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"vijay nikore साहेब बहुत बहुत शुक्रिया हौसला आफजाई के लिए | "
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"बहुत खूब अच्छि गज़ल  हुई ।बधाई"
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vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हरि ओम जी, छ्न्द अच्छे लगे। बधाई।"
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निर्जन समुद्र तटरहस्यमय सागर सपाट अपारउछल-उछलकर मानो कोई भेद खोलतीबार-बार टूट-टूट पड़ती लहरें…See More
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