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हमारे ओबीओ से जुड़े एक मित्र श्री अलबेला खत्री जी बहुत गंभीर अवस्था में सूरत के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं जिस किसी से कोई भी सहायता बने कर सकते हैं भगवान् से प्रार्थना है वो जल्दी…Continue

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Apr 5, 2014.

सभी मित्रों को गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएं ,एक खुशखबरी के संग
15 Replies

मुझे गर्व है कि मेरे दामाद (थल सेना कर्नल) को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सेना मैडल से सम्मानित किया गया है|…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari Feb 22, 2013.

मेरी कविता संग्रह "ह्रदय के उद्दगार" का विमोचन पूर्व मुख्य मंत्री (उत्तराखंड )माननीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खंडूरी जी के करकमलों द्वारा
19 Replies

मेरी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण दिवस मेरी कविता संग्रह  "ह्रदय के उद्दगार" का विमोचन पूर्व मुख्य मंत्री (उत्तराखंड )माननीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खंडूरी जी के करकमलों द्वारा ८/९/१२ को सफलता पूर्वक संपन्न…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari Sep 27, 2012.

 

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Arpana Sharma commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"अंतिम पंक्ति का कटाक्ष खूब असरदार हुआ है। एक बढ़िया लघुकथा के लिए बधाई ।"
5 hours ago
pratibha pande commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"वाह ..बहुत खूब ..इतनी सुन्दर कथा पर देर से पहुंची ,मेरी गलती ...ढेरों बधाई इस खूबसूरत रचना पर आदरणीया राजेश  कुमारी जी "
6 hours ago
Nita Kasar commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"वे भी इंसान है वक्त आने पर बता सकते है कि वे लोगों से कम नही होते है ।बहुत अच्छी कथा है बधाई ।आद०राजेश कुमारी जी"
10 hours ago

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"प्रिय कल्पना भट्ट जी, आपको लघु कथा पसंद आई दिल से बहुत- बहुत शुक्रिया. .  "
14 hours ago

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० तेजवीर सिंह जी ,आपको लघु कथा पसंद आई दिल से बहुत- बहुत शुक्रिया .."
14 hours ago

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० शिज्जू भैया ,आपको लघु कथा पसंद आई आपका बहुत- बहुत शुक्रिया| "
14 hours ago

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आपको लघु कथा पसंद आई दिल से बहुत- बहुत शुक्रिया ."
14 hours ago
KALPANA BHATT commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"Waah Adarniya Rajesh di behtreen laghukatha hui hai ."
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"वाह आदरणीय राजेश कुमारी जी क्या खूब लघुकथा लिखी है।हार्दिक बधाई।आपकी लेखनी को नमन।"
yesterday

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शिज्जु "शकूर" commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"एक अलग कथानक है, हालाँकि सच्चाई बयान करती हुई लघुकथा है। बहुत बहुत बधाई आपको आ. राजेश दीदी"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"एक कौतुहलपूर्ण बिषय पे कसे हुए कथानक की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाइयाँ आदरणीया.."
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० सुरेन्द्र नाथ सिंह भैया,आपको लघु कथा पसंद आई मेरा लेखन कर्म सार्थक हुआ दिल से आभारी हूँ | "
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० डॉ० आशुतोष जी ,आपको लघु कथा पसंद आई  प्रतिक्रिया हेतु आपका बहुत- बहुत  शुक्रिया मेरा लिखना सार्थक हुआ |  "
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० हरीओम श्रीवास्तव जी ,आपको लघु कथा पसंद आई  प्रतिक्रिया हेतु आपका बहुत- बहुत  शुक्रिया मेरा लिखना सार्थक हुआ |  "
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"आद० अनुराग वशिष्ट जी  ,आपको लघु कथा पसंद आई  प्रतिक्रिया हेतु आपका बहुत- बहुत  शुक्रिया मेरा लिखना सार्थक हुआ |"
yesterday

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rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post “किन्नर” (लघु कथा 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक साहब ,आपको लघु कथा पसंद आई  प्रतिक्रिया हेतु आपका बहुत- बहुत  शुक्रिया मेरा लिखना सार्थक हुआ |"
yesterday

Profile Information

Gender
Female
City State
dehradun (uttrakhand)
Native Place
muzaffarnagar
Profession
housewife
About me
ek insaan hoon jo jio aur jeene do me vishvaas rakhti hai.ateet se kuch seekht ihoobhav ishya ko sudharti hoon vartman ke saath bah rahi hoon dekho jaane kahan tak.n hoon

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“किन्नर” (लघु कथा 'राज')

पांच मिनट के लिए स्टेशन पर गाड़ी रुकी जनरल बोगी में पहले ही बहुत भीड़ थी उसपर बहुत से लोग और घुस आये जिनमे सजे धजे परफ्यूम की सुगंध बिखेरते चार किन्नर भी थे| कुछ लोगों के चेहरे पर अजीब सी मुस्कान आ गई जैसे की कोई मनोरंजन का सामान देख लिया  हो कुछ लोगों ने अजीब सा मुंह बनाया तथा एक साइड को खिसक लिए जैसे की कोई छूत की बीमारी वाले आस- पास आ गए हों|

“अब ये  अपने धंधे पर लगेंगे” वहाँ बैठे लडकों के ग्रुप में से एक ने कहा| “हाँ यार आज कल तो ट्रेन में भी आराम से सफ़र नहीं कर सकते अच्छी…

