For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari
  • Female
  • DEHRADUN
  • India
Share

Rajesh kumari's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Subodh Bajpai
  • अलका 'कृष्णांशी'
  • Dr. Arpita.c.raj
  • Mahendra Kumar
  • Sunil Verma
  • Nisha
  • Prashant Priyadarshi
  • RENU BHARTI
  • Dr. (Mrs) Niraj Sharma
  • Ashish Painuly
  • jaan' gorakhpuri
  • जयनित कुमार मेहता
  • Samar kabeer
  • Abha saxena

rajesh kumari's Discussions

ओबीओ साहित्योत्सव देहरादून 9 सितम्बर 2017
60 Replies

ओबीओ परिवार के सभी…Continue

Started this discussion. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Sep 9, 2017.

एक ज़रूरी सूचना
1 Reply

हमारे ओबीओ से जुड़े एक मित्र श्री अलबेला खत्री जी बहुत गंभीर अवस्था में सूरत के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं जिस किसी से कोई भी सहायता बने कर सकते हैं भगवान् से प्रार्थना है वो जल्दी…Continue

Started this discussion. Last reply by Saurabh Pandey Apr 5, 2014.

सभी मित्रों को गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाएं ,एक खुशखबरी के संग
15 Replies

मुझे गर्व है कि मेरे दामाद (थल सेना कर्नल) को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सेना मैडल से सम्मानित किया गया है|…Continue

Started this discussion. Last reply by rajesh kumari Feb 22, 2013.

 

rajesh kumari's Page

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on TEJ VEER SINGH's blog post बसंत - लघुकथा –
"इससे प्यारा गिफ्ट क्या होगा बसंत विषय पर बहुत प्यारी लघु कथा लिखी है आद० तेजवीर सिंह जी बहुत बहुत बधाई "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"बसंत पर बहुत प्यारी रचना लिखी है बहुत बहुत बधाई आद० मोहम्मद आरिफ़ जी "
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post मकड़जाल (लघुकथा)
"जब से ये क्रेडिट कार्ड चले हैं लोग बेहिसाब खर्च करने लगे हैं अंततः कर्जबन्द होकर अपना सुख चैन सब खत्म कर देते हैं ऐसे लोगों कि आँखें खोलने वाली लघु कथा हुई है प्रिय कल्पना जी बहुत शानदार हार्दिक बधाई "
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"आद० राम अवध जी ,आपका बहुत बहुत आभार ."
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"आद० मोहित मिश्रा जी ,आपको नवगीत पसंद आया दिल से बहुत आभारी हूँ "
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"आद० तेजवीर सिंह जी ,आपको ये नवगीत पसंद आया मेरा लिखना सार्थक हुआ रचना में छुपा मर्म व्यंग पाठक के दिल तक पहुँच रहे हैं इस बात की अतीव प्रसन्नता है बहुत बहुत आभार शुक्रिया ."
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपको ये नवगीत पसंद आया मेरा लिखना सार्थक हुआ रचना में छुपा मर्म व्यंग पाठक के दिल तक पहुँच रहे हैं इस बात की अतीव प्रसन्नता है बहुत बहुत आभार शुक्रिया ."
12 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"बहुत शानदार नवगीत बधाई"
13 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"आदरणीय राजेश कुमारी जी आदाब,   वर्तमान समाज की दशा का परदाफ़ाश करती रचना के लिए हार्दिक बधाई। देशज शब्दों के प्रयोग ने रचना को आत्मीयता प्रदान की है - अच्छा प्रयोग।"
16 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"हार्दिक बधाई आदरणीय राजेश कुमारी जी।आज के संदर्भ में मन को विचलित करता, एक कटु सत्य को उजागर करता, कमाल का गीत।मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं|"
21 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"मुहतर्मा राजेश कुमारी साहिबा , आज कल के हालात पर सुन्दर नवगीत हुआ है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें।"
23 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैंकंठ चीर तरु सरकंडों केअल्गोज़े की बीन बनी हैअंतड़ियों के बान पूरकरतिलचट्टों ने खाट बुनी हैमजबूरी ने कोख में फ़ाके बोए हैं लूट खसोट के दंगल भिड़तुकिसने लूटी किसकी जाईबुक्का फाड़ देवियाँ रोतीसनी लहू में साँजी माईकंधों पे संयम के मुर्दे ढोए हैं छल के पैने नाखूनों सेदेह खुरचते जात धरम कीमक्कारी की आरी लेकरलाश बिछाते लाज शरम कीप्रश्न भरोसे की  आँखों से रोये हैं रिश्तों की चिल्मों के भीतरओछेपन की आग भरी हैजिव्हा के पनघट के ऊपरधरी डोलची जहर भरी हैकाँव काँव में तेरे मेरे खोए…See More
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० शेख़ उस्मानी साहब, आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया. "
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आद० अखिलेश जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया "
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी ,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया ."
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह्ह्ह वाह्ह्ह बहुत खूब बहुत बढिया शक्ति छंद हुए हैं दिल से बधाई लीजिये आद० सुनंदा जी "
Saturday

