For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manan Kumar singh
  • बिहार
  • India
Share

Manan Kumar singh's Friends

  • Rajesh Jaiswara 'राज जौनपुरी'
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Dipu mandrawal
  • amod shrivastav (bindouri)
  • Nidhi Agrawal
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • somesh kumar
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • MUKESH SRIVASTAVA
  • गिरिराज भंडारी
  • Meena Pathak
  • Dr.Prachi Singh
  • MAHIMA SHREE
 

Manan Kumar singh's Page

Latest Activity

Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"आभार आ. कनक जी।"
Oct 31
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"आभार आ. बबिता जी।"
Oct 31
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"आभार आ.तेजवीर जी।"
Oct 31
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"उड़ान 'मेरे पंख फिर से आने लगे।मेरे तो आ चुके.... फिर मेरे भी ' जैसे शब्द वातावरण को गुंजित कर रहे थे। पक्षी उत्साहित थे,पर उन्हें भूख लगी थी।सामने कोई दाना नहीं था,पानी भी नहीं। जिनके पंख आ चुके थे, वे भी उड़ नहीं सकते थे। उड़ने की कोशिश…"
Oct 31
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आपका आभार आ. अमित जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय अमीर जी, आदाब! खुद संज्ञान लेते हुए मैंने अपनी गजल को दुबारा लिखा है, जो अग्रांकत है: टूटते हैं सपने उनको जिंदगानी चाहिएसूखते बिरवों को थोड़ा और पानी चाहिए।1 सागरों को पी गए शमशीर वाले रहनुमाकह रहे वे लोग से, गंगा बहानी चाहिए।2 इंकलाबी लोग…"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. बबीता जी,गजल के लिए बधाई! मतला की सानी पर गौर लाजिमी है। 'गीत सी है जिंदगी यह गुनगुनानी चाहिए', होना चाहिए। 'ये' तो बहुबचन सूचक सर्वनाम है न, कि नहीं?"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आभार आ. अमीर जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आभार आ. अमीर जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. नीलेश जी,गजल में कहना क्रिया व्यवहत हुई है,करना क्रिया नहीं। गौर करें।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आपका आभार आदरणीय नाहक जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आपका आभार आदरणीया डिंपल जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आपका आभार आदरणीय सुरेंदर जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"समर जी, सहीह यानी?"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आपका आभार आ. दयाराम जी।"
Oct 24
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"उम्द: या उम्दा?"
Oct 23

Profile Information

Gender
Male
City State
Mumbai
Native Place
E 52 Krishna Apt , Patna
Profession
Service
About me
A poet/ Writer

Manan Kumar singh's Photos

  • Add Photos
  • View All

Manan Kumar singh's Blog

लेडी डॉक्टर(लघुकथा)

माधवी पटना की लेडी डॉक्टर से मिलकर बाहर आते ही पति से बोली,' यह ओवरी वाला क्या चक्कर था मधुप?'
' बकवास ही समझो '
' वाकई दोनों ओवरी बराबर आकार की होती है?छपरा वाली डॉक्टरनी बोली थी।'
' नहीं होती।मैंने अपने दोस्त डॉक्टरों से सलाह की थी।' पति बोला।
' फिर वह मुई ऑपरेशन किस चीज का करती?'
' पता नहीं। डोनेशन वाले डॉक्टर - डॉक्टरनी भी तो होते हैं भई।'
' ऐसा?'
'और क्या? यहां सब चलता है।' पति हिकारत भरे लहजे में बोला।
' मौलिक व अप्रकाशित'

Posted on September 26, 2020 at 1:20pm — 1 Comment

हवाओं के झोंके....(गजल)

122 122 122 12

 हवाओं के' झोंके मचलने लगे,

अदाओं के' आंचल सरकने लगे।1

दबे दिल के' कोने में ' जो थे कभी
परत दर परत राज खुलने लगे।2

बसाए फिरे जो जिगर में कभी
हकीकत बताने से बचने लगे।3

कहा था कभी, हम न होंगे जुदा,
मिले ही कहां,अब वो ' कहने लगे।4

नज़ाकत भरे थे जो लमहे कभी,
शरारत जदा आज डंसने लगे।5

"मौलिक व अप्रकाशित"
@

Posted on August 29, 2020 at 4:36pm — 4 Comments

गजल(रात क्या क्या गुनगुनाती...)

