For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

All Blog Posts (19,173)

कविता में प्रेम



उसने मुझसे कहा



ये क्या लिखते रहते हो



गरीबी के बारे में



अभावों, असुविधाओं,



तन और मन पर लगे घावों के बारे में



रईसों, सुविधा-भोगियों के खिलाफ



उगलते रहते हो ज़हर



निश-दिन, चारों पहर



तुम्हे अपने आस-पास



क्या सिर्फ दिखलाई…

Continue

Added by anwar suhail on June 20, 2013 at 10:28pm — 4 Comments

प्राकृतिक आपदा के मध्य जीवन मूल्यों का अवमूल्यन

उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा ने जहाँ एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है,वहीं दूसरी और पूरे देश को हिला कर रख दिया है।यह विषम परिस्थिति हम सभी के धैर्य की परीक्षा है और परस्पर एक-दूसरे के सहयोग की,सहायता की आवश्यकता का ये परम अवसर है।यही समय मानवता रुपी धर्म के पालन का उचित समय है, परन्तु कुछ लोग इस समय मानवता को लज्जित कर रहे हैं।वे प्रकृति की मार से त्रस्त भूखे-प्यासे लोगों से ५ रूपये के बिस्किट के स्थान पर एक सौ रूपये,तीस-चालीस रुपये के दूध के स्थान पर दो सौ रुपये, किसी को अपने…

Continue

Added by Savitri Rathore on June 20, 2013 at 9:21pm — 8 Comments


सदस्य कार्यकारिणी
मेरे द्वारा हल्द्वानी आयोजन में प्रस्तुत की हुई नज्म/गीत

जख्म कांटो से खायें  हैं हमें फूलों को सताना नहीं आता 

इश्क़े सफीने  बचाए हैं हमे तूफाँ में डुबाना नहीं आता 

 

तुम   बुजदिली कहलो या समझो शाइस्तगी मेरी  

 हुए सब अपने पराये हैं हमे  सच्चाई  छुपाना नहीं आता 

 

किसी ने दिल से निकाला ,  किसी ने राह में फेंका 

सर पे हमने बिठाए हैं हमे ठोकर से हटाना नहीं आता    

 

 कभी  ना  बेरुखी भायी   कभी ना नफरतें पाली 

दिलों में ही घर …

Continue

Added by rajesh kumari on June 20, 2013 at 7:30pm — 18 Comments

वो हँसी गुल संवर रही होगी

वो हँसी गुल संवर रही होगी

चांदनी सी बिखर रही होगी

सारी दुनिया हो बेखबर चाहे…

Continue

Added by Dr Ashutosh Mishra on June 20, 2013 at 12:00pm — 13 Comments

वक्त जो हम पर भारी है - वीनस

छोटी बहर पर ग़ज़ल का एक प्रयास  .....

वक्त जो हम पर भारी है 

अपनी भी तय्यारी है 



पूरा कारोबारी है 

ये अमला सरकारी है 

.…

Continue

Added by वीनस केसरी on June 20, 2013 at 11:00am — 36 Comments

खुदा से मिला के चला गया

वो आया था और सच्चाई बता के चला गया,

बुरा ना कहो उसे जो हाथ छुडा के चला गया|

वो भी भला था फ़क्त इक दुआ देके देख लो,

जो मेरी रूह को खुदा से मिला के चला गया|

मैं बादल था बरसना था कहीं खेतों की ज़मीं पे,

वो हवाओं को ही सागर में छुपा के चला गया|

सुना था कहीं इंसान बसते हैं यहीं ज़मीन पे,

वो आईने में मेरा चेहरा दिखा के चला गया|

दम आख़िरी था, मुस्कान चेहरे पे आ ही गयी,

हँसते हुए वो दुनिया को रुला के चला…

Continue

Added by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on June 20, 2013 at 9:30am — 14 Comments

वो आवाज

वो आवाज

जो पल भर पहले था कितना खुशहाल

अचानक हुई एक धमाके की आवाज

उस धमाके की आवाज से बंद हुई पलकें

जब खुली तब तक,

खत्म हो चुका था सब कुछ

रह गए थे टूटे हुए बर्तन,

बिखरी हुई चूड़ियाँ, छितराई हुई लाशें,

फैला हुआ खून, ढ़ूढ़ती हुई आँखें,

एक अकेले रोते हुए बच्चे की आवाज

 

