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Apr 22
SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR commented on siyasachdev's blog post तो कोई प्यार के क़ाबिल न होता
"किसी का ज़ुल्म क्यूँ मज़लूम सहता अगर वह इस क़दर बुज़दिल न होता॥नज़र लगती सभी की उस हसीं कोजो उसके गाल पर इक तिल न होता॥ ज़मीर उसका अगर होता न मुर्दा तो इक क़ातिल कभी क़ातिल न होता॥  सिया जी बहुत खूब ...बिलकुल सटीक अभिव्यक्ति…"
Apr 15
siyasachdev replied to Ambarish Srivastava's discussion प्रतियोगिता परिणाम: "चित्र से काव्य तक" अंक-११ in the group चित्र से काव्य तक
"सीमा जी , नीरज जी और अविनाश जी, आप तीनों विजेताओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं .."
Feb 25
siyasachdev replied to Ambarish Srivastava's discussion 'चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता अंक -११' in the group चित्र से काव्य तक
"आपका बहुत बहुत  शुक्रिया अदा करती हूँ सलामत रहे "
Feb 20
siyasachdev replied to Ambarish Srivastava's discussion 'चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता अंक -११' in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय संजय मिश्रा जी  आपके तारीफ के खूबसूरत अंदाज़ और आपकी प्यारी दुआओ के लिए बहुत बहुत आभारी हूँ शुक्रिया आपका सलामत रहे a"
Feb 20
siyasachdev replied to Ambarish Srivastava's discussion 'चित्र से काव्य तक प्रतियोगिता अंक -११' in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी  दिल की गहराइयों से आपका शुक्रिया अदा करती हूँ सलामत रहे "
Feb 20
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"आदरणीय गणेश जी बागी ,आपकी बेपनाह करम नवाज़ियों के लिए शुक्रिया सलामत रहे  "
Feb 20
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"बहुत बहुत आभारी हूँ आपकी दिल से शुक्रिया आपका आदरणीय राजेश कुमारी जी "
Feb 20
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"बेहतरीन शब्दों से सजे खूबसूरत जी बेहद रचना के लिए बहुत बहुत बधाई आपको अविनाश बागडे जी"
Feb 20
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"बेहद  खूबसूरत रचना वाह बहुत खूब डॉ त्रिपाठी जी, बहुत बहुत बधाई आपको "
Feb 20
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"बहुत ही खूबसूरत दोहे बहुत खूब डॉ त्रिपाठी जी, बहुत बहुत बधाई आपको "
Feb 20
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"बहुत बहुत आभारी हूँ आपकी दिल से शुक्रिया आपका आदरणीय योगराज प्रभाकर  जी "
Feb 20
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"बहुत बहुत आभारी हूँ आपकी दिल से शुक्रिया आपका आदरणीय डॉ ब्रिजेश जी "
Feb 20
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"बेहद  खूबसूरत रचना वाह  "
Feb 20
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"अति सुन्दर सीमा जी ..तीनो कुण्डलियाँ अत्यंत सुन्दर हैं.मेरी दिली बधाई स्वीकार करें"
Feb 20
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"बेहतरीन शब्दों से सजे खूबसूरत  छंद संजय मिश्रा 'हबीब'  जी, बधाई स्वीकार करें. "
Feb 20

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Gender
Female
City State
bareilly
Native Place
muradabaad
Profession
free lance writer
About me
very simple down to earth GOD fearing

Siyasachdev's Blog

तो कोई प्यार के क़ाबिल न होता

Posted on October 11, 2011 at 10:29pm 4 Comments

जो सीने में धड़कता दिल न होता 
तो कोई प्यार के क़ाबिल न होता॥ 

अगर सच मुच वह होता मुझ से बरहम 
मिरे दुःख में कभी शामिल ना होता॥ 

किसी का ज़ुल्म क्यूँ मज़लूम सहता 
अगर वह इस क़दर बुज़दिल न होता॥

नज़र लगती सभी की उस हसीं को
जो उसके गाल पर इक तिल न होता॥ 

ज़मीर उसका अगर होता न मुर्दा 
तो इक क़ातिल कभी क़ातिल न होता॥

:सिया: महफ़िल में रौनक़ ख़ाक होती 
अगर इक रौनक़े महफ़िल न होता॥

हम तो बेघर हैं किधर जायेगे

Posted on October 6, 2011 at 10:05pm 0 Comments

जिनके घर हैं वो तो घर जायेगे
हम तो बेघर हैं किधर जायेगे

ये खुला आसमाँ हैं छत मेरी
इस ज़मीन पर ही पसर जायेगे

हम तो भटके हुए से राही है
क्या खबर है की किधर जायेगे

आपके ऐब भी छुप जायेगे
सारे इलज़ाम मेरे सर जायेगे

नाम लेवा हमारा कौन यहाँ
हम तो बेनाम ही मर जायेगे

न कोई हमनवां न यार अपना
हम तो तनहा है जिधर जायेगे

ए 'सिया' मत कुरेद कर पूछो
फिर दबे ज़ख्म उभर जायेगे

रोक देता है ज़मीर आ के ख़ता से पहले

Posted on October 4, 2011 at 8:03pm 5 Comments

तू ज़रा सोच कभी अपनी अदा से पहले
कहीं मर जाये न इक शख्स क़ज़ा से पहले 

इस लिए आज तलक मुझ से ख़ताएँ न हुईं 
रोक देता है ज़मीर आ के ख़ता से पहले 

हो सके तो कभी देखो मेरे घर में आकर 
ऐसी बरसात जो होती है घटा से पहले 

ग़मे जानां की क़सम अश्के मोहब्बत की क़सम 
थे बहुत चैन से हम दौरे वफ़ा से पहले 

वह फ़क़त रंग ही भर्ती रही अफसानों में
सब पहुंच भी गए मंजिल पे सिया से पहले 

मुस्कानों में अश्क छुपाती रहती हूँ॥

Posted on October 2, 2011 at 4:59pm 13 Comments

सब को मीठे बोल सुनाती रहती हूँ

दुश्मन को भी दोस्त बनाती रहती हूँ॥



कांटे जिस ने मेरी राह में बोये हैं

राह में उस की फूल बिछाती रहती हूँ॥ 



अपने नग़मे गाती हूँ तनहाई में 

वीराने में फूल खिलाती रहती हूँ॥ 



प्यार में खो कर ही सब कुछ मिल पाता है 

अक्सर मन को यह समझाती रहती हूँ 



तेरे ग़म के राज़ को राज़ ही रक्खा है

मुस्कानों में अश्क छुपाती रहती हूँ॥ 



दिल मंदिर में दिन ढलते ही रोज़ "सिया"

आशाओं के…

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At 3:40pm on December 30, 2011, neeraj said…

आपकी सभी रचनाए सराहनीय है नीरज  

At 1:04pm on December 23, 2011, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

बहुत खूबसूरत हैं ...........!!!!!!

At 3:33pm on October 12, 2011, mohinichordia said…

कांटे जिसने राह में .....बहुत खूब 

At 8:34am on October 7, 2011, mohinichordia said…

 खूबसूरत अशआर हैं आपके | |दबे जख्म फिर उभर आयेंगें 

At 8:32am on October 7, 2011, mohinichordia said…

bahut khoob ashaar haen aapke 

At 8:43pm on September 9, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 8:20pm on September 9, 2011, Admin said…

At 10:00am on September 9, 2011, योगराज प्रभाकर said…

ओबीओ परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है सिया जी !

 
 
 

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