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Krish mishra 'jaan' gorakhpuri
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Krish mishra 'jaan' gorakhpuri commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल~ 'इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत'
"आ. अमीरुद्दीन अमीर सर जी ग़ज़ल पर आपकी आमद ज़र्रानवाज़ी के लिए शुक्रिया। //इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत रश्क मुसीबत रंज कयामत। ऊला मिसरे की तरह सानी को भी असरदार बनाने के लिए सानी में 'रश्क' की जगह 'दर्द' करना मुनासिब होगा। // आ.…"
yesterday
Samar kabeer commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल: 'नेह के आँसू'
"// क्या सभी मिसरों में रवानी नहीं है// बिल्कुल ! मिसाल के तौर पर:- 'नेह के आंसू को सरजू कहता हूँ अपनेपन से तुझको मैं तू कहता हूं' इस मतले की तक़ती'अ देखें:- नेह के--22 आँसू--22 को सर--22 जू कह-22 ता हूँ--22---यानी 5 फ़ेलुन अपने--22 पन…"
yesterday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल~ 'इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत'
"आ. भाई गुमनाम पिथौरागढ़ी जी ग़ज़ल आपको पसंद आई जानकर खुशी हुई।शुक्रिया।"
yesterday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल: 'नेह के आँसू'
"सादर अभिवादन समर सर क्या सभी मिसरों में रवानी नहीं है?"
yesterday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri commented on Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's blog post ग़ज़ल: 'नेह के आँसू'
"आ. भैया लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी हौसलाफजाई के लिए बहुत शुक्रिया हार्दिक आभार।"
yesterday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. दंडपाणि जी बेहतरीन ग़ज़ल हुई है ढेरों बधाई। गिरह का शेर ख़ासकर बहुत पसंद आया।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. भाई नादिर खान जी बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई।  "
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"यूँ तो मिलता रहा मुझसे वो जता कर चाहत दिल पे जो गर्द जमी थी वो हटाई न गई       वाह! वाह! क्या कहने आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर सर बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. रचना जी तरही मिसरे पे बहुत खूब ग़ज़ल हुई है,हार्दिक बधाई।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. मुनीश तन्हा जी आदाब, तरही पर अच्छी ग़ज़ल हुई है, हार्दिक बधाई।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"बहुत अच्छी समीचीन ग़ज़ल हुई है आ. बड़े भैया ढेरों मुबारकबाद।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"बहुत शुक्रिया भाई आजी तमाम जी।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. अमीरुद्दीन सर बहुत बहुत शुक्रिया आभार आपकी हौसलाफजाई के लिए। सादर।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"कॉपी पेस्ट कमेंट एक रचनाकार होते हुए भी स्वयं करना, मेरे विचार में उचित नहीं है आदरणीय।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"सादर नमस्कार आ. रिचा जी हौसलाफजाई के लिए शुक्रिया।"
Friday
Krish mishra 'jaan' gorakhpuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-128
"आ. रचना जी ग़ज़ल पर शिरकत और नवाजिशों के लिए हार्दिक आभार।"
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
u.p
Native Place
gorakhpur
Profession
teacher @ basic education department of up gov.

अभिनय भरी इस दुनिया में

पाने के लिए प्रिय वो हृदय

करना पड़ता है अभिनय..

करना ही होगा अभिनय।

दुनियाँ का नियम ये तय

जितना अच्छा जिसका अभिनय

उतना विस्तृत उसका संचय

करना पड़ता है अभिनय..

करना ही होगा अभिनय।

भाव-भंगिमाओं के अपने ताने-बाने

भेद न इनका कोई जाने

हृदय की जाने केवल हृदय

इस दुनियाँ का नियम ये तय

करना पड़ता है अभिनय..

करना ही होगा अभिनय।

जब भी मै अभिनय करने जाऊ

भेद सब खुल ही जाये..

शब्द न मिले,भावहीन खुद को मै पाऊ

अंतर्मन को चुनूँ?

या किरदार नया निभाऊ?

पर तो,इस दुनिया का नियम ये तय

करना पड़ता है अभिनय..

करना ही होगा अभिनय।

रह न जाये उन्माद,दुःख-सुख भय

मै भी तब रहे न मै

होता है जब सत्य का उदय

हे निर्विकार ! हे निर्भय !

हर लो अपने,मेरे सारे अभिनय..!!

हे निर्विकार ! हे निर्भय !

हर लो अपने,मेरे सारे अभिनय..!!