Profile Information

Gender
Female
City State
dehradun (uttrakhand)
Native Place
muzaffarnagar
Profession
housewife
About me
ek insaan hoon jo jio aur jeene do me vishvaas rakhti hai.ateet se kuch seekht ihoobhav ishya ko sudharti hoon vartman ke saath bah rahi hoon dekho jaane kahan tak.n hoon

rajesh kumari's Photos

  • Add Photos
  • View All

rajesh kumari's Videos

  • Add Videos
  • View All

Rajesh kumari's Blog

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')

मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं

कंठ चीर तरु सरकंडों के

अल्गोज़े की बीन बनी है

अंतड़ियों के बान पूरकर

तिलचट्टों ने खाट बुनी है

मजबूरी ने कोख में फ़ाके बोए हैं

 

लूट खसोट के दंगल भिड़तु

किसने लूटी किसकी जाई

बुक्का फाड़ देवियाँ रोती

सनी लहू में साँजी माई

कंधों पे संयम के मुर्दे ढोए हैं

 

छल के पैने नाखूनों से

देह खुरचते जात धरम की

मक्कारी की आरी लेकर

लाश बिछाते लाज शरम…

Continue

Posted on January 21, 2018 at 10:08pm — 8 Comments

पहाड़ी नारी  (लम्बी कविता 'राज')

पहाड़ी नारी  

कुदरत के रंगमंच का    

बेहद खूबसूरत कर्मठ किरदार   

माथे पर टीका नाक में बड़ी सी नथनी

गले में गुलबन्द ,हाथों में पंहुची,

पाँव में भारी भरकम पायल पहने

कब मेरे अंतर के कैनवास पर

 चला आया पता ही नहीं चला

 पर आगे बढने से पहले ठिठक गई मेरी तूलिका 

 हतप्रभ रह गई देखकर

एक  ग्रीवा पर इतने चेहरे!!!

कैसे संभाल रक्खे हैं  

हर चेहरा एक जिम्मेदारी के रंग से सराबोर

कोई पहाड़ बचाने का

कोई जंगल बचाने…

Continue

Posted on January 4, 2018 at 7:30pm — 22 Comments

सनम तुझसे ही जाता है वो मेरा रास्ता होकर (ग़ज़ल 'राज )

1222   1222  1222  1222 

हक़ीक़त की जुबाँ होकर सदाक़त की सदा होकर 

मिला क्या  जिंदगी तुझको बता यूँ आइना होकर 



उड़ा कर ले गई आँधी सभी अरमाँ सभी सपने 

लुटे हम तो ज़माने  में मुहब्बत के ख़ुदा होकर 



मुहब्बत के चमन में गुल मुक़द्दस खिल नहीं पाये 

तगाफ़ुल और रुसवाई मिली बस बावफ़ा होकर 



तआरुफ अब मिला जाकर हमें अपनी मुहब्बत का 

बनेगी दास्तां सच्ची फ़क़त अब तो फ़ना होकर 



हुई सब आम वो बातें जिन्होंने लांघ दी चौखट 

तमाशा बन गये आँसू इन…

Continue

Posted on December 24, 2017 at 5:58pm — 20 Comments

इश्क़ करने की चलो आज सजा हो जाए (ग़ज़ल 'राज')

2122  1122  1122  22

इससे पहले कि नई और ख़ता हो जाए 

इश्क़ करने की चलो आज सजा हो जाए 



बेवफाई का तो दस्तूर निभाया तुमने  

अब कोई रस्म जुदाई की अदा हो जाए 

 

लो झुका दी है जबीं आप निकालो अरमां  

आज पूरी ये चलो दिल की रज़ा हो जाए

 

कू ब कू हो कोई चर्चा यहाँ अपना वल्लाह

शह्र में फिर कोई बदनाम वफ़ा हो जाए

 

जाते जाते मेरे दीयों को बुझाते  जाना

साथ जिनके मेरा हर ख़्वाब फ़ना हो जाए 

 ---मौलिक एवं…

Continue

Posted on December 12, 2017 at 10:09am — 20 Comments

Comment Wall (39 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:19pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीया राजेश कुमारी जी नमस्कार
मुझे बेहद ख़ुशी है की आपने मेरी पहली रचना पढ़ी
मुझे अभी बहुत सीखना है आशा है आप भविष्य में भी मेरी गलतियों की ओर इंगित करती रहेंगी
आपका बहुत बहुत आभार एवम् शुक्रिया
At 5:08pm on November 22, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया राजेश कुमारी जी दोहा प्रस्तुति पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

