For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हिंदी की कक्षा

Information

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"

Location: ओपन बुक्स ऑनलाइन
Members: 172
Latest Activity: on Thursday

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सम्मानित सदस्यों,


सादर अभिवादन,


मुझे यह बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि आदरणीय आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" द्वारा हिंदी विषय पर कक्षा प्रारंभ की जा रही है | आप के द्वारा  शीघ्र ही भारतीय शास्त्रीय छन्द पर विशेष आलेख प्रस्तुत किया जायेगा । आप सब से अनुरोध है कि आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल" जी के अनुभवों से लाभ उठाये,
धन्यवाद |


  • आचार्य संजीव वर्मा सलिल : एक परिचय
पाठकों के लिये आचार्य संजीव वर्मा "सलिल" ले कर प्रस्तुत हुए हैं "छंद और उसके विधानों" पर केन्द्रित आलेख माला।  आचार्य संजीव वर्मा सलिल को अंतर्जाल जगत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं। आपने नागरिक अभियंत्रण में त्रिवर्षीय डिप्लोमा, बी.ई., एम.आई.ई., एम. आई. जी. एस., अर्थशास्त्र तथा दर्शनशास्त्र में एम. ए., एल-एल. बी., विशारद, पत्रकारिता में डिप्लोमा, कंप्युटर ऍप्लिकेशन में डिप्लोमा किया है।

साहित्य सेवा आपको अपनी बुआ महीयसी महादेवी वर्मा तथा माँ स्व. शांति देवी से विरासत में मिली है। आपकी प्रथम प्रकाशित कृति 'कलम के देव' भक्ति गीत संग्रह है। 'लोकतंत्र का मकबरा' तथा 'मीत मेरे' आपकी छंद मुक्त कविताओं के संग्रह हैं। आपकी चौथी प्रकाशित कृति है 'भूकंप के साथ जीना सीखें'। आपने निर्माण के नूपुर, नींव के पत्थर, राम नाम सुखदाई, तिनका-तिनका नीड़, सौरभ:, यदा-कदा, द्वार खड़े इतिहास के, काव्य मन्दाकिनी 2008 आदि पुस्तकों के साथ साथ अनेक पत्रिकाओं व स्मारिकाओं का भी संपादन किया है। आपने हिंदी साहित्य की विविध विधाओं में सृजन के साथ-साथ कई संस्कृत श्लोकों का हिंदी काव्यानुवाद किया है। आपकी प्रतिनिधि कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद 'Contemporary Hindi Poetry" नामक ग्रन्थ में संकलित है। आपके द्वारा संपादित समालोचनात्मक कृति 'समयजयी साहित्यशिल्पी भागवत प्रसाद मिश्र 'नियाज़' बहुचर्चित है।

आपको देश-विदेश में 12 राज्यों की 50 सस्थाओं ने 75 सम्मानों से सम्मानित किया जिनमें प्रमुख हैं- आचार्य, वाग्विदाम्बर, 20वीं शताब्दी रत्न, कायस्थ रत्न, सरस्वती रत्न, संपादक रत्न, विज्ञान रत्न, कायस्थ कीर्तिध्वज, कायस्थ कुलभूषण, शारदा सुत, श्रेष्ठ गीतकार, भाषा भूषण, चित्रांश गौरव, साहित्य गौरव, साहित्य वारिधि, साहित्य शिरोमणि, साहित्य वारिधि, साहित्य दीप, साहित्य भारती, साहित्य श्री (3), काव्य श्री, मानसरोवर, साहित्य सम्मान, पाथेय सम्मान, वृक्ष मित्र सम्मान, हरी ठाकुर स्मृति सम्मान, बैरिस्टर छेदीलाल सम्मान, शायर वाकिफ सम्मान, रोहित कुमार सम्मान, वर्ष का व्यक्तित्व(4), शताब्दी का व्यक्तित्व आदि।

आपने अंतर्जाल पर हिंदी के विकास में बडी भूमिका निभाई है। साहित्य शिल्पी पर "काव्य का रचना शास्त्र (अलंकार परिचय)" स्तंभ से पाठक पूर्व में भी परिचित रहे हैं।

Discussion Forum

आंग्ल-साहित्य से हिन्दी=साहित्य में आये अलंकारो का सच - डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव 2 Replies

                 एक समय था जब हिन्दी साहित्य पर पाश्चात्य साहित्य के प्रभाव को लेकर विद्वानों में बड़ी बहस हुयी I यह माना गया कि हिन्दी में छायावाद अंग्रेजी साहित्य से आया I नए प्रतीक, लाक्षणिकता, बिम्ब, चित्रोपमता आदि प्रभाव इंग्लिश साहित्य की देन…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव. Last reply by Dr Ashutosh Mishra Nov 24, 2015.