"मौलिक व अप्रकाशित"

-‘कृष्णा मिश्रा’

Krish mishra 'jaan' gorakhpuri's Blog

ग़ज़ल: खिड़की पे माहताब बैठा है।

2122 1212 22

आँख में भरके आब बैठा है।

खिड़की पे माहताब बैठा है।

**

रातभर वाट्सऐप पे है लड़ा

नोजपिन पे इताब बैठा है।

**

सुर्ख़ आँखें अफ़ीम हो गोया

पलकों को ऐसे दाब बैठा है।

**

यूँ ग़ुलाबी सी शॉल है ओढ़े

जैसे कोई गुलाब बैठा है।

**

धूप में खिल रही हैं पंखुरियाँ

खुश्बू में लिपटा ख़्वाब बैठा है।

**

पढ़ रहा हूँ सुबह से मैं उसको

और वो लेके किताब बैठा है।

*************************

मौलिक…

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Posted on February 25, 2021 at 1:00pm

ग़ज़ल~ 'इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत'

22 22 22 22

इश्क मुहब्बत चाहत उल्फत

रश्क मुसीबत रंज कयामत।

**

किसको क्या होना है हासिल

अपनी अपनी है ये क़िस्मत।

**

क्यूँ मैं छोडूं यार तेरा दर

हक है मेरा करना इबादत।

**

देख ली हमने सारी दुनिया

तुझसी न भायी कोई सूरत।

**

जोर आजमा ले तू भी पूरा..

देखूँ इश्क़ मुझे या वहशत?

**

दिन 'जान' ये भी कट जायेंगे

देखी है जब उनकी नफरत।

**

तेरे ही दम से सारे भरम हैं

वर्ना क्या दोज़ख़ क्या…

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Posted on February 23, 2021 at 5:02pm — 4 Comments

ग़ज़ल: 'नेह के आँसू'

नेह के आंसू को सरजू कहता हूँ

अपनेपन से तुझको मैं तू कहता हूं।

                    **

रात छत पे जब निकल आता है तू

इन सितारों को मैं जुगनू कहता हूँ।                      **   

       

 ये जो तन से मेरे आती है महक़..

मैं इसे भी तेरी खुशबू कहता हूँ।

                      **

ये अदब,शोख़ी, नज़ाकत, लहज़े में..

मैं इसी लहज़े को उर्दू कहता हूँ।

                      **

सब थकन मेरी पी जाती है ये धूप

मैं सदा को तेरी…

Continue

Posted on February 19, 2021 at 7:00pm — 15 Comments

ग़ज़ल: 'एक पल को''

2122 1212 22 (112)

मुझको तू गर मिला नहीं होता

इश्क़ है क्या पता नहीं होता।

               **

एक पल को जुदा नहीं होता.

ग़म तेरा बेवफ़ा नहीं होता।

                 **

रोज इक ख़त मैं लिखता हूँ तुझको

और तेरा 'पता' नहीं होता।

                

                  **

दो जहाँ हमने एक कर डाले

दर्द बढ़कर दवा नहीं होता।

                   **

इश्क़ है गर तो सोचता है क्या?

इश्क़ होता है या नहीं होता।

   …

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Posted on February 15, 2021 at 3:00pm — 9 Comments

Comment Wall (11 comments)

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At 12:49pm on January 28, 2019, क़मर जौनपुरी said…
आदाब मोहतरम
मोबाइल no देने की मेहरबानी करें
At 4:53pm on August 2, 2015, maharshi tripathi said…

भाई जी ,कृपया  मुझे अपना मोबाइल num  msg करें|

At 10:33pm on July 4, 2015, shree suneel said…
आदरणीय भाई कृष्ण मिश्रा जी, आप से मित्रता मेरे लिए गौरव की बात है. स्वागत.
At 5:10pm on July 2, 2015, kanta roy said…
स्वागत आपका आदरणीय कृष्णा मिश्रा जान गोरखपूरी जी
At 11:27pm on June 30, 2015, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

भाई जी नमस्कार.      हृदय के स्पंदन की भांति दोस्ती भी बडे सौभाग्य से मिलती है.

                           ..आपका हार्दिक स्वागत है.   सादर

At 10:08pm on May 29, 2015, maharshi tripathi said…

आ. बड़े भाई  जी ,,पिछले माह का सक्रिय सदस्य आपको चुने जाने पर ,,हार्दिक बधाई |

At 1:23am on May 22, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय कृष्ण भाई जी,  आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकमनाएं 

At 7:48pm on April 16, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

प्रिय कृष्णा

आपको मित्र पाकर मेरा गौरव बढा , निस्संदेह .  स्नेह.

At 12:19pm on April 16, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीय
कृष्णा मिश्रा 'जान' गोरखपुरी जी,
सादर अभिवादन

 माह का सक्रिय सदस्य बनने पर मेरी और से बहुत बहुत  बढ़ायी. सस्नेह .

                                                     गोपाल नारायन श्रीवास्तव  

At 10:30pm on April 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
कृष्णा मिश्रा 'जान' गोरखपुरी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
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