At 10:51pm on July 28, 2015, Prashant Priyadarshi said…

धन्यवाद आ. राजेश मैम, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया, उत्साहवर्धन के शब्द कहे, मेरी सोच-मेरे नजरिये की तारीफ़ की आपने, आपको पसंद आई मेरी कहानी, इसके लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आप सबों के प्रेरक वाक्य ही मेरी कलम को और धारदार और स्थापित करने में सहायक होंगे. धन्यवाद!!

At 9:26pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीया

           बिंदु नं 0 2 को ही समझना था  i 'कहते है गोपाल' का  उल्लेख कर आपने मेरे भ्रम का सटीक निवारण किया i आपका स्नेह यूँ ही बना रहे i सादर i

At 5:37pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया

आपसे सदा सीखता रहता हूँ i इसी जिज्ञासा में आपकी  निम्न टिप्पणी पर भी अपनी शंका का निवारण चाहूँगा i

 शैलि ,वैलि में गच्चा खा गए आदरणीय :))) और पकडे भी गए ......       स्वीकार है आदरणीया

अंग्रेजो ने किया     वात-आवरण  कसैला----रोले में विषम             इसे कुछ और स्पष्ट करें महनीया

चरण का गुरु लघु से होना है आपका किया =लघु गुरु 

कुण्डलिया का आरम्भ का शब्द और अंत का शब्द भी एक ही होना    मेरे संज्ञान में अब यह बाध्यता अब

चाहिए                                                                                     समाप्त हो गयी है

                  स म्म्मान आदरणीया i

At 4:43pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 8:39pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीया उत्साहवर्धक है आपकी टिप्पणी। मिल कर राह हमें ही है बनानी
At 12:22am on June 10, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें  आदरणीया राजेश दीदी

At 10:50am on March 3, 2014, vijay nikore said…

 हे माँ श्वेता शारदे ,  सरस्वती वन्दना (उल्लाला छंद पर आधारित )

इस रचना के feature होने के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीया राजेश जी।

 

सादर,

विजय निकोर

At 8:35pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

         

       आदरणीया राजेश कुमारी जी साधुवाद गज़ल पर दाद के लिये .

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manan Kumar singh posted a blog post

अपनी अपनी समझ (लघु कथा)

गुरु द्रोणाचार्य ने दुर्योधन एवं युधिष्ठिर को एक-एक अच्छे और बुरे व्यक्ति को ढूँढ़ कर लाने को…See More
5 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on सतविन्द्र कुमार's blog post बढ़े तो दर्द अक्सर टूटता है-ग़ज़ल
"सुंदर क़फ़िया के साथ बेहतरीन ग़ज़ल के लिए. सतविन्द्र कुमार जी बधाई स्वीकारें."
20 minutes ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"सतविन्द्र कुमार जी ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया,"
22 minutes ago
अलका 'कृष्णांशी' posted a blog post

आज़ादी के बाद सभी को, देश बनाना होता है..../ अलका 'कृष्णांशी'

छन्द- तांटकजात धरम और ऊँच नीच का, भेद मिटाना होता हैआज़ादी के बाद सभी को, देश बनाना होता हैकैसी ये…See More
3 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on vijay nikore's blog post असाधारण आस
"आद0 विजय निकोर जी सादर अभिवादन।बढ़िया अतुकांत, भाव सम्प्रेषण उत्तम। इस कविता पर आपको अनन्त बधाई।"
4 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल ( निकल कर तो आओ कभी रोशनी में )
"आद0 तस्दीक अहमद साहिब, बहुत बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने,बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल पर।"
4 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"वाहः वाहः बहुत खूब अशआर हुए हैं। सादर बधाई"
10 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"शुक्रिया मोहित भाई."
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"बहुत बढ़िया सामयिक पेशकश। आपकी लेखनी का यह रूप देख कर बहुत ख़ुशी हासिल हुई। तहे दिल से बहुत-बहुत…"
10 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"आदरणीय सलीम जी उम्दा ग़ज़ल, बहुत बहुत मुबारकबाद "
10 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"रचना पर प्रतिक्रिया देकर मान बढ़ाने का बहुत-बहुत आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी ।"
10 hours ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”
"धन्यवाद एवं आभार आदरणीय विश्वकर्मा साहब!!"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service