कर्त्ता और क्रिया के व्यवस्थापक है कारक -- डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव 2 Replies

                      हिंदी शब्द सागर के अनुसार- व्याकरण में संज्ञा या सर्वनाम की उस व्यवस्था को कारक कहते है, जिसके द्वारा वाक्य में उसका क्रिया के साथ सम्बन्ध प्रकट होता है I यह अंग्रेजी व्याकरण के CASE की भांति है I CASE  को अंग्रेजी में निम्न…Continue

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव. Last reply by kanta roy Jan 27, 2016.

भाषा 9 Replies

भाषा- मानव-समाज के लिए भाषा बहुत महत्वपूर्ण तत्व है। इसके माध्यम से ही मनुष्य विचारों और भावों का आदान-प्रदान करता है। भाषा संप्रेषण का मुख्य साधन होती है। वैसे तो संप्रेषण संकेतों के माध्यम से भी हो सकता है लेकिन सांकेतिक क्रिया-कलापों को भाषा नहीं…Continue

Started by बृजेश नीरज. Last reply by kanta roy Sep 4, 2015.

संस्कृत है अंगरेजी का मूल : संजीव वर्मा 'सलिल' 8 Replies

संस्कृत है अंगरेजी का मूल :संजीव वर्मा 'सलिल'*                    भारत में अ-मृत वाणी संस्कृत को मृत, हिंदी को स्थानीय तथा अंगरेजी को विश्व भाष मानने की भ्रामक धारणा व्याप्त है। इसका मूल कारण यह है कि अंगरेजी विदेशी शासकों की भाषा रही है और हिंदी…Continue

Tags: verma, 'salil', sanjiv, bhasha, hindi

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by kanta roy Sep 4, 2015.

अनुनासिक - अनुस्वार समझ मात्र गिनिये मीत: 11 Replies

अनुनासिक - अनुस्वार समझ मात्र गिनिये मीत: संजीव 'सलिल', दीप्ति गुप्ता                                           …Continue

Tags: matra, anunasik, anuswar, hindi

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by kanta roy Sep 4, 2015.

संयुक्त अक्षरों की मात्रा गणना (आदरणीय संजीव वर्मा 'सलिल' जी से वार्तालाप के आधार पर ) 41 Replies

संयुक्त अक्षरों की मात्रा गणना: (आदरणीय संजीव वर्मा 'सलिल' जी से वार्तालाप के आधार पर )•जब दो अक्षर मिलकर संयुक्त अक्षर बनाते हैं तो जिस अक्षर की आधी ध्वनि होती है उसकी गणना पूर्व अक्षर के साथ होती है. यथा: अर्ध = (अ + आधा र) + ध = २ + १ = ३ मार्ग…Continue

Started by Dr.Prachi Singh. Last reply by Dr.Prachi Singh Sep 5, 2015.

विशेष लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिष्टय् व्याकरण और छंद विधान - 2 8 Replies

विशेष लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिष्टय् व्याकरण और छंद विधान - 2  जन-मन को भायी चौपाई छंद पर इस महत्वपूर्ण लेख माला की प्रथम श्रंखला में आपने जाना कि  वेद के 6 अंगों 1. छंद, 2. कल्प, 3. ज्योतिऽष , 4. निरुक्त, 5. शिक्षा तथा 6. व्याकरण में छंद का…Continue

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by Saurabh Pandey Feb 5, 2016.

