For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SALIM RAZA REWA
  • Male
  • REWA
  • India
Share on Facebook MySpace

SALIM RAZA REWA's Friends

  • अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी
  • रामबली गुप्ता
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • Tasdiq Ahmed Khan
  • Samar kabeer
  • Nilesh Shevgaonkar
  • वीनस केसरी
  • Saurabh Pandey
  • Rana Pratap Singh

SALIM RAZA REWA's Groups

 

SALIM RAZA REWA's Page

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी and SALIM RAZA REWA are now friends
Feb 29, 2024
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on SALIM RAZA REWA's blog post निछावर जिसपे मैंने ज़िंदगी की- ग़ज़ल
"अच्छी ग़ज़ल कही सलीम रजा साहिब...7वे शेर में सही शब्द "अबरू होगा या आबरू"?जानकारी के लिए?"
Dec 16, 2023
SALIM RAZA REWA posted photos
Nov 8, 2023
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post निछावर जिसपे मैंने ज़िंदगी की- ग़ज़ल
" आपकी  महब्बत का बेहद शुक्रगुज़ार हूँ, मोहतरम लक्ष्मण धामी साहब,"
Nov 7, 2023
SALIM RAZA REWA commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सब से हसीन ख्वाब का मंजर सँभालकर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"भाई लक्ष्मण धामी जी, ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़बूल करें, आप इस मंच में बहुत पुराने क़लमकार है , नुक़्ते का हमेशा ख़्याल रखा करें, ग़ज़ल अच्छी है कुछ मशविरे हैं अगर पसंद आए . ,,,,,,,
सब से हसीन (ख़्वाब )का (मंज़र) सँभालकर
 नयनों में उस के प्यार…"
Nov 7, 2023
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SALIM RAZA REWA's blog post निछावर जिसपे मैंने ज़िंदगी की- ग़ज़ल
"आ. भाई सलीम जी, अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Nov 5, 2023
DR ARUN KUMAR SHASTRI commented on SALIM RAZA REWA's photo
Thumbnail

SALIM RAZA

"वाह क्या पर्सनैलिटी है जनाब वाह बहुत खूब - मैंने आपको फ्रेंड req भेजी है कृपया कुबूल कीजिए गजल सीखने के लिए  यदि इजाजत मिले तो शुक्र गुजार  हो ऊ गा साहिब "
Oct 30, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"जनाब बहुत शुक्रिया अपनी अपनी सोच है, समझने के बाद शायद अच्छी लगे  - "
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
" अरुण जी, अपने  अपना ख़्याल लिखा है , ग़ज़ल क्या है इसके लिए आसान तरीक़ा है, आप अपने शहर के कोई उस्ताद शायर , से मिलें और ग़ज़ल के बारे में सीखें।  ग़ज़ल क्या है , ग़ज़ल शेरों से बनती हैं। हर शेर में दो पंक्तियां होती हैं। शेर की हर…"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"शुक्रिया  जनाब , प्रयास तक पहुँचने के लिए ।"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"रचना जी अदाब , आप कह रही हैं कि अगर मुफ़्लिश के घर ख़ुशी भेज दे तो मैं तेरा शुक्रिया करूँ, ग़ौर करने की बात की किस मुफ़लिश की आप बात कर रही हैं ,  अगर सारी दुनिया की ग़रीबों की बात कर रही है तो वो बात ज़ाहिर नहीं हो रही है ,  निर्मल…"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"रचना भाटिया जी अदाब , बेहितरीन ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़बूल करें,,, आदरणीय अमित जी के देखने के बाद कुछ भी देखना बचता नहीं , पर जो मेरा ख़्याल है मैं रख रहा हूँ , पसंद आए तो रखिएगा फ़ैसला आपका है  । ख़ुशी भेज दे ज़िन्दगी (भेज…"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"जनाब मनजीत कौर साहब ग़ज़ल पर नज़रे मुहब्बत के लिए आप का शुक्रगुज़ार हूँ ,"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
" रचना भाटिया जी , ग़ज़ल तक आने के लिए बेहद शुक्रगुज़ार हूँ, मतला बार बार पड़ेंगे तो ज़रूर समझ आएगा, और खूबसूरत लगेगा , लबों पर मेरे फिर हँसी भेज दे मेरे यार की है कमी भेज दे किसी के पास  न रहने के बाद उसकी कमी का एहसास होता है , बस मतले…"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"नवाज़िश 💕"
Oct 28, 2023
SALIM RAZA REWA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-160
"नहीं को/ई बख़्शिश /क सामाँ/ ख़ुदा 122 /122/122/ 12"
Oct 28, 2023

Profile Information

Gender
Male
City State
REWA M.P.
Native Place
REWA (M.P.)
Profession
MANAGER
About me
GAZAL WRITER

SALIM RAZA REWA's Photos

  • Add Photos
  • View All

SALIM RAZA REWA's Blog

निछावर जिसपे मैंने ज़िंदगी की- ग़ज़ल

मुफ़ाइलुन मुफ़ाइलुन फ़ऊलुन

1222 1222 122

हज़ज मुसद्दस महजूफ़

———————————

निछावर जिसपे मैंने ज़िंदगी की,

उसे पर्वा नहीं मेरी ख़ुशी की

*

समझता ही नहीं जो दर्द मेरा,

निगाहों ने उसी की बंदगी की

*

वही इक शख़्स जो कुछ भी नहीं है,

हर इक मुश्किल में उसने रहबरी की

*

उसी का रंग है मेरे सुख़न में,

उसी से आबरू है शायरी की

*

उजाले गिर पड़े क़दमों पे आकर,

अंधेरों से जो मैंने दोस्ती की

*

अदीबों में है मेरा नाम…

Continue

Posted on October 25, 2023 at 6:00am — 5 Comments

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना   - सलीम 'रज़ा' रीवा

ऐ मेरे दोस्त मोहब्बत को बचाए रखना  

दिल में ईमान की शम्अ' को जलाए  रखना

-  

इस नए साल में खुशियों का चमन खिल जाए

सबको मनचाही  मुरादों का सिला मिल जाए

इस नए साल में खुशियों की हो बारिश घर घर

इस नए साल को ख़ुश रंग बनाए रखना

-

जान पुरखों ने लुटाई है वतन की ख़ातिर

गोलियाँ सीने में खाई है वतन की ख़ातिर

सारे धर्मों से ही ताक़त  है वतन  की मेरे

सारे धर्मों की मोहब्बत को बनाए रखना

-  

ज़ात के नाम पे दंगों को…

Continue

Posted on December 24, 2019 at 7:00pm — 2 Comments

रुख़ से जो मेरे यार ने पर्दा हटा दिया  - सलीम रज़ा

221 2121 1 221 212  

रुख़ से जो मेरे यार ने पर्दा हटा दिया   

महफ़िल में हुस्न वालों को पागल बना दिया

उसकी  हर एक अदा पे तो क़ुर्बान जाइए        

मौसम को जिसने छू के नशीला बना…

Continue

Posted on December 11, 2019 at 10:16pm

चाहे  दुनिया में कहीं और चले जाएंगे  - सलीम रज़ा

2122 1122 1122 22

चाहे  दुनिया में कहीं और चले जाएंगे            

चाह कर भी वो मुझे भूल नहीं पाएंगें             

 

उनके एल्बम में है तस्वीर पुरानी मेरी        

अब वो देखेंगे तो पहचान नहीं पाएंगे…

Continue

Posted on December 11, 2019 at 10:00pm

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन ।फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
11 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
17 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
20 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service