For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
Share

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Friends

  • babita garg
  • Ajay Tiwari
  • amod shrivastav (bindouri)
  • TEJ VEER SINGH
  • Samar kabeer
  • harivallabh sharma
  • Manoj Chhapariya
  • Dr.Vijay Prakash Sharma
  • भुवन निस्तेज
  • gumnaam pithoragarhi
  • Nilesh Shevgaonkar
  • गिरिराज भंडारी
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • vijay nikore
  • अरुन शर्मा 'अनन्त'
 

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई समर जी, इस अनमोल सुझाव के लिए कोटि कोटि आभार।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. प्रतिभा जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर गीत हुआ है। बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. रचना जी, सादर आभार।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई जवाहर लाल जी, सादर आभार।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई सुरेंद्र जी, सादर आभार।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। दोहों की प्रशंसा कर मान बढ़ाने के लिए आभार । इंगित दोहे को इस प्रकार किया है देखियेगा -  सावन की रातों हुए, अँधियारे हालात गाँव गाँव घूमें तभी, जुगनू ले बारात।।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई शेख शहजाद जी, सुंदर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई बासुदेव जी, सादर आभार ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई अशोक जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ.भाई जवाहरलाल जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई सतविंद्र जी, प्रदत्त विषय पर बेहतरीन गीत हुआ है । हार्दिक बधाई । मेरे हिसाब से "नींद उड़ा ले जाता सावन " करें तो गेयता बढ़ जायेगी । सादर..."
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई सतविंद्र जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति, प्रशंसा और त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने के लिए आभार।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई विजय जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई बासुदेव जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. बबीता जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. रचना जी, प्रदत्त विषय पर दोहावली का अच्छा प्रयास हुआ है । हार्दिक बधाई।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"आ. भाई सुरेंद्र जी, प्रदत्त विषय को परिभाषित करती सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-105
"दोहे रिमझिम रिमझिम क्या हुई, हर्षित दादुर मोरसीली - सीली शाम है, गीली - गीली भोर।१। कभी झमाझम हो रही, कभी चटकती धूप बदले बन बहुरूपिया, सावन पलपल रूप।२। अम्बर छाये मेघ से, हर्षित बहुत किसानमकई  झूमे  शान  से, नाचे  बढ़चढ़…"
Jul 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dayaram Methani's blog post गज़ल सीख लो
"आ. भाई दयाराम जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Jul 6
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dayaram Methani's blog post गज़ल सीख लो
"आ. भाई दयाराम जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Jul 6

