsar
Native Place
Begowal
Profession
Medical Teacher
About me
Gazalgo , Punjabi Writer

मोहन बेगोवाल's Blog

ग़ज़ल

तू  दर्द से मिलें  हो ये  दौलत  कहाँ कहाँ                     

रहती है प्यार को  भी  शिकायत कहाँ कहाँ

             

दुनिया  बदल  गई  कोई हमको  बता गया                    

मिलती है बोल सोच कि वहशत कहाँ  कहाँ

             

जब  अब   बहा र हो न  हमारे  नसीब  में                   

फिर और  हम बता दो तिजारत कहाँ कहाँ

                    

हम भी तलाश हार  गये  जो     मिला नहीं                   

पाने    को  उस करी न  इबादत कहाँ…

Continue

Posted on July 30, 2017 at 9:50am — 1 Comment

विरासत (लघुकथा )

   

विरासत (लघुकथा )

सुबह पढ़ी कहानी से महेंद्र बहुत प्रभावित हुए |

वह चाहते थे कि घर का हर सदस्य भी इसे पढ़ें क्यूंकि इस कहानी में लेखक ने जो बताने की कोशिश की है |

वे आज के दौर के बारे में है जो हमारी आने वाली जिंदगी  को कैसे प्रभावित करेगी के बारे में है |

घर के सदस्य टेलीविज़न देख रहे हैं |

मगर सब से छोटी लड़की सौफे पे बैठी पढ़ रही है |

महेंद्र इस कहानी को पढ़ने के लिए, उसे देना चाह रहा है |

क्यूंकि के उसकी लाइब्रेरी में कई किताबें हैं, मगर वे सब…

Continue

Posted on June 19, 2017 at 3:30pm

झूठ का साया(लघुकथा)

                       

महिंद्र की सेवानिवृत्ति पार्टी शुरू हो गई | विभाग के कर्मचारियों के साथ महिंद्र के करीब के रिश्तेदार भी आ कर हाल में  बैठ गए | थोड़ी देर बाद साहिब  भी आ गए | साहिब और कार्यालय के कर्मचारियों ने महिंद्र और उसकी पत्नी को आगे पड़ी कुर्सियों पे बिठाया और उनके गले में हार डाले और उनको गिफ्ट दिए |

इसी समय सब को भोजन परोसा गया और सभी ने खाना शुरू किया, समारोह के चलते, कुछ लोगों को महिंद्र के बारे में कुछ कहने के लिए क्रमवार बुलाया गया |

मगर सभी…

Continue

Posted on May 28, 2017 at 6:02am — 4 Comments

ड्रामा और हकीकत(लघुकथा)

गेट के सामने भीड़ इकठ्ठी हो रही है, कुछ लोग क्रोध से भर कार्यालय के अंदर जाने की कोशिश कर रहे हैं । द्वारपाल भीड़ को रोकने की कोशिश में नकाम हो रहा है।

प्रेस अपने वीडियो कैमरे के साथ कार्यालय तक पहुँच गई है, और पत्रकार कई तरह के सवाल पुछ रहे हैं जैसे “वार्ड नं ३ में होने वाली मौत के बारे आप क्या कहना चाहेंगा। आप बताएँ मौत कि लिए जिम्मेदार चिकित्सक पर क्या एकशन लिया गया है।“

"आप कैसे कह सकते हैं कि मौत के लिए चिकित्सक ही जिम्मेदार है ?" बड़े टेबल की दुसरी तरफ़ बैठे साहिब ने कहा। मैने…

Continue

Posted on May 15, 2017 at 4:30pm — 6 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:08pm on March 1, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई, ईश्वर आपको प्रत्येक क्षेत्र में सफल करें ......

At 8:14pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

       

      आदरणीय मोहन बेगोवाल जी आपको शेर पसन्द आये . मै कृतार्थ हुई

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"शुक्रिया आदरणीय सुशील जी .."
5 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post नकल (लघु कथा)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय आरिफ भाई।"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on Manan Kumar singh's blog post नकल (लघु कथा)
"आदरणीय मनन कुमार जी आदाब,                    …"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post पर्यावरणीय कविता --"हिंसक"
"कविता की सराहना और अनुमोदन का बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी ।"
7 hours ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद शुक्रगुज़ार हूँ आपके आशिर्वाद का .... आ0 दादा gajendra जी .... आ0 दादा अजय तिवारी जी .... आ0…"
7 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (मिलाओ किसी से नज़र धीरे धीरे )
"वाह साहिब हर शेर क़बिले तारीफ़, इतनी ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिए मुबारक़बाद."
8 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post दामन को तीरगी से बचाते चले गए - सलीम रज़ा रीवा
"आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी."
8 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post दामन को तीरगी से बचाते चले गए - सलीम रज़ा रीवा
"बहुत शुक्रिया लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी"
8 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on vijay nikore's blog post विकल विदा के क्षण
"जनाब विजय निकोर साहिब , सुन्दर भावों को दर्शाती उम्दा रचना हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
8 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

नकल (लघु कथा)

'उन्होंने एक लघु कथा लिखी।फेसबुक पर आ गयी।हठात उसपर मेरी नजर पड़ी। शीर्षक,समापन सब मेरे थे।बापू की…See More
8 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post वैध बूचड़खाना (लघुकथा)
"जनाब चंद्रेश कुमार साहिब , संदेश देती सुन्दर लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं।"
8 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post गऊ ठीक-ठाक नहीं (लघुकथा)
"जनाब शेख़ शहज़ाद उस्मानी साहिब , पति ,पत्नी रिश्तों को आइना दिखाती सुन्दर लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद…"
8 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service