लेखमाला: जगवाणी हिंदी का वैशिऽष्टय् छंद और छंद विधान: 1 --आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल 9 Replies

आत्मीय!वन्दे मातरम. इस विषय पर कुछ सामग्री पहले प्रेषित की थी. उसे संशोधित-परिवर्तित कर पुनः भेज रहा हूँ. कृपया पूर्व सामग्री को निरस्त कर उपयुक्त प्रतीत होने पर इसे प्रयोग करें. लेखमाला:              जगवाणी हिंदी का वैशिऽष्टय् छंद और छंद विधान:…Continue

Tags: छंद_विधान

Started by sanjiv verma 'salil'. Last reply by KALPANA BHATT ('रौनक़') Apr 20, 2016.

Comment Wall

Comment

You need to be a member of हिंदी की कक्षा to add comments!

Comment by Manoj kumar shrivastava on November 18, 2017 at 9:41pm

पदबंध को समझाने की कृपा करेंगे। धन्यवाद

Comment by Manoj kumar shrivastava on November 16, 2017 at 10:41pm

यह बताने की कृपा करें कि मानक हिन्दी का मुख्य आधार क्या है

Comment by Manoj kumar shrivastava on November 16, 2017 at 10:38pm

कृपया यह बताने का कष्ट करें कि  हिन्दी व्याकरण की पुस्तक खरीदना हो तो कौ सी या किस लेाक की खरीदी जाए।

Comment by Ajay Agyat on March 31, 2017 at 1:07pm
नमस्कार।
कृपया संस्कार शब्द की मात्र गणना बतायें
Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:43pm

हिंदी सीखने का इससे सुन्दर स्थान दूसरा नहीं है ,आभार आचार्य संजीव जी का |

Comment by Amit Tripathi Azaad on May 11, 2016 at 4:40pm

आदरणीय संजीव सर कहानी और कविता की बारीकियों का ज्ञान देने का आशीर्वाद प्रदान करें 

Comment by Amit Tripathi Azaad on February 11, 2016 at 10:27am

आदरणीय संजीव जी सादर  अबिनंदन 

मई गीत ,ग़ज़ल , कविता की बारीकिया सीखना चाहता हूँ कृपया मार्ग दर्शन करें |

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"समर्थ, शिल्पसमृद्ध और संवेदनशील रचनाकार आदरणीया प्रतिभा जी को आज की शुभकारी तिथि के लिए अशेष…"
23 seconds ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी आदाब,प्रदत्त चित्र को सार्थक करते अच्छे हरिगीतिका छंद लिखे आपने,इस…"
5 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"इसे काम कोई न भारी लगे कभी खेत में सरहदों पर जगे नई शक्तियों ने उबारा इसे न मंजूर…"
33 minutes ago
राज़ नवादवी left a comment for pratibha pande
"आदरणीया प्रतिभा पांडे साहिबा, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न…"
58 minutes ago
राज़ नवादवी left a comment for योगराज प्रभाकर
"आदरणीय योगराज प्रभाकर साहब, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. ईश्वर आपको स्वस्थ एवं ख़ुशहाल रखे.…"
1 hour ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७०
"आदरणीय तेज वीर सिंह साहब, आदाब. ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफज़ाई का तहेदिल से शुक्रिया. सादर. "
1 hour ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
"आदरणीय तेज वीर सिंह साहब, आदाब. ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफज़ाई का तहेदिल से शुक्रिया. सादर. "
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on क़मर जौनपुरी's blog post ग़ज़ल-4 (सब परिंदे लड़ रहे हैं...)
"हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी। बहुत सुंदर गज़ल। दर्द से व्याकुल मरीज़ों के बने थे चारागरजो…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- फ़लक में उड़ने का क़ल्बो-जिगर नहीं रखता / दिनेश कुमार
"हार्दिक बधाई आदरणीय दिनेश कुमार जी। बहुत सुंदर गज़ल।मिला नसीब से जो कुछ भी, वो बहुत है मुझेपराई…"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हुस्न तेरी आशिकी से कौन रखता दूरियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर" ( गजल )
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"जी। बहुत सुंदर गज़ल। आईना वो बनके  चल …"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल -5 ( दोपहर की धूप में बादल सरीखे छा गए)
"हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी। बहुत सुंदर गज़ल। भीड़ में वो खो गए जो मर मिटे ईमान परछापकर…"
2 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
"हार्दिक बधाई आदरणीय राज नवादवी जी। बहुत सुंदर गज़ल। बनते हो तीसमार खाँ, मेरी भी पर ज़रा सुनो इक…"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service