 

 

मौलिक व अप्रकाशित

Added by Pragya Srivastava on June 20, 2013 at 12:34am — 9 Comments

गीतिका ~

ज़िंदगी किताब ,आइये पढ़ें 

दर्द बे-हिसाब,आइये पढ़ें 

हंसते चेहरों पे जमी गर्द 

आँखों में सैलाब ,आइये पढ़ें 

सिर्फ काँटों की…

Continue

Added by प्रो. विश्वम्भर शुक्ल on June 19, 2013 at 10:30pm — 8 Comments

बैठे-ठाले ~~

आह करते हैं ,वाह करते हैं 

लोग हैं बस ,तबाह करते हैं 

रख के नफरत चाशनी में वो …

Continue

Added by प्रो. विश्वम्भर शुक्ल on June 18, 2013 at 11:00pm — 11 Comments

एक अच्छी मछली

कल सुना मैंने

तालाब किनारे

दो मछलियों को

बात करते हुए -

"वो शरीफ़

न्यायसंगत,…

Continue

Added by Sumit Naithani on June 18, 2013 at 4:00pm — 20 Comments

खुशी कहीं गम |

है रुत मन भावन , वर्षा पावन , आयें हैं घन , खुश दिल से |
जब आये फुहार , भिगे दिल तार , गावें मल्हार , सब दिल से | 
हरे भये उपवन , खिले बाग़ वन , खुश हैं हर जन , सब दिल से | …
Continue

Added by Shyam Narain Verma on June 18, 2013 at 12:52pm — 13 Comments

अग्नि-परीक्षा

           अग्नि-परीक्षा

 

मृत्यु के दानव-से क्रूर-कर्म तक

वक्त और बेवक्त तुम्हें

मेरी अग्नि-परीक्षा करनी थी न?

लो कर लो, देख लो मुझको

जी रही हूँ मैं कब से केवल एक नहीं

तुम्हारी जलाई असंख्य अग्निओं में

जो अभी तक मन…

Continue

Added by vijay nikore on June 18, 2013 at 12:42pm — 24 Comments

इन चमकती आँखों का फ़साना क्या है

इन चमकती आँखों का फ़साना क्या है

दबे होठो से ये मुस्कुराना क्या है

बता भी दो अब कि क्यों

कटती है रात ख्वाबो में किसी के

बिना नींद के सो जाने का ये बहाना क्या है ...…

Continue

Added by Sonam Saini on June 18, 2013 at 12:30pm — 10 Comments

विरोधाभास

करीब सुबह के दस बजे थे। एक सभ्य कुलीन महिला पुलिस स्टेशन पहुंची। तेज कदमों से वह इंस्पेक्टर की टेबल के सामने जाकर खड़ी हो गई।

“मैं केस दर्ज कराने आई हूँ।‘’ महिला की आँखों में एक अजब-सा आक्रोश था।

“जी कहिए।“ इंस्पेक्टर ने टेबल पर पड़ी फाइलों से अपनी नजर हटाते हुए कहा।

“मेरा बलात्कार किया गया है।“

उसके इन शब्दों को सुनकर इंस्पेक्टर गंभीर हो गया। हाल-फिलहाल की घटनाओं को देखते हुए आला अधिकारियों की तरफ से सख्त निर्देश था कि ऐसे किसी भी मामले पर तुरंत कारवाई की जाए।…

Continue

Added by Kundan Kumar Singh on June 18, 2013 at 9:30am — 11 Comments

!!! शालिनी छन्द !!!

!!! शालिनी छन्द !!!

