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prabhat kumar roy commented on mohinichordia's blog post मेरे मन
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Saurabh Pandey commented on mohinichordia's blog post सहअस्तित्वPosted on February 18, 2012 at 11:16am 3 Comments 0 Likes
मेरे मन ,
बसंत के गाँव चल तो सही
सब कुछ है वहीं
उमंग उल्लास का गाँव है, रे
प्रीत की डोर थामे ,चल तो सही | सब कुछ…
Posted on February 16, 2012 at 4:00pm 2 Comments 0 Likes
सुस्त वृक्ष का जीवन बोला
क्या होगा अब मेरा ?
खिर गए सब पान पल्लव
सूख गया रस मेरा |
खडा रहा वह ठूँठ सा
कुछ मुरझाया कुछ सुस्ताया
समय गुजरा, पास की मिटटी में उग आयी
एक बेल ने,…
ContinuePosted on February 7, 2012 at 6:30am 10 Comments 1 Like
जब उठाया घूंघट तुमने,
दिखाया मुखड़ा अपना
चाँद भी भरमाया
जब बिखरी तुम्हारे रूप की छटा
चाँदनी भी शरमायी
तुम्हारी चितवन पर
आवारा बादल ने सीटी बजाई ।
तुमने ली अगंड़ाई, अम्बर की बन आई
तुमसे मिलन की चाह में फैला दी बाहें,
क्षितिज तक उसने
भर लिया अंक में तुम्हें, प्रकृति, उसने
तुम्हारे…
Posted on January 14, 2012 at 10:30am 11 Comments 1 Like
स्त्री और प्रकृति
प्रकृति और स्त्री
कितना साम्य ?
दोनों में ही जीवन का प्रस्फुटन
दोनों ही जननी
नैसर्गिक वात्सल्यता का स्पंदन,
अन्तःस्तल की गहराइयों तक,
दोनों को रखता एक धरातल पर
दोनों ही करूणा की प्रतिमूर्ति
बिरले ही समझ पाते जिस भाषा को
दोनों ही सहनशीलता की पराकाष्ठा दिखातीं
प्रेम लुटातीं उन…
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आप सभी की आभारी हूँ...सबको मेरा हार्दिक धन्यबाद. और ओ बी ओ के सभी सदस्यों को आने वाले नव बर्ष की अनेकों शुभकामनायें.
Ganesh Jee "Bagi" said… मोहिनी जी, आप सब की कुशाग्रता से बहुत कुछ सीख रही हूँ.आपका बहुत शुक्रिया,सादर,आराधना
Saurabh Pandey said… आपकी रचना ’आत्म-जागरण’ को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाइयाँ.
आपकी उपस्थिति और अनवरत संलग्नता इस मंच को नई ऊँचाइयाँ का कारण बने .. .
Admin said… आदरणीया मोहिनी चोरडिया जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की रचना "आत्म जागरण" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है |
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
Ravi Kumar Giri (Guru Jee) said… dhanyavad ji
rakesh gupta said…
DEEPAK SHARMA KULUVI said… AAPKI RACHNAAYEN BAAR BAAR PADNEN KO JI CHAHATA HOON
DEEPAK SHARMA KULUVI said… SHUKRIYA MADAM
DEEPAK SHARMA KULUVI said… aapki har rachna aik se bad kar aik hai
deepak kuluvi
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कुछ आवश्यक लिंक्स
| 2-ग़ज़ल तक्तीह प्रणाली पर एक चर्चा | 3-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -1, | 4-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -2 |
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