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

दोहे दो जून के - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

कभी किसी को ना करे, भूख यहाँ बेहाल

रोटी सब दो जून की, पाकर हों खुशहाल।१।



मुश्किल  से  दो जून की, रोटी  आती हाथ

खाने को यूँ आज तो, मिल बैठो सब साथ।२।



रोटी को दो जून की, अजब गजब से खेल

इसकी खातिर जग करे, दुश्मन से भी मेल।३।



रोटी को  दो  जून  की, क्या  ना  करते लोग

झूठ ठगी दैहिक व्यसन, सब इसके ही योग।४।



रोटी बिन दो जून की, बिलखाती है भूख

रोटी  पा  दो  जून  की, ढूँढें  लोग  रसूख।५।



सदा भाग्य ने है लिखा,…

Continue

Posted on June 11, 2019 at 4:30pm — 6 Comments

दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

दोहे



तरुवर  देते  फूल फल, नदिया  देती  नीर

मानव मानव को मगर देता नित क्यों पीर।१।



ओछा मन हद तोड़ता, ओछी नदिया कूल

जैसे चन्दन  से  अधिक, माथे चढ़ती धूल।२।



जो बोता  है  पेड़  इक, बाँटे सबको छाँव

काटे जो वट रात दिन, जलते उसके पाँव।३।



अर्थी, पूजा, प्रीत को, मिले न आगन फूल

इस युग बोने सब लगे, कैक्टस कैर बबूल।४।



मरने पर जिसको रही, गंगाजल की चाह

उसने  गंगा  ओर  की, हर  नाले की राह।५।



जहाँ पसीना…

Continue

Posted on May 18, 2019 at 6:03pm — 8 Comments

सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/२२२/१२१२



सजती चुनाव  में  यहाँ  जब  तस्तरी बहुत

फिर भी बढ़े है रोज क्यों ये भुखमरी बहुत।१।



उतरा न मन का मैल जो सियासत ने भर दिया

दे कर  भी  हमने  देख  ली  है  फ़िटकरी बहुत।२।



अब खेल वो दिखाएगी उसको चुनाव में

जनता से जिसने है करी बाज़ीगरी बहुत।३। 



नेता न आया  एक  भी  सेवा  की राह पर

लोगों ने कह के देख ली खोटी खरी बहुत।४।



क्या होगा उनके राज का जनता बतायेगी

करते सदन में जो रहे गत मशखरी बहुत।५।



आता…

Continue

Posted on April 28, 2019 at 7:04pm — 11 Comments

सीढ़ी हो उनके वास्ते कुर्सी की राह पर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/ २१२१/२२२/१२१२



लेकर  शराब  साड़ियाँ  मतदान  कीजिए

फिर पाँच साल जिन्दगी हलकान कीजिए।१।



देता है जो भी सीख  ये  तुमको चुनाव में

फूलों से  ऐसे  नेता  का  सम्मान कीजिए।२।



बाँटेंगे  जात  धर्म  की  सरहद  में  खूब वो

मत खाक उनका आप ये अरमान कीजिये।३।



सीढ़ी हो उनके  वास्ते  कुर्सी  की राह पर

हर लक्ष्य उनका आप ही परवान कीजिए।४।



सेवक हैं उनको आप मत…

Continue

Posted on April 19, 2019 at 8:04pm — 5 Comments

Comment Wall (12 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:03pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब
बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने के लिए!
At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
At 2:53pm on July 8, 2014, Sushil Sarna said…

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना 

At 2:27pm on July 8, 2014, Nilesh Shevgaonkar said…

बधाई 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post बीच समंदर कश्ती छोड़े धोका गर मल्लाह करे (५४)
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
46 minutes ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post प्रश्न-गुंथन
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, 'आदतन एक ख़याल  एक अंगारी सवाल -- शीशे के गिलास का हाथ से…"
54 minutes ago
Samar kabeer commented on Dr.Prachi Singh's blog post ऐसा हो तो फिर क्या होगा ....डॉ प्राची सिंह
"मुहतरमा डॉ. प्राची सिंह जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
58 minutes ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तन्हाई में ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post "मुहब्बत की नहीं मुझसे " , प्रिये ! तुम झूठ मत बोलो |  (५३ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Amit Kumar "Amit"'s blog post गीत - मैं तुमको अपनी सबसे प्यारी गजल समझता हूं।
"जनाब अमित जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post सजन रे झूठ मत बोलो ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post दिल का कोना
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'दिल के बदले दिया तुमने…"
1 hour ago
Usha Awasthi posted a blog post

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर

धन के वे हकदार हैं , श्रम करते भरपूर कामचोर को क्यों मिलें लड्डू मोतीचूर ? बैठे - बैठे खा रहे…See More
3 hours ago
SALIM RAZA REWA posted a blog post

बुलन्दी मेरे जज़्बे की - सलीम 'रज़ा' रीवा

1222 1222 1222 1222बुलन्दी मेरे जज़्बे की ये देखेगा ज़माना भी फ़लक के सहन में होगा मेरा इक आशियाना…See More
3 hours ago
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद-

- "कुण्डलिया छंद"- ========================= तेरा मुखड़ा चाँद सा, उतर न जाए यान। गंजा पति कहने लगा,…See More
5 hours ago
Gurpreet Singh posted a blog post

दो ग़ज़लें (2122-1212-22)

1.शमअ  देखी न रोशनी देखी । मैने ता उम्र तीरगी देखी । देखा जो आइना तो आंखों में, ख़्वाब की लाश तैरती…See More
5 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service