शालिनी छन्द के प्रत्येक चरण मे 11 वर्ण होते है तथा इसमें एक मगण, दो तगण तथा दो गुरू होते हैं।

-1-

राधे-राधे गीत जो गा रहे हैं।

कृष्णा जैसे मीत वो पा रहे है।।

आत्मा से औचित्य भी भा रहे हैं।

काया के अट्टालिका ढा रहे हैं।।

-2-

भावों से पाया जमीं सार सारा।

बीथीं-बीथीं भाग्य का पार पारा।।

दुःखों से आनन्द का धार* धारा।.......*मार्गं

पश्चातापों से सभी जार* जारा।।......*पाप

-3-

वृक्षों-बृक्षों से फले कामनाएं।

तारों-तारों में…

Continue

Added by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 18, 2013 at 9:09am — 18 Comments

प्रयास” का पंचमअंक रिलीज़

सुधि पाठकगण,

कनाडा से प्रकाशित हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका “प्रयास” का पंचम (जून २०१३) अंक ’पिता’ विशेषांक के रूप में विश्व के कोटि-कोटि पिताओं को पूरे आदर के साथ समर्पित है। हमें पूरा विश्वास है कि समस्त हिंदी प्रेमियों को यह अंक पसंद आयेगा।

आप इस अंक को www.vishvahindisansthan.com/prayas5 पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं। पेज को बड़ा-छोटा करने की सुविधा पेज पर ही उपलब्ध है। पेज की बायीं तरफ़ नीचे (+) व (-) चिन्ह…

Continue

Added by Prof. Saran Ghai on June 18, 2013 at 5:00am — 9 Comments

मुक्तक

कभी हम यूँ भी अकेले होंगे ,

भीड़ होगी ,तन्हाई के मेले होंगे ,

याद आएगा एक वह आँगन 

जिसमे हम मौज से खेले होंगे !

*

आंधियां,तूफ़ान हों ,ये चाहते हैं हम,…

Continue

Added by प्रो. विश्वम्भर शुक्ल on June 17, 2013 at 11:12pm — 12 Comments

दुःख सहने के अभ्यस्त

उनके जीवन में है दुःख ही दुःख

और हम बड़ी आसानी से कह देते

उनको दुःख सहने की आदत है...

वे सुनते अभाव का महा-आख्यान

वे गाते अपूरित आकांक्षाओं के गान

चुपचाप सहते जाते जुल्मो-सितम

और हम बड़ी आसानी से कह देते

अपने जीवन से ये कितने सतुष्ट हैं...

वे नही जानते कि उनकी बेहतरी लिए

उनकी शिक्षा,…

Continue

Added by anwar suhail on June 17, 2013 at 8:43pm — 11 Comments

बरसो घन

 

घटाएँ काली-काली हैं

शायद बरसने वाली हैं

वन उपवन हैं प्यासे कब से

तरस रहे हैं पानी बरसे

खेतों और खलिहानों को

मजदूर और किसानों को

आस जगी है अब तो बरसें

बरसों बीत गए हैं बरसे

बरसे तो सबका मन हर्षे

तपन मिटे इस धरती की

हरियाली की चादर फैले

मोर पपीहों का दिल बहले

नाचे लोग घर उपवन में

नव जीवन का संचार हो मन मे

खिलें फूल मुस्काए हर मन

उमड़-घुमड़ कर बरसो…

Continue

Added by Pragya Srivastava on June 17, 2013 at 4:47pm — 16 Comments

चाह बस् इतना कि







चाह नही मुझे कि..

मिलूँ तुमसे बागों व बहारों में



चाह नही मुझे कि..

मिलूँ तुमसे नदी के किनारों पे



चाह नही मुझे कि..

छेड़ो तुम  बंसी की तान और 

झूमती आऊँ मैं 



चाह नही कि..

बैठो तुम कदम्ब की डाल और

नाच के रिझाऊँ मैं 



चाह नही कि..

थामूं तुम्हारा हाथ और

निहारूँ तुम्हारी आँखों में



चाह बस इतनी कि..

हे नाथ !! 

छू लूँ तुम्हारे…

Continue

Added by Meena Pathak on June 17, 2013 at 4:22pm — 23 Comments

Monthly Archives

2026

2025

2024

2023

2022

2021

2020

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

2012

2011

2010

1999

1970

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
7 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
yesterday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
yesterday
Admin posted a discussion

अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....

प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) : "नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service