For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

१२२ १२२ १२२ १२२


रटौले रटल बा नियम का ह, मत का ?
बुझाइल कबो ना सही का, गलत का !

सियासत के सोझगर गनितओ बुझाई
गुना-भाग छोड़ीं, बताईं जुगत का ?

गुनत जा रहल बा, पटाइल उपासे-
कमाई जे हासिल, त आखिर बचत का ?

धुआँ बा, कुहा बा, रुखाइल घर-आङन
सुखाइल इनारा त ढेंकुल, जगत का ?

चकाचौंध देखी, लहालोट होखी..
मताइल अगर ना.. भला ऊ भगत का ?

करब गाल रउआ, हँसब देइ ताली                              [ गाल - बेईमानी
जबाबी मिली तब पुछाई सखत का !

******

सौरभ

(मौलिक आ अप्रकाशित)

Views: 1005

Replies to This Discussion

मत्ला------बौद्धिक-चाटुकारों के संदर्भ में सटीक बैठ रहा।

जुगाड़ और सियासत का तो साथ चोली-दामन का है..शेर सत्य उद्घाटित कर रहा

जब कुआँ ही प्यासा है तो प्यासे का क्या?

किस किस शेर पर टिप्पणी करूँ.... उस लायक भी तो नहीं हूँ......एक अर्थपूर्ण शब्द-धनी ग़ज़ल है

एक बार फिर से प्रणाम

और भक्त का भावलीन हो जाना, आराध्य में खो जाना...इस बात को कितनी सहजता से आप कह गए हैं...सीख रहा हूँ मैं

अनन्य भाई पंकज कुमार मिश्रा जी, आपकी उत्साहवर्द्धक टिप्पणी पर समयानुसार धन्यवाद ज्ञापित न कर पाया इसका मुझे हार्दिक खेद है. मैं इधर न केवल दौरे पर था, बल्कि, वित्तीय वर्ष के समापन माह होने कारण अत्यंत व्यस्त भी हूँ. 

लेकिन, भाई आपकी दृष्टि इस रचना पर पडी, यही इस रचना का सौभाग्य है. 

हार्दिक धन्यवाद 

आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन । भाषा के लिहाज से गजल को समझने में थोड़ी सी दिक्कत तो हुई पर मन प्रफुल्लित हो गया । इस स्थानीय भाषा की बेहतरीन गजल के लिए ढेरों बधाइयाँ ।

आदरणीय लक्ष्मण भाई जी, यह आपकी सदाशयता ही नहीं, आपके साहित्यानुराग का ज्वाज्वल्यमान उदाहरण है कि भोजपुरी भाषी न होते हुए भी आपने रचना पर न केवल उचित समय दिया, बल्कि उदारमना बधाई भी दी. मैं आपके उत्साहवर्द्धन पर हृदयतल से आभारी हूँ. 

सादर 

  • सादर प्रणाम आदरणीय जनाब सोरभ पांडेय जी
  • बेहद खूबसूरत ग़ज़ल है
  • ऊपर से भोजपुरी भाषा का तड़का मज़ा आ गया
  • धन्यवाद

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. ऋचाजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. मेठानीजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. दंडपानीजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. सुजानजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. गुरप्रीतजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. मननजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. नवीनजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. धामीजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. प्रकाशजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. तस्दीकजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. गणवीरजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago
Amit swapnil replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-143
"आ. शुक्लाजी बढ़िया गजल कही आपने, बधाई  स्वीकार करें।"
3 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service