2122  2122  212

रात क्या क्या गुनगुनाती रह गई

आपकी बस याद आती रह गई।1

सर्द मौसम हो गया कातिल बहुत

सांस अपनी सनसनाती रह गई।2

चांद में है दाग़,देखा आपने,

चांदनी यूं मुस्कुराती रह गई।3

सिलसिले सब याद में आते रहे

आरज़ू तो कुनमुनाती रह गई।4

गीत बनता लय पिरोकर,क्या कहूं?

बात दिल की ही लजाती रह गई।5

आंख हरदम जो बिछाती थी हवा,

इस दफा वह भाव खाती रह गई। 6

आशिया रौशन हुआ था बस…

Continue

Posted on August 22, 2020 at 9:44pm — 6 Comments

गजल(शायरी अब क्या रूठेगी...)

2122 2122 2122 212

शायरी अब क्या रूठेगी,सोचता हूं आजकल,

हो रही बुझती अंगीठी,सोचता हूं आजकल।1

शेर मुंहफट हो गए हैं,हर्फ लज्जित हो रहे,

शायरों की सांस फूली,सोचता हूं आजकल।2

मुंह चिढ़ातीं आज बहरें,खुल रहे हैं राज कुछ,

पिट रही कैसी मुनादी? सोचता हूं आजकल।3

राह अब अंधे दिखाते,झूठ ताना दे रहा,

हो रही सच की गवाही, सोचता हूं आजकल।4

शब्द सारे मौन लगते,अर्थ होता गौण है,

चल रही हैं गाली ' - ताली, सोचता हूं…

Continue

Posted on August 21, 2020 at 9:30am — 12 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:51pm on January 23, 2020, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।

At 2:33pm on September 28, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मनन कुमार सिंह जी आदाब बहुत शुक्रिया आपने समय निकाला और मेरा हौसला बढ़ाया मैं ह्रदय से शुक्रगुज़ार हूँ| बहुत शुक्रिया!
At 11:05pm on June 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मनन कुमार सिंह जी बहुत शुक्रिया आपने जो हौसला बढ़ाया है
At 11:03pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय
श्री मनन कुमार सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
At 8:47pm on May 24, 2015, kanta roy said…
स्वागत आपका दोस्त
At 5:20pm on April 12, 2015, Manan Kumar singh said…
आदरणीय गोपालजी, आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है।
At 8:29pm on April 7, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ0 मनन जी

आपकी मित्रता मेरा गौरव है . सादर .

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash posted a blog post

ग़ज़ल

212 212 212 2राज़ आशिक़ के पलने लगे हैं फूल लुक-छिप के छलने लगे हैउनके आने से जलने लगे हैं…See More
2 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' and DR ARUN KUMAR SHASTRI are now friends
4 hours ago
Ram Ashery posted a blog post

जिंदगी का सफर

हमारा आज और कल एक सिक्के के दो पहलू हैं सुनहरे कल के लिए आज की बलि मत चढ़ा दो माना की आज ज़िंदगी कठिन…See More
14 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक जी। बहुत अच्छी रचना। उपरोक्त पंक्तियों से मुझे छंद को समझने में आसानी हुई।। हार्दिक…"
16 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अंकित जी बहुत सुंदर रचना है। बधाई स्वीकार करें।"
16 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत सुंदर पंक्तियाँ हैं आदरणीय।प्रेरणादायक।हार्दिक बधाई"
16 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत आभार आपका।"
16 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत आभार आपका आदरणीय "
16 hours ago
अंकित कुमार नौटियाल replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक जी, त्रुटियों को उजागर करने के लिये, आपके समय व टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। मैं…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अंकित कुमार नौटियाल जी सादर प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए आपका अतिशय आभार. सादर"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 115 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत छंदों की सराहना के लिए हार्दिक आभार आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर"
yesterday
DR ARUN KUMAR SHASTRI left a comment for Chetan Prakash
"भाई चेतन जी नमन - इस्लाह का सलीका आ जायेगा मैंने आज तलक मुकम्मल तो कोई देखा नहीं गलतियां निकालोगे-…"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service