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हिंदी की कक्षा

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हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"

Location: ओपन बुक्स ऑनलाइन
Members: 184
Latest Activity: Dec 31, 2022

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सम्मानित सदस्यों,


सादर अभिवादन,


मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि आदरणीय आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" द्वारा हिंदी विषय पर कक्षा प्रारंभ की जा रही है | आप के द्वारा  शीघ्र ही भारतीय शास्त्रीय छन्द पर विशेष आलेख प्रस्तुत किया जायेगा । आप सब से अनुरोध है कि आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" जी के अनुभवों से लाभ उठाये,
धन्यवाद |


  • आचार्य संजीव वर्मा सलिल : एक परिचय
पाठकों के लिये आचार्य संजीव वर्मा "सलिल" ले कर प्रस्तुत हुए हैं "छंद और उसके विधानों" पर केन्द्रित आलेख माला।  आचार्य संजीव वर्मा सलिल को अंतर्जाल जगत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं। आपने नागरिक अभियंत्रण में त्रिवर्षीय डिप्लोमा, बी.ई., एम.आई.ई., एम. आई. जी. एस., अर्थशास्त्र तथा दर्शनशास्त्र में एम. ए., एल-एल. बी., विशारद, पत्रकारिता में डिप्लोमा, कंप्युटर ऍप्लिकेशन में डिप्लोमा किया है।

साहित्य सेवा आपको अपनी बुआ महीयसी महादेवी वर्मा तथा माँ स्व. शांति देवी से विरासत में मिली है। आपकी प्रथम प्रकाशित कृति 'कलम के देव' भक्ति गीत संग्रह है। 'लोकतंत्र का मकबरा' तथा 'मीत मेरे' आपकी छंद मुक्त कविताओं के संग्रह हैं। आपकी चौथी प्रकाशित कृति है 'भूकंप के साथ जीना सीखें'। आपने निर्माण के नूपुर, नींव के पत्थर, राम नाम सुखदाई, तिनका-तिनका नीड़, सौरभ:, यदा-कदा, द्वार खड़े इतिहास के, काव्य मन्दाकिनी 2008 आदि पुस्तकों के साथ साथ अनेक पत्रिकाओं व स्मारिकाओं का भी संपादन किया है। आपने हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में सृजन के साथ-साथ कई संस्कृत श्लोकों का हिंदी काव्यानुवाद किया है। आपकी प्रतिनिधि कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद 'Contemporary Hindi Poetry" नामक ग्रन्थ में संकलित है। आपके द्वारा संपादित समालोचनात्मक कृति 'समयजयी साहित्यशिल्पी भागवत प्रसाद मिश्र 'नियाज़' बहुचर्चित है।

आपको देश-विदेश में 12 राज्यों की 50 सस्थाओं ने 75 सम्मानों से सम्मानित किया जिनमें प्रमुख हैं- आचार्य, वाग्विदाम्बर, 20वीं शताब्दी रत्न, कायस्थ रत्न, सरस्वती रत्न, संपादक रत्न, विज्ञान रत्न, कायस्थ कीर्तिध्वज, कायस्थ कुलभूषण, शारदा सुत, श्रेष्ठ गीतकार, भाषा भूषण, चित्रांश गौरव, साहित्य गौरव, साहित्य वारिधि, साहित्य शिरोमणि, साहित्य वारिधि, साहित्य दीप, साहित्य भारती, साहित्य श्री (3), काव्य श्री, मानसरोवर, साहित्य सम्मान, पाथेय सम्मान, वृक्ष मित्र सम्मान, हरी ठाकुर स्मृति सम्मान, बैरिस्टर छेदीलाल सम्मान, शायर वाकिफ सम्मान, रोहित कुमार सम्मान, वर्ष का व्यक्तित्व(4), शताब्दी का व्यक्तित्व आदि।

आपने अंतर्जाल पर हिंदी के विकास में बडी भूमिका निभाई है। साहित्य शिल्पी पर "काव्य का रचना शास्त्र (अलंकार परिचय)" स्तंभ से पाठक पूर्व में भी परिचित रहे हैं।

Discussion Forum

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Tags: verma, 'salil', sanjiv, bhasha, hindi

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Tags: matra, anunasik, anuswar, hindi

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by kanta roy Sep 4, 2015.

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लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिऽष्टय् छंद और छंद विधान: 1 --आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल 9 Replies

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Tags: छंद_विधान

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Apr 20, 2016.

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Comment by Manoj kumar shrivastava on November 18, 2017 at 9:41pm

पदबंध को समझाने की कृपा करेंगे। धन्यवाद

Comment by Manoj kumar shrivastava on November 16, 2017 at 10:41pm

यह बताने की कृपा करें कि मानक हिन्दी का मुख्य आधार क्या है

Comment by Manoj kumar shrivastava on November 16, 2017 at 10:38pm

कृपया यह बताने का कष्ट करें कि  हिन्दी व्याकरण की पुस्तक खरीदना हो तो कौ सी या किस लेाक की खरीदी जाए।

Comment by Ajay Agyat on March 31, 2017 at 1:07pm
नमस्कार।
कृपया संस्कार शब्द की मात्र गणना बतायें
Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:40pm

आदरणीय संजीव सर कहानी और कविता की बारीकियों का ज्ञान देने का आशीर्वाद प्रदान करें 

Comment by Amit Tripathi Azaad on February 11, 2016 at 10:27am

आदरणीय संजीव जी सादर  अबिनंदन 

मई गीत ,ग़ज़ल , कविता की बारीकिया सीखना चाहता हूँ कृपया मार्ग दर्शन करें |

 
 
 

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