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Posted on April 24, 2017 at 12:08pm — 23 Comments

सुन्दरी सवैया (राज )

११२ ११२ ११२ ११२ ११२ ११२ ११२ ११२ २

सुन्दरी सवैया (मापनीयुक्त वर्णिक)

वर्णिक मापनी - 112 X 8 + 2 



निकले घर से नदिया लहरी शुचि शीतलता पहने गहना है|

चलते रहना मृदु  नीर लिए हर मौसम में उसको बहना है|

कटना छिलना उठना गिरना निज पीर सभी हँसके सहना है|

अधिकार नहीं कुछ बोल सके अनुशासन में उसको रहना है| 

 

खुशबू जिसमे सच की बसती उससे बढ़के इक फूल नहीं है|

जननी रखती निज पाँव जहाँ उससे शुचि पावन धूल नहीं है|

जिसके रहते अरि फूल छुए…

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Posted on April 11, 2017 at 6:12pm — 7 Comments

खड़े तनकर तुम्हारे सामने दीवार भी हम थे (ग़ज़ल 'राज')

बहा तुमको लिए जाती थी जो वो  धार भी हम थे

हमी साहिल तुम्हारी नाव के  पतवार भी हम थे

निगल जाता सरापा तुमको वो तूफ़ान था जालिम

खड़े तनकर  उसी के  सामने दीवार भी हम थे

मुक़द्दस फूल थे मेरे चमन के इक महकते गर 

छुपे बैठे हिफाज़त को तुम्हारी ख़ार भी हम थे

किया घायल तुम्हारा दिल अगर इल्जाम भी होता 

तुम्हारा  दर्द पीने  को वहाँ गमख्वार भी हम थे

रिवाजों की बनी जंजीर ने गर तुमको बांधा था

वहाँ मौजूद उसको काटने…

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Posted on April 9, 2017 at 8:30pm — 21 Comments

‘नया मुर्दा’ (लघु कथा 'राज')

 नदी का वो  घाट पर जहाँ दूर-दूर तक मुर्दों के जलने से मांस की सड़ांध फैली रहती थी साँस लेना भी दूभर होता था वहीँ थोड़ी ही दूरी पर एक झोंपड़ी ऐसी भी थी जो चिता की अग्नि से रोशन होती थी|

भैरो सिंह का पूरा परिवार उसमे रहता था दो छोटे छोटे बच्चे झोंपड़ी के बाहर रेत के घरोंदे बनाते हुए अक्सर दिखाई दे जाते थे |

दो दिन से घाट पर कोई चिता नहीं जली थी बाहर बच्चे खेलते-खेलते उचक कर राह देखते- देखते थक गए थे कि अचानक उनको राम नाम सत्य है की आवाजें सुनाई दी सुनते ही बच्चे ख़ुशी से उछल पड़े…

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Posted on April 5, 2017 at 9:00pm — 20 Comments

Comment Wall (38 comments)

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At 5:08pm on November 22, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया राजेश कुमारी जी दोहा प्रस्तुति पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

At 10:51pm on July 28, 2015, Prashant Priyadarshi said…

धन्यवाद आ. राजेश मैम, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया, उत्साहवर्धन के शब्द कहे, मेरी सोच-मेरे नजरिये की तारीफ़ की आपने, आपको पसंद आई मेरी कहानी, इसके लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आप सबों के प्रेरक वाक्य ही मेरी कलम को और धारदार और स्थापित करने में सहायक होंगे. धन्यवाद!!

At 9:26pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीया

           बिंदु नं 0 2 को ही समझना था  i 'कहते है गोपाल' का  उल्लेख कर आपने मेरे भ्रम का सटीक निवारण किया i आपका स्नेह यूँ ही बना रहे i सादर i

At 5:37pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया

आपसे सदा सीखता रहता हूँ i इसी जिज्ञासा में आपकी  निम्न टिप्पणी पर भी अपनी शंका का निवारण चाहूँगा i

 शैलि ,वैलि में गच्चा खा गए आदरणीय :))) और पकडे भी गए ......       स्वीकार है आदरणीया

अंग्रेजो ने किया     वात-आवरण  कसैला----रोले में विषम             इसे कुछ और स्पष्ट करें महनीया

चरण का गुरु लघु से होना है आपका किया =लघु गुरु 

कुण्डलिया का आरम्भ का शब्द और अंत का शब्द भी एक ही होना    मेरे संज्ञान में अब यह बाध्यता अब

चाहिए                                                                                     समाप्त हो गयी है

                  स म्म्मान आदरणीया i

At 4:43pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 8:39pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीया उत्साहवर्धक है आपकी टिप्पणी। मिल कर राह हमें ही है बनानी
At 12:22am on June 10, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें  आदरणीया राजेश दीदी

At 10:50am on March 3, 2014, vijay nikore said…

 हे माँ श्वेता शारदे ,  सरस्वती वन्दना (उल्लाला छंद पर आधारित )

इस रचना के feature होने के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीया राजेश जी।

 

सादर,

विजय निकोर

At 8:35pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

         

       आदरणीया राजेश कुमारी जी साधुवाद गज़ल पर दाद के लिये .

At 11:19am on July 27, 2013, CHANDRA SHEKHAR PANDEY said…

अनुरोध स्वीकार करके आपने मुझे उपकृत किया मैम, नमन

 
 
 

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